Saturday, 11 Apr 2026 | 09:53 AM

Trending :

EXCLUSIVE

manipur violence kuki ukhrul bsf jawan murder

manipur violence kuki ukhrul bsf jawan murder

इंफाल41 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

मणिपुर के उखरुल जिले में 7 फरवरी को दो समुदायों के बीच हुए झगड़े के बाद से हिंसा जारी है।

मणिपुर के उखरुल जिले में शुक्रवार को पेट्रोलिंग ड्यूटी पर तैनात बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) के एक कांस्टेबल की गोली मारकर हत्या कर दी गई। अधिकारियों के मुताबिक कांस्टेबल मिथुन मंडल को शाम करीब 4:30 बजे गोली लगी।

गोली लगने के बाद उन्हें तुरंत इंफाल के अस्पताल ले जाया गया, जहां शाम करीब 6 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। अधिकारियों ने बताया कि मिथुन मंडल पश्चिम बंगाल के भगजन टोला गांव के रहने वाले थे और 170 बटालियन BSF में तैनात थे।

फरवरी में दो समुदायों के बीच हुई जातीय झड़पों के बाद कुकी गांव मोंगकोट चेपू और पड़ोसी तांगखुल नागा इलाके में गोलीबारी की घटनाएं होती रही हैं। यहां जारी तनाव के बीच पेट्रोलिंग कर रहे BSF जवान पर यह हमला हुआ है।

मणिपुर पुलिस ने बयान जारी कर कहा कि हमले के पीछे शामिल लोगों को पकड़ने के लिए सुरक्षा बल इलाके में सर्च ऑपरेशन और तलाशी अभियान चला रहे हैं। फिलहाल हमलावरों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।

शहीद BSF जवान मिथुन मंडल।

शहीद BSF जवान मिथुन मंडल।

CM खेमचंद ने हत्या पर दुख जताया

मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने कहा- कांस्टेबल मिथुन मंडल की दुखद शहादत की कड़ी निंदा करता हूं। पश्चिम बंगाल के इस बहादुर बेटे के ड्यूटी के दौरान दिए गए बलिदान को कभी नहीं भुलाया जाएगा।

शराब के नशे में हुए झगड़े के बाद हिंसा शुरू हुई

हिंसा की शुरुआत 7 फरवरी की शाम उखरुल जिले के लितान सरेइखोंग में शराब के नशे में हुए झगड़े से हुई थी, जिसमें तांगखुल नागा समुदाय के स्टर्लिंग नाम के व्यक्ति के साथ मारपीट हुई थी। इसके बाद उपद्रवियों ने उखरुल जिले के लितान सरेइखोंग गांव में 25 घर और चार सरकारी क्वार्टर में आग लगा दी।

हिंसा के बाद पूरे जिले में कर्फ्यू लागू कर दिया गया था। 10 फरवरी की सुबह 11:30 बजे से अगले पांच दिनों के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई थीं। तांगखुल और कुकी जनजातियों के बीच हिंसक झड़प के बाद से इलाके में सुरक्षाबल मौजूद हैं।

उखरुल जिले में घरों के साथ चार सरकारी क्वार्टर में भी आग लगा दी थी।

उखरुल जिले में घरों के साथ चार सरकारी क्वार्टर में भी आग लगा दी थी।

हिंसा के बाद से इलाके में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात हैं।

हिंसा के बाद से इलाके में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात हैं।

कुकी-मैतेई समुदाय के बीच हिंसा की 3 मुख्य कारण

1. ST (अनुसूचित जनजाति) दर्जे की मांग: 14 अप्रैल 2023 को मणिपुर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को मैतेई समुदाय के लिए ST का दर्जा देने पर सिफारिश भेजने का निर्देश दिया था। इस आदेश के बाद कुकी समुदाय में आक्रोश फैला और हिंसा भड़की।

कुकी पहले से ST श्रेणी में है। उन्हें डर है कि अगर मैतेई को भी ST का दर्जा मिला, तो वे पहाड़ी इलाकों में जमीन खरीद सकेंगे और इससे उनका सांस्कृतिक, सामाजिक और भौगोलिक अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा।

मणिपुर के इंफाल घाटी में लगभग 10% भूमि क्षेत्र है, जहां मैतेई बहुसंख्यक रहते हैं। बाकी 90% पहाड़ी इलाका कुकी और नगा समुदायों का है। यह क्षेत्र आदिवासी जमीन (Tribal Lands) के अंतर्गत आता है और मैतेई यहां जमीन नहीं खरीद सकते।

