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Nari Shakti Vandan Act Amendment; Lok Sabha Seats Increase

Nari Shakti Vandan Act Amendment; Lok Sabha Seats Increase
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  • Nari Shakti Vandan Act Amendment; Lok Sabha Seats Increase | BJP 3 Line Whip

नई दिल्ली10 मिनट पहले

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तमिलनाडु में सीएम एमके स्टालिन ने गुरुवार को परिसीमन बिल की प्रतियां जलाईं। उनकी पार्टी DMK पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन कर रही है।

संसद में आज महिला आरक्षण कानून में संशोधन से जुड़े 3 बिल पेश किए जाएंगे। इन बिलों में महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 2029 से 33% आरक्षण देने का प्रस्ताव है। इसके लिए तीन दिन का विशेष सत्र बुलाया गया है।

संशोधन बिल में लोकसभा सांसदों की संख्या 850 करने का प्रस्ताव है। मौजूदा संख्या 543 है। राज्यों में 815 और केंद्र शासित प्रदेशों में 35 तक सीटें होंगी। सीटों की सटीक संख्या तय करने के लिए परिसीमन भी किया जाएगा। 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।

बिलों पर 16, 17 और 18 अप्रैल को चर्चा होगी। भाजपा, कांग्रेस समेत सभी दलों ने अपने सांसदों को संसद में मौजूद रहने का व्हिप भी जारी किया है। सरकार को बिलों को पास कराने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत होगी। संसद से मंजूरी मिलने के बाद यह कानून 31 मार्च 2029 से लागू होगा, और उसी साल होने वाले लोकसभा चुनाव में पहली बार प्रभावी होगा।

विपक्ष परिसीमन का विरोध कर रहा है। सदन में हंगामा होने के आसार हैं। उधर, तमिलनाडु में सीएम एमके स्टालिन ने बिल की प्रतियां जलाईं। उनकी पार्टी DMK पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन कर रही है।

लोकसभा में 18 घंटे तो राज्यसभा में 10 घंटे चर्चा

कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल संविधान (131वां संशोधन) बिल और परिसीमन विधेयक (संशोधन) बिल पेश करेंगे, जबकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल, 2026 बिल पेश करेंगे। इन पर चर्चा के लिए 18 घंटे का समय तय किया है। इसके बाद राज्यसभा में 10 घंटे चर्चा होगी। पीएम मोदी कल ही चर्चा के दौरान अपनी बात रख सकते हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार को विपक्षी नेताओं के साथ मीटिंग की। कहा कि विपक्ष महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है लेकिन लोकसभा में सीटें बढ़ाने के खिलाफ है। पूरा विपक्ष संसद में इसके खिलाफ वोट करेगा। मीटिंग में राहुल गांधी और टीएमसी, आरजेडी, शिवसेना (यूबीटी), एनसीपी (शरद गुट), AAP के नेता शामिल हुए।

लोकसभा कार्यवाही की पल-पल की जानकारी के लिए नीचे के ब्लॉग से गुजर जाएं…

लाइव अपडेट्स

10 मिनट पहले

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रिजिजू बोले- आरक्षण बिल पर लोगों को गुमराह किया जा रहा

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री राजनीति कर रहे हैं और यहां कुछ लोगों ने उन्हें गुमराह किया है। महिला आरक्षण के खिलाफ कोई नहीं है, लेकिन वे इसे हराने के लिए कोई बहाना ढूंढ़ रहे हैं, जो नहीं किया जाना चाहिए। अगर आप किसी बहाने से महिला आरक्षण को हराना चाहते हैं, तो यह सबसे दुर्भाग्यपूर्ण पल होगा। इसलिए, तमिलनाडु या किसी भी राज्य को चिंता करने की जरूरत नहीं है। उन्हें लोगों को गुमराह और भ्रमित नहीं करना चाहिए।

13 मिनट पहले

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अखिलेश बोले- जिस तरह से बिल लाया जा रहा, हम उसके खिलाफ

सपा सांसद अखिलेश यादव ने कहा, हम महिलाओं के लिए आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि जिस तरीके से यह बिल लाया जा रहा है, हम उसके खिलाफ हैं। वे दलितों, मुसलमानों और पिछड़े वर्गों के खिलाफ हैं। जब हम 33% आरक्षण की बात करते हैं, तो अगर हमारे पास सही आंकड़े ही नहीं हैं, तो हम आरक्षण कैसे दे सकते हैं?

