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निवेश का साधन बनी 'टाइमपीस':रखना-छिपाना आसान होने से दुनिया में हर घंटे चोरी हो रही लग्जरी घड़ी, ऑस्ट्रेलिया के कैनबरा में घर से 54 करोड़ की घड़ी चोरी

निवेश का साधन बनी 'टाइमपीस':रखना-छिपाना आसान होने से दुनिया में हर घंटे चोरी हो रही लग्जरी घड़ी, ऑस्ट्रेलिया के कैनबरा में घर से 54 करोड़ की घड़ी चोरी


लग्जरी घड़ियां अब सिर्फ रईसी दिखाने और समय जानने का साधन नहीं रहीं, बल्कि तेजी से उम्दा निवेश बनती जा रही हैं। यही वजह है कि ये अपराधियों के निशाने पर हैं। अंतरराष्ट्रीय वॉच ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म ‘द वॉच रजिस्टर’ की रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में दुनियाभर में 10 हजार से ज्यादा महंगी घड़ियां चोरी या गुम होने के मामले दर्ज हुए। यानी औसतन हर घंटे एक लग्जरी घड़ी गायब हो रही है। आंकड़े दिलचस्प हैं। वैश्विक लग्जरी वॉच मार्केट का आकार 4.5 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच चुका है। पिछले एक दशक में 1.13 लाख से ज्यादा चोरी या लूट की घड़ियां डेटाबेस में दर्ज हई। इनकी अनुमानित कीमत 20,800 करोड़ रुपए आंकी गई है। एक चोरी हुई घड़ी की औसत कीमत 14 लाख रुपए होती है। 2025 में करीब 1,400 गुम घड़ियां ट्रेस करके रिकवर की गई, जो बड़ी सफलता मानी जा रही है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि असली चोरी के मामले इससे कहीं ज्यादा हो सकते हैं. क्योंकि केवल आधे मालिक ही पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हैं। कई लोग अपनी घड़ी का सीरियल नंबर तक रिकॉर्ड में नहीं रखते, जिससे रिकवरी मुश्किल हो जाती है। रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन में महंगी घड़ियां चोरी के आधे से ज्यादा मामले लंदन में दर्ज हुए। जनवरी 2022 से जुलाई 2025 के बीच यहां 5.180 लग्जरी घड़ियां चोरी हई। चलती-फिरती संपत्ति द वॉच रजिस्टर के विशेषज्ञों का कहना है कि छोटी और ऊंची कीमत के कारण लग्जरी घड़ियां ‘चलती-फिरती संपत्ति’ हैं। कुछ पुरानी घड़ियां खरीदने के लिए लोग लाखों डॉलर खर्च देने को तैयार रहते हैं। चोरी गईं घड़ियां 51% रोलेक्स की 2025 में गुम या चोरी हुई घड़ियों में सबसे ज्यादा 51% रोलेक्स थीं। पुरानी घड़ियों के बाजार में भी 44% टाइमपीस इसी ब्रांड की होती हैं। रिचर्ड मिल की घड़ियां सबसे महंगी रिचर्ड मिल की घड़ियां काफी महंगी होती हैं। 2024 में चोरी हुई टॉप-10 घड़ियां इसी ब्रांड की थीं। ऐसी एक घड़ी की औसत कीमत 3.23 करोड़ रुपए है। 2025 में ऑस्ट्रेलिया के कैनबरा में एक घर से 54 करोड़ रुपए की लिमिटेड एडिशन घड़ी चोरी की घटना ने बाजार को चौंका दिया था। आखिर क्यों लग्जरी घड़ियां अपराधियों के निशाने पर हैं? लग्जरी घड़ियों की कीमत तेजी से बढ़ने और निवेश एसेट के रूप में उनकी स्वीकार्यता ने चोरी के मामले बढ़ाए हैं। इन्हें बेचना और छिपाना आसान होता है। सेकंडरी मार्केट और ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म ने भी रीसेल आसान बना दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक 17% मालिक अपनी घड़ी का सीरियल नंबर रिकॉर्ड नहीं रखते और 8% को याद नहीं कि उन्होंने नंबर सुरक्षित रखा या नहीं। इससे चोरी के बाद ट्रैकिंग मुश्किल हो जाती है।

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