बड़वानी जिले के अंजड़ नगर के वार्ड क्रमांक 7, 8, 9, 14 और 15 में पिछले कई महीनों से नलों के माध्यम से दूषित और बदबूदार पानी की आपूर्ति हो रही है। इस समस्या के कारण करीब 8 हजार रहवासियों के बीच डायरिया, टाइफाइड और हेपेटाइटिस जैसी जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि कई बार नर्मदा पाइपलाइन से स्वच्छ पेयजल की मांग की है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ। वार्डों में भेदभाव और उपेक्षा का आरोप नगर परिषद उपाध्यक्ष प्रतिनिधि सूरजमल पिपल्या ने परिषद अध्यक्ष मांगीलाल मुकाती पर भेदभाव करने के आरोप लगाए हैं। पिपल्या के अनुसार, नगर के कुछ वार्डों को जानबूझकर उपेक्षित रखा जा रहा है और वहां के नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। उन्होंने पूरी जिम्मेदारी नगर परिषद की बताते हुए भेदभाव खत्म करने की मांग की है। अध्यक्ष ने दूषित जल की खबरों को बताया अफवाह नगर परिषद अध्यक्ष मांगीलाल मुकाती ने सभी आरोपों को गलत और अफवाह बताया। मुकाती का दावा है कि वार्ड नंबर 7 और 8 में पीने के लिए अलग से पानी भिजवाया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अन्य दैनिक कार्यों के लिए कुएं और बावड़ी का पानी दिया जा रहा है, जबकि पीने के लिए केवल नर्मदा का जल ही उपलब्ध कराया जा रहा है। पाइपलाइन में टूट-फूट से जल वितरण प्रभावित अध्यक्ष मुकाती ने बताया कि गर्मी के मौसम के कारण पाइपलाइन कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे जल वितरण में तकनीकी समस्याएं आ रही हैं। उन्होंने कहा कि सप्लाई में देरी हो सकती है, लेकिन पानी नर्मदा का ही दिया जा रहा है। उनके अनुसार, कुछ लोग क्षेत्र में गलत जानकारी फैलाकर भ्रम की स्थिति पैदा कर रहे हैं। बावड़ी और कुओं की सफाई न होने से आक्रोश वार्ड 8 के रहवासियों का आरोप है कि उन्हें जो पानी मिल रहा है वह वर्षों से साफ न की गई बावड़ियों और कुओं का है। जमीनी तस्वीरों में भी इन जल स्रोतों में गंदगी नजर आ रही है। नागरिकों ने मांग की है कि नर्मदा की स्थायी पाइपलाइन से नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और पुराने जल स्रोतों की तत्काल सफाई कराई जाए।














