15 मिनट पहले

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कांग्रेस सांसद राहुल गांधी संसद पहुंचे, VIDEO

31 मिनट पहले

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कांग्रेस का 131वें संविधान संशोधन बिल का विरोध, नोटिस दिया

गुरुवार को कांग्रेस सांसद हिबी ईडन ने संविधान (एक सौ इकतीसवां संशोधन) बिल, 2026 पेश किए जाने का विरोध करने के लिए एक नोटिस दिया। उन्होंने इस बिल से दक्षिणी राज्यों को होने वाले नुकसान की बात रखी है। ईडन ने लोकसभा महासचिव को सौंपे अपने नोटिस में कहा,’यह बिल संविधान पर एक सीधा हमला है। संविधान के अनुच्छेद 82 और 334A में संशोधन करके, यह बिल उस संवैधानिक आधार को हटा देता है, जिसने ऐतिहासिक रूप से परिसीमन को नवीनतम जनगणना से जोड़ा था। इसलिए, यह बिल मनमाने ढंग से लोकसभा में सीटों की संख्या बढ़ाने और सीमाओं को फिर से निर्धारित करने का प्रयास करता है। इससे केरल जैसे दक्षिणी राज्यों को निश्चित रूप से नुकसान होगा और संघीय संतुलन हिंदी भाषी राज्यों के पक्ष में झुक जाएगा।’

37 मिनट पहले

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पीएम मोदी ने कहा- देश आज ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है

पीएम मोदी ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर लिखा, ‘आज से शुरू हो रहे संसद के विशेष सत्र में हमारा देश महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाने के लिए तैयार है। हमारी माताओं और बहनों का सम्मान ही राष्ट्र का सम्मान है, और इसी भावना के साथ हम इस दिशा में दृढ़तापूर्वक आगे बढ़ रहे हैं।’ उन्होंने कहा, ‘आप, जो अपनी उज्ज्वल किरणों से संसार को आलोकित करती हैं, दिव्य रूप से प्रकाशित होती हैं। ऋचाओं (स्तुतियों) के माध्यम से कण्वों ने आपका गुणगान किया है, हे उदार, समस्त का पोषण करने वाली।’

40 मिनट पहले

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केंद्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल ने कहा- आज बहुत बड़ा दिन

केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल विशेष संसद सत्र के लिए अपने आवास से निकल गए हैं। उन्होंने कहा कि यह महिला आरक्षण विधेयक के लिए एक बहुत बड़ा दिन है। सभी को बहुत-बहुत बधाई।

43 मिनट पहले

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कांग्रेस सांसद ने कहा- भाजपा की नीति और मंशा दोनों ठीक नहीं

कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन विधेयक पर कहा,’कांग्रेस पार्टी महिला आरक्षण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हमने 2023 में जब यह आया था, तब भी इसका समर्थन किया था।’

उन्होंने कहा, ‘भाजपा आरक्षण के नाम पर समाज में जहर घोलना चाहती है। वह लोकतंत्र को खत्म कर तानाशाही थोपना चाहती है। हम इसका विरोध करते हैं, क्योंकि परिसीमन के नाम पर जिस तरह जहर घोला गया है और जिस समय इसे लाया गया है, वह सवाल खड़े करता है।’

‘ऐसे समय में विशेष सत्र बुलाना, जब भाजपा का दो राज्यों के चुनावों में कोई प्रभाव नहीं है और वह बुरी तरह हार रही है, भाजपा की नीति और मंशा दोनों पर सवाल उठाता है।’

48 मिनट पहले

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के. कविता ने कहा- तेलंगाना को भी महिला आरक्षण में बराबर की हिस्सेदारी मिले

तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष और भारत राष्ट्र समिति (BRS) की नेता के. कविता ने कहा, ‘तेलंगाना की संसद में वर्तमान हिस्सेदारी 3.13% है और परिसीमन के बाद हम उम्मीद करते हैं कि यही प्रतिशत तेलंगाना के प्रतिनिधित्व का आधार होना चाहिए। ‘केंद्र सरकार जो 50% की समग्र वृद्धि प्रस्तावित कर रही है, वह देखने में ठीक लगती है, लेकिन जब आप अन्य राज्यों की वृद्धि की तुलना तेलंगाना से करते हैं, तो अंतर अधिक स्पष्ट दिखता है। 3.13% हमारे राज्य के लिए आधार होना चाहिए। यदि यह घटता है, तो तेलंगाना के लोग निश्चित रूप से सड़कों पर उतरेंगे।’

‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि केंद्र सरकार महिला विधेयक को परिसीमन से जोड़ना चाहती है। इसके बजाय, उन्हें महिला विधेयक को ओबीसी आरक्षण विधेयक के पारित होने से जोड़ना चाहिए।’

1 घंटे पहले

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स्टालिन ने परिसीमन बिल की प्रतियां जलाईं, कहा- यह काला कानून

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने गुरुवार को परिसीमन विधेयक का विरोध किया और बिल की प्रतियां जलाईं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस काले कानून से तमिल लोगों को उनके ही राज्य में शरणार्थी बनाने की कोशिश है।

04:07 AM16 अप्रैल 2026

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सपा ने कहा- हम परिसीमन बिल का विरोध करेंगे

समाजवादी पार्टी के सांसद राम गोपाल यादव ने कहा, ‘महिला आरक्षण विधेयक पहले ही सर्वसम्मति से पारित हो चुका है और किसी ने इसका विरोध नहीं किया था। अब वे इसे (परिसीमन विधेयक) ला रहे हैं। यह उनकी गलत मंशा है, और हम इसका समर्थन नहीं कर सकते।

04:05 AM16 अप्रैल 2026

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परिसीमन के खिलाफ चेन्नई में डीएमके का प्रदर्शन

DMK की नेता सेल्वी करुणानिधि ने केंद्र सरकार के प्रस्तावित परिसीमन विधेयक के खिलाफ चेन्नई में विरोध प्रदर्शन किया।

04:01 AM16 अप्रैल 2026

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ये बदलाव कैसे होंगे, हर जरूरी सवालों के जवाब

1. कौन से बिल पेश होंगे: संविधान (131वां संशोधन) बिल, परिसीमन विधेयक (संशोधन) बिल और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल, 2026 बिल पेश किए जाएंगे। इस पर चर्चा होगी।

2. महिला आरक्षण इतना जरूरी क्यों: देश की आधी आबादी महिलाओं की है। संसद में उनका प्रतिनिधित्व 14% के करीब रहा है। नीति निर्धारण में जेंडर समानता और महिलाओं के अधिकारों की प्राथमिकता देने लिए यह कदम उठाया जा रहा है।

04:00 AM16 अप्रैल 2026

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महिला आरक्षण और परिसीमन पर पहले क्यों नहीं लिया गया फैसला

1970 के दशक में परिवार नियोजन कार्यक्रमों के कारण राज्यों के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए सीटों की संख्या को 2026 तक के लिए फ्रीज कर दिया गया था। 1971 की जनगणना के बाद से अब तक निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं में तो बदलाव हुआ, लेकिन कुल सीटों की संख्या नहीं बढ़ाई गई।

कितनी सीटें बढ़ेंगी: लोकसभा सीटें 543 से बढ़ाकर अधिकतम 850 हो जाएंगी। राज्यों में 815 व केंद्र शासित क्षेत्रों के लिए 35 सीटें। इस बदलाव का असर राज्यसभा और देश की सभी विधानसभाओं पर भी होगा। यहां भी सीटें की संख्या बदल जाएंगी।

03:57 AM16 अप्रैल 2026

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महिला आरक्षण 15 सालों के लिए लागू होगा, फिर आगे संसद तय करेगी

