Wednesday, 09 Sep 2026 | 09:16 PM

Trending :

UP Assistant Professor Recruitment 2026 नेहा कक्कड़ ने रियलिटी शोज को बताया गैर-स्क्रिप्टेड:सुनिधि चौहान की ‘फेक’ वाली टिप्पणी के बाद बोलीं- अंगूर जिसको नहीं मिलते, उसको खट्टे लगते हैं नेहा कक्कड़ ने रियलिटी शोज को बताया गैर-स्क्रिप्टेड:सुनिधि चौहान की ‘फेक’ वाली टिप्पणी के बाद बोलीं- अंगूर जिसको नहीं मिलते, उसको खट्टे लगते हैं शिवराजकुमार ने हिंदी को कहा राष्ट्रीय भाषा:विवाद होने पर माफी मांगी, कहा- हिंदी उनकी भाषा, हमारे लिए हमारी भाषा कन्नड़ सबसे जरूरी; जानिए पूरा विवाद Noida SSC Exam Cancelled | Server Technical Glitch Sparks Student Protest लखनऊ के प्रणव को 83 लाख वजीफा, लंदन में पढ़ेंगे:AI और तकनीक नीति में हासिल करेंगे विशेषज्ञता, UCL में लेंगे परास्नातक की डिग्री
EXCLUSIVE

ऑनलाइन गेमिंग के नए नियम 1-मई से लागू होंगे:गेमिंग-सर्टिफिकेट अब 10 साल तक वैलिड रहेगा; बिना पैसे वाले गेम्स को रजिस्ट्रेशन से छूट

ऑनलाइन गेमिंग के नए नियम 1-मई से लागू होंगे:गेमिंग-सर्टिफिकेट अब 10 साल तक वैलिड रहेगा; बिना पैसे वाले गेम्स को रजिस्ट्रेशन से छूट

केंद्र सरकार ने देश में ऑनलाइन गेमिंग को रेगुलेट करने के लिए ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया (OGAI) के गठन का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। यह नई व्यवस्था ऑनलाइन गेमिंग रेगुलेशन एक्ट-2025 के तहत 1 मई से पूरे देश में प्रभावी हो जाएगी। नए नियमों के तहत गेमिंग कंपनियों को बड़ी राहत देते हुए सर्टिफिकेट की वैलिडिटी को दोगुना कर दिया गया है। आईटी सचिव एस. कृष्णन ने बताया कि सरकार ने गेमिंग इंडस्ट्री के लिए लाइट-टच रेगुलेटरी अप्रोच अपनाई है, ताकि स्टार्टअप्स और डेवलपर्स पर बेवजह का बोझ न पड़े। सर्टिफिकेट की वैलिडिटी 5 से बढ़कर 10 साल हुई नए नियमों के तहत सबसे बड़ा बदलाव ऑनलाइन गेम्स के सर्टिफिकेशन को लेकर किया गया है। अब किसी भी गेम को मिलने वाले सर्टिफिकेट की वैलिडिटी 5 साल के बजाय 10 साल होगी। इससे गेम डेवलपर्स को बार-बार रिन्यूअल की प्रोसेस से नहीं गुजरना होगा। सरकार का मानना है कि इससे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा मिलेगा। बिना पैसे वाले गेम्स को रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं आईटी सचिव के मुताबिक, जिन गेम्स में असली पैसों का लेन-देन शामिल नहीं है, उन्हें रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य नहीं होगा। एस. कृष्णन ने कहा कि ज्यादातर नॉन-रियल मनी गेम्स बिना किसी रजिस्ट्रेशन के चल सकते हैं। उनके लिए यह प्रोसेस पूरी तरह ऑप्शनल रखी गई है। हालांकि, जो गेम्स बड़े लेवल पर खेले जाते हैं या जिनमें फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन होते हैं, उन्हें नोटिफाई होने पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। गेम्स का क्लासिफिकेशन तीन तरीके से होगा गेम्स को किस कैटेगरी में रखा जाए, इसके लिए अथॉरिटी ने तीन रास्ते तय किए हैं… किसी भी गेम के क्लासिफिकेशन की प्रोसेस को पूरा करने के लिए 90 दिनों की समय सीमा तय की गई है। अब हर गेम के लिए मैंडेटरी डिटरमिनेशन की जरूरत नहीं होगी। यूजर सेफ्टी के लिए टू-टियर सिस्टम प्रमोशन और रिफंड के नियमों में बदलाव आईटी सचिव ने जानकारी दी कि नई गाइडलाइंस से गेम प्रमोशन से जुड़े प्रावधान हटा दिए गए हैं। अब अलग-अलग मंत्रालय अपनी योजनाओं के हिसाब से प्रमोशन स्कीम डिजाइन कर सकेंगे। मटेरियल चेंज के कॉन्सेप्ट को भी हटा दिया है, ताकि कंपनियों और सरकार के बीच विवाद की स्थिति न बने। रिफंड से जुड़े नियमों को भी हटाया गया है, क्योंकि सरकार का मानना है कि इस समस्या का समाधान पहले ही हो चुका है। 2,500 स्टेकहोल्डर्स से ली गई राय इन नियमों को अंतिम रूप देने से पहले सरकार ने इंडस्ट्री बॉडीज, कानून की जानकारी रखने वाली फर्म्स और एकेडमिक एक्सपर्ट्स सहित करीब 2,500 लोगों से सुझाव लिए थे। स्टेकहोल्डर्स ने गेमिंग की परिभाषा को स्पष्ट करने और अथॉरिटी के स्ट्रक्चर को बेहतर बनाने की सलाह दी थी, जिन्हें नए नोटिफिकेशन में शामिल किया गया है। क्या है ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया? ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया (OGAI) एक छह सदस्यीय टीम होगी। इसमें आईटी मंत्रालय के अलावा गृह मंत्रालय के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। इसका मुख्य काम भारत में चल रहे गेम्स की निगरानी करना, उनके क्लासिफिकेशन को तय करना और यूजर्स की प्राइवेसी व सुरक्षा सुनिश्चित करना है। ये खबर भी पढ़ें… सरकार ने एविएशन फ्यूल में एथेनॉल मिलाने की मंजूरी दी: कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी; गडकरी बोले-100% ब्लेंडिंग का टारगेट सरकार ने एविएशन सेक्टर में प्रदूषण कम करने और महंगे कच्चे तेल के आयात को घटाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) में एथेनॉल ब्लेंडिंग को मंजूरी दे दी है। इसके लिए सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर ATF मार्केटिंग नियमों में बदलाव किया है। इस फैसले से न केवल हवाई यात्रा क्लीन होगी, बल्कि भारत की विदेशी तेल पर निर्भरता भी कम होगी। पूरी खबर पढ़ें…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
Bipasha Basu Body Shaming Controversy

