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Sikars Education Capital, NEET Rank-1

Sikars Education Capital, NEET Rank-1

11 मिनट पहले

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राजस्थान का शेखावाटी अंचल और विशेषकर सीकर शहर आज पूरे देश में शिक्षा के सबसे बड़े केंद्र के रूप में पहचाना जाता है। रेत के धोरों से निकलकर देश की ‘एजुकेशन कैपिटल’ बनने तक के इस सफर में सबसे अहम भूमिका निभाई है गुरुकृपा करियर इंस्टीट्यूट (GCI) ने। साल 2007 में एक साधारण संकल्प और असाधारण जिद्द के साथ शुरू हुआ गुरुकृपा, आज देश के लाखों विद्यार्थियों और अभिभावकों के अटूट विश्वास का दूसरा नाम बन चुका है।

अपने पहले ही बैच (2008) में मात्र 250 में से 85 विद्यार्थियों को डॉक्टर बनाने वाले गुरुकृपा ने बीते लगभग दो दशक में सफलता के ऐसे शानदार कीर्तिमान रचे हैं, जिन्होंने सीकर को राष्ट्रीय पटल पर मजबूती से स्थापित कर दिया है।

मेडिकल (NEET) में गुरुकृपा का ऐतिहासिक और एकतरफा दबदबा

गुरुकृपा ने सफलता को केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि हर साल दोहराई जाने वाली एक परंपरा बना दिया है। बीते 5 वर्षों में ही गुरुकृपा ने अपनी मौन तपस्या से देश को 10,000 से अधिक बेहतरीन डॉक्टर्स दिए हैं। इसके प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं:

· लगातार दूसरे साल All India Topper:- साल 2024 में गुरुकृपा के होनहार छात्र ‘सौरव’ ने 720 में से पूरे 720 अंक का जादुई आंकड़ा छूकर All India Rank-1 पर कब्जा जमाया। इसके बाद, NEET 2025 के इतिहास के सबसे कठिन माने जाने वाले पेपर में भी गुरुकृपा के ‘महेश’ ने अपने अचूक संकल्प से All India Rank-1 हासिल कर इस ऐतिहासिक जीत को एक अटूट परंपरा में बदल दिया।

· प्रतिभाओं और उनके संघर्ष का ऐतिहासिक सम्मान:- सफलता केवल विद्यार्थी की नहीं, बल्कि पूरे परिवार के त्याग का परिणाम होती है। गुरुकृपा में हम इसे ‘सम्मान’ का रूप देते हैं। इसी भावना के तहत 2024 में टॉपर ‘सौरव’ को 51 लाख रुपये नकद पुरस्कार से नवाजा गया। वहीं, 2025 में टॉपर ‘महेश’ को 51 लाख रुपये नकद के साथ-साथ उनके माता-पिता के महान संघर्ष को नमन करते हुए एक शानदार कार भी भेंट की गई।

· NEET 2025 में छप्परफाड़ सिलेक्शंस:- कठिन पेपर के बावजूद केवल क्लासरूम प्रोग्राम से 2711 से ज्यादा GCIians ने विभिन्न सरकारी मेडिकल कॉलेजों और AIIMS में अपनी जगह पक्की कर गुरुकृपा का परचम लहराया। आज देशभर के एम्स (AIIMS) संस्थानों की लगभग 200 सीटों पर गुरुकृपा के होनहारों ने अपना एकतरफा दबदबा कायम किया हुआ है।

AIIMS दिल्ली में गुरुकृपा की बेटियों का परचम:- देश के सर्वोच्च मेडिकल संस्थान AIIMS दिल्ली की लगभग 125 सीटों में से 14 पर गुरुकृपा के सितारों ने कदम रखा है। इससे भी अधिक गौरव की बात यह है कि एम्स दिल्ली में देशभर से चयनित कुल 19 छात्राओं में से 4 बेटियां अकेले गुरुकृपा परिवार से हैं। यानी देश की शीर्ष मेडिकल प्रतिभाओं में लगभग 25% सीटों पर सीकर की संस्था की बेटियों ने अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है।

