राजगढ़ उपार्जन केंद्रों पर सब कुछ ठीक होने के दावों के बीच सोमवार को हकीकत तब सामने आई, जब कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा अचानक निरीक्षण पर पहुंच गए। कालीपीठ, चाठा और बेलास केंद्रों के दौरे में व्यवस्थाओं की असल तस्वीर दिखी- जहां कुछ जगह काम ठीक मिला, वहीं चाठा केंद्र पर लापरवाही ने अफसरों की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए। चाठा उपार्जन केंद्र पर अव्यवस्थाएं देखकर कलेक्टर का रुख सख्त हो गया। मौके पर ही नाराजगी जताते हुए उन्होंने नोडल अधिकारी नरेश मीणा को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साफ कहा कि अगर किसानों को परेशानी हुई तो सीधे जिम्मेदारी तय होगी। कलेक्टर बोले- किसानों को सुविधाएं हर हाल में मिलनी चाहिए
निरीक्षण के दौरान यह भी देखा गया कि कई जगहों पर बुनियादी सुविधाएं पूरी तरह व्यवस्थित नहीं थीं। इस पर कलेक्टर ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि उपार्जन केंद्रों पर आने वाले किसानों को पानी, छांव और बैठने जैसी जरूरी सुविधाएं हर हाल में मिलनी चाहिए। रिकॉर्ड को भी कलेक्टर ने बारीकी से जांचा
खरीदी प्रक्रिया, तौल व्यवस्था और रिकॉर्ड को भी कलेक्टर ने बारीकी से जांचा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं होगा और खरीदी समय पर पूरी होनी चाहिए, ताकि किसानों को भुगतान में देरी न हो। कलेक्टर के इस औचक निरीक्षण के बाद साफ संकेत मिल गए हैं कि अब उपार्जन व्यवस्था में लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई तय है। प्रशासन की नजर अब सीधे जमीनी कामकाज पर है, जहां किसान ही असली कसौटी बन रहे हैं।













































