Sunday, 12 Jul 2026 | 11:48 AM

Trending :

EXCLUSIVE

अमेरिका के 60 मेडिकल संस्थानों में ‘पाक-कला’ कोर्स में:सिर्फ डाइट नहीं बदलेंगे डॉक्टर, खाना बनाने का तरीका बताकर भी बीमारी दूर करेंगे

अमेरिका के 60 मेडिकल संस्थानों में ‘पाक-कला’ कोर्स में:सिर्फ डाइट नहीं बदलेंगे डॉक्टर, खाना बनाने का तरीका बताकर भी बीमारी दूर करेंगे

लॉरेन एस्टेस के हाथ बहुत सधे हुए हैं। टफ्ट्स मेडिकल स्कूल की यह छात्रा जब सुआ की पत्तियों को काटती है, तो एकाग्रता वैसी ही होती है जैसी सर्जन की ऑपरेशन थिएटर में। लॉरेन का सपना एक दिन बच्चों की सुरक्षित डिलीवरी कराना है, पर अभी प्राथमिकता कुछ और है… बेहतरीन ‘छोले’ बनाना। लॉरेन अकेली नहीं है। साथ में 14 और छात्र-जो भविष्य के डॉक्टर, डेंटिस्ट व डाइटिशियन हैं, इन दिनों रसोई में पसीना बहा रहे हैं। यह आम कुकिंग क्लास नहीं है, बल्कि टफ्ट्स यूनिवर्सिटी का ‘कलिनरी मेडिसिन’ कोर्स है। अमेरिका के 60 से ज्यादा मेडिकल संस्थानों में यह पाठ्यक्रम अपनाया जा रहा है, जहां डॉक्टरों को किताबी पोषण ही नहीं, बल्कि रसोई साक्षरता भी सिखाई जा रही है। इसका मुख्य विचार ‘फूड इज मेडिसिन’ (भोजन ही औषधि है) अभियान को बढ़ावा देना है, ताकि डॉक्टर सिर्फ डाइट बदलने की सलाह ही न दें, बल्कि उन्हें यह भी समझा सकें कि स्वस्थ भोजन कैसे बनाएं। यानी सिर्फ ये बताना काफी नहीं है कि खाना सेहत के लिए अच्छा है। उन्हें सीखना होगा कि डायबिटीज, किडनी व दिल के रोगों में कौन सी सब्जी दवा की तरह काम कर सकती है। रिटायर्ड पुलिस अफसर चक सेल्फ इस बदलाव के बड़े गवाह हैं। 4 साल पहले उन्हें डायबिटीज व दिल की बीमारी ने इस कदर जकड़ा था कि पैर काटने तक की नौबत आ गई थी। इंसुलिन इंजेक्शन जिंदगी का हिस्सा बन चुके थे। डॉक्टर ने दवाइयों के साथ-साथ ‘मेडिकली टेलर्ड भोजन’ का पर्चा लिखा। चक बताते हैं,‘डॉक्टर्स ने मुझे वह खिलाया जो हमारे पूर्वज खाते थे- बीन्स, दालें, मोटा अनाज।’ नतीजे चमत्कारिक थे। चक का वजन घटा, शुगर लेवल सुधरा और दवाइयां कम हो गई। वे कहते हैं, भोजन ने मुझे फिर से जीना सिखाया।’ यह बदलाव डॉक्टरों को भी बदल रहा है। शेफ मिशेल निशन कहते हैं,‘कई डॉक्टर ‘टॉप शेफ’ जैसे कुकिंग शो के दीवाने हो गए हैं।’ जब एक डॉक्टर करछुल थामता है, तो वह इलाज की नई परिभाषा लिखता है, जहां स्वास्थ्य की नींव अस्पताल के बेड पर नहीं, बल्कि रसोई में रखी जाती है। यह पहल ऐसी मेडिकल व्यवस्था की शुरुआत है, जहां डॉक्टर ​सिर्फ,‘बीमारी का इलाज’ नहीं, बल्कि ‘पूर्ण स्वास्थ्य का निर्माण’ करेंगे। जैसे इन दिनों लॉरेन प्रोजेक्ट के लिए हैती की गर्भवती महिला के लिए भिंडी और मसूर की दाल मिलाकर कुछ नया रच रही हैं जो उसकी सांस्कृतिक पसंद के करीब हो और साथ ही भ्रूण के विकास के लिए जरूरी तत्वों से भरपूर भी हो। शोध भी यही बताते हैं कि यदि डॉक्टर खुद खाना पकाने के बारे में जानते हैं, तो वे इलाज में भोजन को प्रभावी उपकरण के रूप में इस्तेमाल करने को लेकर आश्वस्त होते हैं। सलाह काफी नहीं, पूरी जानकारी होना जरूरी कलिनरी मेडिसिन कोर्स की डायरेक्टर नादिन तासाबेजी कहती हैं,‘मरीज को प्रोटीन खाने की सलाह देना काफी नहीं है। डॉक्टर को उस वस्तु के दाम, पकाने में लगने वाला समय और वह मरीज के स्वाद व परंपरा की अनुसार हैं भी या नहीं… पता होना चाहिए।’