· फाउंडेशन के साथ मेडिकल कॉलेजों का सीधा टिकट:- साल 2025 में 315 GCIians ने 12वीं बोर्ड परीक्षाओं (फाउंडेशन कोर्स) के साथ ही बिना कोई साल ड्रॉप किए सीधे मेडिकल कॉलेजों में अपनी सीट पक्की कर ली, जो गुरुकृपा के मजबूत बेसिक एजुकेशन सिस्टम को दर्शाता है।

JEE (इंजीनियरिंग) में भी गुरुकृपा के सितारों की चमक

मेडिकल के साथ-साथ इंजीनियरिंग के क्षेत्र में भी गुरुकृपा के परिणाम अपने पहले ही बैच से शानदार रहे हैं। 2008 में गुरुकृपा पहले बैच के छात्र लालचंद बिस्सू ने IIT-JEE में सफलता हासिल की (जो आज भारत के मशहूर प्लेटफार्म ‘KUKU Fm’ के फाउंडर हैं), लालचंद बिस्सू के बाद 8200 से अधिक GCLians ने विभिन्न IITs, NITs एवं IIITs में पढ़कर देश-दुनिया में कोई टॉप MNCs में बड़े पदों पर हैं, तो किसी ने अपनी कंपनी खड़ी कर दी है।

· JEE Academy की शानदार शुरुआत और अपार सफलता:- इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों को एक तनावमुक्त और विश्वस्तरीय माहौल देने के लिए 2024 में एक अत्याधुनिक और पूर्णतः समर्पित ‘JEE Academy’ की नींव रखी गई। बेहतरीन फैकल्टी और रिसर्च-बेस्ड मटेरियल के दम पर पहले ही साल (2024) में 48 विद्यार्थियों ने देश की टॉप IITs, NITs और IIITs में जगह बनाई।

· 2025 में दोगुने सिलेक्शंस का नया रिकॉर्ड:- महज एक साल के भीतर ही सफलता का यह आंकड़ा दोगुना हो गया। 2025 में कुल 104 होनहारों ने देश के शीर्ष इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश पाया।

अतुलनीय इंफ्रास्ट्रक्चर और ‘Unmatched Personal Care’

गुरुकृपा की सबसे बड़ी ताकत उसकी ‘Unmatched Academics’ और 2000 से अधिक अनुभवी व श्रेष्ठ गुरुओं की मजबूत फ़ौज है। यहाँ कोई भी बच्चा भीड़ का हिस्सा या सिर्फ एक रोल नंबर नहीं है, बल्कि वह गुरुकृपा परिवार का एक अभिन्न सदस्य है।

· एक कमरे से लेकर विशाल सुरक्षित आवासीय परिसरों तक का सफर:- 2008 में किराए के कमरे से शुरू हुआ यह सफर आज G1 से लेकर G13 तक की विशाल और आधुनिक इमारतों में तब्दील हो चुका है। ये केवल ईंट-पत्थर की इमारतें नहीं हैं, बल्कि बच्चों के लिए घर से दूर एक ‘सुरक्षित घर’ हैं, जहाँ उनकी हर जरूरत का ख्याल रखा जाता है।

· स्वास्थ्य सर्वोपरि:- अभिभावक जब अपने बच्चों को दूर भेजते हैं, तो सबसे बड़ी चिंता उनके स्वास्थ्य की होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए संस्थान ने स्वयं का ‘गुरुकृपा हॉस्पिटल’ स्थापित किया है। यहाँ 24 घंटे मेडिकल सुविधा उपलब्ध है ताकि कोई भी बच्चा अपनी पढ़ाई के दौरान स्वास्थ्य समस्याओं से परेशान न हो।

· तनाव-मुक्त माहौल और डिप्रेशन से बचाव:- रात-रात भर चलने वाले डाउट काउंटर्स, हॉस्टल वार्डन का पारिवारिक अपनापन, और हर कदम पर मिलने वाली मेंटरशिप बच्चों को डिप्रेशन और तनाव से कोसों दूर रखती है। यहाँ बच्चों के सपनों को सिर्फ पंख ही नहीं, हौसलों का विशाल आसमान दिया जाता है।

