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Hajj 2026 Expensive! MP Pilgrims Protest 10k Surcharge

Hajj 2026 Expensive! MP Pilgrims Protest 10k Surcharge

मध्य पूर्व में जारी संकट के चलते हज 2026 की यात्रा महंगी हो गई है, लेकिन अब इस अतिरिक्त आर्थिक बोझ को लेकर विरोध भी सामने आने लगा है। हज कमेटी ऑफ इंडिया के निर्देश के अनुसार सभी यात्रियों को हवाई किराए के अंतर के रूप में 15 मई 2026 तक 10 हजार रुपए अत

.

मध्यप्रदेश सर्वधर्म सद्भावना मंच के सचिव हाजी मोहम्मद इमरान हारून ने इसे अनुचित बताते हुए कहा कि हज यात्रियों पर अचानक 10 हजार रुपए का अतिरिक्त बोझ डालना गलत है। उन्होंने कहा कि कई जायरीन पहले ही लाखों रुपए जमा कर हज यात्रा पर जा चुके हैं, ऐसे में अब नया सर्कुलर जारी कर अतिरिक्त राशि मांगना उन्हें आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान कर रहा है।

इमरान हारून ने कहा कि मिडिल ईस्ट के हालातों का हवाला देकर यह राशि वसूली जा रही है, लेकिन जब यात्रा का पूरा खर्च पहले ही तय हो चुका था, तो ऐन वक्त पर इस तरह का निर्णय लेना सरासर नाइंसाफी है। उन्होंने केंद्रीय हज कमेटी से यह फैसला तुरंत वापस लेने की मांग की है।

विदेश में फंसे जायरीन के लिए बढ़ी कशमकश इस निर्णय का सबसे ज्यादा असर उन हाजियों पर पड़ रहा है, जो पहले ही सऊदी अरब पहुंच चुके हैं। उनके सामने विदेश से ऑनलाइन भुगतान करने की चुनौती खड़ी हो गई है। कई यात्रियों के पास अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग सुविधाएं सक्रिय नहीं हैं, वहीं सीमित समय में भुगतान करना भी उनके लिए मुश्किल बन गया है। ऐसे में वे परिजनों पर निर्भर हो रहे हैं, जिससे उनकी चिंता और बढ़ गई है।

एयरफेयर बढ़ने से लिया गया फैसला हज कमेटी के अनुसार, मध्य पूर्व संकट के कारण एविएशन टर्बाइन फ्यूल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है, जिससे एयरलाइंस ने बेस किराए में 400 डॉलर से अधिक वृद्धि की मांग की थी। इसी के चलते प्रति यात्री 100 अमेरिकी डॉलर अतिरिक्त लेने का निर्णय लिया गया है। हालांकि, इस फैसले ने हज यात्रियों के बीच असंतोष पैदा कर दिया है और अब यह मुद्दा तूल पकड़ता नजर आ रहा है।

ऑनलाइन-ऑफलाइन दोनों सुविधा यात्री हज कमेटी की वेबसाइट या हज सुविधा एप के जरिए ऑनलाइन भुगतान कर सकते हैं। इसके अलावा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शाखाओं में भी निर्धारित प्रक्रिया से राशि जमा की जा सकती है।

राज्य समितियों को निर्देश सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश हज समितियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे संबंधित यात्रियों को तत्काल सूचना दें और तय समयसीमा में भुगतान सुनिश्चित कराएं। मध्य पूर्व के हालातों का सीधा असर हज यात्रा की लागत पर पड़ने से इस बार जायरीन को अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ेगा।

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जायरीन बोले- हज के सफर पर खौफ नहीं, वहां मौत लिखी है तो वो भी कबूल

दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक समागमों में शुमार हज यात्रा इस साल 18 अप्रैल से शुरू हो गई है, लेकिन इस बार माहौल कुछ अलग है। मध्य पूर्व में जारी तनाव, मिसाइल हमलों और अनिश्चित हालातों के बीच भी हज पर जाने वाले जायरीन के हौसले और आस्था में कोई कमी नहीं दिख रही। भोपाल से हज पर जाने की तैयारी कर रहे लोगों से बातचीत में एक बात साफ नजर आई डर से ज्यादा भरोसा है, और हालात से ज्यादा अहम है “बुलावा”। मध्य प्रदेश से इस साल हज कमेटी द्वारा 7116 लोग हज के लिए जा रहे हैं। वहीं प्राइवेट लोगों की संख्या को भी गिन लिया जाए तो प्रदेश भर से यह संख्या करीब 8 हजार के करीब होती है।पढ़ें पूरी खबर