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
व्हीलचेयर में पद्म अवॉर्ड में पहुंची थीं सिंगर अल्का याग्निक:हेल्थ पर सवाल उठे तो दी सफाई, कहा- रिकवरी चल रही है, मैं थक गई थी

June 25, 2026/
3:45 pm

23 जून को सिंगर अल्का याग्निक को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया है। समारोह से सिंगर की कई तस्वीरें...

PPF अकाउंट से हर महीने ₹61 हजार की कमाई:₹1.03 करोड़ का फंड भी तैयार हो जाएगा, जानें क्या है इसका 15+5+5 फॉर्मूला

April 2, 2026/
11:28 am

सरकार ने अप्रैल-जून (Q1FY27) के लिए स्मॉल सेविंग स्कीम्स की ब्याज दरों में बदलाव नहीं किया है। यानी आपको पहले...

वैभव सूर्यवंशी एक छक्के लगाते ही तोड़ेंगे पोलार्ड का रिकॉर्ड:ऑरेंज कैप हासिल करने के लिए चाहिए 91 रन, आज IPL में GT-RR का मैच

May 9, 2026/
10:57 am

IPL में आज गुजरात टाइटंस (GT) और राजस्थान रॉयल्स (RR) के बीच मुकाबला खेला जाएगा। जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम...

Salman Khan Security Alert at Airport

April 10, 2026/
2:05 pm

18 मिनट पहले कॉपी लिंक सलमान खान का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें जैसे ही उनके ऊपर एक शख्स...

कुलदीप आखिरी बॉल पर रनआउट:गुजरात की IPL में सबसे छोटी जीत, मिलर का 106 मीटर लंबा सिक्स; मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स

April 9, 2026/
4:30 am

गुजरात टाइटंस ने बुधवार को IPL 2026 में दिल्ली कैपिटल्स को रोमांचक मुकाबले में 1 रन से हरा दिया। अरुण...

नैंसी ग्रेवाल हत्याकांड में खालिस्तानी कनेक्शन:कनेडियन पुलिस अफसरों ने माना; खालिस्तान समर्थकों का विरोध हो सकता है हत्या का कारण

March 27, 2026/
6:00 am

कनाडा के लासाल में सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर नैंसी ग्रेवाल हत्याकांड में खालिस्तानी कनेक्शन सामने आ रहा है। कनेडियन मीडिया के...

राजनीति

अमेरिका के 60 मेडिकल संस्थानों में ‘पाक-कला’ कोर्स में:सिर्फ डाइट नहीं बदलेंगे डॉक्टर, खाना बनाने का तरीका बताकर भी बीमारी दूर करेंगे

अमेरिका के 60 मेडिकल संस्थानों में ‘पाक-कला’ कोर्स में:सिर्फ डाइट नहीं बदलेंगे डॉक्टर, खाना बनाने का तरीका बताकर भी बीमारी दूर करेंगे

