Sunday, 23 Aug 2026 | 11:21 PM

Trending :

कार रेसिंग में हादसे का शिकार हुए एक्टर अजित कुमार:बेकाबू होकर दूसरी कार से टकराई गाड़ी, सुरक्षित बचे जापान में 5.9 तीव्रता का भूकंप, 37 लोग घायल:ट्रेन सेवाओं पर असर; सुनामी का खतरा नहीं 'अंग्रेजों के सम्मान में लिखा गया जन गण मन':मुकेश खन्ना बोले- ये राष्ट्रगान नहीं हो सकता; इसमें अंग्रेजों को भाग्य विधाता बताया गया पहली भारतीय महिला मिमिक्री आर्टिस्ट आशा सिंह जयसवाल का निधन:मीना कुमारी की नकल से फेम मिला, बीआर चोपड़ा की महाभारत में द्रोणाचार्य की पत्नी बनी थीं पाकिस्तान में 12-12 घंटे बिजली कटौती:लोग सड़कों पर उतरे, रास्ता जाम किया; लगातार कटौती से पानी सप्लाई ठप 'ये रिश्ता क्या कहलाता है' एक्टर मोहसिन ने सगाई की:मंगेतर तमन्ना के साथ तस्वीरें शेयर की; बोले- पहली नजर में लगा हमसफर मिल गई
EXCLUSIVE

बार-बार चश्मे का बदल रहा नंबर? चेतावनी को न करें नजरअंदाज, हमेशा के लिए जा सकती है रोशनी

authorimg

Last Updated:

Symptoms of Cataracts: नजर धुंधली होने लगे या बार-बार चश्मे का नंबर बदलने लगे तो इसे नजरअंदाज न करें. आंखों की ये समस्या मोतियाबिंद का लक्षण हो सकती हैं. समय रहते ध्यान देने और सही उपाय अपनाने से इससे राहत पाया जा सकता है.

ख़बरें फटाफट

Zoom

आज के इस डिजिटल यूग में आंखों से जुड़ी समस्याएं बहुत कॉमन होती जा रही है. लगातार स्क्रिन को देखते रहने से कम उम्र में ही आंखों पर मोटे चश्मे चढ़ रहे हैं. नजर धुंधली हो रही है. ऐसी बीमारियां जो कि आज से पहले तक सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित थी अब जवानों में भी होने लगी है. मोतियाबिंद ऐसी ही आंख से जुड़ी समस्या है.

नेशनल हेल्थ मिशन के अनुसार, मोतियाबिंद आजकल एक आम बीमारी बन चुकी है. इसमें आंख के लेंस पर धुंधलापन आ जाता है, जिससे साफ देखना मुश्किल हो जाता है. यह समस्या धीरे-धीरे बढ़ती है और अगर समय पर इलाज न किया जाए, तो नजर और कमजोर हो सकती है. अच्छी बात यह है कि आज के समय में मोतियाबिंद का ऑपरेशन काफी सुरक्षित और आसान हो गया है. ज्यादातर मामलों में ऑपरेशन के बाद मरीज की नजर फिर से साफ हो जाती है और वह सामान्य रूप से देख पाता है.

मोतियाबिंद के कुछ आम लक्षण
धुंधला या धुएं जैसा दिखना, रोशनी के आसपास चमक या हलो नजर आना, रात में देखने में परेशानी, पढ़ने या छोटे अक्षर पहचानने में दिक्कत, रंग फीके या पीले दिखाई देना और बार-बार चश्मे का नंबर बदलना. ये लक्षण आमतौर पर 60 साल से ऊपर के लोगों में ज्यादा दिखते हैं, लेकिन कभी-कभी युवाओं में भी यह समस्या हो सकती है. अगर किसी बुजुर्ग की नजर धीरे-धीरे कमजोर हो रही है, तो तुरंत आंखों के डॉक्टर से जांच करानी चाहिए.

