Wednesday, 15 Apr 2026 | 04:16 AM

Trending :

EXCLUSIVE

28वीं बार उत्तराखंड आ रहे PM मोदी:एलिवेटेड रोड से सफर कर पहुंचेंगे डाट काली मंदिर, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का करेंगे उद्घाटन

28वीं बार उत्तराखंड आ रहे PM मोदी:एलिवेटेड रोड से सफर कर पहुंचेंगे डाट काली मंदिर, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का करेंगे उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार (14 अप्रैल) को 28वीं बार उत्तराखंड दौरे पर पहुंचेंगे। इस बार वे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे समेत कई बड़ी परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे, जिससे विकास और कनेक्टिविटी को बड़ा बूस्ट मिलने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह करीब 11:15 बजे सहारनपुर पहुंचेंगे, जहां वे दिल्ली-देहरादून आर्थिक कॉरिडोर के एलिवेटेड सेक्शन पर बने वाइल्डलाइफ कॉरिडोर का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद करीब 11:40 बजे उत्तराखंड-यूपी बॉर्डर स्थित देहरादून के मां डाट काली मंदिर में दर्शन-पूजा करेंगे। यहां से वे देहरादून के लिए रवाना होंगे और आशारोड़ी से उनका रोड शो शुरू होगा, जो शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए आगे बढ़ेगा। रोड शो के बाद करीब 12:30 बजे प्रधानमंत्री महिंद्रा ग्राउंड पहुंचेंगे, यहां वे दिल्ली-देहरादून आर्थिक कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे। इसी कार्यक्रम के दौरान टिहरी में 1000 मेगावाट क्षमता के पंप स्टोरेज प्लांट का लोकार्पण भी किया जाएगा। 2015 से शुरू हुआ दौरों का सिलसिला प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी पहली बार 11 सितंबर 2015 को उत्तराखंड आए थे। ऋषिकेश में स्वामी दयानंद गिरी से मुलाकात के साथ उनके दौरों की शुरुआत हुई। उत्तराखंड से पीएम मोदी का धार्मिक जुड़ाव भी मजबूत रहा है। वे प्रधानमंत्री बनने के बाद अब तक केदारनाथ, बदरीनाथ, मुखबा और आदि कैलाश जैसे प्रमुख स्थलों के दर्शन कर चुके हैं। अब पढ़िए एक्सप्रेसवे में क्या खास… 14 वे-साइड फैसिलिटी, बिना रुके सफर के लिए पूरी तैयारी दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर यात्रियों की सुविधा के लिए 14 वे-साइड फैसिलिटी (रेस्ट एरिया) विकसित की गई हैं। यहां पार्किंग, फूड कोर्ट, टॉयलेट और बेसिक सर्विस जैसी सुविधाएं मिलेंगी, जिससे लंबी दूरी के सफर में बार-बार रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। पूरे कॉरिडोर को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यात्रा बिना रुकावट पूरी हो सके। इसके लिए 7 इंटरचेंज बनाए गए हैं, जहां से वाहन आसानी से अलग-अलग शहरों और सड़कों से जुड़ सकेंगे। 18.6 किमी एलिवेटेड रोड समेत मजबूत इंजीनियरिंग ढांचा इस एक्सप्रेसवे में 18.6 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया गया है, जिससे भीड़भाड़ वाले और संवेदनशील इलाकों में ट्रैफिक सीधे ऊपर से गुजर सके। इसके अलावा पूरे रूट में 19 बड़े अंडरपास, 57 छोटे अंडरपास और 4 मेजर ब्रिज बनाए गए हैं। यह स्ट्रक्चर न सिर्फ ट्रैफिक को स्मूद बनाता है, बल्कि स्थानीय कनेक्टिविटी भी बनाए रखता है। लोकल लोगों के लिए सर्विस रोड और सुरक्षित ट्रैफिक सिस्टम स्थानीय लोगों की आवाजाही प्रभावित न हो, इसके लिए एक्सप्रेसवे के साथ सर्विस रोड बनाई गई है। यहां सुरक्षित यू-टर्न, क्रैश बैरियर और अन्य सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। साथ ही एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) लगाया गया है, जिससे ट्रैफिक की निगरानी, कंट्रोल और इमरजेंसी रिस्पॉन्स बेहतर तरीके से हो सके। दिल्ली-देहरादून सफर 6 घंटे से घटकर 2.5 घंटे रह जाएगा दिल्ली से देहरादून के बीच यात्रा अब पहले से कहीं तेज होने जा रही है। मौजूदा पारंपरिक रूट (दिल्ली-मेरठ-मुजफ्फरनगर-रुड़की-देहरादून / NH-58, NH-334) से यह दूरी करीब 235 किमी है, जिसे तय करने में ट्रैफिक जाम, शहरों के भीतर से गुजरने और मिक्स लेन के कारण आमतौर पर 6 घंटे लग जाते हैं, खासकर वीकेंड और सीजन में समय और बढ़ जाता है। नए एक्सप्रेस-वे के चालू होने के बाद यह दूरी घटकर लगभग 212 किमी रह जाएगी, यानी करीब 23 किमी की सीधी बचत होगी। इन जिलों और राज्यों को मिलेगा सीधा फायदा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे से एनसीआर, पश्चिमी यूपी और उत्तराखंड की कनेक्टिविटी तेज