Friday, 16 Oct 2026 | 10:03 AM

Trending :

भोजशाला विवाद; वसंत पंचमी-जुमे पर टकराव रोकने की मांग:सामाजिक सद्भाव की अपील, दोनों समुदायों के हित में नियम बनाने की बात

भोजशाला विवाद; वसंत पंचमी-जुमे पर टकराव रोकने की मांग:सामाजिक सद्भाव की अपील, दोनों समुदायों के हित में नियम बनाने की बात

धार भोजशाला से जुड़े विवाद में दायर याचिका पर शुक्रवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। आवेदक अंतर सिंह यादव, अनवर हुसैन, मजरुल्ला खान, नंदराम परमार, पुरुषोत्तम हिरवले, रामनारायण धाकड़ और रियाज मोहम्मद खान (सभी निवासी धार) की ओर से वरिष्ठ ए़डवोकेट अशोक चितले ने पक्ष रखा। एडवोकेट चितले ने कोर्ट को बताया कि भोजशाला एक संरक्षित ऐतिहासिक स्मारक है, जिसका धार्मिक उपयोग हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों द्वारा किया जाता रहा है। उन्होंने तर्क दिया कि वसंत पंचमी और शुक्रवार एक ही दिन पड़ने की स्थिति में पूर्व में कई बार तनाव, झड़प और टकराव की स्थिति बनी है। उच्च स्तरीय समिति गठन की मांग याचिकाकर्ताओं की ओर से कोर्ट से मांग की गई कि भविष्य में दोनों समुदायों के बीच टकराव की स्थिति न बने, इसके लिए उच्च स्तरीय समिति/आयोग गठित करने और केंद्र व राज्य शासन को आवश्यक विधायी प्रावधान या नियम बनाने के निर्देश दिए जाएं, ताकि विवाद की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। इस पर कोर्ट ने टिप्पणी की कि यह अलग याचिका है, जिसमें सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की मांग की गई है। कोर्ट ने कहा भारतीय संविधान के तहत हम सभी धर्मों को साथ लेकर चलते हैं। साथ ही मामले में आगे की सुनवाई अगले दिन जारी रखने की बात कही। इंटरविनर पर कोर्ट की टिप्पणी सुनवाई के दौरान एक इंटरविनर द्वारा बहस की अनुमति मांगे जाने पर कोर्ट ने कहा कि कोर्ट ऐसा मंच नहीं है जहां हर कोई अपनी मांग लेकर उपस्थित हो। यदि किसी याचिका में ठोस आधार (सब्सटेंस) नहीं होगा तो उसे नहीं सुना जाएगा। एएसआई को भी पक्ष रखने की अनुमति एएसआई के एडवोकेट सुनील जैन को कोर्ट ने पक्षकार बताते हुए अपनी रिपोर्ट या पक्ष प्रस्तुत करने की अनुमति दी। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि सुनवाई लगातार जारी रखी जाएगी। अंतर सिंह एवं अन्य की ओर से ए़डवोकेट चितले अगली सुनवाई में अपनी दलीलें जारी रखेंगे।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
केन-बेतवा परियोजना का काम दूसरे दिन भी ठप:छतरपुर में आदिवासी-किसानों ने बांध स्थल पर किया प्रदर्शन

April 8, 2026/
2:08 pm

सूखे बुंदेलखंड की प्यास बुझाने के लिए शुरू की गई केन-बेतवा लिंक परियोजना अब बड़े जनविरोध का केंद्र बन गई...

वर्ल्ड अपडेट्स:बांग्लादेश में ट्रम्प नाम के भैंसे की कुर्बानी पर रोक, नेशनल जू भेजा गया

May 28, 2026/
7:39 am

बांग्लादेश में डोनाल्ड ट्रम्प नाम से मशहूर सफेद भैंसे की ईद पर कुर्बानी पर रोक लगा दी गई। इस भैंसे...

