उमरिया में बाघिन के शिकार मामले में गुरुवार रात पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मध्य प्रदेश राज्य वन विकास निगम के चंदिया परियोजना परिक्षेत्र के चंदवार बीट में कक्ष क्रमांक पीएफ 111 के राजस्व क्षेत्र में सोमवार को एक बाघिन का शव मिला था। निगम के अधिकारी-कर्मचारियों ने जांच के बाद यह गिरफ्तारी की है। पूछताछ में सामने आया कि शिकारियों ने 28 और 29 मार्च की रात को जंगली सूअर, चीतल सहित अन्य वन्य प्राणियों के शिकार के लिए बिजली का करंट बिछाया था। इसी करंट की चपेट में आने से बाघिन की मौत हो गई। बाघिन की मौत के बाद शिकारी दहशत में आ गए और उन्होंने उस क्षेत्र में जाना बंद कर दिया। राजस्व क्षेत्र होने के कारण ग्रामीण और किसान वहां से गुजरते थे। इसी दौरान उन्हें बाघिन का शव दिखाई दिया, जिसके बाद उन्होंने वन विभाग को सूचना दी। इनको किया गिरफ्तार वन विभाग की टीम ने सोमवार को शव को जब्त कर जांच शुरू की। मंगलवार को हुए पोस्टमार्टम में पता चला कि मृत बाघिन की उम्र लगभग सात वर्ष थी। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में राजेश, नाथू, पुरुषोत्तम, संजय और अल्लू शामिल हैं। टीम ने गुरुवार को इन पांचों आरोपियों को गिरफ्तार किया। करंट लगाकर किया था शिकार संभागीय प्रबंधक अमित पटौदी ने बताया कि बाघिन का शव 6 अप्रैल को मिला था और तभी से जांच जारी थी। उन्होंने पुष्टि की कि शिकारियों ने बिजली लाइन से करंट लगाकर शिकार किया था। सभी शिकारी मझगंवा गांव के निवासी हैं।















































