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‘गिन्नी वेड्स सनी 2’ में हंसी, प्यार और ट्विस्ट:मेधा बोलीं- रिश्ते में साथ होना सबसे खूबसूरत, अविनाश बोले- शादी से जीवन का मकसद मिलता है

‘गिन्नी वेड्स सनी 2’ में हंसी, प्यार और ट्विस्ट:मेधा बोलीं- रिश्ते में साथ होना सबसे खूबसूरत, अविनाश बोले- शादी से जीवन का मकसद मिलता है

बॉलीवुड एक्टर अविनाश तिवारी और एक्ट्रेस मेधा शंकर की फिल्म ‘गिन्नी वेड्स सनी 2’ जल्द रिलीज होगी। यह सिर्फ लव स्टोरी नहीं, बल्कि रिश्तों, परिवार और आज के दौर की उलझनों को हल्के-फुल्के अंदाज में दिखाती है। दैनिक भास्कर से बातचीत में मेधा शंकर ने कहा कि स्क्रिप्ट सुनते ही वह कहानी से जुड़ गईं। गिन्नी का किरदार उन्हें बेहद रिलेटेबल लगा, जिसकी जिंदगी, प्यार और परिवार असली जैसे हैं। अविनाश तिवारी ने कहा कि शुरुआत में वह कंफ्यूज थे, लेकिन कहानी की ताजगी और ह्यूमर ने उन्हें बांध लिया। दोनों का कहना है कि फिल्म में कॉमेडी के साथ मजबूत इमोशन भी हैं, जो दर्शकों को हंसाने के साथ छूएंगे। रिश्तों की सच्चाई, शादी का दबाव और प्यार की उलझनें फिल्म को खास बनाते हैं। अविनाश तिवारी और मेधा शंकर ने पर्सनल लाइफ, रिश्तों और एक-दूसरे की खूबियों-कमियों पर बात की। पेश हैं कुछ खास अंश। सवाल : ‘गिन्नी वेड्स सनी 2’ आपके लिए क्या है? स्क्रिप्ट में ऐसा क्या था, जिससे आपने इसे चुना? जवाब (मेधा शंकर): यह स्क्रिप्ट राइटर और डायरेक्टर प्रशांत वर्मा ने सुनाई थी। मैं बहुत कम बार इतनी जोर से हंसी हूं जितनी इसे सुनते वक्त हंसी। तभी लगा कि यह फिल्म खास है। मुझे गिन्नी का किरदार अपने जैसा लगा। उसकी लव स्टोरी और परिवार बहुत रिलेटेबल हैं। फिल्म का परिवार थोड़ा पागलपन भरा लेकिन असली लगता है। हर किरदार असली है और प्यार की कहानी दिल छूने वाली है। फिल्म में मजा और कॉमेडी है। स्क्रिप्ट सुनकर ही मैं तैयार हो गई थी। सवाल : अविनाश, आपको फिल्म में क्या खास लगा? जवाब (अविनाश तिवारी): जब प्रशांत ने कहानी सुनाई, तो मैं हर 3-4 मिनट में हंस रहा था। सच बताऊं, शुरू में मन था कि फिल्म मना कर दूं, क्योंकि मैं कुछ अलग करना चाहता था। लेकिन जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ी, लगा कि मैं यही तलाश कर रहा था। यह शादी वाली फिल्म है, लेकिन अलग और ताजा तरीके से बनाई गई है। सवाल : कहानी में आपको क्या सबसे ज्यादा रिलेटेबल लगा? जवाब (अविनाश तिवारी): इसमें दो लोगों की कहानी है, जिनकी शादी नहीं हो रही। क्यों नहीं हो रही, यही दिलचस्प है। रिश्ते की उलझनें और परिवार के ताने असली लगते हैं। लगा जैसे मेरे घर के लोग ऐसी बातें करते हैं। रिश्तों की आज की समस्याएं इसमें साफ दिखती हैं। इसलिए लगा कि लोग इस कहानी से जुड़ पाएंगे। सवाल : क्या इस फिल्म ने आपको भावनात्मक रूप से प्रभावित किया? जवाब (अविनाश तिवारी): हां, इस कहानी ने मुझे हंसाया और रुलाया। पहली बार सुनकर सभी भावनाएं महसूस हुईं। बाद में स्क्रिप्ट पढ़ी और पता चला कि गिन्नी के लिए मेधा को लिया जा रहा है, तो यह और खास हो गया। साथ ही निर्माता विनोद बच्चन जुड़े थे, जिनका मैं सम्मान करता हूं। इन वजहों से मैंने फिल्म करने का फैसला किया। सवाल : क्या आपने रिश्ते में कोई मजेदार झूठ बोला है, जिससे बड़ी स्थिति बनी हो? जवाब (मेधा शंकर): नहीं, मैंने झूठ नहीं बोला। लेकिन रिश्तों में उलझनें और हल्का कन्फ्यूजन हुआ है। अविनाश तिवारी: मुझमें इतनी हिम्मत नहीं हुई कि रिश्ते में झूठ बोलूं। लेकिन फिल्म की तरह अलग और जोखिम भरा प्यार खूबसूरत होता है। सवाल: आपको आपका एक्शन अवतार पसंद किया जाता है, क्या इसमें कुछ ऐसा देखने को मिलेगा? जवाब (अविनाश तिवारी): इस फिल्म में भी मैंने एक्शन किया है। लोगों को उठाकर पटका भी है। अब दर्शक देखेंगे कि किसे किसने पटका! सवाल : शादी करने और न करने के तीन-तीन फायदे क्या हैं? जवाब (अविनाश तिवारी): शादी के फायदे हैं कि जीवन में उद्देश्य मिलता है, अनुशासन आता है और जिंदगी साझा करने का मौका मिलता है। न करने के फायदे हैं कि जवाब नहीं देना पड़ता, अपनी मर्जी से जी सकते हैं और कोई टोकने वाला नहीं होता। मेधा शंकर: मेरे लिए शादी और रिश्ता लगभग एक जैसे हैं। सही इंसान के साथ हों, तो जिंदगी में ज्यादा फर्क नहीं पड़ता। सबसे खूबसूरत बात है कि कोई आपकी जिंदगी का गवाह बनता है, खुशियां और तकलीफें साझा होती हैं। सवाल : रिश्ते में किन चीजों का नहीं होना चाहिए? जवाब (अविनाश तिवारी): व्यक्ति को डिफेंसिव नहीं होना चाहिए। गलती बताने पर उसे स्वीकार कर सुधार करना चाहिए। साथ ही वैल्यू सिस्टम मिलना चाहिए और हास्य भाव होना चाहिए। सवाल : आदर्श साथी में कौन-सी खूबियां होनी चाहिए? जवाब (मेधा शंकर): मेरे लिए यह बेसिक चीजें हैं- प्यार, ईमानदारी और वफादारी। कोई ऐसा हो जो जिंदगी समझे, साथ खड़ा रहे और खुशी-दुख का हिस्सा बने। सवाल : रिश्ते से आपकी क्या उम्मीदें हैं? जवाब (अविनाश तिवारी): मुझे साफ नहीं है कि क्या उम्मीद करनी चाहिए। लगता है सच्चा प्यार होगा, तभी मैं सामने वाले को समझूंगा और खुद को बेहतर बना पाऊंगा। सवाल: आप दोनों एक-दूसरे की दो अच्छी बातें और एक कमी बताएं? जवाब (मेधा शंकर): अविनाश समझदार हैं और अच्छी बातें करते हैं। कविता भी अच्छी करते हैं। वह संवेदनशील इंसान हैं। कमी यह है कि कभी-कभी डिफेंसिव हो जाते हैं। अविनाश तिवारी: मेधा मुश्किल समय में भी अपनी कोमलता बनाए रखती हैं। वह अपने विचारों पर मजबूती से खड़ी रहती हैं और जहां जाती हैं, वहां खुशी का माहौल बनाती हैं। जहां तक कमी की बात है, मुझे उनकी कोई कमी नहीं दिखी।