फिल्म वाराणसी के मेकर्स की बढ़ीं मुश्किलें:शूटिंग के लिए 150 पानी के टैंकर देने से जल आपूर्ति बोर्ड का इनकार, 18 मई को इस्तेमाल होना था

May 4, 2026/
11:37 am

एसएस राजामौली की मोस्ट अवेटेड फिल्म वाराणसी की शूटिंग में दिक्कतें आ सकती हैं। इस फिल्म की शूटिंग हैदराबाद फिल्मसिटी...

नैंसी ग्रेवाल हत्याकांड में खालिस्तानी कनेक्शन:कनेडियन पुलिस अफसरों ने माना; खालिस्तान समर्थकों का विरोध हो सकता है हत्या का कारण

March 27, 2026/
6:00 am

कनाडा के लासाल में सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर नैंसी ग्रेवाल हत्याकांड में खालिस्तानी कनेक्शन सामने आ रहा है। कनेडियन मीडिया के...

राजनीति

भोजशाला विवाद; वसंत पंचमी-जुमे पर टकराव रोकने की मांग:सामाजिक सद्भाव की अपील, दोनों समुदायों के हित में नियम बनाने की बात

भोजशाला विवाद; वसंत पंचमी-जुमे पर टकराव रोकने की मांग:सामाजिक सद्भाव की अपील, दोनों समुदायों के हित में नियम बनाने की बात

धार भोजशाला से जुड़े विवाद में दायर याचिका पर शुक्रवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। आवेदक अंतर सिंह यादव, अनवर हुसैन, मजरुल्ला खान, नंदराम परमार, पुरुषोत्तम हिरवले, रामनारायण धाकड़ और रियाज मोहम्मद खान (सभी निवासी धार) की ओर से वरिष्ठ ए़डवोकेट अशोक चितले ने पक्ष रखा। एडवोकेट चितले ने कोर्ट को बताया कि भोजशाला एक संरक्षित ऐतिहासिक स्मारक है, जिसका धार्मिक उपयोग हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों द्वारा किया जाता रहा है। उन्होंने तर्क दिया कि वसंत पंचमी और शुक्रवार एक ही दिन पड़ने की स्थिति में पूर्व में कई बार तनाव, झड़प और टकराव की स्थिति बनी है। उच्च स्तरीय समिति गठन की मांग याचिकाकर्ताओं की ओर से कोर्ट से मांग की गई कि भविष्य में दोनों समुदायों के बीच टकराव की स्थिति न बने, इसके लिए उच्च स्तरीय समिति/आयोग गठित करने और केंद्र व राज्य शासन को आवश्यक विधायी प्रावधान या नियम बनाने के निर्देश दिए जाएं, ताकि विवाद की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। इस पर कोर्ट ने टिप्पणी की कि यह अलग याचिका है, जिसमें सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की मांग की गई है। कोर्ट ने कहा भारतीय संविधान के तहत हम सभी धर्मों को साथ लेकर चलते हैं। साथ ही मामले में आगे की सुनवाई अगले दिन जारी रखने की बात कही। इंटरविनर पर कोर्ट की टिप्पणी सुनवाई के दौरान एक इंटरविनर द्वारा बहस की अनुमति मांगे जाने पर कोर्ट ने कहा कि कोर्ट ऐसा मंच नहीं है जहां हर कोई अपनी मांग लेकर उपस्थित हो। यदि किसी याचिका में ठोस आधार (सब्सटेंस) नहीं होगा तो उसे नहीं सुना जाएगा। एएसआई को भी पक्ष रखने की अनुमति एएसआई के एडवोकेट सुनील जैन को कोर्ट ने पक्षकार बताते हुए अपनी रिपोर्ट या पक्ष प्रस्तुत करने की अनुमति दी। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि सुनवाई लगातार जारी रखी जाएगी। अंतर सिंह एवं अन्य की ओर से ए़डवोकेट चितले अगली सुनवाई में अपनी दलीलें जारी रखेंगे।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.