होगी। पूर्वी दिल्ली (अक्षरधाम, सोनिया विहार) को हाई-स्पीड कनेक्शन मिलेगा, जिससे रोजगार और रियल एस्टेट को बढ़ावा मिलेगा। पश्चिमी यूपी के बागपत, शामली, मुज़फ्फरनगर और सहारनपुर जैसे जिले सीधे एक्सप्रेस-वे से जुड़ेंगे, जिससे यात्रा समय घटेगा और गन्ना, एग्रो इंडस्ट्री व लॉजिस्टिक्स सेक्टर को फायदा होगा। उत्तराखंड में देहरादून को सीधा 6-लेन कनेक्शन मिलेगा, जबकि हरिद्वार, रुड़की और ऋषिकेश स्पर के जरिए जुड़कर पर्यटन और धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा देंगे। हाथियों के लिए 12KM एलिवेटेड रास्ता, शोर-रोशनी भी कंट्रोल दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर एशिया का सबसे लंबा वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर तैयार किया गया है, जो राजाजी नेशनल पार्क और शिवालिक वन क्षेत्र से होकर गुजरता है। यहां करीब 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड सेक्शन बनाया गया है, जिसके नीचे से हाथी समेत जंगली जानवर बिना किसी रुकावट के आवाजाही कर सकेंगे। वन्यजीवों पर असर कम करने के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। शोर को नियंत्रित करने के लिए नॉइज बैरियर लगाए गए हैं, जबकि रात में तेज रोशनी से बचाने के लिए लाइट कंट्रोल सिस्टम भी लगाया गया है, ताकि जानवरों को प्राकृतिक जंगल जैसा माहौल मिल सके। अब 3 पॉइंट्स में कॉरिडोर के बारे में जानिए 10.97 किमी अंडरपास, 12 किमी एलिवेटेड सेक्शन गणेशपुर से आशारोड़ी के बीच कुल 10.97 किलोमीटर लंबा वाइल्ड लाइफ अंडरपास तैयार किया गया है, जबकि इसके ऊपर करीब 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया गया है। इसका मतलब है कि वाहनों की आवाजाही ऊपर और जानवरों की नीचे बिना रुकावट जारी रहती है। ऊंचाई 6-7 मीटर, हाथियों के लिए भी फ्री मूवमेंट कॉरिडोर की औसत ऊंचाई 6 से 7 मीटर रखी गई है, ताकि बड़े स्तनधारी जीव खासकर हाथी भी आराम से इसके नीचे से गुजर सकें। यह डिजाइन खास तौर पर हाथियों के पारंपरिक माइग्रेशन रूट को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। 2 एलीफैंट अंडरपास + 8 एनिमल अंडरपास गणेशपुर-देहरादून (NH-307) के 18.2 किमी लंबे हिस्से में वन्यजीवों के लिए 2 विशेष एलीफैंट अंडरपास और 8 अन्य एनिमल अंडरपास बनाए गए हैं। इससे अलग-अलग प्रजातियों के लिए सुरक्षित क्रॉसिंग पॉइंट सुनिश्चित किए गए हैं। पर्यटन और कारोबार दोनों को मिलेगा बड़ा बूस्ट दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे के शुरू होने से यात्रा समय 2.5 घंटे रह जाएगा, जिससे दिल्ली-एनसीआर से मसूरी, ऋषिकेश, हरिद्वार, धनोल्टी और चकराता जैसे पर्यटन स्थलों पर वीकेंड ट्रिप्स में बड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद है। हरिद्वार-ऋषिकेश स्पर के जरिए धार्मिक पर्यटन कुंभ, चारधाम और गंगा स्नान तक पहुंच भी तेज और आसान होगी, जिससे होटल, ट्रैवल और लोकल ट्रांसपोर्ट का कारोबार बढ़ेगा। वहीं, व्यापार के लिहाज से यह एक्सप्रेस-वे दिल्ली-एनसीआर के इंडस्ट्रियल क्लस्टर को पश्चिमी यूपी और उत्तराखंड के औद्योगिक क्षेत्रों, जैसे- रुड़की, हरिद्वार, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर से सीधे जोड़ेगा। इससे माल ढुलाई तेज और सस्ती होगी, लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी और एफएमसीजी, फार्मा, ऑटो पार्ट्स व कृषि उत्पादों में निवेश के नए मौके बनेंगे। कुल मिलाकर, यह एक्सप्रेस-वे सिर्फ सफर छोटा नहीं करेगा, बल्कि पर्यटन, कारोबार और निवेश के नए रास्ते खोलकर उत्तर भारत का बड़ा गेमचेंजर साबित हो सकता है। हर किलोमीटर का 3 रुपए टोल देना होगा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर टोल की दरें भी सामने आ गई हैं। कार के लिए करीब 3 रुपए/किलोमीटर टोल तय है। इसे उदाहरण से समझते हैं। मान लीजिए आप अपनी कार से दिल्ली से देहरादून जा रहे हैं। जाते वक्त आपको 675 रुपए टोल देना होगा। अगर आप 24 घंटे में ही वापसी करते हैं, तो आपको 675 नहीं, 335 रुपए ही देने होंगे। मिनी बस जैसी लाइट कमर्शियल गाड़ियों के लिए एक तरफ का टोल करीब 1100 रुपए है। बड़ी बस और ट्रक के लिए ये 2275 रुपए रखा गया है। इससे ज्यादा भारी वाहनों का टोल करीब 4 हजार रुपए हो जाता है। जिन लोगों को बाकी एक्सप्रेस-वे पर टोल में छूट मिलती है, वही छूट यहां भी लागू होगी।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
MP Apex Bank Recruitment Last Date Extended

