Sunday, 13 Sep 2026 | 12:23 AM

Trending :

EXCLUSIVE

5000 Indian Workers Get Visas, $20B Investment Expected

5000 Indian Workers Get Visas, $20B Investment Expected

नई दिल्ली23 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

न्यूजीलैंड अगले 15 साल में भारत में ₹1.8 लाख करोड़ का निवेश करेगा।

भारत-न्यूजीलैंड के बीच सोमवार (27 अप्रैल) को फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) साइन हो गया है। मिनिस्टर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के मिनिस्टर ऑफ ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट टॉड मैक्ले की मौजूदगी में यह समझौता हुआ।

अब भारत से न्यूजीलैंड भेजे जाने वाले लेदर प्रोडक्ट्स, टेक्सटाइल, प्लास्टिक और इंजीनियरिंग गुड्स जैसे सामानों पर कोई एक्सपोर्ट ड्यूटी नहीं लगेगी। जिससे इन श्रम-प्रधान क्षेत्रों यानी लेबर इंटेंसिव सेक्टर्स को सीधा लाभ होगा।

एक पीढ़ी में एक बार होने वाला समझौता- न्यूजीलैंड PM

न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने इसे ‘एक पीढ़ी में एक बार होने वाला’ समझौता बताया है। वहीं पीयूष गोयल ने इसे भारत-न्यूजीलैंड आर्थिक संबंधों में ‘नए अध्याय की शुरुआत’ बताया।

पीयूष गोयल ने कहा कि यह FTA ‘विश्वास, साझा मूल्यों और टिकाऊ आर्थिक विकास के साझा विजन’ को दर्शाता है। यह समझौता भारत के लिए ओशिनिया और प्रशांत द्वीपीय बाजारों तक पहुंचने का गेटवे भी बनेगा।

न्यूजीलैंड 15 साल में भारत में ₹1.8 लाख करोड़ का निवेश करेगा

  • एग्रीमेंट का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच बाइलेटरल ट्रेड को दोगुना करना और भारत में बड़े विदेशी निवेश को आकर्षित करना है।
  • एग्रीमेंट के तहत न्यूजीलैंड से अगले 15 साल में भारत में 20 बिलियन डॉलर (करीब ₹1.8 लाख करोड़) का निवेश आने की उम्मीद है।
  • पीयूष गोयल ने कहा कि इस समझौते से भारतीय व्यापारियों, विशेषकर आगरा के लेदर एक्सपोर्टर्स के लिए बड़े अवसर खुलेंगे।

5 हजार भारतीय प्रोफेशनल्स को वर्किंग वीजा मिलेगा

सर्विस सेक्टर में भारत ने IT, शिक्षा, फाइनेंशियल सर्विसेज, कंस्ट्रक्शन और टूरिज्म जैसे हाई-वैल्यू सेक्टरों में बाजार पहुंच हासिल की है। समझौते के तहत AYUSH, योगा इंस्ट्रक्टर्स, इंडियन शेफ और म्यूजिक टीचर्स के लिए भी रास्ते खुलेंगे।

FTA में एक नया टेम्परेरी एम्प्लॉयमेंट एंट्री वीजा का रास्ता बनाया गया है। इसके तहत हर साल 5,000 भारतीय स्किल्ड प्रोफेशनल्स न्यूजीलैंड में 3 साल तक काम कर सकेंगे।

इंजीनियरिंग, हेल्थकेयर और एजुकेशन सेक्टर में खासतौर पर मौके होंगे। इसके अलावा भारतीय वाइन और स्पिरिट्स को भी न्यूजीलैंड के बाजार में ड्यूटी फ्री एक्सेस मिलेगा।

न्यूजीलैंड को कृषि उत्पादों पर रियायत, डेयरी पर छूट नहीं

न्यूजीलैंड को भारतीय बाजार में पहुंच देने के लिए भारत ने अपनी 70% टैरिफ लाइन्स खोल दी हैं। इसमें सेब, कीवीफ्रूट और मणुका शहद जैसे कृषि उत्पादों पर टैरिफ रियायतें दी गई हैं, लेकिन ये कोटा लिमिट और न्यूनतम आयात मूल्य की शर्तों के साथ होंगी।

हालांकि, भारत ने अपने घरेलू हितों की रक्षा के लिए डेयरी उत्पादों (दूध, क्रीम, पनीर आदि), प्याज, दालें, चीनी और आर्म्स-अम्युनिशन जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को रियायतों की लिस्ट से बाहर रखा है।