मोतियाबिंद का ऑपरेशन कैसे होता है
डॉक्टर बताते हैं कि मोतियाबिंद का ऑपरेशन एक छोटी और आसान प्रक्रिया है. इसमें आंख की धुंधली लेंस को हटाकर उसकी जगह एक कृत्रिम लेंस लगाया जाता है. यह ऑपरेशन लगभग 15–20 मिनट में पूरा हो जाता है और मरीज उसी दिन घर भी जा सकता है. इसमें दर्द बहुत कम होता है और जल्दी रिकवरी हो जाती है.

समय पर इलाज जरूरी
अगर समय पर इलाज नहीं कराया गया, तो मोतियाबिंद बढ़ सकता है और आंखों की रोशनी पर गंभीर असर पड़ सकता है. इसलिए धुंधली नजर को कभी हल्के में नहीं लेना चाहिए. विशेषज्ञों के अनुसार, इस समस्या से बचाव के लिए नियमित आंखों की जांच बहुत जरूरी है. 50 साल की उम्र के बाद हर साल कम से कम एक बार आंखों की जांच जरूर करानी चाहिए. इसके अलावा, संतुलित आहार लेना, हरी सब्जियां और फल खाना और तेज धूप से आंखों को बचाना भी आंखों की सेहत के लिए फायदेमंद होता है.

About the Author

authorimg

शारदा सिंहSenior Sub Editor

शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
Starting from 2026, CBSE has introduced a two-exam system for Class 10 students.(Representative/File Photo)

June 16, 2026/
3:54 pm

आखरी अपडेट:16 जून, 2026, 15:54 IST पृष्ठभूमि में रोलरकोस्टर की गर्जना के साथ, कांग्रेस विधायक महत्वपूर्ण कर्नाटक विधान परिषद प्रतियोगिता...

मंदसौर में कल 4.30 घंटे बिजली कटौती:मेंटेनेंस के कारण कलेक्ट्रेट समेत कॉलोनियों में सप्लाई प्रभावित रहेगी

April 4, 2026/
10:41 pm

मंदसौर शहर के कई इलाकों में कल (रविवार) बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। विद्युत विभाग के सहायक यंत्री ने बताया कि...

कोलकाता की प्लेऑफ उम्मीदें बरकरार:बेंगलुरु के पास नॉकऑउट में पहुंचने का मौका; पंजाब, राजस्थान और दिल्ली को हर मैच जीतना जरूरी

May 17, 2026/
4:30 am

IPL 2026 के 60 मैच पूरे हो चुके हैं। शनिवार को कोलकाता नाइट राइडर्स ने गुजरात टाइटंस को हराकर प्लेऑफ...

गाय बनाम भैंस का दूध: गाय या भैंस का दूध... आपके बच्चे की सेहत के लिए असली 'सुपरफूड' कौन सा दूध है? जानिए सेवन का सही तरीका

June 24, 2026/
5:07 pm

गाय का दूध बनाम भैंस का दूध स्वास्थ्य लाभ: हर माता-पिता अपने बच्चे के संपूर्ण विकास और स्वास्थ्य को लेकर...

ट्रम्प ने ओमान पर बमबारी की धमकी दी:कहा- ईरान मुद्दे पर बीच में न आए; IRGC का अमेरिका से बातचीत का दावा खारिज

August 17, 2026/
9:15 pm

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को लेकर ओमान को बमबारी की धमकी दी है। फॉक्स न्यूज के मुताबिक, ट्रम्प...

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: अगर टीएमसी की सीट आ गई तो क्या सलाह के बाद कांग्रेस देवी का समर्थन? पार्टी का जवाब हैरान कर देने वाला है

April 15, 2026/
10:59 am

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे सामने आ रहे हैं, कांग्रेस ने अपना चुनावी प्रचार तेज कर दिया है। बंगाल कांग्रेस...

विम्बलडन की ‘घास’ पर ‘हार्ड कोर्ट’ का रोमांच:आधुनिक रैकेट्स, पावर हिटिंग और बेसलाइन टेक्निक ने बदल दिया खेल का व्याकरण

June 29, 2026/
3:07 pm

लंदन के ऑल इंग्लैंड क्लब की हरी घास पर सफेद कपड़ों में टेनिस खेलना हमेशा से परंपरा, नजाकत और एक...