February 23, 2026/
8:00 pm

2 घंटे पहले कॉपी लिंक आज की सरकारी नौकरी में जानकारी एमपी एपेक्स बैंक में 2076 पदों पर भर्ती के...

ओलावृष्टि-बारिश से दतिया के 42 गांवों की गेहूं फसल बर्बाद:सेवढ़ा क्षेत्र में जलभराव से सड़ी फसल, मुआवजे के इंतजार में किसान

April 10, 2026/
2:26 pm

दतिया की सेवढ़ा तहसील क्षेत्र में बीते सप्ताह हुई ओलावृष्टि और लगातार बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है।...

Iran Leader Khamenei Death | Israel US Strike; Global Reaction

March 1, 2026/
4:19 pm

तेहरान52 मिनट पहले कॉपी लिंक इजराइल और अमेरिका की संयुक्त कार्रवाई में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की...

जीतेंद्र@84, कभी हीरोइन के स्टंट किए, फिर बने स्टार:रेखा को टाइमपास कहा, सरेआम फूट-फूटकर रोईं, महमूद ने हंसाने के लिए उतारी पेंट, जानिए किस्से

April 7, 2026/
4:30 am

हिंदी सिनेमा के जंपिंग जैक कहे जाने वाले जीतेंद्र आज 84 साल के हो गए हैं। कभी मुंबई की चॉल...