September 6, 2026/
5:00 am

5 मिनट पहले कॉपी लिंक एक्ट्रेस बिपाशा बसु ने हाल ही में बताया कि उनकी बेटी के जन्म के बाद...

शुभमन दूसरी, मंधाना पांचवीं बार क्रिकेटर ऑफ द ईयर बने:पाकिस्‍तान में सरकारी कर्मियों की 30% सैलरी घटेगी, 16 मार्च करेंट अफेयर्स

March 16, 2026/
4:30 am

जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… नेशनल...

Russia, China, N. Korea; Pakistan Missiles to Reach US

March 19, 2026/
12:21 am

वॉशिंगटन डीसी42 मिनट पहले कॉपी लिंक सीनेट इंटेलिजेंस कमेटी की वैश्विक खतरे से संबंधित सुनवाई में तुलसी गबार्ड ने जवाब...

बदमाशों ने सरेआम मारपीट करते हुए चाकू चलाए-VIDEO:पुलिस ने सिखाया सबक, दोनों को कान पकड़कर उसी क्षेत्र में घुमाया

April 9, 2026/
12:24 am

उज्जैन में महाकाल थाना पुलिस ने सरेआम मारपीट करने और चाकू से हमला करने वाले दो बदमाशों को सबक सिखाते...

authorimg

March 24, 2026/
12:06 pm

Dentist Success Story: डेंटिस्ट आमतौर पर अस्पतालों में या अपने क्लिनिकों में बैठते हैं और दांतों की बीमारियों का का...

राजनीति

ऑनलाइन गेमिंग के नए नियम 1-मई से लागू होंगे:गेमिंग-सर्टिफिकेट अब 10 साल तक वैलिड रहेगा; बिना पैसे वाले गेम्स को रजिस्ट्रेशन से छूट

ऑनलाइन गेमिंग के नए नियम 1-मई से लागू होंगे:गेमिंग-सर्टिफिकेट अब 10 साल तक वैलिड रहेगा; बिना पैसे वाले गेम्स को रजिस्ट्रेशन से छूट

