Friday, 07 Aug 2026 | 08:38 AM

Trending :

चीफ इंजीनियर के रिटायरमेंट के अगले दिन री-अपॉइंटमेंट पर रोक:हाईकोर्ट ने बिजली कंपनी की प्रक्रिया पर उठाए सवाल, कहा- प्रक्रिया पहली नजर में संदिग्ध

चीफ इंजीनियर के रिटायरमेंट के अगले दिन री-अपॉइंटमेंट पर रोक:हाईकोर्ट ने बिजली कंपनी की प्रक्रिया पर उठाए सवाल, कहा- प्रक्रिया पहली नजर में संदिग्ध

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ ने मप्र पश्चिम क्षेत्र बिजली वितरण कंपनी में सेवानिवृत्त चीफ इंजीनियर की संविदा नियुक्ति पर अंतरिम रोक लगा दी है। कोर्ट ने प्रारंभिक सुनवाई में ही पूरी प्रक्रिया को संदिग्ध मानते हुए नियुक्ति पर स्टे दे दिया। उज्जैन रीजन के चीफ इंजीनियर बाबूलाल चौहान 30 अप्रैल को सेवानिवृत्त हुए थे। तय योजना के अनुसार उन्हें 1 मई से उसी पद पर संविदा नियुक्ति दी जानी थी, लेकिन मामला कोर्ट पहुंचने के बाद प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए। जानकारी के मुताबिक, इतने बड़े पद पर संविदा नियुक्ति के लिए पहले कोई स्पष्ट नियम नहीं थे। हाल ही में कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने नई नीति बनाई और सप्ताहभर में आवेदन प्रक्रिया पूरी कर ली गई।
जांच समिति ने प्रक्रिया में कमियां भी बताईं, लेकिन इसके बावजूद फाइल आगे बढ़ा दी गई। 21 इंजीनियर पहुंचे कोर्ट, पेश किए दस्तावेज इस मामले में कंपनी के 21 वरिष्ठ इंजीनियरों ने याचिका दायर कर प्रक्रिया को चुनौती दी। याचिकाकर्ताओं में पूर्व चीफ इंजीनियर कामेश श्रीवास्तव, राजेंद्र नेगी, सुधीर आचार्य और अचल जैन शामिल हैं।
सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता पीयूष माथुर ने दस्तावेज पेश करते हुए तर्क दिया कि अन्य बिजली कंपनियों में ऐसी संविदा नीति लागू नहीं है। याचिका में यह भी कहा गया कि जिस पद पर संविदा नियुक्ति की जा रही है, वह पद संविदा श्रेणी में सृजित ही नहीं है और न ही सार्वजनिक रूप से आवेदन बुलाए गए। इन तर्कों को गंभीर मानते हुए कोर्ट ने पूरी नियुक्ति प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगा दी। बिजली कंपनी में चीफ इंजीनियर जैसे पद पर नियुक्ति सामान्यतः वर्षों के अनुभव और प्रमोशन के आधार पर होती है। इस संविदा नियुक्ति को लेकर उठे विवाद ने विभागीय पारदर्शिता और प्रक्रिया पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
इंपैक्ट फीचर:शिक्षा ही मनुष्य के सर्वांगीण विकास का आवश्यक अंग है

April 4, 2026/
7:45 pm

एन.एच. 52 स्थित स्वामी केशवानन्द एजुकेशन हब किसी परिचय का मोहताज नहीं है। आधुनिक सुख-सुविधाओं से सुसज्जित स्वामी केशवानन्द एजु...

US President Donald Trump (AFP)

March 16, 2026/
6:53 pm

आखरी अपडेट:मार्च 16, 2026, 18:53 IST अन्य उल्लेखनीय उम्मीदवारों में पूनजर से पीसी जॉर्ज, वट्टियूरकावु से आर श्रीलेखा और त्रिशूर...

शादी के गिफ्ट पर नाराजगी ‘क्रूरता नहीं:हाईकोर्ट ने पति पर दर्ज FIR की रद्द, न्यूजीलैंड सहित विदेश में हुई घटनाओं पर भी फैसला

April 2, 2026/
8:30 pm

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने वैवाहिक विवाद से जुड़े एक अहम मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने साफ...