2. अलग कुकी प्रशासन की मांग: कुकी समुदाय ‘कुकीलैंड’ या ‘जूमलैंड’ नाम से अलग प्रशासनिक स्वायत्तता की मांग कर रहे हैं । मैतेई समुदाय और राज्य सरकार इस मांग को राज्य की अखंडता के लिए खतरा मानती है।

3. कुकी पर ड्रग्स तस्करी का आरोप: कुकी समुदाय पर म्यांमार से ड्रग्स की तस्करी का आरोप लगता रहा है। सरकार ने भी कुकी पर अवैध अफीम की खेती की तस्करी में शामिल होने का आरोप लगाया, जिससे सरकार के प्रति उनका अविश्वास और बढ़ गया।

कुकी का मानना है कि उनके समुदाय को बदनाम करने के लिए ऐसे आरोप लगाए जाते हैं। कुकी समुदाय का आरोप है कि मणिपुर सरकार (पूर्व भाजपा सरकार) मैतेई का पक्ष लेती है। वे सुरक्षाबलों और पुलिस पर भी एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हैं।

———————————

मणिपुर हिंसा से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…

बम हमले में 2 बच्चों की मौत के बाद हिंसा, प्रदर्शनकारियों का CRPF कैंप पर हमला, जवाबी फायरिंग में 2 की जान गई

मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में मोइरांग ट्रोंगलाओबी इलाके में सोमवार देर रात उग्रवादियों ने एक घर में बम फेंक दिया। जिसमें 5 साल के एक लड़के और छह महीने की बच्ची की मौत हो गई। पुलिस ऑफिसर ने बताया कि जब घर में बम फटा, तब बच्चे अपनी मां के साथ बेडरूम में सो रहे थे। मां घायल है। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
सूर्या बोले– अभिषेक के फॉर्म की चिंता न करें:उनकी चिंता करें, जिसके खिलाफ उनका बल्ला चलेगा; वर्ल्डकप के तीनों मैच में 0 पर आउट हुए

February 21, 2026/
5:25 pm

टी-20 वर्ल्ड कप के तीन मैचों में बिना खाता खोले आउट हुए टीम इंडिया के ओपनर अभिषेक शर्मा के सपोर्ट...

जयपुर में मॉडल रह चुकी युवती की मौत, VIDEO:कार बेकाबू होकर डिवाइडर पर चढ़ी, सहेली के घर से लौट रही थी

March 24, 2026/
9:51 am

जयपुर में सोमवार देर रात सड़क हादसे में मॉडल रह चुकी युवती की मौत हो गई। अभी स्टेज एंकरिंग करती...

Smoke rises after an Israeli strike on a bridge in lebanon. (File Image: Reuters)

March 26, 2026/
9:25 am

आखरी अपडेट:26 मार्च, 2026, 09:25 IST सूत्रों का कहना है कि ‘चार्जशीट’ दस्तावेज़ एक प्रमुख अभियान उपकरण होगा, बीजेपी इसे...

हंसिका मोटवानी और सोहेल खतूरिया का तलाक:4 साल बाद खत्म हुआ रिश्ता, एक्ट्रेस ने नहीं मांगी कोई एलिमनी

March 11, 2026/
6:30 pm

एक्ट्रेस हंसिका मोटवानी और बिजनेसमैन सोहेल खतूरिया ने आपसी सहमति से अपनी शादी खत्म कर ली है। मुंबई की फैमिली...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

manipur violence kuki ukhrul bsf jawan murder

manipur violence kuki ukhrul bsf jawan murder

इंफाल41 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

मणिपुर के उखरुल जिले में 7 फरवरी को दो समुदायों के बीच हुए झगड़े के बाद से हिंसा जारी है।

मणिपुर के उखरुल जिले में शुक्रवार को पेट्रोलिंग ड्यूटी पर तैनात बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) के एक कांस्टेबल की गोली मारकर हत्या कर दी गई। अधिकारियों के मुताबिक कांस्टेबल मिथुन मंडल को शाम करीब 4:30 बजे गोली लगी।

गोली लगने के बाद उन्हें तुरंत इंफाल के अस्पताल ले जाया गया, जहां शाम करीब 6 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। अधिकारियों ने बताया कि मिथुन मंडल पश्चिम बंगाल के भगजन टोला गांव के रहने वाले थे और 170 बटालियन BSF में तैनात थे।

फरवरी में दो समुदायों के बीच हुई जातीय झड़पों के बाद कुकी गांव मोंगकोट चेपू और पड़ोसी तांगखुल नागा इलाके में गोलीबारी की घटनाएं होती रही हैं। यहां जारी तनाव के बीच पेट्रोलिंग कर रहे BSF जवान पर यह हमला हुआ है।

मणिपुर पुलिस ने बयान जारी कर कहा कि हमले के पीछे शामिल लोगों को पकड़ने के लिए सुरक्षा बल इलाके में सर्च ऑपरेशन और तलाशी अभियान चला रहे हैं। फिलहाल हमलावरों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।

