Saturday, 12 Sep 2026 | 08:02 PM

Trending :

EXCLUSIVE

US-Israel Accused of Cloud Theft in Middle East; Drought Ends

US-Israel Accused of Cloud Theft in Middle East; Drought Ends

30 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

ईरान युद्ध के बीच इराकी सांसद अब्दुल्ला अल-खैखानी ने अमेरिका और इजराइल पर मिडिल ईस्ट में बादल चुराने का आरोप लगाया है।

अब्दुल्ला अल-खैखानी ने एक इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका और इजराइल कई सालों से विमानों की मदद से मिडिल ईस्ट में बादलों को चुराते रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसी कारण क्षेत्र में लंबे समय से सूखा पड़ रहा था।

सांसद ने दावा किया कि अब अमेरिका और इजराइल ईरान के साथ युद्ध में मसरूफ हैं, इसलिए बारिश फिर से लौट आई है।

बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस दावे को लेकर चर्चाएं और अफवाहें तेज हो गईं। मौसम विशेषज्ञों ने कहा कि ऐसी कोई तकनीक मौजूद नहीं है, जिससे बादलों की चोरी की जा सके।

इराक मौसम विभाग के प्रवक्ता अम्र अल-जबीरी ने इस दावे को न वैज्ञानिक बताया और न ही तार्किक। उन्होंने कहा कि पिछले साल सितंबर में ही अनुमान लगा लिया गया था कि 2026 इराक के लिए बारिश वाला साल रहेगा। विशेषज्ञों ने मौसम से जुड़े झूठे दावों और साजिश की थ्योरी से बचने की अपील की है।

इराकी सासंद ने आरोप लगाया कि अमेरिकी विमान क्षेत्र में बादलों को तोड़ते है जिसके कारण यहां सूखा पड़ता है।

इराकी सासंद ने आरोप लगाया कि अमेरिकी विमान क्षेत्र में बादलों को तोड़ते है जिसके कारण यहां सूखा पड़ता है।

वायुमंडल में बदलाव कर सूखा पैदा करने का आरोप

BBC की रिपोर्ट के मुताबिक, खैखानी ने दावा किया कि “एटमॉस्फेरिक मॉडिफिकेशन वेपन” यानी ऐसे किसी हथियार का इस्तेमाल किया गया जिससे वायुमंडल में बदलाव कर जानबूझकर सूखा पैदा किया गया।

इसी बीच, तुर्किये में भारी बारिश को भी कुछ लोग इसी साजिश से जोड़ रहे हैं। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा गया कि युद्ध के कारण अमेरिकी विमान तुर्किये के एयरस्पेस में नहीं जा पा रहे, इसलिए वहां लगातार बारिश हो रही है। यह पोस्ट एक मिलियन से ज्यादा बार देखा गया।

कुछ यूजर्स ने यह भी दावा किया कि ईरान में दशकों से चल रहा सूखा, अमेरिका के ठिकानों पर हमले के पांच दिन के भीतर खत्म हो गया।

एक्सपर्ट्स- मौसम को नियंत्रित करने वाली तकनीक मौजूद नहीं

एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसे दावे भरोसे की कमी और जलवायु की समझ की कमी से पैदा होते हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि मौसम की दिशा या तीव्रता को सीधे नियंत्रित करने वाली कोई तकनीक मौजूद नहीं है। इसके उलट, मिडिल ईस्ट में बढ़ते चरम मौसम के पीछे जलवायु परिवर्तन को जिम्मेदार बताया जा रहा है।

संयुक्त राष्ट्र यूनिवर्सिटी के कावेह मदानी के मुताबिक, क्लाउड सीडिंग को राजनीतिक हथियार की तरह पेश किया जा रहा है। क्लाउड सीडिंग में बादलों पर छोटे कैमिकल (जैसे सिल्वर आयोडाइड) कण डाले जाते हैं, ताकि बारिश हो सके।

हालांकि वैज्ञानिक कहते हैं कि इसका असर बहुत सीमित होता है। यह मौजूदा बादलों से अधिकतम 15% तक ही बारिश बढ़ा सकता है। कुछ लोग मानते हैं कि एक जगह क्लाउड सीडिंग करने से पड़ोसी इलाकों से बारिश छीन ली जाती है।

खलीफा यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर डायना फ्रांसिस के मुताबिक, इसे ऐसे समझिए कि यह बादलों को हल्का सा धक्का देता है, मौसम को कंट्रोल नहीं करता।

इस क्षेत्र में बारिश का पैटर्न अनियमित

विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) के मुताबिक, हाल के दशकों में इस क्षेत्र का तापमान वैश्विक औसत से दोगुनी दर से बढ़ा है। इससे हीटवेव लंबी और ज्यादा तीव्र हो रही हैं और बारिश का पैटर्न भी अनियमित हो गया है।

कुल बारिश कम हो रही है, लेकिन जब होती है तो बहुत तेज होती है, जिससे फ्लैश फ्लड या सूखे का खतरा बढ़ता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे पानी को लेकर लोगों की चिंता बढ़ती है, जिससे इस तरह की अफवाहें तेजी से फैलती हैं।