राजनीति

बार-बार चश्मे का बदल रहा नंबर? चेतावनी को न करें नजरअंदाज, हमेशा के लिए जा सकती है रोशनी

authorimg

Last Updated:

Symptoms of Cataracts: नजर धुंधली होने लगे या बार-बार चश्मे का नंबर बदलने लगे तो इसे नजरअंदाज न करें. आंखों की ये समस्या मोतियाबिंद का लक्षण हो सकती हैं. समय रहते ध्यान देने और सही उपाय अपनाने से इससे राहत पाया जा सकता है.

ख़बरें फटाफट

Zoom

आज के इस डिजिटल यूग में आंखों से जुड़ी समस्याएं बहुत कॉमन होती जा रही है. लगातार स्क्रिन को देखते रहने से कम उम्र में ही आंखों पर मोटे चश्मे चढ़ रहे हैं. नजर धुंधली हो रही है. ऐसी बीमारियां जो कि आज से पहले तक सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित थी अब जवानों में भी होने लगी है. मोतियाबिंद ऐसी ही आंख से जुड़ी समस्या है.

नेशनल हेल्थ मिशन के अनुसार, मोतियाबिंद आजकल एक आम बीमारी बन चुकी है. इसमें आंख के लेंस पर धुंधलापन आ जाता है, जिससे साफ देखना मुश्किल हो जाता है. यह समस्या धीरे-धीरे बढ़ती है और अगर समय पर इलाज न किया जाए, तो नजर और कमजोर हो सकती है. अच्छी बात यह है कि आज के समय में मोतियाबिंद का ऑपरेशन काफी सुरक्षित और आसान हो गया है. ज्यादातर मामलों में ऑपरेशन के बाद मरीज की नजर फिर से साफ हो जाती है और वह सामान्य रूप से देख पाता है.

मोतियाबिंद के कुछ आम लक्षण
धुंधला या धुएं जैसा दिखना, रोशनी के आसपास चमक या हलो नजर आना, रात में देखने में परेशानी, पढ़ने या छोटे अक्षर पहचानने में दिक्कत, रंग फीके या पीले दिखाई देना और बार-बार चश्मे का नंबर बदलना. ये लक्षण आमतौर पर 60 साल से ऊपर के लोगों में ज्यादा दिखते हैं, लेकिन कभी-कभी युवाओं में भी यह समस्या हो सकती है. अगर किसी बुजुर्ग की नजर धीरे-धीरे कमजोर हो रही है, तो तुरंत आंखों के डॉक्टर से जांच करानी चाहिए.

मोतियाबिंद का ऑपरेशन कैसे होता है
डॉक्टर बताते हैं कि मोतियाबिंद का ऑपरेशन एक छोटी और आसान प्रक्रिया है. इसमें आंख की धुंधली लेंस को हटाकर उसकी जगह एक कृत्रिम लेंस लगाया जाता है. यह ऑपरेशन लगभग 15–20 मिनट में पूरा हो जाता है और मरीज उसी दिन घर भी जा सकता है. इसमें दर्द बहुत कम होता है और जल्दी रिकवरी हो जाती है.

समय पर इलाज जरूरी
अगर समय पर इलाज नहीं कराया गया, तो मोतियाबिंद बढ़ सकता है और आंखों की रोशनी पर गंभीर असर पड़ सकता है. इसलिए धुंधली नजर को कभी हल्के में नहीं लेना चाहिए. विशेषज्ञों के अनुसार, इस समस्या से बचाव के लिए नियमित आंखों की जांच बहुत जरूरी है. 50 साल की उम्र के बाद हर साल कम से कम एक बार आंखों की जांच जरूर करानी चाहिए. इसके अलावा, संतुलित आहार लेना, हरी सब्जियां और फल खाना और तेज धूप से आंखों को बचाना भी आंखों की सेहत के लिए फायदेमंद होता है.

About the Author

authorimg

शारदा सिंहSenior Sub Editor

शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.