शहीद BSF जवान मिथुन मंडल।

शहीद BSF जवान मिथुन मंडल।

CM खेमचंद ने हत्या पर दुख जताया

मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने कहा- कांस्टेबल मिथुन मंडल की दुखद शहादत की कड़ी निंदा करता हूं। पश्चिम बंगाल के इस बहादुर बेटे के ड्यूटी के दौरान दिए गए बलिदान को कभी नहीं भुलाया जाएगा।

शराब के नशे में हुए झगड़े के बाद हिंसा शुरू हुई

हिंसा की शुरुआत 7 फरवरी की शाम उखरुल जिले के लितान सरेइखोंग में शराब के नशे में हुए झगड़े से हुई थी, जिसमें तांगखुल नागा समुदाय के स्टर्लिंग नाम के व्यक्ति के साथ मारपीट हुई थी। इसके बाद उपद्रवियों ने उखरुल जिले के लितान सरेइखोंग गांव में 25 घर और चार सरकारी क्वार्टर में आग लगा दी।

हिंसा के बाद पूरे जिले में कर्फ्यू लागू कर दिया गया था। 10 फरवरी की सुबह 11:30 बजे से अगले पांच दिनों के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई थीं। तांगखुल और कुकी जनजातियों के बीच हिंसक झड़प के बाद से इलाके में सुरक्षाबल मौजूद हैं।

उखरुल जिले में घरों के साथ चार सरकारी क्वार्टर में भी आग लगा दी थी।

उखरुल जिले में घरों के साथ चार सरकारी क्वार्टर में भी आग लगा दी थी।

हिंसा के बाद से इलाके में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात हैं।

हिंसा के बाद से इलाके में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात हैं।

कुकी-मैतेई समुदाय के बीच हिंसा की 3 मुख्य कारण

1. ST (अनुसूचित जनजाति) दर्जे की मांग: 14 अप्रैल 2023 को मणिपुर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को मैतेई समुदाय के लिए ST का दर्जा देने पर सिफारिश भेजने का निर्देश दिया था। इस आदेश के बाद कुकी समुदाय में आक्रोश फैला और हिंसा भड़की।

कुकी पहले से ST श्रेणी में है। उन्हें डर है कि अगर मैतेई को भी ST का दर्जा मिला, तो वे पहाड़ी इलाकों में जमीन खरीद सकेंगे और इससे उनका सांस्कृतिक, सामाजिक और भौगोलिक अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा।

मणिपुर के इंफाल घाटी में लगभग 10% भूमि क्षेत्र है, जहां मैतेई बहुसंख्यक रहते हैं। बाकी 90% पहाड़ी इलाका कुकी और नगा समुदायों का है। यह क्षेत्र आदिवासी जमीन (Tribal Lands) के अंतर्गत आता है और मैतेई यहां जमीन नहीं खरीद सकते।

2. अलग कुकी प्रशासन की मांग: कुकी समुदाय ‘कुकीलैंड’ या ‘जूमलैंड’ नाम से अलग प्रशासनिक स्वायत्तता की मांग कर रहे हैं । मैतेई समुदाय और राज्य सरकार इस मांग को राज्य की अखंडता के लिए खतरा मानती है।

3. कुकी पर ड्रग्स तस्करी का आरोप: कुकी समुदाय पर म्यांमार से ड्रग्स की तस्करी का आरोप लगता रहा है। सरकार ने भी कुकी पर अवैध अफीम की खेती की तस्करी में शामिल होने का आरोप लगाया, जिससे सरकार के प्रति उनका अविश्वास और बढ़ गया।

कुकी का मानना है कि उनके समुदाय को बदनाम करने के लिए ऐसे आरोप लगाए जाते हैं। कुकी समुदाय का आरोप है कि मणिपुर सरकार (पूर्व भाजपा सरकार) मैतेई का पक्ष लेती है। वे सुरक्षाबलों और पुलिस पर भी एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हैं।

———————————

मणिपुर हिंसा से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…

बम हमले में 2 बच्चों की मौत के बाद हिंसा, प्रदर्शनकारियों का CRPF कैंप पर हमला, जवाबी फायरिंग में 2 की जान गई

मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में मोइरांग ट्रोंगलाओबी इलाके में सोमवार देर रात उग्रवादियों ने एक घर में बम फेंक दिया। जिसमें 5 साल के एक लड़के और छह महीने की बच्ची की मौत हो गई। पुलिस ऑफिसर ने बताया कि जब घर में बम फटा, तब बच्चे अपनी मां के साथ बेडरूम में सो रहे थे। मां घायल है। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.