कुल सीटों में से 33% यानी 273 महिलाओं के लिए आरक्षित हो सकती हैं। महिलाओं के लिए यह आरक्षण 15 साल के लिए होगा। यानी 2029, 2034 और 2039 के लोकसभा चुनावों तक। इसके बाद इसे बढ़ाने का फैसला संसद करेगी।

आरक्षित सीटें हर चुनाव में बदलती रहेंगी, ताकि महिलाओं का हर जगह प्रतिनिधित्व मिल सके। इसमें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के लिए भी आरक्षण शामिल होगा। ये आरक्षित सीटें अलग-अलग क्षेत्रों में रोटेशन के आधार पर तय की जाएंगी। अभी लोकसभा में महिला सांसदों की संख्या 75 और राज्यसभा में 39 है।

03:55 AM16 अप्रैल 2026

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परिसीमन में क्या होगा: सरकार कानून बनाकर तय करेगी

अभी तक सीटों का आधार 1971 की जनगणना थी, जो 2026 तक के लिए मान्य थी। परिसीमन कब होगा और किस जनगणना (जैसे 2011 या 2027) के आधार पर होगा, यह संविधान की जगह संसद एक साधारण कानून बनाकर तय कर सकेगी।

सरकार इसमें बदलाव कर रही है। इसके लिए जनसंख्या (आबादी) की परिभाषा को बदला जाएगा है। इससे संसद को यह तय करने का अधिकार मिलता है कि सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए किस डेटा को आधार बनाया जाए। इसके लिए 2011 की जनगणना को आधार बनाने की बात कही गई है।

संविधान में संशोधन कर सरकार परिसीमन आयोग बनाएगी। अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान या पूर्व जज होंगे। आयोग सभी निर्वाचन क्षेत्र (लोकसभा सीटें) दोबारा तय करेगा। आयोग का निर्णय अंतिम होगा। इसके फैसले को कोर्ट में चुनौती नहीं दे सकते।

03:54 AM16 अप्रैल 2026

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परिसीमन से यूपी, बिहार को सबसे ज्यादा फायदा

03:54 AM16 अप्रैल 2026

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क्या सरकार लोकसभा में बिल पास करा पाएगी

संविधान संशोधन पारित कराने के लिए सरकार को बैक-चैनल बातचीत करनी होगी। भारतीय संविधान के ऑर्टिकल 368 के तहत, संविधान में संशोधन के लिए संसद के दोनों सदनों में विशेष बहुमत जरूरी होता है। कुल सदस्यों का बहुमत (50% से अधिक) और उपस्थित एवं मतदान करने वाले सदस्यों का दो-तिहाई बहुमत।

लोकसभा की वर्तमान संख्या 540 (कुल 543 में से) है। 3 सीटें खाली हैं। यदि सभी सांसद उपस्थित होकर मतदान करते हैं, तो कम से कम 360 सांसदों (दो तिहाई‌) को इसके पक्ष में वोट देना होगा।

वर्तमान में, भाजपा-नेतृत्व वाले नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) के पास 292 सांसद हैं, जबकि INDIA (विपक्ष) के पास 233 सांसद हैं। 15 सांसद किसी गठबंधन के साथ नहीं हैं।

03:53 AM16 अप्रैल 2026

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तीन दशक से पेंडिंग था महिला आरक्षण बिल

संसद में महिलाओं के आरक्षण का प्रस्ताव करीब 3 दशक से पेंडिंग है। यह मुद्दा पहली बार 1974 में महिलाओं की स्थिति का आकलन करने वाली समिति ने उठाया था। 2010 में मनमोहन सरकार ने राज्यसभा में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण बिल को बहुमत से पारित करा लिया था।

तब सपा और राजद ने बिल का विरोध करते हुए तत्कालीन UPA सरकार से समर्थन वापस लेने की धमकी दी थी। इसके बाद बिल को लोकसभा में पेश नहीं किया गया। तभी से महिला आरक्षण बिल पेंडिंग है।

2023 में मोदी सरकार ने महिला आरक्षण बिल को पास कराया। यह कानून बना, अब इसमें संसोधन के जरिए बदलाव किया जा रहा है।