‘अनुराग कश्यप ने ट्रेलर कहा बकवास:सुमित गहलावत बोले- सबकी अपनी सोच है, द केरला स्टोरी 2 का बीफ सीन हर कोई देखें

February 27, 2026/
6:30 am

‘द केरल स्टोरी’ के पहले भाग ने देशभर में तीखी बहस को जन्म दिया था। फिल्म को लेकर राजनीतिक, सामाजिक...

authorimg

April 12, 2026/
4:35 pm

Instant Gas Relief: आजकल की लाइफस्टाइल और खानपान ने पेट से जुड़ी दिक्कतों को आम बना दिया है. कभी भारी...

सुप्रीम कोर्ट जज बोले-ज्यूडिशियरी हद से ज्यादा सख्त हो रही:इसलिए लोग जेलों में सड़ रहे; यह विकसित भारत का आदर्श नहीं हो सकता

March 23, 2026/
1:34 pm

सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस उज्ज्वल भुइयां ने कहा कि ज्यूडिशियरी के कुछ हिस्से ‘मोर लॉयल देन द किंग सिंड्रोम’...

धीरेंद्र शास्त्री बोले- सेवादार 'लौंडियाबाजी' के चक्कर में जुड़े:बागेश्वर धाम में 'माल-पानी' के लिए चेले बने; इनकी नजर सेवा पर नहीं, भौकाल पर है

March 8, 2026/
2:54 pm

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने रविवार को दरबार में अपने सेवादारों और चेलों को जमकर फटकार लगाई।...

हेल्थ & फिटनेस

राजनीति

28वीं बार उत्तराखंड आ रहे PM मोदी:एलिवेटेड रोड से सफर कर पहुंचेंगे डाट काली मंदिर, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का करेंगे उद्घाटन

