पंजाब के 6 राज्यसभा सांसदों के पार्टी छोड़ने के बाद AAP में विधायकों की टूट बचाने के लिए प्रदेश प्रभारी मनीष सिसोदिया जालंधर में मीटिंग बुलाई है। यह मीटिंग 1000 ब्लॉक ऑब्जर्वरों के साथ बताई जा रही है लेकिन इसमें विधायक भी पहुंच रहे हैं। पहले मीटिंग की जगह जालंधर में CM निवास रखी गई थी लेकिन अब इसे बदलकर शाहपुर सिटी कैंपस कर दिया गया है। यह कैंपस शहर से बाहर है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक 12 बजे शुरू होने वाली इस मीटिंग में नरेश कटारिया, जीवनजोत कौर, इंद्रजीत निज्जर समेत 25 MLA पहुंच चुके हैं। ऑब्जर्वर भी मीटिंग में पहुंच रहे हैं। इस दौरान विधायकों और ऑब्जर्वरों के साथ कैंपस के ग्राउंड में ग्रुप फोटो भी कराई जाएगी। इससे पहले कल (28 अप्रैल) को सोशल मीडिया (X) पोस्ट में सिसोदिया ने दावा किया था कि यह मीटिंग सिर्फ ऑब्जर्वरों के साथ है। इसमें विधायकों की इमरजेंसी मीटिंग जैसी कोई बात नहीं है। मनीष सिसोदिया ने X पोस्ट में कहा था- पार्टी के 1000 ब्लॉक ऑब्जर्वर्स की बैठक बुलाई गई है। इसे गलत तरीके से ‘विधायकों की आपात बैठक’ बताया जा रहा हैं। यह एक नियमित संगठनात्मक बैठक है, जो पार्टी की रूटीन संगठनात्मक प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसमें हर ब्लॉक के संगठन की स्थिति, जमीनी फीडबैक और आगे की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा होती है। पंजाब में AAP में टूट की चर्चा क्यों? क्या वाकई विधायक AAP छोड़ सकते हैं?















































