Friday, 05 Jun 2026 | 02:04 PM

Trending :

‘कोई भी स्वतंत्र है…’: तमिलनाडु बीजेपी प्रमुख का कहना है कि अन्नामलाई के जाने से पार्टी पर कोई असर नहीं पड़ेगा | भारत समाचार Shubman has scored 455 runs more than the entire Afghan team; Siraj has taken more than 10 times as many wickets alone. ‘हम एक नया राजनीतिक आंदोलन शुरू करने जा रहे हैं’: बीजेपी से बाहर होने के बाद अन्नामलाई का बड़ा ऐलान | भारत समाचार वर्ल्ड बैंक में भारत के एग्जीक्यूटिव-डायरेक्टर बने इकोनॉमिस्ट नीलकंठ मिश्रा:उनका कार्यकाल 3 साल का होगा, परमेश्वरन अय्यर की जगह लेंगे ट्रम्प बोले- भारत ने दशकों तक अमेरिका का फायदा उठाया:अब हम टैरिफ से खूब कमा रहे, फिर भी डील करेंगे क्योंकि मुझे मोदी पसंद ट्रम्प बोले- भारत ने दशकों तक अमेरिका का फायदा उठाया:अब हम टैरिफ से खूब कमा रहे, फिर भी डील करेंगे क्योंकि मुझे मोदी पसंद
EXCLUSIVE

केंद्र सरकार ने महंगाई भत्ता 2% बढ़ाकर 60% किया:50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनर्स को फायदा होगा

केंद्र सरकार ने महंगाई भत्ता 2% बढ़ाकर 60% किया:50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनर्स को फायदा होगा

सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में 2% की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। सरकार ने DA 58% से बढ़कर 60% किया है। यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 से लागू होगी। इस फैसले से सरकार का सालाना 6,791 करोड़ रुपए का खर्च बढ़ेगा। इससे पहले अक्टूबर में महंगाई भत्ते को 55% से बढ़ाकर 58% किया गया था। पिछला रिविजन 1 जुलाई 2025 से प्रभावी माना गया था, जिसका भुगतान एरियर के साथ किया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शनिवार (18 अप्रैल) को दिल्ली में हुई कैबिनेट बैठक में इसका ऐलान किया गया। इससे लगभग 50.5 लाख कर्मचारियों और 68.3 लाख पेंशनर्स को फायदा होगा। केंद्र सरकार साल में दो बार, जनवरी और जुलाई में महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में बदलाव करती है। इस फैसले से कर्मचारियों की मंथली सैलरी और पेंशनर्स की पेंशन में इजाफा होता है। क्या है DA और यह क्यों जरूरी है? महंगाई भत्ता (DA) सरकारी कर्मचारियों को दिया जाने वाला ‘कॉस्ट-ऑफ-लिविंग’ एडजस्टमेंट है। इसका कैलकुलेशन बेसिक पे के प्रतिशत के रूप में किया जाता है। इसका मुख्य मकसद बढ़ती कीमतों के बीच कर्मचारियों की वास्तविक आय की सुरक्षा करना है, ताकि उनकी सैलरी महंगाई के साथ तालमेल बिठा सके। 8वें वेतन आयोग में बेसिक पे ₹69,000 करने की मांग यह फैसला ऐसे समय आया है, जब कर्मचारी संगठन 8वें वेतन आयोग के तहत सैलरी स्ट्रक्चर में बड़े बदलाव की मांग कर रहे हैं। नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने अपने ज्ञापन में 3.83 के हायर फिटमेंट फैक्टर की मांग की है। अगर यह मांग मानी जाती है, तो न्यूनतम बेसिक पे ₹18,000 से बढ़कर करीब ₹69,000 हो सकती है। संगठन ने सैलरी कैलकुलेशन के लिए परिवार की परिभाषा में आश्रित माता-पिता को शामिल करने और वेतन विसंगतियों को दूर करने का सुझाव भी दिया है। हालांकि आठवें वेतन आयोग के लागू होने की टाइमलाइन का ऐलान अभी तक नहीं हुआ है। कयास लगाए जा रहे हैं कि ये जल्द लागू हो सकता है। लेकिन इसे पूरी तरह इम्प्लीमेंट होने में 2028 तक का इंतजार करना पड़ सकता है। 8वें वेतन आयोग के लागू होने तक DA का क्या होगा? नए वेतन आयोग के लागू होने तक महंगाई भत्ता बेसिक पे के प्रतिशत के रूप में ही कैलकुलेट किया जाता रहेगा। इसे हर छह महीने में जनवरी और जुलाई में संशोधित किया जाता है। यानी, 8वें वेतन आयोग के लागू होने तक महंगाई भत्ता मिलता रहेगा। आयोग आने पर मौजूदा DA को बेसिक पे में मर्ज कर दिया जाएगा। यानी, अभी जो 58% DA मिल रहा है वो जीरो हो जाएगा। सैलरी-पेंशन और अलाउंस रिवाइज होगा 8वें सेंट्रल पे कमीशन का मकसद सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉई की सैलरी, पेंशन और अलाउंस को रिवाइज करना है। इसमें महंगाई, एम्प्लॉई की जरूरतें और गवर्नमेंट की अफोर्डेबिलिटी को ध्यान में रखा जाएगा। केंद्र ने 28 अक्टूबर 2025 को 8वें वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस यानी शर्तों को मंजूरी दी थी। अब कमीशन के गठन के बाद ये अपनी सिफारिशें 18 महीने के अंदर देगा। समझिए 8वें वेतन मान का सैलरी कैलकुलेशन बेसिक सैलरी में कितनी बढ़ोतरी होगी, ये फिटमेंट फैक्टर और DA मर्जर पर निर्भर करता है। 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 था। 8वें में ये 3.83 हो सकता है। हर वेतन आयोग में DA जीरो से शुरू होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि नई बेसिक सैलरी पहले से ही महंगाई को ध्यान में रखकर बढ़ाई जाती है। इसके बाद DA फिर से धीरे-धीरे बढ़ता है। अभी DA बेसिक पे का 60% है। DA के हटने से टोटल सैलरी (बेसिक + DA + HRA) में बढ़ोतरी थोड़ी कम दिख सकती है, क्योंकि 60% DA का हिस्सा हट जाएगा। उदाहरण: मान लीजिए, आप लेवल 6 पर हैं और 7वें वेतन आयोग के हिसाब से आपकी मौजूदा सैलरी है: 8वें वेतन आयोग में अगर फिटमेंट 3.83 लागू होता है, तो नई सैलरी होगी: फिटमेंट फैक्टर क्या है? ये एक मल्टीप्लायर नंबर है, जिसे मौजूदा बेसिक सैलरी से गुणा करके नई बेसिक सैलरी निकाली जाती है। वेतन आयोग इसे महंगाई और लिविंग कॉस्ट को ध्यान में रखकर तय करता है। 8वें वेतन आयोग का फायदा किसे मिलेगा किसे नहीं राज्य अपने अलग पे कमीशन गठित करते हैं, जो संशोधन के बाद केंद्रीय सिफारिशों को अपनाते हैं। वहीं सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के कर्मचारियों को वेतन आयोग का लाभ नहीं मिलता क्योंकि वे भारतीय बैंक संघ (IBA) के साथ द्विपक्षीय समझौतों पर निर्भर रहते हैं। पिछले वेतन आयोग कब बने, कब लागू हुए? कमीशन जब सैलरी-पेंशन की सिफारिशें बनाएगा, तो ये 5 बातें ध्यान में रखेगा… सैलरी सिस्टम, पेंशन जैसे मुद्दों पर विचार करता है कमीशन सेंट्रल पे कमीशन को हर कुछ सालों में बनाया जाता है, ताकि सैलरी सिस्टम, पेंशन जैसे मुद्दों पर विचार किया जा सके। ये कमीशन देखता है कि क्या बदलाव जरूरी हैं और फिर सिफारिशें देता है। आम तौर पर, इन सिफारिशों को हर दस साल बाद लागू किया जाता है। इसी पैटर्न के हिसाब से 8वें सेंट्रल पे कमीशन की सिफारिशें भी जल्द लागू होने की उम्मीद है। आठवां वेतन आयोग जल्द लागू हो सकता है, लेकिन इसे पूरी तरह इम्प्लीमेंट होने में 2028 तक का इंतजार करना पड़ सकता है। यानी, कर्मचारियों को 17-18 महीने का एरियर एकमुश्त या किस्तों में मिलेगा। इससे 50 लाख कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनर्स को फायदा होगा। ये खबर भी पढ़ें… इस हफ्ते सोने-चांदी में बढ़त रही: सोना ₹1,328 बढ़कर ₹1.52 लाख प्रति 10 ग्राम हुआ, चांदी ₹10 हजार महंगी हुई इस हफ्ते सोने-चांदी के दाम में बढ़त रही। सोना 1,328 रुपए बढ़कर 1.52 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। इससे पहले ये बीते हफ्ते यानी 10 अप्रैल, शुक्रवार को 1.50 लाख रुपए पर था। वहीं चांदी 2.40 लाख रुपए किलो से बढ़कर 2.50 लाख रुपए पर पहुंच गई है। यानी इसकी कीमत 10,006 रुपए बढ़ी है। पूरी खबर पढ़ें…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
Pakistan Resumes Alcohol Exports After 50 Years