03:53 AM16 अप्रैल 2026

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महिलाओं के प्रतिनिधित्व में पाकिस्तान से पीछे भारत

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नई दिल्ली10 मिनट पहले

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तमिलनाडु में सीएम एमके स्टालिन ने गुरुवार को परिसीमन बिल की प्रतियां जलाईं। उनकी पार्टी DMK पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन कर रही है।

संसद में आज महिला आरक्षण कानून में संशोधन से जुड़े 3 बिल पेश किए जाएंगे। इन बिलों में महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 2029 से 33% आरक्षण देने का प्रस्ताव है। इसके लिए तीन दिन का विशेष सत्र बुलाया गया है।

संशोधन बिल में लोकसभा सांसदों की संख्या 850 करने का प्रस्ताव है। मौजूदा संख्या 543 है। राज्यों में 815 और केंद्र शासित प्रदेशों में 35 तक सीटें होंगी। सीटों की सटीक संख्या तय करने के लिए परिसीमन भी किया जाएगा। 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।

बिलों पर 16, 17 और 18 अप्रैल को चर्चा होगी। भाजपा, कांग्रेस समेत सभी दलों ने अपने सांसदों को संसद में मौजूद रहने का व्हिप भी जारी किया है। सरकार को बिलों को पास कराने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत होगी। संसद से मंजूरी मिलने के बाद यह कानून 31 मार्च 2029 से लागू होगा, और उसी साल होने वाले लोकसभा चुनाव में पहली बार प्रभावी होगा।

विपक्ष परिसीमन का विरोध कर रहा है। सदन में हंगामा होने के आसार हैं। उधर, तमिलनाडु में सीएम एमके स्टालिन ने बिल की प्रतियां जलाईं। उनकी पार्टी DMK पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन कर रही है।

लोकसभा में 18 घंटे तो राज्यसभा में 10 घंटे चर्चा

कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल संविधान (131वां संशोधन) बिल और परिसीमन विधेयक (संशोधन) बिल पेश करेंगे, जबकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल, 2026 बिल पेश करेंगे। इन पर चर्चा के लिए 18 घंटे का समय तय किया है। इसके बाद राज्यसभा में 10 घंटे चर्चा होगी। पीएम मोदी कल ही चर्चा के दौरान अपनी बात रख सकते हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार को विपक्षी नेताओं के साथ मीटिंग की। कहा कि विपक्ष महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है लेकिन लोकसभा में सीटें बढ़ाने के खिलाफ है। पूरा विपक्ष संसद में इसके खिलाफ वोट करेगा। मीटिंग में राहुल गांधी और टीएमसी, आरजेडी, शिवसेना (यूबीटी), एनसीपी (शरद गुट), AAP के नेता शामिल हुए।

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10 मिनट पहले

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रिजिजू बोले- आरक्षण बिल पर लोगों को गुमराह किया जा रहा

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री राजनीति कर रहे हैं और यहां कुछ लोगों ने उन्हें गुमराह किया है। महिला आरक्षण के खिलाफ कोई नहीं है, लेकिन वे इसे हराने के लिए कोई बहाना ढूंढ़ रहे हैं, जो नहीं किया जाना चाहिए। अगर आप किसी बहाने से महिला आरक्षण को हराना चाहते हैं, तो यह सबसे दुर्भाग्यपूर्ण पल होगा। इसलिए, तमिलनाडु या किसी भी राज्य को चिंता करने की जरूरत नहीं है। उन्हें लोगों को गुमराह और भ्रमित नहीं करना चाहिए।

13 मिनट पहले

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अखिलेश बोले- जिस तरह से बिल लाया जा रहा, हम उसके खिलाफ

सपा सांसद अखिलेश यादव ने कहा, हम महिलाओं के लिए आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि जिस तरीके से यह बिल लाया जा रहा है, हम उसके खिलाफ हैं। वे दलितों, मुसलमानों और पिछड़े वर्गों के खिलाफ हैं। जब हम 33% आरक्षण की बात करते हैं, तो अगर हमारे पास सही आंकड़े ही नहीं हैं, तो हम आरक्षण कैसे दे सकते हैं?