ग्वालियर में ऑनलाइन सट्‌टे में गंवाए 20 लाख, किया सुसाइड:सुसाइड नोट में लिखा- मेरी मौत के जिम्मेदार राजेन्द्र और रौनक हैं, प्रिया को बता देना

April 15, 2026/
12:02 am

‘मेरी, मौत के जिम्मेदार राजेन्द्र शर्मा और रौनक गुप्ता हैं। राजेन्द्र अब जयपुर (राजस्थान) में रहता है, जबकि रौनक डबरा...

MP Ayushman Hospitals Lose NABH Cert; Treatment Halted

April 5, 2026/
12:03 am

मध्यप्रदेश में आयुष्मान भारत योजना के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 126 अस्पतालों की मान्यता खत्म कर दी है। भोपाल,...

केसी बोकाड़िया बोले- ‘तीसरी बेगम’ में कड़वी सच्चाई दिखाई है:जय सियाराम विवाद, लव जिहाद मुद्दे और सेंसर बोर्ड पर खुलकर बोले फिल्ममेकर

May 15, 2026/
9:30 am

अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान, रेखा, माधुरी दीक्षित और राजकुमार जैसे बड़े सितारों के साथ काम कर चुके दिग्गज फिल्ममेकर केसी...

राजनीति

चीफ इंजीनियर के रिटायरमेंट के अगले दिन री-अपॉइंटमेंट पर रोक:हाईकोर्ट ने बिजली कंपनी की प्रक्रिया पर उठाए सवाल, कहा- प्रक्रिया पहली नजर में संदिग्ध

चीफ इंजीनियर के रिटायरमेंट के अगले दिन री-अपॉइंटमेंट पर रोक:हाईकोर्ट ने बिजली कंपनी की प्रक्रिया पर उठाए सवाल, कहा- प्रक्रिया पहली नजर में संदिग्ध

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ ने मप्र पश्चिम क्षेत्र बिजली वितरण कंपनी में सेवानिवृत्त चीफ इंजीनियर की संविदा नियुक्ति पर अंतरिम रोक लगा दी है। कोर्ट ने प्रारंभिक सुनवाई में ही पूरी प्रक्रिया को संदिग्ध मानते हुए नियुक्ति पर स्टे दे दिया। उज्जैन रीजन के चीफ इंजीनियर बाबूलाल चौहान 30 अप्रैल को सेवानिवृत्त हुए थे। तय योजना के अनुसार उन्हें 1 मई से उसी पद पर संविदा नियुक्ति दी जानी थी, लेकिन मामला कोर्ट पहुंचने के बाद प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए। जानकारी के मुताबिक, इतने बड़े पद पर संविदा नियुक्ति के लिए पहले कोई स्पष्ट नियम नहीं थे। हाल ही में कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने नई नीति बनाई और सप्ताहभर में आवेदन प्रक्रिया पूरी कर ली गई।
जांच समिति ने प्रक्रिया में कमियां भी बताईं, लेकिन इसके बावजूद फाइल आगे बढ़ा दी गई। 21 इंजीनियर पहुंचे कोर्ट, पेश किए दस्तावेज इस मामले में कंपनी के 21 वरिष्ठ इंजीनियरों ने याचिका दायर कर प्रक्रिया को चुनौती दी। याचिकाकर्ताओं में पूर्व चीफ इंजीनियर कामेश श्रीवास्तव, राजेंद्र नेगी, सुधीर आचार्य और अचल जैन शामिल हैं।
सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता पीयूष माथुर ने दस्तावेज पेश करते हुए तर्क दिया कि अन्य बिजली कंपनियों में ऐसी संविदा नीति लागू नहीं है। याचिका में यह भी कहा गया कि जिस पद पर संविदा नियुक्ति की जा रही है, वह पद संविदा श्रेणी में सृजित ही नहीं है और न ही सार्वजनिक रूप से आवेदन बुलाए गए। इन तर्कों को गंभीर मानते हुए कोर्ट ने पूरी नियुक्ति प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगा दी। बिजली कंपनी में चीफ इंजीनियर जैसे पद पर नियुक्ति सामान्यतः वर्षों के अनुभव और प्रमोशन के आधार पर होती है। इस संविदा नियुक्ति को लेकर उठे विवाद ने विभागीय पारदर्शिता और प्रक्रिया पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.