28वीं बार उत्तराखंड आ रहे PM मोदी:एलिवेटेड रोड से सफर कर पहुंचेंगे डाट काली मंदिर, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का करेंगे उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार (14 अप्रैल) को 28वीं बार उत्तराखंड दौरे पर पहुंचेंगे। इस बार वे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे समेत कई बड़ी परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे, जिससे विकास और कनेक्टिविटी को बड़ा बूस्ट मिलने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह करीब 11:15 बजे सहारनपुर पहुंचेंगे, जहां वे दिल्ली-देहरादून आर्थिक कॉरिडोर के एलिवेटेड सेक्शन पर बने वाइल्डलाइफ कॉरिडोर का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद करीब 11:40 बजे उत्तराखंड-यूपी बॉर्डर स्थित देहरादून के मां डाट काली मंदिर में दर्शन-पूजा करेंगे। यहां से वे देहरादून के लिए रवाना होंगे और आशारोड़ी से उनका रोड शो शुरू होगा, जो शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए आगे बढ़ेगा। रोड शो के बाद करीब 12:30 बजे प्रधानमंत्री महिंद्रा ग्राउंड पहुंचेंगे, यहां वे दिल्ली-देहरादून आर्थिक कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे। इसी कार्यक्रम के दौरान टिहरी में 1000 मेगावाट क्षमता के पंप स्टोरेज प्लांट का लोकार्पण भी किया जाएगा। 2015 से शुरू हुआ दौरों का सिलसिला प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी पहली बार 11 सितंबर 2015 को उत्तराखंड आए थे। ऋषिकेश में स्वामी दयानंद गिरी से मुलाकात के साथ उनके दौरों की शुरुआत हुई। उत्तराखंड से पीएम मोदी का धार्मिक जुड़ाव भी मजबूत रहा है। वे प्रधानमंत्री बनने के बाद अब तक केदारनाथ, बदरीनाथ, मुखबा और आदि कैलाश जैसे प्रमुख स्थलों के दर्शन कर चुके हैं। अब पढ़िए एक्सप्रेसवे में क्या खास… 14 वे-साइड फैसिलिटी, बिना रुके सफर के लिए पूरी तैयारी दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर यात्रियों की सुविधा के लिए 14 वे-साइड फैसिलिटी (रेस्ट एरिया) विकसित की गई हैं। यहां पार्किंग, फूड कोर्ट, टॉयलेट और बेसिक सर्विस जैसी सुविधाएं मिलेंगी, जिससे लंबी दूरी के सफर में बार-बार रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। पूरे कॉरिडोर को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यात्रा बिना रुकावट पूरी हो सके। इसके लिए 7 इंटरचेंज बनाए गए हैं, जहां से वाहन आसानी से अलग-अलग शहरों और सड़कों से जुड़ सकेंगे। 18.6 किमी एलिवेटेड रोड समेत मजबूत इंजीनियरिंग ढांचा इस एक्सप्रेसवे में 18.6 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया गया है, जिससे भीड़भाड़ वाले और संवेदनशील इलाकों में ट्रैफिक सीधे ऊपर से गुजर सके। इसके अलावा पूरे रूट में 19 बड़े अंडरपास, 57 छोटे अंडरपास और 4 मेजर ब्रिज बनाए गए हैं। यह स्ट्रक्चर न सिर्फ ट्रैफिक को स्मूद बनाता है, बल्कि स्थानीय कनेक्टिविटी भी बनाए रखता है। लोकल लोगों के लिए सर्विस रोड और सुरक्षित ट्रैफिक सिस्टम स्थानीय लोगों की आवाजाही प्रभावित न हो, इसके लिए एक्सप्रेसवे के साथ सर्विस रोड बनाई गई है। यहां सुरक्षित यू-टर्न, क्रैश बैरियर और अन्य सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। साथ ही एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) लगाया गया है, जिससे ट्रैफिक की निगरानी, कंट्रोल और इमरजेंसी रिस्पॉन्स बेहतर तरीके से हो सके। दिल्ली-देहरादून सफर 6 घंटे से घटकर 2.5 घंटे रह जाएगा दिल्ली से देहरादून के बीच यात्रा अब पहले से कहीं तेज होने जा रही है। मौजूदा पारंपरिक रूट (दिल्ली-मेरठ-मुजफ्फरनगर-रुड़की-देहरादून / NH-58, NH-334) से यह दूरी करीब 235 किमी है, जिसे तय करने में ट्रैफिक जाम, शहरों के भीतर से गुजरने और मिक्स लेन के कारण आमतौर पर 6 घंटे लग जाते हैं, खासकर वीकेंड और सीजन में समय और बढ़ जाता है। नए एक्सप्रेस-वे के चालू होने के बाद यह दूरी घटकर लगभग 212 किमी रह जाएगी, यानी करीब 23 किमी की सीधी बचत होगी। इन जिलों और राज्यों को मिलेगा सीधा फायदा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे से एनसीआर, पश्चिमी यूपी और उत्तराखंड की कनेक्टिविटी तेज होगी। पूर्वी दिल्ली (अक्षरधाम, सोनिया विहार) को हाई-स्पीड कनेक्शन मिलेगा, जिससे रोजगार