Monday, 06 Apr 2026 | 04:53 PM

Trending :

EXCLUSIVE

निवेश का साधन बनी 'टाइमपीस':रखना-छिपाना आसान होने से दुनिया में हर घंटे चोरी हो रही लग्जरी घड़ी, ऑस्ट्रेलिया के कैनबरा में घर से 54 करोड़ की घड़ी चोरी

निवेश का साधन बनी 'टाइमपीस':रखना-छिपाना आसान होने से दुनिया में हर घंटे चोरी हो रही लग्जरी घड़ी, ऑस्ट्रेलिया के कैनबरा में घर से 54 करोड़ की घड़ी चोरी


लग्जरी घड़ियां अब सिर्फ रईसी दिखाने और समय जानने का साधन नहीं रहीं, बल्कि तेजी से उम्दा निवेश बनती जा रही हैं। यही वजह है कि ये अपराधियों के निशाने पर हैं। अंतरराष्ट्रीय वॉच ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म ‘द वॉच रजिस्टर’ की रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में दुनियाभर में 10 हजार से ज्यादा महंगी घड़ियां चोरी या गुम होने के मामले दर्ज हुए। यानी औसतन हर घंटे एक लग्जरी घड़ी गायब हो रही है। आंकड़े दिलचस्प हैं। वैश्विक लग्जरी वॉच मार्केट का आकार 4.5 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच चुका है। पिछले एक दशक में 1.13 लाख से ज्यादा चोरी या लूट की घड़ियां डेटाबेस में दर्ज हई। इनकी अनुमानित कीमत 20,800 करोड़ रुपए आंकी गई है। एक चोरी हुई घड़ी की औसत कीमत 14 लाख रुपए होती है। 2025 में करीब 1,400 गुम घड़ियां ट्रेस करके रिकवर की गई, जो बड़ी सफलता मानी जा रही है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि असली चोरी के मामले इससे कहीं ज्यादा हो सकते हैं. क्योंकि केवल आधे मालिक ही पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हैं। कई लोग अपनी घड़ी का सीरियल नंबर तक रिकॉर्ड में नहीं रखते, जिससे रिकवरी मुश्किल हो जाती है। रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन में महंगी घड़ियां चोरी के आधे से ज्यादा मामले लंदन में दर्ज हुए। जनवरी 2022 से जुलाई 2025 के बीच यहां 5.180 लग्जरी घड़ियां चोरी हई। चलती-फिरती संपत्ति द वॉच रजिस्टर के विशेषज्ञों का कहना है कि छोटी और ऊंची कीमत के कारण लग्जरी घड़ियां ‘चलती-फिरती संपत्ति’ हैं। कुछ पुरानी घड़ियां खरीदने के लिए लोग लाखों डॉलर खर्च देने को तैयार रहते हैं। चोरी गईं घड़ियां 51% रोलेक्स की 2025 में गुम या चोरी हुई घड़ियों में सबसे ज्यादा 51% रोलेक्स थीं। पुरानी घड़ियों के बाजार में भी 44% टाइमपीस इसी ब्रांड की होती हैं। रिचर्ड मिल की घड़ियां सबसे महंगी रिचर्ड मिल की घड़ियां काफी महंगी होती हैं। 2024 में चोरी हुई टॉप-10 घड़ियां इसी ब्रांड की थीं। ऐसी एक घड़ी की औसत कीमत 3.23 करोड़ रुपए है। 2025 में ऑस्ट्रेलिया के कैनबरा में एक घर से 54 करोड़ रुपए की लिमिटेड एडिशन घड़ी चोरी की घटना ने बाजार को चौंका दिया था। आखिर क्यों लग्जरी घड़ियां अपराधियों के निशाने पर हैं? लग्जरी घड़ियों की कीमत तेजी से बढ़ने और निवेश एसेट के रूप में उनकी स्वीकार्यता ने चोरी के मामले बढ़ाए हैं। इन्हें बेचना और छिपाना आसान होता है। सेकंडरी मार्केट और ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म ने भी रीसेल आसान बना दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक 17% मालिक अपनी घड़ी का सीरियल नंबर रिकॉर्ड नहीं रखते और 8% को याद नहीं कि उन्होंने नंबर सुरक्षित रखा या नहीं। इससे चोरी के बाद ट्रैकिंग मुश्किल हो जाती है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
समझाया: बिहार आसान नहीं बंगाल जीतना, 5% वोट रिवर्स से पासा! बीजेपी ने 6 सांसदों-विधायकों को हराया पटखनी

March 30, 2026/
2:38 pm

बिहार में किशोर जीत के बाद बीजेपी का जोश हाई है. बिहार की जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने...

चमकती त्वचा के लिए फेस ब्लीच: केमिकल वाले प्रोडक्ट्स से चेहरे पर लगाया जाता है फायदा? इन 2 एनईईटी से घर पर तैयार करें फेस मास्क; लौट आया खोया नूर

March 7, 2026/
9:32 pm

घर पर फेस ब्लीच कैसे बनाएं: यहां पर साफा और ग्लोइंग बनाने के लिए कई लोग बाजार में मिलने वाले...