—————————–

ये खबर भी पढ़ें…

इजराइल में नेतन्याहू को हटाने एकजुट हुए दो पूर्व प्रधानमंत्री:अपनी पार्टी का विलय करेंगे, 2021 में बेनेट-लैपिड ने मिलकर बेंजामिन को हराया था

इजराइल में दो पूर्व प्रधानमंत्रियों नफ्ताली बेनेट और येर लैपिड ने मौजूदा पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ एक साथ चुनाव लड़ने का फैसला किया है। उनका मकसद लंबे समय से सत्ता में रहे नेतन्याहू को हटाना है।

दोनों पहले भी 2021 में साथ आए थे और उन्होंने अलग-अलग विचारधाराओं वाली पार्टियों को जोड़कर 12 साल से चली आ रही नेतन्याहू की सत्ता गिरा दी थी। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
भोपाल में घरेलू सिलेंडरों की किल्लत दूर करने बिछेगी लाइन:170 कॉलोनियों में कैंप लगाकर दिए जाएंगे PNG कनेक्शन

April 16, 2026/
12:02 am

भोपाल शहर में एलपीजी की नियमित सप्लाई प्रभावित होने के बीच सरकार ने पाइप्ड नैचुरल गैस (पीएनजी) पर फोकस बढ़ा...

Lockie Ferguson was the star for New Zealand in the third T20I

March 22, 2026/
9:22 pm

आखरी अपडेट:22 मार्च, 2026, 21:22 IST ओवैसी ने कहा कि एआईएमआईएम हुमायूं कबीर के नेतृत्व वाली आम जनता उन्नयन पार्टी...

थाने पहुंची हरियाणवी कलाकारों की कन्ट्रोवर्सी:'जीजा जी' सॉन्ग पर विवाद, सिंगर मीता बोले-बिग बॉस ऑफर के लिए कर रही; सोनिका ने गंदा आदमी बताया

February 19, 2026/
5:00 am

हरियाणवी सिंगर अमित खासा उर्फ मीता बरोदा और मॉडल सोनिका सिंह का विवाद अब थाने तक पहुंच गया है। सोनिका...

वॉकिंग क्रिकेट, खिलाड़ियों को मिल रहा ‘बैजबॉल’ का मजा:ब्रिटेन में 87 की उम्र तक के लोग खेल रहे; बैटर आउट होने के बाद भी खेलता रहता है, आधा रन लेने की छूट

February 26, 2026/
1:18 pm

इंग्लैंड के दिग्गज तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन ने एक बार ‘बैजबॉल’ को परिभाषित करते हुए कहा था कि यह खेल...

RBSE Rajasthan Board Shala Darpan 5th, 8th Result 2026 at rajshaladarpan.nic.in.

March 24, 2026/
2:58 pm

आखरी अपडेट:24 मार्च, 2026, 14:58 IST चालू वित्तीय वर्ष में यह दूसरी बार है जब कर्नाटक कांग्रेस के नेतृत्व वाली...

एसएफयू एआई: सिलिकॉन वैली में बना क्रिकेट का एडवांस AI-टूल:आईपीएल में रोहित और गिल वहीं कैच हुए जहां इस मॉडल ने बताया

June 28, 2026/
3:15 pm

क्रिकेट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) अब सिर्फ आंकड़ों का विश्लेषण करने तक सीमित नहीं है, बल्कि टीम चयन, मैच रणनीति...

चांदी आज ₹2,924 सस्ती, ₹2.19 लाख पर आई:सोना ₹1,848 गिरकर ₹1.42 लाख पर आया; चांदी ऑल टाइम हाई से ₹1.67 लाख सस्ती हुई

July 24, 2026/
1:00 pm

सोने-चांदी की कीमतों में आज यानी 24 जुलाई को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक...

गुरुग्राम में योग दिवस पर ग्लैमर का तड़का:एक्ट्रेस शिल्पा शेट्‌टी और एलनाज नौरोजी ने कराया योग, खेलमंत्री गौरव गौतम सरकारी कार्यक्रम में पहुंचे

June 21, 2026/
9:59 am

गुरुग्राम में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर योग और बॉलीवुड ग्लैमर का संगम देखने को मिला। मशहूर फिटनेस आइकन एवं बॉलीवुड...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

US-Israel Accused of Cloud Theft in Middle East; Drought Ends

US-Israel Accused of Cloud Theft in Middle East; Drought Ends

30 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

ईरान युद्ध के बीच इराकी सांसद अब्दुल्ला अल-खैखानी ने अमेरिका और इजराइल पर मिडिल ईस्ट में बादल चुराने का आरोप लगाया है।

अब्दुल्ला अल-खैखानी ने एक इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका और इजराइल कई सालों से विमानों की मदद से मिडिल ईस्ट में बादलों को चुराते रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसी कारण क्षेत्र में लंबे समय से सूखा पड़ रहा था।

सांसद ने दावा किया कि अब अमेरिका और इजराइल ईरान के साथ युद्ध में मसरूफ हैं, इसलिए बारिश फिर से लौट आई है।

बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस दावे को लेकर चर्चाएं और अफवाहें तेज हो गईं। मौसम विशेषज्ञों ने कहा कि ऐसी कोई तकनीक मौजूद नहीं है, जिससे बादलों की चोरी की जा सके।

इराक मौसम विभाग के प्रवक्ता अम्र अल-जबीरी ने इस दावे को न वैज्ञानिक बताया और न ही तार्किक। उन्होंने कहा कि पिछले साल सितंबर में ही अनुमान लगा लिया गया था कि 2026 इराक के लिए बारिश वाला साल रहेगा। विशेषज्ञों ने मौसम से जुड़े झूठे दावों और साजिश की थ्योरी से बचने की अपील की है।

इराकी सासंद ने आरोप लगाया कि अमेरिकी विमान क्षेत्र में बादलों को तोड़ते है जिसके कारण यहां सूखा पड़ता है।

इराकी सासंद ने आरोप लगाया कि अमेरिकी विमान क्षेत्र में बादलों को तोड़ते है जिसके कारण यहां सूखा पड़ता है।

वायुमंडल में बदलाव कर सूखा पैदा करने का आरोप

BBC की रिपोर्ट के मुताबिक, खैखानी ने दावा किया कि “एटमॉस्फेरिक मॉडिफिकेशन वेपन” यानी ऐसे किसी हथियार का इस्तेमाल किया गया जिससे वायुमंडल में बदलाव कर जानबूझकर सूखा पैदा किया गया।

इसी बीच, तुर्किये में भारी बारिश को भी कुछ लोग इसी साजिश से जोड़ रहे हैं। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा गया कि युद्ध के कारण अमेरिकी विमान तुर्किये के एयरस्पेस में नहीं जा पा रहे, इसलिए वहां लगातार बारिश हो रही है। यह पोस्ट एक मिलियन से ज्यादा बार देखा गया।

कुछ यूजर्स ने यह भी दावा किया कि ईरान में दशकों से चल रहा सूखा, अमेरिका के ठिकानों पर हमले के पांच दिन के भीतर खत्म हो गया।

एक्सपर्ट्स- मौसम को नियंत्रित करने वाली तकनीक मौजूद नहीं

एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसे दावे भरोसे की कमी और जलवायु की समझ की कमी से पैदा होते हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि मौसम की दिशा या तीव्रता को सीधे नियंत्रित करने वाली कोई तकनीक मौजूद नहीं है। इसके उलट, मिडिल ईस्ट में बढ़ते चरम मौसम के पीछे जलवायु परिवर्तन को जिम्मेदार बताया जा रहा है।

संयुक्त राष्ट्र यूनिवर्सिटी के कावेह मदानी के मुताबिक, क्लाउड सीडिंग को राजनीतिक हथियार की तरह पेश किया जा रहा है। क्लाउड सीडिंग में बादलों पर छोटे कैमिकल (जैसे सिल्वर आयोडाइड) कण डाले जाते हैं, ताकि बारिश हो सके।

हालांकि वैज्ञानिक कहते हैं कि इसका असर बहुत सीमित होता है। यह मौजूदा बादलों से अधिकतम 15% तक ही बारिश बढ़ा सकता है। कुछ लोग मानते हैं कि एक जगह क्लाउड सीडिंग करने से पड़ोसी इलाकों से बारिश छीन ली जाती है।

खलीफा यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर डायना फ्रांसिस के मुताबिक, इसे ऐसे समझिए कि यह बादलों को हल्का सा धक्का देता है, मौसम को कंट्रोल नहीं करता।

इस क्षेत्र में बारिश का पैटर्न अनियमित

विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) के मुताबिक, हाल के दशकों में इस क्षेत्र का तापमान वैश्विक औसत से दोगुनी दर से बढ़ा है। इससे हीटवेव लंबी और ज्यादा तीव्र हो रही हैं और बारिश का पैटर्न भी अनियमित हो गया है।

कुल बारिश कम हो रही है, लेकिन जब होती है तो बहुत तेज होती है, जिससे फ्लैश फ्लड या सूखे का खतरा बढ़ता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे पानी को लेकर लोगों की चिंता बढ़ती है, जिससे इस तरह की अफवाहें तेजी से फैलती हैं।

—————————–

ये खबर भी पढ़ें…

इजराइल में नेतन्याहू को हटाने एकजुट हुए दो पूर्व प्रधानमंत्री:अपनी पार्टी का विलय करेंगे, 2021 में बेनेट-लैपिड ने मिलकर बेंजामिन को हराया था

इजराइल में दो पूर्व प्रधानमंत्रियों नफ्ताली बेनेट और येर लैपिड ने मौजूदा पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ एक साथ चुनाव लड़ने का फैसला किया है। उनका मकसद लंबे समय से सत्ता में रहे नेतन्याहू को हटाना है।

दोनों पहले भी 2021 में साथ आए थे और उन्होंने अलग-अलग विचारधाराओं वाली पार्टियों को जोड़कर 12 साल से चली आ रही नेतन्याहू की सत्ता गिरा दी थी। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.