और रियल एस्टेट को बढ़ावा मिलेगा। पश्चिमी यूपी के बागपत, शामली, मुज़फ्फरनगर और सहारनपुर जैसे जिले सीधे एक्सप्रेस-वे से जुड़ेंगे, जिससे यात्रा समय घटेगा और गन्ना, एग्रो इंडस्ट्री व लॉजिस्टिक्स सेक्टर को फायदा होगा। उत्तराखंड में देहरादून को सीधा 6-लेन कनेक्शन मिलेगा, जबकि हरिद्वार, रुड़की और ऋषिकेश स्पर के जरिए जुड़कर पर्यटन और धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा देंगे। हाथियों के लिए 12KM एलिवेटेड रास्ता, शोर-रोशनी भी कंट्रोल दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर एशिया का सबसे लंबा वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर तैयार किया गया है, जो राजाजी नेशनल पार्क और शिवालिक वन क्षेत्र से होकर गुजरता है। यहां करीब 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड सेक्शन बनाया गया है, जिसके नीचे से हाथी समेत जंगली जानवर बिना किसी रुकावट के आवाजाही कर सकेंगे। वन्यजीवों पर असर कम करने के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। शोर को नियंत्रित करने के लिए नॉइज बैरियर लगाए गए हैं, जबकि रात में तेज रोशनी से बचाने के लिए लाइट कंट्रोल सिस्टम भी लगाया गया है, ताकि जानवरों को प्राकृतिक जंगल जैसा माहौल मिल सके। अब 3 पॉइंट्स में कॉरिडोर के बारे में जानिए 10.97 किमी अंडरपास, 12 किमी एलिवेटेड सेक्शन गणेशपुर से आशारोड़ी के बीच कुल 10.97 किलोमीटर लंबा वाइल्ड लाइफ अंडरपास तैयार किया गया है, जबकि इसके ऊपर करीब 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया गया है। इसका मतलब है कि वाहनों की आवाजाही ऊपर और जानवरों की नीचे बिना रुकावट जारी रहती है। ऊंचाई 6-7 मीटर, हाथियों के लिए भी फ्री मूवमेंट कॉरिडोर की औसत ऊंचाई 6 से 7 मीटर रखी गई है, ताकि बड़े स्तनधारी जीव खासकर हाथी भी आराम से इसके नीचे से गुजर सकें। यह डिजाइन खास तौर पर हाथियों के पारंपरिक माइग्रेशन रूट को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। 2 एलीफैंट अंडरपास + 8 एनिमल अंडरपास गणेशपुर-देहरादून (NH-307) के 18.2 किमी लंबे हिस्से में वन्यजीवों के लिए 2 विशेष एलीफैंट अंडरपास और 8 अन्य एनिमल अंडरपास बनाए गए हैं। इससे अलग-अलग प्रजातियों के लिए सुरक्षित क्रॉसिंग पॉइंट सुनिश्चित किए गए हैं। पर्यटन और कारोबार दोनों को मिलेगा बड़ा बूस्ट दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे के शुरू होने से यात्रा समय 2.5 घंटे रह जाएगा, जिससे दिल्ली-एनसीआर से मसूरी, ऋषिकेश, हरिद्वार, धनोल्टी और चकराता जैसे पर्यटन स्थलों पर वीकेंड ट्रिप्स में बड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद है। हरिद्वार-ऋषिकेश स्पर के जरिए धार्मिक पर्यटन कुंभ, चारधाम और गंगा स्नान तक पहुंच भी तेज और आसान होगी, जिससे होटल, ट्रैवल और लोकल ट्रांसपोर्ट का कारोबार बढ़ेगा। वहीं, व्यापार के लिहाज से यह एक्सप्रेस-वे दिल्ली-एनसीआर के इंडस्ट्रियल क्लस्टर को पश्चिमी यूपी और उत्तराखंड के औद्योगिक क्षेत्रों, जैसे- रुड़की, हरिद्वार, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर से सीधे जोड़ेगा। इससे माल ढुलाई तेज और सस्ती होगी, लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी और एफएमसीजी, फार्मा, ऑटो पार्ट्स व कृषि उत्पादों में निवेश के नए मौके बनेंगे। कुल मिलाकर, यह एक्सप्रेस-वे सिर्फ सफर छोटा नहीं करेगा, बल्कि पर्यटन, कारोबार और निवेश के नए रास्ते खोलकर उत्तर भारत का बड़ा गेमचेंजर साबित हो सकता है। हर किलोमीटर का 3 रुपए टोल देना होगा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर टोल की दरें भी सामने आ गई हैं। कार के लिए करीब 3 रुपए/किलोमीटर टोल तय है। इसे उदाहरण से समझते हैं। मान लीजिए आप अपनी कार से दिल्ली से देहरादून जा रहे हैं। जाते वक्त आपको 675 रुपए टोल देना होगा। अगर आप 24 घंटे में ही वापसी करते हैं, तो आपको 675 नहीं, 335 रुपए ही देने होंगे। मिनी बस जैसी लाइट कमर्शियल गाड़ियों के लिए एक तरफ का टोल करीब 1100 रुपए है। बड़ी बस और ट्रक के लिए ये 2275 रुपए रखा गया है। इससे ज्यादा भारी वाहनों का टोल करीब 4 हजार रुपए हो जाता है। जिन लोगों को बाकी एक्सप्रेस-वे पर टोल में छूट मिलती है, वही छूट यहां भी लागू होगी।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.