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‘गिन्नी वेड्स सनी 2’ में हंसी, प्यार और ट्विस्ट:मेधा बोलीं- रिश्ते में साथ होना सबसे खूबसूरत, अविनाश बोले- शादी से जीवन का मकसद मिलता है

बॉलीवुड एक्टर अविनाश तिवारी और एक्ट्रेस मेधा शंकर की फिल्म ‘गिन्नी वेड्स सनी 2’ जल्द रिलीज होगी। यह सिर्फ लव स्टोरी नहीं, बल्कि रिश्तों, परिवार और आज के दौर की उलझनों को हल्के-फुल्के अंदाज में दिखाती है। दैनिक भास्कर से बातचीत में मेधा शंकर ने कहा कि स्क्रिप्ट सुनते ही वह कहानी से जुड़ गईं। गिन्नी का किरदार उन्हें बेहद रिलेटेबल लगा, जिसकी जिंदगी, प्यार और परिवार असली जैसे हैं। अविनाश तिवारी ने कहा कि शुरुआत में वह कंफ्यूज थे, लेकिन कहानी की ताजगी और ह्यूमर ने उन्हें बांध लिया। दोनों का कहना है कि फिल्म में कॉमेडी के साथ मजबूत इमोशन भी हैं, जो दर्शकों को हंसाने के साथ छूएंगे। रिश्तों की सच्चाई, शादी का दबाव और प्यार की उलझनें फिल्म को खास बनाते हैं। अविनाश तिवारी और मेधा शंकर ने पर्सनल लाइफ, रिश्तों और एक-दूसरे की खूबियों-कमियों पर बात की। पेश हैं कुछ खास अंश। सवाल : ‘गिन्नी वेड्स सनी 2’ आपके लिए क्या है? स्क्रिप्ट में ऐसा क्या था, जिससे आपने इसे चुना? जवाब (मेधा शंकर): यह स्क्रिप्ट राइटर और डायरेक्टर प्रशांत वर्मा ने सुनाई थी। मैं बहुत कम बार इतनी जोर से हंसी हूं जितनी इसे सुनते वक्त हंसी। तभी लगा कि यह फिल्म खास है। मुझे गिन्नी का किरदार अपने जैसा लगा। उसकी लव स्टोरी और परिवार बहुत रिलेटेबल हैं। फिल्म का परिवार थोड़ा पागलपन भरा लेकिन असली लगता है। हर किरदार असली है और प्यार की कहानी दिल छूने वाली है। फिल्म में मजा और कॉमेडी है। स्क्रिप्ट सुनकर ही मैं तैयार हो गई थी। सवाल : अविनाश, आपको फिल्म में क्या खास लगा? जवाब (अविनाश तिवारी): जब प्रशांत ने कहानी सुनाई, तो मैं हर 3-4 मिनट में हंस रहा था। सच बताऊं, शुरू में मन था कि फिल्म मना कर दूं, क्योंकि मैं कुछ अलग करना चाहता था। लेकिन जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ी, लगा कि मैं यही तलाश कर रहा था। यह शादी वाली फिल्म है, लेकिन अलग और ताजा तरीके से बनाई गई है। सवाल : कहानी में आपको क्या सबसे ज्यादा रिलेटेबल लगा? जवाब (अविनाश तिवारी): इसमें दो लोगों की कहानी है, जिनकी शादी नहीं हो रही। क्यों नहीं हो रही, यही दिलचस्प है। रिश्ते की उलझनें और परिवार के ताने असली लगते हैं। लगा जैसे मेरे घर के लोग ऐसी बातें करते हैं। रिश्तों की आज की समस्याएं इसमें साफ दिखती हैं। इसलिए लगा कि लोग इस कहानी से जुड़ पाएंगे। सवाल : क्या इस फिल्म ने आपको भावनात्मक रूप से प्रभावित किया? जवाब (अविनाश तिवारी): हां, इस कहानी