May 5, 2026/
5:21 pm

इस्लामाबाद4 मिनट पहले कॉपी लिंक कर्ज से जूझ रहे पाकिस्तान ने करीब 50 साल बाद फिर से शराब का एक्सपोर्ट...

भारतीय साड़ी में नजर आईं रिहाना:मुंबई ट्रिप के बाद ग्रीन-पिंक साड़ी और हैवी ज्वेलरी में दिए पोज

April 29, 2026/
7:11 pm

पॉप सिंगर रिहाना ने अपने मुंबई दौरे के बाद भारतीय साड़ी में फोटो शूट कराया है। रिहाना का एक वीडियो...

India Vs Taiwan Stock Market; AI TSMC Share Price

May 26, 2026/
10:32 am

नई दिल्ली30 मिनट पहले कॉपी लिंक ताइवान ने शेयर बाजार की वैल्यू (मार्केट कैप) के मामले में भारत को पीछे...

संवाद कार्यक्रम में विद्यार्थियों को डिग्री और कॅरियर पर दिया मार्गदर्शन

March 27, 2026/
5:47 am

भास्कर संवाददाता | बड़वानी शहर के प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस एसबीएन शासकीय पीजी कॉलेज में स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ...

arw img

April 2, 2026/
7:16 am

X कन्नौज का मशहूर गुलकंद, देसी गुलाब से किया जाता है तैयार; जानें खासियत   Kannauj Traditional Gulkand: कन्नौज अपनी...

क्रिकेट नहीं, आर्मी में जाना चाहते थे साकिब:मां ने गहनें गिरवी रखकर दिलाए थे जूते, IPL में डेब्यू मैच में ही लिए 4 विकेट

April 14, 2026/
11:46 am

गोपालगंज के साकिब हुसैन ने IPL के अपने डेब्यू मैच में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने 4 ओवर में 24...