केंद्र सरकार ने देश में ऑनलाइन गेमिंग को रेगुलेट करने के लिए ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया (OGAI) के गठन का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। यह नई व्यवस्था ऑनलाइन गेमिंग रेगुलेशन एक्ट-2025 के तहत 1 मई से पूरे देश में प्रभावी हो जाएगी। नए नियमों के तहत गेमिंग कंपनियों को बड़ी राहत देते हुए सर्टिफिकेट की वैलिडिटी को दोगुना कर दिया गया है। आईटी सचिव एस. कृष्णन ने बताया कि सरकार ने गेमिंग इंडस्ट्री के लिए लाइट-टच रेगुलेटरी अप्रोच अपनाई है, ताकि स्टार्टअप्स और डेवलपर्स पर बेवजह का बोझ न पड़े। सर्टिफिकेट की वैलिडिटी 5 से बढ़कर 10 साल हुई नए नियमों के तहत सबसे बड़ा बदलाव ऑनलाइन गेम्स के सर्टिफिकेशन को लेकर किया गया है। अब किसी भी गेम को मिलने वाले सर्टिफिकेट की वैलिडिटी 5 साल के बजाय 10 साल होगी। इससे गेम डेवलपर्स को बार-बार रिन्यूअल की प्रोसेस से नहीं गुजरना होगा। सरकार का मानना है कि इससे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा मिलेगा। बिना पैसे वाले गेम्स को रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं आईटी सचिव के मुताबिक, जिन गेम्स में असली पैसों का लेन-देन शामिल नहीं है, उन्हें रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य नहीं होगा। एस. कृष्णन ने कहा कि ज्यादातर नॉन-रियल मनी गेम्स बिना किसी रजिस्ट्रेशन के चल सकते हैं। उनके लिए यह प्रोसेस पूरी तरह ऑप्शनल रखी गई है। हालांकि, जो गेम्स बड़े लेवल पर खेले जाते हैं या जिनमें फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन होते हैं, उन्हें नोटिफाई होने पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। गेम्स का क्लासिफिकेशन तीन तरीके से होगा गेम्स को किस कैटेगरी में रखा जाए, इसके लिए अथॉरिटी ने तीन रास्ते तय किए हैं… किसी भी गेम के क्लासिफिकेशन की प्रोसेस को पूरा करने के लिए 90 दिनों की समय सीमा तय की गई है। अब हर गेम के लिए मैंडेटरी डिटरमिनेशन की जरूरत नहीं होगी। यूजर सेफ्टी के लिए टू-टियर सिस्टम प्रमोशन और रिफंड के नियमों में बदलाव आईटी सचिव ने जानकारी दी कि नई गाइडलाइंस से गेम प्रमोशन से जुड़े प्रावधान हटा दिए गए हैं। अब अलग-अलग मंत्रालय अपनी योजनाओं के हिसाब से प्रमोशन स्कीम डिजाइन कर सकेंगे। मटेरियल चेंज के कॉन्सेप्ट को भी हटा दिया है, ताकि कंपनियों और सरकार के बीच विवाद की स्थिति न बने। रिफंड से जुड़े नियमों को भी हटाया गया है, क्योंकि सरकार का मानना है कि इस समस्या का समाधान पहले ही हो चुका है। 2,500 स्टेकहोल्डर्स से ली गई राय इन नियमों को अंतिम रूप देने से पहले सरकार ने इंडस्ट्री बॉडीज, कानून की जानकारी रखने वाली फर्म्स और एकेडमिक एक्सपर्ट्स सहित करीब 2,500 लोगों से सुझाव लिए थे। स्टेकहोल्डर्स ने गेमिंग की परिभाषा को स्पष्ट करने और अथॉरिटी के स्ट्रक्चर को बेहतर बनाने की सलाह दी थी, जिन्हें नए नोटिफिकेशन में शामिल किया गया है। क्या है ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया? ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया (OGAI) एक छह सदस्यीय टीम होगी। इसमें आईटी मंत्रालय के अलावा गृह मंत्रालय के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। इसका मुख्य काम भारत में चल रहे गेम्स की निगरानी करना, उनके क्लासिफिकेशन को तय करना और यूजर्स की प्राइवेसी व सुरक्षा सुनिश्चित करना है। ये खबर भी पढ़ें… सरकार ने एविएशन फ्यूल में एथेनॉल मिलाने की मंजूरी दी: कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी; गडकरी बोले-100% ब्लेंडिंग का टारगेट सरकार ने एविएशन सेक्टर में प्रदूषण कम करने और महंगे कच्चे तेल के आयात को घटाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) में एथेनॉल ब्लेंडिंग को मंजूरी दे दी है। इसके लिए सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर ATF मार्केटिंग नियमों में बदलाव किया है। इस फैसले से न केवल हवाई यात्रा क्लीन होगी, बल्कि भारत की विदेशी तेल पर निर्भरता भी कम होगी। पूरी खबर पढ़ें…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.