2010 में शुरू हुई थी चर्चा, 2025 में बात बनी

  • भारत-न्यूजीलैंड के बीच व्यापार समझौते के लिए बातचीत 2010 में शुरू हुई थी। 9 राउंड की चर्चा के बाद 2015 में इसे रोक दिया गया था।
  • फिर मार्च 2025 में इस प्रक्रिया को फिर से शुरू किया गया और 22 दिसंबर 2025 को बातचीत के सफल समापन की घोषणा की गई।
  • इस पैक्ट में कुल 20 चैप्टर हैं, जिनमें गुड्स, सर्विसेज, रूल्स ऑफ ओरिजिन और कस्टम प्रोसेस जैसे अहम मुद्दे शामिल हैं।

वित्त वर्ष-25 में दोनों देशों के बीच व्यापार 1.3 बिलियन डॉलर रहा

वित्त वर्ष 2024-25 में दोनों देशों के बीच व्यापार 1.3 बिलियन डॉलर रहा। इसमें भारत ने 711.1 मिलियन डॉलर का सामान एक्सपोर्ट किया, जबकि न्यूजीलैंड से 587.13 मिलियन डॉलर का इंपोर्ट हुआ।

फिलहाल दोनों देशों के बीच दोतरफा व्यापार करीब 2.4 बिलियन डॉलर का है। आयरन, स्टील और एल्युमीनियम स्क्रैप पर लगने वाले टैरिफ को अगले 10 सालों में धीरे-धीरे खत्म किया जाएगा।

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
अंजीर दूध के फायदे

March 11, 2026/
1:29 pm

अंजीर दूध के फायदे | छवि: फ्रीपिक अंजीर दूध के फायदे: हम विभिन्न प्रकार के रसायनों और सामग्रियों का सहारा...

Kiara Advani Denies Toxic Bold Scenes Rumors

May 5, 2026/
7:41 pm

7 मिनट पहले कॉपी लिंक यश की आने वाली फिल्म ‘टॉक्सिक’ की लीड एक्ट्रेस कियारा आडवाणी ने सोशल मीडिया पर...

Femina Miss India 2026 Saadhvi Satish Sail

April 28, 2026/
6:30 am

1 घंटे पहलेलेखक: वर्षा राय कॉपी लिंक भुवनेश्वर में आयोजित 61वें फेमिना मिस इंडिया 2026 में गोवा की साध्वी सतीश...

अशोकनगर में पेट्रोल पंपों पर अफवाहों से भीड़ उमड़ी:एसोसिएशन ने नागरिकों से जरूरत के हिसाब से ही खरीदने की अपील की

March 27, 2026/
1:37 pm

अशोकनगर में शुक्रवार सुबह से पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ देखी जा रही है। लोग अफवाहों के चलते वाहनों में...

छिंदवाड़ा में लोगों को काटने दौड़ी महिला, पानी देख भागी:3 महीने पहले कुत्ते के काटने पर झाड़-फूंक कराया; अब बिगड़ी हालत

April 23, 2026/
11:20 am

छिंदवाड़ा के तामिया के अतरिया ग्राम टिपाखेड़ा से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

5000 Indian Workers Get Visas, $20B Investment Expected

5000 Indian Workers Get Visas, $20B Investment Expected

नई दिल्ली23 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

न्यूजीलैंड अगले 15 साल में भारत में ₹1.8 लाख करोड़ का निवेश करेगा।

भारत-न्यूजीलैंड के बीच सोमवार (27 अप्रैल) को फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) साइन हो गया है। मिनिस्टर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के मिनिस्टर ऑफ ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट टॉड मैक्ले की मौजूदगी में यह समझौता हुआ।

अब भारत से न्यूजीलैंड भेजे जाने वाले लेदर प्रोडक्ट्स, टेक्सटाइल, प्लास्टिक और इंजीनियरिंग गुड्स जैसे सामानों पर कोई एक्सपोर्ट ड्यूटी नहीं लगेगी। जिससे इन श्रम-प्रधान क्षेत्रों यानी लेबर इंटेंसिव सेक्टर्स को सीधा लाभ होगा।

एक पीढ़ी में एक बार होने वाला समझौता- न्यूजीलैंड PM

न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने इसे ‘एक पीढ़ी में एक बार होने वाला’ समझौता बताया है। वहीं पीयूष गोयल ने इसे भारत-न्यूजीलैंड आर्थिक संबंधों में ‘नए अध्याय की शुरुआत’ बताया।