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मध्यप्रदेश सर्वधर्म सद्भावना मंच के सचिव हाजी मोहम्मद इमरान हारून ने इसे अनुचित बताते हुए कहा कि हज यात्रियों पर अचानक 10 हजार रुपए का अतिरिक्त बोझ डालना गलत है। उन्होंने कहा कि कई जायरीन पहले ही लाखों रुपए जमा कर हज यात्रा पर जा चुके हैं, ऐसे में अब नया सर्कुलर जारी कर अतिरिक्त राशि मांगना उन्हें आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान कर रहा है।

इमरान हारून ने कहा कि मिडिल ईस्ट के हालातों का हवाला देकर यह राशि वसूली जा रही है, लेकिन जब यात्रा का पूरा खर्च पहले ही तय हो चुका था, तो ऐन वक्त पर इस तरह का निर्णय लेना सरासर नाइंसाफी है। उन्होंने केंद्रीय हज कमेटी से यह फैसला तुरंत वापस लेने की मांग की है।

विदेश में फंसे जायरीन के लिए बढ़ी कशमकश इस निर्णय का सबसे ज्यादा असर उन हाजियों पर पड़ रहा है, जो पहले ही सऊदी अरब पहुंच चुके हैं। उनके सामने विदेश से ऑनलाइन भुगतान करने की चुनौती खड़ी हो गई है। कई यात्रियों के पास अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग सुविधाएं सक्रिय नहीं हैं, वहीं सीमित समय में भुगतान करना भी उनके लिए मुश्किल बन गया है। ऐसे में वे परिजनों पर निर्भर हो रहे हैं, जिससे उनकी चिंता और बढ़ गई है।

एयरफेयर बढ़ने से लिया गया फैसला हज कमेटी के अनुसार, मध्य पूर्व संकट के कारण एविएशन टर्बाइन फ्यूल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है, जिससे एयरलाइंस ने बेस किराए में 400 डॉलर से अधिक वृद्धि की मांग की थी। इसी के चलते प्रति यात्री 100 अमेरिकी डॉलर अतिरिक्त लेने का निर्णय लिया गया है। हालांकि, इस फैसले ने हज यात्रियों के बीच असंतोष पैदा कर दिया है और अब यह मुद्दा तूल पकड़ता नजर आ रहा है।

ऑनलाइन-ऑफलाइन दोनों सुविधा यात्री हज कमेटी की वेबसाइट या हज सुविधा एप के जरिए ऑनलाइन भुगतान कर सकते हैं। इसके अलावा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शाखाओं में भी निर्धारित प्रक्रिया से राशि जमा की जा सकती है।

राज्य समितियों को निर्देश सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश हज समितियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे संबंधित यात्रियों को तत्काल सूचना दें और तय समयसीमा में भुगतान सुनिश्चित कराएं। मध्य पूर्व के हालातों का सीधा असर हज यात्रा की लागत पर पड़ने से इस बार जायरीन को अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ेगा।

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जायरीन बोले- हज के सफर पर खौफ नहीं, वहां मौत लिखी है तो वो भी कबूल

दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक समागमों में शुमार हज यात्रा इस साल 18 अप्रैल से शुरू हो गई है, लेकिन इस बार माहौल कुछ अलग है। मध्य पूर्व में जारी तनाव, मिसाइल हमलों और अनिश्चित हालातों के बीच भी हज पर जाने वाले जायरीन के हौसले और आस्था में कोई कमी नहीं दिख रही। भोपाल से हज पर जाने की तैयारी कर रहे लोगों से बातचीत में एक बात साफ नजर आई डर से ज्यादा भरोसा है, और हालात से ज्यादा अहम है “बुलावा”। मध्य प्रदेश से इस साल हज कमेटी द्वारा 7116 लोग हज के लिए जा रहे हैं। वहीं प्राइवेट लोगों की संख्या को भी गिन लिया जाए तो प्रदेश भर से यह संख्या करीब 8 हजार के करीब होती है।पढ़ें पूरी खबर

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