लॉरेन एस्टेस के हाथ बहुत सधे हुए हैं। टफ्ट्स मेडिकल स्कूल की यह छात्रा जब सुआ की पत्तियों को काटती है, तो एकाग्रता वैसी ही होती है जैसी सर्जन की ऑपरेशन थिएटर में। लॉरेन का सपना एक दिन बच्चों की सुरक्षित डिलीवरी कराना है, पर अभी प्राथमिकता कुछ और है… बेहतरीन ‘छोले’ बनाना। लॉरेन अकेली नहीं है। साथ में 14 और छात्र-जो भविष्य के डॉक्टर, डेंटिस्ट व डाइटिशियन हैं, इन दिनों रसोई में पसीना बहा रहे हैं। यह आम कुकिंग क्लास नहीं है, बल्कि टफ्ट्स यूनिवर्सिटी का ‘कलिनरी मेडिसिन’ कोर्स है। अमेरिका के 60 से ज्यादा मेडिकल संस्थानों में यह पाठ्यक्रम अपनाया जा रहा है, जहां डॉक्टरों को किताबी पोषण ही नहीं, बल्कि रसोई साक्षरता भी सिखाई जा रही है। इसका मुख्य विचार ‘फूड इज मेडिसिन’ (भोजन ही औषधि है) अभियान को बढ़ावा देना है, ताकि डॉक्टर सिर्फ डाइट बदलने की सलाह ही न दें, बल्कि उन्हें यह भी समझा सकें कि स्वस्थ भोजन कैसे बनाएं। यानी सिर्फ ये बताना काफी नहीं है कि खाना सेहत के लिए अच्छा है। उन्हें सीखना होगा कि डायबिटीज, किडनी व दिल के रोगों में कौन सी सब्जी दवा की तरह काम कर सकती है। रिटायर्ड पुलिस अफसर चक सेल्फ इस बदलाव के बड़े गवाह हैं। 4 साल पहले उन्हें डायबिटीज व दिल की बीमारी ने इस कदर जकड़ा था कि पैर काटने तक की नौबत आ गई थी। इंसुलिन इंजेक्शन जिंदगी का हिस्सा बन चुके थे। डॉक्टर ने दवाइयों के साथ-साथ ‘मेडिकली टेलर्ड भोजन’ का पर्चा लिखा। चक बताते हैं,‘डॉक्टर्स ने मुझे वह खिलाया जो हमारे पूर्वज खाते थे- बीन्स, दालें, मोटा अनाज।’ नतीजे चमत्कारिक थे। चक का वजन घटा, शुगर लेवल सुधरा और दवाइयां कम हो गई। वे कहते हैं, भोजन ने मुझे फिर से जीना सिखाया।’ यह बदलाव डॉक्टरों को भी बदल रहा है। शेफ मिशेल निशन कहते हैं,‘कई डॉक्टर ‘टॉप शेफ’ जैसे कुकिंग शो के दीवाने हो गए हैं।’ जब एक डॉक्टर करछुल थामता है, तो वह इलाज की नई परिभाषा लिखता है, जहां स्वास्थ्य की नींव अस्पताल के बेड पर नहीं, बल्कि रसोई में रखी जाती है। यह पहल ऐसी मेडिकल व्यवस्था की शुरुआत है, जहां डॉक्टर ​सिर्फ,‘बीमारी का इलाज’ नहीं, बल्कि ‘पूर्ण स्वास्थ्य का निर्माण’ करेंगे। जैसे इन दिनों लॉरेन प्रोजेक्ट के लिए हैती की गर्भवती महिला के लिए भिंडी और मसूर की दाल मिलाकर कुछ नया रच रही हैं जो उसकी सांस्कृतिक पसंद के करीब हो और साथ ही भ्रूण के विकास के लिए जरूरी तत्वों से भरपूर भी हो। शोध भी यही बताते हैं कि यदि डॉक्टर खुद खाना पकाने के बारे में जानते हैं, तो वे इलाज में भोजन को प्रभावी उपकरण के रूप में इस्तेमाल करने को लेकर आश्वस्त होते हैं। सलाह काफी नहीं, पूरी जानकारी होना जरूरी कलिनरी मेडिसिन कोर्स की डायरेक्टर नादिन तासाबेजी कहती हैं,‘मरीज को प्रोटीन खाने की सलाह देना काफी नहीं है। डॉक्टर को उस वस्तु के दाम, पकाने में लगने वाला समय और वह मरीज के स्वाद व परंपरा की अनुसार हैं भी या नहीं… पता होना चाहिए।’

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.