राजनीति

केंद्र सरकार ने महंगाई भत्ता 2% बढ़ाकर 60% किया:50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनर्स को फायदा होगा

केंद्र सरकार ने महंगाई भत्ता 2% बढ़ाकर 60% किया:50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनर्स को फायदा होगा

सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में 2% की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। सरकार ने DA 58% से बढ़कर 60% किया है। यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 से लागू होगी। इस फैसले से सरकार का सालाना 6,791 करोड़ रुपए का खर्च बढ़ेगा। इससे पहले अक्टूबर में महंगाई भत्ते को 55% से बढ़ाकर 58% किया गया था। पिछला रिविजन 1 जुलाई 2025 से प्रभावी माना गया था, जिसका भुगतान एरियर के साथ किया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शनिवार (18 अप्रैल) को दिल्ली में हुई कैबिनेट बैठक में इसका ऐलान किया गया। इससे लगभग 50.5 लाख कर्मचारियों और 68.3 लाख पेंशनर्स को फायदा होगा। केंद्र सरकार साल में दो बार, जनवरी और जुलाई में महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में बदलाव करती है। इस फैसले से कर्मचारियों की मंथली सैलरी और पेंशनर्स की पेंशन में इजाफा होता है। क्या है DA और यह क्यों जरूरी है? महंगाई भत्ता (DA) सरकारी कर्मचारियों को दिया जाने वाला ‘कॉस्ट-ऑफ-लिविंग’ एडजस्टमेंट है। इसका कैलकुलेशन बेसिक पे के प्रतिशत के रूप में किया जाता है। इसका मुख्य मकसद बढ़ती कीमतों के बीच कर्मचारियों की वास्तविक आय की सुरक्षा करना है, ताकि उनकी सैलरी महंगाई के साथ तालमेल बिठा सके। 8वें वेतन आयोग में बेसिक पे ₹69,000 करने की मांग यह फैसला ऐसे समय आया है, जब कर्मचारी संगठन 8वें वेतन आयोग के तहत सैलरी स्ट्रक्चर में बड़े बदलाव की मांग कर रहे हैं। नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने अपने ज्ञापन में 3.83 के हायर फिटमेंट फैक्टर की मांग की है। अगर यह मांग मानी जाती है, तो न्यूनतम बेसिक पे ₹18,000 से बढ़कर करीब ₹69,000 हो सकती है। संगठन ने सैलरी कैलकुलेशन के लिए परिवार की परिभाषा में आश्रित माता-पिता को शामिल करने और वेतन विसंगतियों को दूर करने का सुझाव भी दिया है। हालांकि आठवें वेतन आयोग के लागू होने की टाइमलाइन का ऐलान अभी तक नहीं हुआ है। कयास लगाए जा रहे हैं कि ये जल्द लागू हो सकता है। लेकिन इसे पूरी तरह इम्प्लीमेंट होने में 2028 तक का इंतजार करना पड़ सकता है। 8वें वेतन आयोग के लागू होने तक DA का क्या होगा? नए वेतन आयोग के लागू होने तक महंगाई भत्ता बेसिक पे के प्रतिशत के रूप में ही कैलकुलेट किया जाता रहेगा। इसे हर छह महीने में जनवरी और जुलाई में संशोधित किया जाता है। यानी, 8वें वेतन आयोग के लागू होने तक महंगाई भत्ता मिलता रहेगा। आयोग आने पर मौजूदा DA को बेसिक पे में मर्ज कर दिया जाएगा। यानी, अभी जो 58% DA मिल रहा है वो जीरो हो जाएगा। सैलरी-पेंशन और अलाउंस रिवाइज होगा 8वें सेंट्रल पे कमीशन का मकसद सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉई की सैलरी, पेंशन और अलाउंस को रिवाइज करना है। इसमें महंगाई, एम्प्लॉई की जरूरतें और गवर्नमेंट की अफोर्डेबिलिटी को ध्यान में रखा जाएगा। केंद्र ने 28 अक्टूबर 2025 को 8वें वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस यानी शर्तों को मंजूरी दी थी। अब कमीशन के गठन के बाद ये अपनी सिफारिशें 18 महीने के अंदर देगा। समझिए 8वें वेतन मान का सैलरी कैलकुलेशन बेसिक सैलरी में कितनी बढ़ोतरी होगी, ये फिटमेंट फैक्टर और DA मर्जर पर निर्भर करता है। 