- पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु में चुनावी मोरक्को: पियोव्सोव गोयल
- क़ानून-व्यवस्था पर जनता में आक्रोश: गोयल
- तमिल में स्टालिन सरकार को हटाने का जनता का मन
- पश्चिम बंगाल में भी बदलाव की हवा, विकास की चाह
विधानसभा चुनाव 2026: मध्य वाणिज्य और अप्रैल उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार (20, 2026) को पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में होने वाले चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में पहले चरण के चुनाव के लिए अब सिर्फ तीन दिन आराम किया गया है और दोनों राज्यों में साफ तौर पर मोरोना बादल का नुकसान हुआ है।
उन्होंने कहा कि किके और ममता बनर्जी के असंबद्धता में भारी मात्रा में निर्माण, संस्थागत कानून-व्यवस्था और संस्थागत विफलता के कारण जनता में काफी आक्रोश है। उन्होंने दावा किया कि उनके कट्टरपंथियों, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एंटोनियो नबीन जनता से मजबूत समर्थन मिल रहे हैं, जिनसे उन्हें बहुत उम्मीद है।
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स्टालिन सरकार को उखाड़ फेंकेगी तमिल की जनताः गोयल
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि तमिलनाडु में हवा का रुख बदल गया है। वहां की जनता ने मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन के नेतृत्व वाली कंपनी ने राज्य की सत्ता को समाप्त करने का मन बना लिया है। उन्होंने कहा कि लोग स्टालिन परिवार के विक्टोर से बहुत नाराज हैं। उन्होंने असीमित निर्माण के लिए राज्य को बंधक बना लिया है।
वीडियो | तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल चुनाव के बारे में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल (@पीयूषगोयल) कहते हैं, “हम तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में पहले चरण के चुनाव से तीन दिन दूर हैं, बहुत स्पष्ट रूप से दोनों राज्यों में हवा बदल गई है, बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है… pic.twitter.com/g6AlliX4Qj
– प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (@PTI_News) 20 अप्रैल 2026
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि तमिल में लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति पूरी तरह से खराब हो गई है, नशे की समस्या काफी बढ़ रही है। टेंडर, पोस्टर, पोस्टिंग, गिरफ़्तार, ट्रैक्टर ट्रेक्टर और भूमि आवंटन में, हर जगह अवशेष और विकास रुका हुआ है।
पश्चिम बंगाल को लेकर क्या बोले केंद्रीय मंत्री?
वहीं, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि पश्चिम बंगाल में भी तमिलनाडु प्रशासन पूरी तरह चरमरा गया है। बंगाल के स्थानीय सार्वजनिक अवसरों की कमी से यात्रा जारी है, क्योंकि राज्य में घुसपैठियों का उत्साह बढ़ रहा है। इन मालदीव में दोनों राज्यों में बदलाव की हवा साफ दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों में जनता विकास चाहती है, वैज्ञानिक सरकार और बदलाव चाहती है। इसलिए पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और तमिलनाडु में एआईएडीएमके के नेतृत्व में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) चुनाव में आने वाले बहुमत से जीतेगी।
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