परवीन बाबी को सिगरेट पीते देख डायरेक्टर ने फिल्म दी:शाही परिवार से थीं; 3 लिव-इन रिलेशनशिप रहे, अमिताभ बच्चन को मानती थीं हत्यारा

April 4, 2026/
4:30 am

करीब साढ़े 400 साल पहले पश्तून बाबी वंश मुगल शासक हुमायूं के साथ गुजरात पहुंचा। यह अफगानिस्तान का शाही परिवार...

ask search icon

March 21, 2026/
11:32 am

Last Updated:March 21, 2026, 11:32 IST धनिये का पानी सिर्फ स्वादिष्ट नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी बेहद लाभकारी है....

authorimg

February 4, 2026/
5:15 pm

नई दिल्ली. अगर आप दिल्ली मेट्रो में सफर कर रहे हैं और वो भी राजीव चौक मेट्रो स्टेशन पर तो...

हेल्थ & फिटनेस

राजनीति

निवेश का साधन बनी 'टाइमपीस':रखना-छिपाना आसान होने से दुनिया में हर घंटे चोरी हो रही लग्जरी घड़ी, ऑस्ट्रेलिया के कैनबरा में घर से 54 करोड़ की घड़ी चोरी

निवेश का साधन बनी 'टाइमपीस':रखना-छिपाना आसान होने से दुनिया में हर घंटे चोरी हो रही लग्जरी घड़ी, ऑस्ट्रेलिया के कैनबरा में घर से 54 करोड़ की घड़ी चोरी


लग्जरी घड़ियां अब सिर्फ रईसी दिखाने और समय जानने का साधन नहीं रहीं, बल्कि तेजी से उम्दा निवेश बनती जा रही हैं। यही वजह है कि ये अपराधियों के निशाने पर हैं। अंतरराष्ट्रीय वॉच ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म ‘द वॉच रजिस्टर’ की रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में दुनियाभर में 10 हजार से ज्यादा महंगी घड़ियां चोरी या गुम होने के मामले दर्ज हुए। यानी औसतन हर घंटे एक लग्जरी घड़ी गायब हो रही है। आंकड़े दिलचस्प हैं। वैश्विक लग्जरी वॉच मार्केट का आकार 4.5 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच चुका है। पिछले एक दशक में 1.13 लाख से ज्यादा चोरी या लूट की घड़ियां डेटाबेस में दर्ज हई। इनकी अनुमानित कीमत 20,800 करोड़ रुपए आंकी गई है। एक चोरी हुई घड़ी की औसत कीमत 14 लाख रुपए होती है। 2025 में करीब 1,400 गुम घड़ियां ट्रेस करके रिकवर की गई, जो बड़ी सफलता मानी जा रही है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि असली चोरी के मामले इससे कहीं ज्यादा हो सकते हैं. क्योंकि केवल आधे मालिक ही पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हैं। कई लोग अपनी घड़ी का सीरियल नंबर तक रिकॉर्ड में नहीं रखते, जिससे रिकवरी मुश्किल हो जाती है। रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन में महंगी घड़ियां चोरी के आधे से ज्यादा मामले लंदन में दर्ज हुए। जनवरी 2022 से जुलाई 2025 के बीच यहां 5.180 लग्जरी घड़ियां चोरी हई। चलती-फिरती संपत्ति द वॉच रजिस्टर के विशेषज्ञों का कहना है कि छोटी और ऊंची कीमत के कारण लग्जरी घड़ियां ‘चलती-फिरती संपत्ति’ हैं। कुछ पुरानी घड़ियां खरीदने के लिए लोग लाखों डॉलर खर्च देने को तैयार रहते हैं। चोरी गईं घड़ियां 51% रोलेक्स की 2025 में गुम या चोरी हुई घड़ियों में सबसे ज्यादा 51% रोलेक्स थीं। पुरानी घड़ियों के बाजार में भी 44% टाइमपीस इसी ब्रांड की होती हैं। रिचर्ड मिल की घड़ियां सबसे महंगी रिचर्ड मिल की घड़ियां काफी महंगी होती हैं। 2024 में चोरी हुई टॉप-10 घड़ियां इसी ब्रांड की थीं। ऐसी एक घड़ी की औसत कीमत 3.23 करोड़ रुपए है। 2025 में ऑस्ट्रेलिया के कैनबरा में एक घर से 54 करोड़ रुपए की लिमिटेड एडिशन घड़ी चोरी की घटना ने बाजार को चौंका दिया था। आखिर क्यों लग्जरी घड़ियां अपराधियों के निशाने पर हैं? लग्जरी घड़ियों की कीमत तेजी से बढ़ने और निवेश एसेट के रूप में उनकी स्वीकार्यता ने चोरी के मामले बढ़ाए हैं। इन्हें बेचना और छिपाना आसान होता है। सेकंडरी मार्केट और ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म ने भी रीसेल आसान बना दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक 17% मालिक अपनी घड़ी का सीरियल नंबर रिकॉर्ड नहीं रखते और 8% को याद नहीं कि उन्होंने नंबर सुरक्षित रखा या नहीं। इससे चोरी के बाद ट्रैकिंग मुश्किल हो जाती है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.