· बचपन से ही संस्कारों और स्कूली शिक्षा की मजबूत नींव:- शिक्षा और संस्कारों की नींव बचपन से ही मजबूत होनी चाहिए। इसी सोच के साथ 2020 में झुंझुनू (घोड़ीवारा) और 2023 में सीकर (बावड़ी) व सीकर (सेवद बड़ी) में ‘गुरुकृपा पब्लिक स्कूल’ की शुरुआत की गई, ताकि बच्चे शुरू से ही एक सही, सुरक्षित और अनुशासित माहौल में ढल सकें।

देशभर में बढ़ रहा विश्वास: 2026 में आ गया है ‘गुरुकृपा लर्निंग पार्क’

· विस्तार और नए सेंटर्स:- गुरुकृपा पर देशभर के अभिभावकों का यह अटूट विश्वास अब सिर्फ सीकर की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है। ज्ञान की यह रोशनी दूर-दराज के बच्चों तक पहुँचाने के लिए 2022 में जयपुर और अलवर, तथा 2025 में आगरा और जोधपुर में भी गुरुकृपा के सेंटर्स खोले गए हैं, जो सफलता के नए झंडे गाड़ रहे हैं।

· भविष्य का विजन:- समय के साथ कदम मिलाते हुए, साल 2026 में गुरुकृपा लेकर आ गया है अत्याधुनिक ‘गुरुकृपा लर्निंग पार्क‘। यह एक ऐसा विश्वस्तरीय और इको-फ्रेंडली विद्या मंदिर है, जहाँ प्रकृति के शांत और हरे-भरे माहौल के बीच आधुनिक शिक्षा का एक अनूठा संगम देखने को मिलेगा। यहाँ बच्चे सिर्फ पढ़ेंगे नहीं, बल्कि बिना किसी तनाव के अपने आने वाले कल को गढ़ेंगे।

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राजस्थान का शेखावाटी अंचल और विशेषकर सीकर शहर आज पूरे देश में शिक्षा के सबसे बड़े केंद्र के रूप में पहचाना जाता है। रेत के धोरों से निकलकर देश की ‘एजुकेशन कैपिटल’ बनने तक के इस सफर में सबसे अहम भूमिका निभाई है गुरुकृपा करियर इंस्टीट्यूट (GCI) ने। साल 2007 में एक साधारण संकल्प और असाधारण जिद्द के साथ शुरू हुआ गुरुकृपा, आज देश के लाखों विद्यार्थियों और अभिभावकों के अटूट विश्वास का दूसरा नाम बन चुका है।

अपने पहले ही बैच (2008) में मात्र 250 में से 85 विद्यार्थियों को डॉक्टर बनाने वाले गुरुकृपा ने बीते लगभग दो दशक में सफलता के ऐसे शानदार कीर्तिमान रचे हैं, जिन्होंने सीकर को राष्ट्रीय पटल पर मजबूती से स्थापित कर दिया है।

मेडिकल (NEET) में गुरुकृपा का ऐतिहासिक और एकतरफा दबदबा

गुरुकृपा ने सफलता को केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि हर साल दोहराई जाने वाली एक परंपरा बना दिया है। बीते 5 वर्षों में ही गुरुकृपा ने अपनी मौन तपस्या से देश को 10,000 से अधिक बेहतरीन डॉक्टर्स दिए हैं। इसके प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं:

· लगातार दूसरे साल All India Topper:- साल 2024 में गुरुकृपा के होनहार छात्र ‘सौरव’ ने 720 में से पूरे 720 अंक का जादुई आंकड़ा छूकर All India Rank-1 पर कब्जा जमाया। इसके बाद, NEET 2025 के इतिहास के सबसे कठिन माने जाने वाले पेपर में भी गुरुकृपा के ‘महेश’ ने अपने अचूक संकल्प से All India Rank-1 हासिल कर इस ऐतिहासिक जीत को एक अटूट परंपरा में बदल दिया।