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 था। 8वें में ये 3.83 हो सकता है। हर वेतन आयोग में DA जीरो से शुरू होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि नई बेसिक सैलरी पहले से ही महंगाई को ध्यान में रखकर बढ़ाई जाती है। इसके बाद DA फिर से धीरे-धीरे बढ़ता है। अभी DA बेसिक पे का 60% है। DA के हटने से टोटल सैलरी (बेसिक + DA + HRA) में बढ़ोतरी थोड़ी कम दिख सकती है, क्योंकि 60% DA का हिस्सा हट जाएगा। उदाहरण: मान लीजिए, आप लेवल 6 पर हैं और 7वें वेतन आयोग के हिसाब से आपकी मौजूदा सैलरी है: 8वें वेतन आयोग में अगर फिटमेंट 3.83 लागू होता है, तो नई सैलरी होगी: फिटमेंट फैक्टर क्या है? ये एक मल्टीप्लायर नंबर है, जिसे मौजूदा बेसिक सैलरी से गुणा करके नई बेसिक सैलरी निकाली जाती है। वेतन आयोग इसे महंगाई और लिविंग कॉस्ट को ध्यान में रखकर तय करता है। 8वें वेतन आयोग का फायदा किसे मिलेगा किसे नहीं राज्य अपने अलग पे कमीशन गठित करते हैं, जो संशोधन के बाद केंद्रीय सिफारिशों को अपनाते हैं। वहीं सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के कर्मचारियों को वेतन आयोग का लाभ नहीं मिलता क्योंकि वे भारतीय बैंक संघ (IBA) के साथ द्विपक्षीय समझौतों पर निर्भर रहते हैं। पिछले वेतन आयोग कब बने, कब लागू हुए? कमीशन जब सैलरी-पेंशन की सिफारिशें बनाएगा, तो ये 5 बातें ध्यान में रखेगा… सैलरी सिस्टम, पेंशन जैसे मुद्दों पर विचार करता है कमीशन सेंट्रल पे कमीशन को हर कुछ सालों में बनाया जाता है, ताकि सैलरी सिस्टम, पेंशन जैसे मुद्दों पर विचार किया जा सके। ये कमीशन देखता है कि क्या बदलाव जरूरी हैं और फिर सिफारिशें देता है। आम तौर पर, इन सिफारिशों को हर दस साल बाद लागू किया जाता है। इसी पैटर्न के हिसाब से 8वें सेंट्रल पे कमीशन की सिफारिशें भी जल्द लागू होने की उम्मीद है। आठवां वेतन आयोग जल्द लागू हो सकता है, लेकिन इसे पूरी तरह इम्प्लीमेंट होने में 2028 तक का इंतजार करना पड़ सकता है। यानी, कर्मचारियों को 17-18 महीने का एरियर एकमुश्त या किस्तों में मिलेगा। इससे 50 लाख कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनर्स को फायदा होगा। ये खबर भी पढ़ें… इस हफ्ते सोने-चांदी में बढ़त रही: सोना ₹1,328 बढ़कर ₹1.52 लाख प्रति 10 ग्राम हुआ, चांदी ₹10 हजार महंगी हुई इस हफ्ते सोने-चांदी के दाम में बढ़त रही। सोना 1,328 रुपए बढ़कर 1.52 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। इससे पहले ये बीते हफ्ते यानी 10 अप्रैल, शुक्रवार को 1.50 लाख रुपए पर था। वहीं चांदी 2.40 लाख रुपए किलो से बढ़कर 2.50 लाख रुपए पर पहुंच गई है। यानी इसकी कीमत 10,006 रुपए बढ़ी है। पूरी खबर पढ़ें…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.