डिंडौरी जिले में भीषण गर्मी के शुरू होते ही जंगलों में आग लगने का सिलसिला तेज हो गया है। वन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक फरवरी से अब तक आगजनी की 424 घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे प्रकृति और वन्यजीवों को भारी नुकसान पहुंच रहा है। वन प्रेमी अरविंद बाबा ने बताया कि दक्षिण समनापुर के कन्हारी और जिलंग के जंगलों में पिछले तीन दिनों से आग धधक रही है। उनका आरोप है कि आग की वजह से कीमती औषधीय पौधे और छोटे जानवर जलकर मर रहे हैं। साथ ही, कटे हुए पेड़ों के ठूंठों में आग लगने से हरे-भरे पेड़ भी सूख रहे हैं। वन प्रेमियों का कहना है कि वन विभाग का अमला इस दिशा में उतनी मुस्तैदी नहीं दिखा रहा जितनी जरूरत है। तापमान का असर और विभाग की तैयारी एसडीओ सुरेंद्र जाटव ने बताया कि पारा बढ़ने के साथ ही जंगलों में आग लगने का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने जानकारी दी कि विभाग ने इस पर नजर रखने के लिए कंट्रोल रूम बनाए हैं। वन विभाग की टीमें स्थानीय समितियों के साथ मिलकर सूचना मिलते ही आग बुझाने का काम कर रही हैं। जनता से सहयोग की अपील वन अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे जंगल में कहीं भी आग लगते देखें, तो तुरंत कंट्रोल रूम को खबर करें। विभाग का कहना है कि जनता के सहयोग से ही इस प्राकृतिक संपदा को बचाया जा सकता है।














