· प्रतिभाओं और उनके संघर्ष का ऐतिहासिक सम्मान:- सफलता केवल विद्यार्थी की नहीं, बल्कि पूरे परिवार के त्याग का परिणाम होती है। गुरुकृपा में हम इसे ‘सम्मान’ का रूप देते हैं। इसी भावना के तहत 2024 में टॉपर ‘सौरव’ को 51 लाख रुपये नकद पुरस्कार से नवाजा गया। वहीं, 2025 में टॉपर ‘महेश’ को 51 लाख रुपये नकद के साथ-साथ उनके माता-पिता के महान संघर्ष को नमन करते हुए एक शानदार कार भी भेंट की गई।

· NEET 2025 में छप्परफाड़ सिलेक्शंस:- कठिन पेपर के बावजूद केवल क्लासरूम प्रोग्राम से 2711 से ज्यादा GCIians ने विभिन्न सरकारी मेडिकल कॉलेजों और AIIMS में अपनी जगह पक्की कर गुरुकृपा का परचम लहराया। आज देशभर के एम्स (AIIMS) संस्थानों की लगभग 200 सीटों पर गुरुकृपा के होनहारों ने अपना एकतरफा दबदबा कायम किया हुआ है।

AIIMS दिल्ली में गुरुकृपा की बेटियों का परचम:- देश के सर्वोच्च मेडिकल संस्थान AIIMS दिल्ली की लगभग 125 सीटों में से 14 पर गुरुकृपा के सितारों ने कदम रखा है। इससे भी अधिक गौरव की बात यह है कि एम्स दिल्ली में देशभर से चयनित कुल 19 छात्राओं में से 4 बेटियां अकेले गुरुकृपा परिवार से हैं। यानी देश की शीर्ष मेडिकल प्रतिभाओं में लगभग 25% सीटों पर सीकर की संस्था की बेटियों ने अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है।

· फाउंडेशन के साथ मेडिकल कॉलेजों का सीधा टिकट:- साल 2025 में 315 GCIians ने 12वीं बोर्ड परीक्षाओं (फाउंडेशन कोर्स) के साथ ही बिना कोई साल ड्रॉप किए सीधे मेडिकल कॉलेजों में अपनी सीट पक्की कर ली, जो गुरुकृपा के मजबूत बेसिक एजुकेशन सिस्टम को दर्शाता है।

JEE (इंजीनियरिंग) में भी गुरुकृपा के सितारों की चमक

मेडिकल के साथ-साथ इंजीनियरिंग के क्षेत्र में भी गुरुकृपा के परिणाम अपने पहले ही बैच से शानदार रहे हैं। 2008 में गुरुकृपा पहले बैच के छात्र लालचंद बिस्सू ने IIT-JEE में सफलता हासिल की (जो आज भारत के मशहूर प्लेटफार्म ‘KUKU Fm’ के फाउंडर हैं), लालचंद बिस्सू के बाद 8200 से अधिक GCLians ने विभिन्न IITs, NITs एवं IIITs में पढ़कर देश-दुनिया में कोई टॉप MNCs में बड़े पदों पर हैं, तो किसी ने अपनी कंपनी खड़ी कर दी है।

· JEE Academy की शानदार शुरुआत और अपार सफलता:- इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों को एक तनावमुक्त और विश्वस्तरीय माहौल देने के लिए 2024 में एक अत्याधुनिक और पूर्णतः समर्पित ‘JEE Academy’ की नींव रखी गई। बेहतरीन फैकल्टी और रिसर्च-बेस्ड मटेरियल के दम पर पहले ही साल (2024) में 48 विद्यार्थियों ने देश की टॉप IITs, NITs और IIITs में जगह बनाई।

· 2025 में दोगुने सिलेक्शंस का नया रिकॉर्ड:- महज एक साल के भीतर ही सफलता का यह आंकड़ा दोगुना हो गया। 2025 में कुल 104 होनहारों ने देश के शीर्ष इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश पाया।