ने मुझे हंसाया और रुलाया। पहली बार सुनकर सभी भावनाएं महसूस हुईं। बाद में स्क्रिप्ट पढ़ी और पता चला कि गिन्नी के लिए मेधा को लिया जा रहा है, तो यह और खास हो गया। साथ ही निर्माता विनोद बच्चन जुड़े थे, जिनका मैं सम्मान करता हूं। इन वजहों से मैंने फिल्म करने का फैसला किया। सवाल : क्या आपने रिश्ते में कोई मजेदार झूठ बोला है, जिससे बड़ी स्थिति बनी हो? जवाब (मेधा शंकर): नहीं, मैंने झूठ नहीं बोला। लेकिन रिश्तों में उलझनें और हल्का कन्फ्यूजन हुआ है। अविनाश तिवारी: मुझमें इतनी हिम्मत नहीं हुई कि रिश्ते में झूठ बोलूं। लेकिन फिल्म की तरह अलग और जोखिम भरा प्यार खूबसूरत होता है। सवाल: आपको आपका एक्शन अवतार पसंद किया जाता है, क्या इसमें कुछ ऐसा देखने को मिलेगा? जवाब (अविनाश तिवारी): इस फिल्म में भी मैंने एक्शन किया है। लोगों को उठाकर पटका भी है। अब दर्शक देखेंगे कि किसे किसने पटका! सवाल : शादी करने और न करने के तीन-तीन फायदे क्या हैं? जवाब (अविनाश तिवारी): शादी के फायदे हैं कि जीवन में उद्देश्य मिलता है, अनुशासन आता है और जिंदगी साझा करने का मौका मिलता है। न करने के फायदे हैं कि जवाब नहीं देना पड़ता, अपनी मर्जी से जी सकते हैं और कोई टोकने वाला नहीं होता। मेधा शंकर: मेरे लिए शादी और रिश्ता लगभग एक जैसे हैं। सही इंसान के साथ हों, तो जिंदगी में ज्यादा फर्क नहीं पड़ता। सबसे खूबसूरत बात है कि कोई आपकी जिंदगी का गवाह बनता है, खुशियां और तकलीफें साझा होती हैं। सवाल : रिश्ते में किन चीजों का नहीं होना चाहिए? जवाब (अविनाश तिवारी): व्यक्ति को डिफेंसिव नहीं होना चाहिए। गलती बताने पर उसे स्वीकार कर सुधार करना चाहिए। साथ ही वैल्यू सिस्टम मिलना चाहिए और हास्य भाव होना चाहिए। सवाल : आदर्श साथी में कौन-सी खूबियां होनी चाहिए? जवाब (मेधा शंकर): मेरे लिए यह बेसिक चीजें हैं- प्यार, ईमानदारी और वफादारी। कोई ऐसा हो जो जिंदगी समझे, साथ खड़ा रहे और खुशी-दुख का हिस्सा बने। सवाल : रिश्ते से आपकी क्या उम्मीदें हैं? जवाब (अविनाश तिवारी): मुझे साफ नहीं है कि क्या उम्मीद करनी चाहिए। लगता है सच्चा प्यार होगा, तभी मैं सामने वाले को समझूंगा और खुद को बेहतर बना पाऊंगा। सवाल: आप दोनों एक-दूसरे की दो अच्छी बातें और एक कमी बताएं? जवाब (मेधा शंकर): अविनाश समझदार हैं और अच्छी बातें करते हैं। कविता भी अच्छी करते हैं। वह संवेदनशील इंसान हैं। कमी यह है कि कभी-कभी डिफेंसिव हो जाते हैं। अविनाश तिवारी: मेधा मुश्किल समय में भी अपनी कोमलता बनाए रखती हैं। वह अपने विचारों पर मजबूती से खड़ी रहती हैं और जहां जाती हैं, वहां खुशी का माहौल बनाती हैं। जहां तक कमी की बात है, मुझे उनकी कोई कमी नहीं दिखी।

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