दुनिया में हर रोज 89 नए अल्ट्रा-रिच बन रहे हैं। दिलचस्प है कि ये लोग मुंबई, लंदन या न्यूयॉर्क के बजाय ऐसी जगहों पर पैसा लगा रहे हैं जो नक्शे पर शायद ढूंढनी पड़ें। न्यूजीलैंड की पहाड़ियों में डेलफील्ड, फ्रेंच आल्प्स का सेंट-मार्टिन या इटली में रोम का विया वेनेटो आज दुनिया के नए लग्जरी प्रॉपर्टी हॉटस्पॉट हैं। नाइट फ्रैंक की वेल्थ रिपोर्ट, 2026 एक बड़े बदलाव को रेखांकित करती है। लग्जरी की परिभाषा बदल रही है। अमीर अब चीजें इकट्ठा करने की जगह अनुभव, वेलनेस और खास जीवनशैली पर खर्च कर रहे हैं। इसीलिए जिन जगहों पर सप्लाई सीमित है, नजारा अनमोल है और भीड़ से दूरी है, वहीं कीमतें सबसे तेजी से बढ़ रही हैं। रिपोर्ट इसे ‘अल्ट्रा-प्राइम माइक्रो-मार्केट’ का उदय बता रही है। ये ऐसे छोटे, एक्सक्लूसिव ठिकाने हैं, जहां वैश्विक पूंजी तेजी से आ रही है। कम टैक्स वाले हब जैसे दुबई और मियामी, अल्पाइन रिजॉर्ट, विनयार्ड एस्टेट और तटीय एकांत नए ‘सेफ हेवन’ बन रहे हैं। इन छिपी जगहों पर जा रहा दुनियाभर के अमीरों का पैसा
विया वेनेटो, रोम (इटली)
ऐतिहासिक पुनरुत्थान- न्यूनतम निवेश -11 करोड़
मुख्य रूप से अमेरिकी, पोलिश निवेशक, दूतावास क्षेत्र की मांग जिल्बरक्यूस्ते, ज्यूरिख (स्विट्जरलैंड)
झील के आसपास के नजारे, शांत माहौल- न्यूनतम निवेश -18 करोड़
दुनियाभर के अमीरों की पसंद, पर स्विस रेजीडेंसी अनिवार्य सेंट-मार्टिन-दे-बेलविल, आल्प्स (फ्रांस)
अल्पाइन लग्जरी – न्यूनतम निवेश -10 करोड़
स्की एरिया; व्यावसायिक रिजॉर्ट से दूर, शांत और परिष्कृत डेलफील्ड, क्वीन्सटाउन (न्यूजीलैंड)
एकांत+सुरक्षा- पहाड, झील, न्यूनतम निवेश – 28 करोड़
टेक अरबपति, वैश्विक धनाढ्य, सप्लाई बेहद सीमित















































