सतना जिले में कुपोषण से हुई मौतों की जांच के लिए गठित पांच सदस्यीय राज्यस्तरीय टीम ने गुरुवार को मैहर सिविल अस्पताल का जायजा लिया। वरिष्ठ उप संचालक डॉ. राकेश बोहरे और उप संचालक डॉ. हिमानी यादव के नेतृत्व में आई टीम ने चाइल्ड हेल्थ सेवाओं और पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) की समीक्षा की। टीम ने स्पष्ट किया कि बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। पोषण पुनर्वास केंद्र की सेवाओं पर जताई संतुष्टि जांच टीम ने सबसे पहले अस्पताल के एनआरसी वार्ड का निरीक्षण किया, जहाँ चिकित्सकीय सुविधाएं बेहतर पाई गईं। आशा कार्यकर्ताओं द्वारा कुपोषित बच्चों को समय पर भर्ती कराने के प्रयासों की टीम ने सराहना की। इस दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने आशा कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद किया और जरियारी गांव के एक कुपोषित बच्चे की विस्तृत केस स्टडी तैयार करने के निर्देश दिए। एमएनसीयू के विस्तार और ओटी मरम्मत के निर्देश डिप्टी डायरेक्टर चाइल्ड हेल्थ ने सिविल अस्पताल में सुविधाओं के विस्तार हेतु 6 बेड का एमएनसीयू (MNCU) संचालित करने के निर्देश जारी किए। वहीं, नवनिर्मित मॉड्यूलर ओटी के निरीक्षण में लेबर रूम के स्ट्रक्चर में कुछ तकनीकी गड़बड़ियां पाई गईं। टीम ने सुधार होने तक इसे हैंडओवर न करने की हिदायत दी है और इंजीनियर के माध्यम से तकनीकी खामियां ठीक कराने को कहा है। आशा कार्यकर्ताओं की ड्रेस और फील्ड मॉनिटरिंग पर सुझाव निरीक्षण के दौरान रिकॉर्ड संधारण और फील्ड मॉनिटरिंग की भी जांच की गई। टीम ने प्रशासनिक सुधार के तहत आशा कार्यकर्ताओं की साड़ी का रंग बदलकर बैंगनी करने का सुझाव दिया। इस दौरान राज्य सलाहकार डॉ. आरती पांडेय, डॉ. अमित द्विवेदी, डॉ. भरत जैन सहित जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
















