अतुलनीय इंफ्रास्ट्रक्चर और ‘Unmatched Personal Care’

गुरुकृपा की सबसे बड़ी ताकत उसकी ‘Unmatched Academics’ और 2000 से अधिक अनुभवी व श्रेष्ठ गुरुओं की मजबूत फ़ौज है। यहाँ कोई भी बच्चा भीड़ का हिस्सा या सिर्फ एक रोल नंबर नहीं है, बल्कि वह गुरुकृपा परिवार का एक अभिन्न सदस्य है।

· एक कमरे से लेकर विशाल सुरक्षित आवासीय परिसरों तक का सफर:- 2008 में किराए के कमरे से शुरू हुआ यह सफर आज G1 से लेकर G13 तक की विशाल और आधुनिक इमारतों में तब्दील हो चुका है। ये केवल ईंट-पत्थर की इमारतें नहीं हैं, बल्कि बच्चों के लिए घर से दूर एक ‘सुरक्षित घर’ हैं, जहाँ उनकी हर जरूरत का ख्याल रखा जाता है।

· स्वास्थ्य सर्वोपरि:- अभिभावक जब अपने बच्चों को दूर भेजते हैं, तो सबसे बड़ी चिंता उनके स्वास्थ्य की होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए संस्थान ने स्वयं का ‘गुरुकृपा हॉस्पिटल’ स्थापित किया है। यहाँ 24 घंटे मेडिकल सुविधा उपलब्ध है ताकि कोई भी बच्चा अपनी पढ़ाई के दौरान स्वास्थ्य समस्याओं से परेशान न हो।

· तनाव-मुक्त माहौल और डिप्रेशन से बचाव:- रात-रात भर चलने वाले डाउट काउंटर्स, हॉस्टल वार्डन का पारिवारिक अपनापन, और हर कदम पर मिलने वाली मेंटरशिप बच्चों को डिप्रेशन और तनाव से कोसों दूर रखती है। यहाँ बच्चों के सपनों को सिर्फ पंख ही नहीं, हौसलों का विशाल आसमान दिया जाता है।

· बचपन से ही संस्कारों और स्कूली शिक्षा की मजबूत नींव:- शिक्षा और संस्कारों की नींव बचपन से ही मजबूत होनी चाहिए। इसी सोच के साथ 2020 में झुंझुनू (घोड़ीवारा) और 2023 में सीकर (बावड़ी) व सीकर (सेवद बड़ी) में ‘गुरुकृपा पब्लिक स्कूल’ की शुरुआत की गई, ताकि बच्चे शुरू से ही एक सही, सुरक्षित और अनुशासित माहौल में ढल सकें।

देशभर में बढ़ रहा विश्वास: 2026 में आ गया है ‘गुरुकृपा लर्निंग पार्क’

· विस्तार और नए सेंटर्स:- गुरुकृपा पर देशभर के अभिभावकों का यह अटूट विश्वास अब सिर्फ सीकर की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है। ज्ञान की यह रोशनी दूर-दराज के बच्चों तक पहुँचाने के लिए 2022 में जयपुर और अलवर, तथा 2025 में आगरा और जोधपुर में भी गुरुकृपा के सेंटर्स खोले गए हैं, जो सफलता के नए झंडे गाड़ रहे हैं।

· भविष्य का विजन:- समय के साथ कदम मिलाते हुए, साल 2026 में गुरुकृपा लेकर आ गया है अत्याधुनिक ‘गुरुकृपा लर्निंग पार्क‘। यह एक ऐसा विश्वस्तरीय और इको-फ्रेंडली विद्या मंदिर है, जहाँ प्रकृति के शांत और हरे-भरे माहौल के बीच आधुनिक शिक्षा का एक अनूठा संगम देखने को मिलेगा। यहाँ बच्चे सिर्फ पढ़ेंगे नहीं, बल्कि बिना किसी तनाव के अपने आने वाले कल को गढ़ेंगे।

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