15 मिनट पहले

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कांग्रेस सांसद राहुल गांधी संसद पहुंचे, VIDEO

31 मिनट पहले

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कांग्रेस का 131वें संविधान संशोधन बिल का विरोध, नोटिस दिया

गुरुवार को कांग्रेस सांसद हिबी ईडन ने संविधान (एक सौ इकतीसवां संशोधन) बिल, 2026 पेश किए जाने का विरोध करने के लिए एक नोटिस दिया। उन्होंने इस बिल से दक्षिणी राज्यों को होने वाले नुकसान की बात रखी है। ईडन ने लोकसभा महासचिव को सौंपे अपने नोटिस में कहा,’यह बिल संविधान पर एक सीधा हमला है। संविधान के अनुच्छेद 82 और 334A में संशोधन करके, यह बिल उस संवैधानिक आधार को हटा देता है, जिसने ऐतिहासिक रूप से परिसीमन को नवीनतम जनगणना से जोड़ा था। इसलिए, यह बिल मनमाने ढंग से लोकसभा में सीटों की संख्या बढ़ाने और सीमाओं को फिर से निर्धारित करने का प्रयास करता है। इससे केरल जैसे दक्षिणी राज्यों को निश्चित रूप से नुकसान होगा और संघीय संतुलन हिंदी भाषी राज्यों के पक्ष में झुक जाएगा।’

37 मिनट पहले

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पीएम मोदी ने कहा- देश आज ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है

पीएम मोदी ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर लिखा, ‘आज से शुरू हो रहे संसद के विशेष सत्र में हमारा देश महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाने के लिए तैयार है। हमारी माताओं और बहनों का सम्मान ही राष्ट्र का सम्मान है, और इसी भावना के साथ हम इस दिशा में दृढ़तापूर्वक आगे बढ़ रहे हैं।’ उन्होंने कहा, ‘आप, जो अपनी उज्ज्वल किरणों से संसार को आलोकित करती हैं, दिव्य रूप से प्रकाशित होती हैं। ऋचाओं (स्तुतियों) के माध्यम से कण्वों ने आपका गुणगान किया है, हे उदार, समस्त का पोषण करने वाली।’

40 मिनट पहले

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केंद्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल ने कहा- आज बहुत बड़ा दिन

केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल विशेष संसद सत्र के लिए अपने आवास से निकल गए हैं। उन्होंने कहा कि यह महिला आरक्षण विधेयक के लिए एक बहुत बड़ा दिन है। सभी को बहुत-बहुत बधाई।

43 मिनट पहले

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कांग्रेस सांसद ने कहा- भाजपा की नीति और मंशा दोनों ठीक नहीं

कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन विधेयक पर कहा,’कांग्रेस पार्टी महिला आरक्षण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हमने 2023 में जब यह आया था, तब भी इसका समर्थन किया था।’

उन्होंने कहा, ‘भाजपा आरक्षण के नाम पर समाज में जहर घोलना चाहती है। वह लोकतंत्र को खत्म कर तानाशाही थोपना चाहती है। हम इसका विरोध करते हैं, क्योंकि परिसीमन के नाम पर जिस तरह जहर घोला गया है और जिस समय इसे लाया गया है, वह सवाल खड़े करता है।’

‘ऐसे समय में विशेष सत्र बुलाना, जब भाजपा का दो राज्यों के चुनावों में कोई प्रभाव नहीं है और वह बुरी तरह हार रही है, भाजपा की नीति और मंशा दोनों पर सवाल उठाता है।’

48 मिनट पहले

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के. कविता ने कहा- तेलंगाना को भी महिला आरक्षण में बराबर की हिस्सेदारी मिले

तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष और भारत राष्ट्र समिति (BRS) की नेता के. कविता ने कहा, ‘तेलंगाना की संसद में वर्तमान हिस्सेदारी 3.13% है और परिसीमन के बाद हम उम्मीद करते हैं कि यही प्रतिशत तेलंगाना के प्रतिनिधित्व का आधार होना चाहिए। ‘केंद्र सरकार जो 50% की समग्र वृद्धि प्रस्तावित कर रही है, वह देखने में ठीक लगती है, लेकिन जब आप अन्य राज्यों की वृद्धि की तुलना तेलंगाना से करते हैं, तो अंतर अधिक स्पष्ट दिखता है। 3.13% हमारे राज्य के लिए आधार होना चाहिए। यदि यह घटता है, तो तेलंगाना के लोग निश्चित रूप से सड़कों पर उतरेंगे।’

‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि केंद्र सरकार महिला विधेयक को परिसीमन से जोड़ना चाहती है। इसके बजाय, उन्हें महिला विधेयक को ओबीसी आरक्षण विधेयक के पारित होने से जोड़ना चाहिए।’

1 घंटे पहले

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स्टालिन ने परिसीमन बिल की प्रतियां जलाईं, कहा- यह काला कानून

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने गुरुवार को परिसीमन विधेयक का विरोध किया और बिल की प्रतियां जलाईं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस काले कानून से तमिल लोगों को उनके ही राज्य में शरणार्थी बनाने की कोशिश है।

04:07 AM16 अप्रैल 2026

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सपा ने कहा- हम परिसीमन बिल का विरोध करेंगे

समाजवादी पार्टी के सांसद राम गोपाल यादव ने कहा, ‘महिला आरक्षण विधेयक पहले ही सर्वसम्मति से पारित हो चुका है और किसी ने इसका विरोध नहीं किया था। अब वे इसे (परिसीमन विधेयक) ला रहे हैं। यह उनकी गलत मंशा है, और हम इसका समर्थन नहीं कर सकते।

04:05 AM16 अप्रैल 2026

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परिसीमन के खिलाफ चेन्नई में डीएमके का प्रदर्शन

DMK की नेता सेल्वी करुणानिधि ने केंद्र सरकार के प्रस्तावित परिसीमन विधेयक के खिलाफ चेन्नई में विरोध प्रदर्शन किया।

04:01 AM16 अप्रैल 2026

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ये बदलाव कैसे होंगे, हर जरूरी सवालों के जवाब

1. कौन से बिल पेश होंगे: संविधान (131वां संशोधन) बिल, परिसीमन विधेयक (संशोधन) बिल और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल, 2026 बिल पेश किए जाएंगे। इस पर चर्चा होगी।

2. महिला आरक्षण इतना जरूरी क्यों: देश की आधी आबादी महिलाओं की है। संसद में उनका प्रतिनिधित्व 14% के करीब रहा है। नीति निर्धारण में जेंडर समानता और महिलाओं के अधिकारों की प्राथमिकता देने लिए यह कदम उठाया जा रहा है।

04:00 AM16 अप्रैल 2026

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महिला आरक्षण और परिसीमन पर पहले क्यों नहीं लिया गया फैसला

1970 के दशक में परिवार नियोजन कार्यक्रमों के कारण राज्यों के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए सीटों की संख्या को 2026 तक के लिए फ्रीज कर दिया गया था। 1971 की जनगणना के बाद से अब तक निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं में तो बदलाव हुआ, लेकिन कुल सीटों की संख्या नहीं बढ़ाई गई।

कितनी सीटें बढ़ेंगी: लोकसभा सीटें 543 से बढ़ाकर अधिकतम 850 हो जाएंगी। राज्यों में 815 व केंद्र शासित क्षेत्रों के लिए 35 सीटें। इस बदलाव का असर राज्यसभा और देश की सभी विधानसभाओं पर भी होगा। यहां भी सीटें की संख्या बदल जाएंगी।

03:57 AM16 अप्रैल 2026

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महिला आरक्षण 15 सालों के लिए लागू होगा, फिर आगे संसद तय करेगी

कुल सीटों में से 33% यानी 273 महिलाओं के लिए आरक्षित हो सकती हैं। महिलाओं के लिए यह आरक्षण 15 साल के लिए होगा। यानी 2029, 2034 और 2039 के लोकसभा चुनावों तक। इसके बाद इसे बढ़ाने का फैसला संसद करेगी।

