देवास कलेक्टर कार्यालय में फर्जी आदेश जारी करने का एक बड़ा मामला मंगलवार को सामने आया है। फर्जीवाड़े को कार्यालय के कुछ बाबुओं ने अन्य लोगों के साथ मिलकर अंजाम दिया। आरोपी अधिकारियों के नाम पर जाली आदेश तैयार कर उन्हें विभिन्न विभागों में जारी कर रहे थे। मामले में नजूल शाखा सहित अलग-अलग तहसीलों में पदस्थ तीन बाबू और एक बिचौलिया लंबे समय से इस फर्जीवाड़े में शामिल थे। आरोप है कि ये लोग आवेदन प्रक्रिया पूरी करवाने के बाद अधिकारियों की जानकारी के बिना उनके हस्ताक्षर और सील की नकल कर फर्जी आदेश जारी करते थे। पंजीयन कार्यालय में संदिग्ध आदेश से पकड़े गए
फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ, जब एक संदिग्ध आदेश पंजीयन कार्यालय पहुंचा। जांच के दौरान उसमें गड़बड़ी सामने आई, जिसके बाद पूरे मामले की जांच शुरू की गई। कलेक्टर के निर्देश पर पुलिस को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया। बीएनपी थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें नजूल शाखा के बाबू रमेश लोबानिया, एडीएम कार्यालय के रीडर संजय जाटव, विजयागंज मंडी तहसील के बाबू जितेंद्र भद्रे और बिचौलिया महेंद्र कुशवाह शामिल हैं। एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है। गिरफ्तारी की पुष्टि सीएसपी ने मंगलवार रात करीब 8 बजे की। एक दर्जन से अधिक फर्जी आदेश जारी होने की आशंका
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने एक दर्जन से अधिक फर्जी आदेश जारी किए हैं। यह गड़बड़ी विशेष रूप से भू-राजस्व संहिता की धारा 165(6) से जुड़े मामलों में की गई, जिनमें जमीन अंतरण की अनुमति दी जाती है। एक फर्जी आदेश के आधार पर रजिस्ट्री भी हो चुकी है, जिसे निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि यह फर्जीवाड़ा कब से चल रहा था और इसमें कितने लोग शामिल हैं। एसपी पुनीत गेहलोद ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ जारी है। मामले में और भी खुलासे होने की संभावना है। प्रशासन सख्त, होगी कड़ी कार्रवाई
कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने कहा कि मामले की जानकारी मिलते ही जांच के आदेश दे दिए गए थे। आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया गया है और सख्त कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर उन्हें पद से पृथक भी किया जाएगा। वहीं, सीएसपी सुमित अग्रवाल के अनुसार, कलेक्टर कार्यालय की नजूल शाखा में विभिन्न प्रकार के आदेश जारी किए जाते हैं, जिनमें कुछ लोगों ने कूटरचना कर अवैध लाभ अर्जित किया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
















