पीयूष गोयल ने कहा कि यह FTA ‘विश्वास, साझा मूल्यों और टिकाऊ आर्थिक विकास के साझा विजन’ को दर्शाता है। यह समझौता भारत के लिए ओशिनिया और प्रशांत द्वीपीय बाजारों तक पहुंचने का गेटवे भी बनेगा।

न्यूजीलैंड 15 साल में भारत में ₹1.8 लाख करोड़ का निवेश करेगा

  • एग्रीमेंट का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच बाइलेटरल ट्रेड को दोगुना करना और भारत में बड़े विदेशी निवेश को आकर्षित करना है।
  • एग्रीमेंट के तहत न्यूजीलैंड से अगले 15 साल में भारत में 20 बिलियन डॉलर (करीब ₹1.8 लाख करोड़) का निवेश आने की उम्मीद है।
  • पीयूष गोयल ने कहा कि इस समझौते से भारतीय व्यापारियों, विशेषकर आगरा के लेदर एक्सपोर्टर्स के लिए बड़े अवसर खुलेंगे।

5 हजार भारतीय प्रोफेशनल्स को वर्किंग वीजा मिलेगा

सर्विस सेक्टर में भारत ने IT, शिक्षा, फाइनेंशियल सर्विसेज, कंस्ट्रक्शन और टूरिज्म जैसे हाई-वैल्यू सेक्टरों में बाजार पहुंच हासिल की है। समझौते के तहत AYUSH, योगा इंस्ट्रक्टर्स, इंडियन शेफ और म्यूजिक टीचर्स के लिए भी रास्ते खुलेंगे।

FTA में एक नया टेम्परेरी एम्प्लॉयमेंट एंट्री वीजा का रास्ता बनाया गया है। इसके तहत हर साल 5,000 भारतीय स्किल्ड प्रोफेशनल्स न्यूजीलैंड में 3 साल तक काम कर सकेंगे।

इंजीनियरिंग, हेल्थकेयर और एजुकेशन सेक्टर में खासतौर पर मौके होंगे। इसके अलावा भारतीय वाइन और स्पिरिट्स को भी न्यूजीलैंड के बाजार में ड्यूटी फ्री एक्सेस मिलेगा।

न्यूजीलैंड को कृषि उत्पादों पर रियायत, डेयरी पर छूट नहीं

न्यूजीलैंड को भारतीय बाजार में पहुंच देने के लिए भारत ने अपनी 70% टैरिफ लाइन्स खोल दी हैं। इसमें सेब, कीवीफ्रूट और मणुका शहद जैसे कृषि उत्पादों पर टैरिफ रियायतें दी गई हैं, लेकिन ये कोटा लिमिट और न्यूनतम आयात मूल्य की शर्तों के साथ होंगी।

हालांकि, भारत ने अपने घरेलू हितों की रक्षा के लिए डेयरी उत्पादों (दूध, क्रीम, पनीर आदि), प्याज, दालें, चीनी और आर्म्स-अम्युनिशन जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को रियायतों की लिस्ट से बाहर रखा है।

2010 में शुरू हुई थी चर्चा, 2025 में बात बनी

  • भारत-न्यूजीलैंड के बीच व्यापार समझौते के लिए बातचीत 2010 में शुरू हुई थी। 9 राउंड की चर्चा के बाद 2015 में इसे रोक दिया गया था।
  • फिर मार्च 2025 में इस प्रक्रिया को फिर से शुरू किया गया और 22 दिसंबर 2025 को बातचीत के सफल समापन की घोषणा की गई।
  • इस पैक्ट में कुल 20 चैप्टर हैं, जिनमें गुड्स, सर्विसेज, रूल्स ऑफ ओरिजिन और कस्टम प्रोसेस जैसे अहम मुद्दे शामिल हैं।

वित्त वर्ष-25 में दोनों देशों के बीच व्यापार 1.3 बिलियन डॉलर रहा

वित्त वर्ष 2024-25 में दोनों देशों के बीच व्यापार 1.3 बिलियन डॉलर रहा। इसमें भारत ने 711.1 मिलियन डॉलर का सामान एक्सपोर्ट किया, जबकि न्यूजीलैंड से 587.13 मिलियन डॉलर का इंपोर्ट हुआ।

फिलहाल दोनों देशों के बीच दोतरफा व्यापार करीब 2.4 बिलियन डॉलर का है। आयरन, स्टील और एल्युमीनियम स्क्रैप पर लगने वाले टैरिफ को अगले 10 सालों में धीरे-धीरे खत्म किया जाएगा।

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.