आरक्षित सीटें हर चुनाव में बदलती रहेंगी, ताकि महिलाओं का हर जगह प्रतिनिधित्व मिल सके। इसमें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के लिए भी आरक्षण शामिल होगा। ये आरक्षित सीटें अलग-अलग क्षेत्रों में रोटेशन के आधार पर तय की जाएंगी। अभी लोकसभा में महिला सांसदों की संख्या 75 और राज्यसभा में 39 है।

03:55 AM16 अप्रैल 2026

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परिसीमन में क्या होगा: सरकार कानून बनाकर तय करेगी

अभी तक सीटों का आधार 1971 की जनगणना थी, जो 2026 तक के लिए मान्य थी। परिसीमन कब होगा और किस जनगणना (जैसे 2011 या 2027) के आधार पर होगा, यह संविधान की जगह संसद एक साधारण कानून बनाकर तय कर सकेगी।

सरकार इसमें बदलाव कर रही है। इसके लिए जनसंख्या (आबादी) की परिभाषा को बदला जाएगा है। इससे संसद को यह तय करने का अधिकार मिलता है कि सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए किस डेटा को आधार बनाया जाए। इसके लिए 2011 की जनगणना को आधार बनाने की बात कही गई है।

संविधान में संशोधन कर सरकार परिसीमन आयोग बनाएगी। अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान या पूर्व जज होंगे। आयोग सभी निर्वाचन क्षेत्र (लोकसभा सीटें) दोबारा तय करेगा। आयोग का निर्णय अंतिम होगा। इसके फैसले को कोर्ट में चुनौती नहीं दे सकते।

03:54 AM16 अप्रैल 2026

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परिसीमन से यूपी, बिहार को सबसे ज्यादा फायदा

03:54 AM16 अप्रैल 2026

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क्या सरकार लोकसभा में बिल पास करा पाएगी

संविधान संशोधन पारित कराने के लिए सरकार को बैक-चैनल बातचीत करनी होगी। भारतीय संविधान के ऑर्टिकल 368 के तहत, संविधान में संशोधन के लिए संसद के दोनों सदनों में विशेष बहुमत जरूरी होता है। कुल सदस्यों का बहुमत (50% से अधिक) और उपस्थित एवं मतदान करने वाले सदस्यों का दो-तिहाई बहुमत।

लोकसभा की वर्तमान संख्या 540 (कुल 543 में से) है। 3 सीटें खाली हैं। यदि सभी सांसद उपस्थित होकर मतदान करते हैं, तो कम से कम 360 सांसदों (दो तिहाई‌) को इसके पक्ष में वोट देना होगा।

वर्तमान में, भाजपा-नेतृत्व वाले नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) के पास 292 सांसद हैं, जबकि INDIA (विपक्ष) के पास 233 सांसद हैं। 15 सांसद किसी गठबंधन के साथ नहीं हैं।

03:53 AM16 अप्रैल 2026

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तीन दशक से पेंडिंग था महिला आरक्षण बिल

संसद में महिलाओं के आरक्षण का प्रस्ताव करीब 3 दशक से पेंडिंग है। यह मुद्दा पहली बार 1974 में महिलाओं की स्थिति का आकलन करने वाली समिति ने उठाया था। 2010 में मनमोहन सरकार ने राज्यसभा में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण बिल को बहुमत से पारित करा लिया था।

तब सपा और राजद ने बिल का विरोध करते हुए तत्कालीन UPA सरकार से समर्थन वापस लेने की धमकी दी थी। इसके बाद बिल को लोकसभा में पेश नहीं किया गया। तभी से महिला आरक्षण बिल पेंडिंग है।

2023 में मोदी सरकार ने महिला आरक्षण बिल को पास कराया। यह कानून बना, अब इसमें संसोधन के जरिए बदलाव किया जा रहा है।

03:53 AM16 अप्रैल 2026

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महिलाओं के प्रतिनिधित्व में पाकिस्तान से पीछे भारत

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