Wednesday, 05 Aug 2026 | 03:29 PM

Trending :

EXCLUSIVE

Manipur Insurgency: Army Prepares Final Assault, Targets 2029

Manipur Insurgency: Army Prepares Final Assault, Targets 2029
  • Hindi News
  • National
  • Manipur Insurgency: Army Prepares Final Assault, Targets 2029 | Centres Big Plan

इंफाल10 मिनट पहलेलेखक: डी. कुमार

  • कॉपी लिंक

मणिपुर में मई 2023 में मैतेई और कुकी-जो समुदायों के बीच जातीय हिंसा शुरू हुई थी।

मणिपुर में मैतेई-कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा भड़के तीन साल हो चुके हैं, लेकिन 37 लाख की आबादी वाले इस छोटे से राज्य में आज भी दोनों समुदायों में डर का माहौल है। डर इसलिए, क्योंकि दोनों ही समुदायों के हथियारबंद ‘वॉलेंटियर’ कभी भी गोलीबारी शुरू कर देते हैं।

राज्य में इस वक्त 50 से ज्यादा उग्रवादी समूह सक्रिय हैं। इनमें से आधे सरकार के साथ बातचीत में शामिल हैं, फिर भी हिंसा की ताजा घटनाओं में इन्हीं की संलिप्तता सामने आई है। राज्य में तैनात एक शीर्ष सैन्य अधिकारी ने भास्कर को बताया कि देश से नक्सलवाद खत्म करने के बाद केंद्र सरकार का पूरा फोकस अब पूर्वोत्तर के उग्रवाद पर है। इसमें भी मणिपुर सबसे ऊपर है।

उग्रवाद के खात्मे का लक्ष्य 2029 तय किया गया है। इसकी शुरुआत अमरनाथ यात्रा के बाद हो सकती है।

मासूम मौतें: आखिर 25 दिन बाद परिवार ने किया दोनों बच्चों का अंतिम संस्कार

7 अप्रैल को ट्रोंगलाओबी में जिन 2 मासूम बच्चों की संदिग्ध उग्रवादियों के बम धमाके में मौत हुई थी, उनका अंतिम संस्कार शनिवार को लामथाबुंग ग्राउंड में कर दिया गया। बच्चों के शव तब से ही मुर्दाघर में रखे थे। परिवार का कहना था कि जब तक बच्चों को न्याय नहीं मिलता, अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।

भास्कर ने दो दिन पहले इस मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।

बच्चों की दादी ने बताया कि सरकार ने हमें पैसा, नौकरी देने की बात की, लेकिन हमने मना कर दिया। हमें बच्चों के लिए न्याय चाहिए।

एक्शन प्लान के 3 स्टेप…

  • राज्य सरकार के सूत्रों की मानें तो नक्सलवाद में सुरक्षा बलों का जो फोर्स लगा था, उसे मणिपुर शिफ्ट करने की तैयारी है। सैन्य अधिकारी ने यह भी बताया कि सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन समझौता होने के बाद भी मणिपुर के कई उग्रवादी समूहों के कैडरों के पास हथियार हैं।
  • पहले सभी समूहों के साथ राजनीतिक वार्ता होगी, जहां जरूरी होगा, वहां आक्रामक कार्रवाई की जाएगी। यानी मिशन में बातचीत और एक्शन दोनों होंगे। अभी सेना, केंद्रीय बल और राज्य पुलिस की कई यूनिटें कार्रवाई के नाम पर सिर्फ इनके बंकर नष्ट कर रहीं, हथियार पकड़ रहीं और उग्रवादियों को पीछे धकेल रही हैं, लेकिन इससे उग्रवाद खत्म होना मुश्किल है। इसीलिए केंद्र सरकार नए बड़े मिशन की तैयारी कर रही है।
  • इतना फोर्स मणिपुर, असम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड के उग्रवाद प्रभावित इलाकों में तैनात करने की योजना है। अगले लोकसभा चुनाव से पहले इस टारगेट को हासिल करना है। मणिपुर के अधिकारियों ने उन नई माइन प्रोटेक्टर गाड़ियों की पहली खेप मिलने की पुष्टि की है, जिनका इस्तेमाल संवेदनशील इलाकों में किया जाता है।
  • म​णिपुर सरकार में शामिल एक विधायक ने बताया कि राज्य में 34 जनजातियां हैं। इनमें आपसी मतभेद बहुत हैं। उग्रवादियों की संख्या इसीलिए ज्यादा है। अधिकतर कैंडर बाहर घूम रहे हैं और इनको हथियार लोगों से मिल जाते है।

तीन साल में क्या बदला: 60 हजार लोगों के हालात जस के तस, सिर्फ सीएम नए

  • 3 मई 2023 के बाद से ही राज्य दो हिस्सों में बंटा: मैतेई लोग इंफाल वैली से ऊपर कुकी बहुल पहाड़ी इलाकों में नहीं जा पाते हैं और न ही कुकी इंफाल वैली आते हैं। एन बिरेन सिंह की जगह युमनम खेमचंद सिंह नए मुख्यमंत्री बन चुके हैं, लेकिन आज भी दोनों समुदायों के करीब 60 हजार विस्थापित लोग अपने घरों में नहीं लौट पाए हैं। इनमें से ज्यादातर 174 राहत शिविरों में रहते हैं, जबकि कुछ किराए के मकानों में शिफ्ट हो चुके हैं। 30 इन्हीं शिविरों में दम तोड़ चुके हैं। इन्हें राज्य सरकार रोज 100 रुपए गुजारा भत्ता दे रही है। इस बीच तांकखुल नागा बहुल इलाके में बीते फरवरी महीने से नागा और कुकी की बीच शुरू हुई नई हिंसा ने प्रदेश को एक तरह से ठप कर दिया है।
  • तीन तरह से अलग-अलग जांचें हो रहीं: मणिपुर हिंसा में अब तक 250 से ज्यादा मौतें हुई हैं। इससे जुड़े 11 मामलों की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआई कर रही है। इसमें यौन उत्पीड़न का भी जघन्य मामला है। इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस बलवीर सिंह चौहान का पैनल जातीय हिंसा के कारणों की जांच कर रहा है, जिसकी रिपोर्ट 20 मई को सुप्रीम कोर्ट में दाखिल होनी है। वहीं, एनआईए 2023 में मोरेह में एक पुलिस अधिकारी की हत्या समेत ट्रोंगलाओबी गांव में हुई दो बच्चों की मौत की अलग जांच कर रही है। बता दें कि 3 मई 2023 के बाद से हिंसा के 14 हजार से अधिक मामले दर्ज हुए। इनमें 151 हत्या, 27 बलात्कार, 330 लूट और 1213 डकैती के हैं।

————————

ये खबर भी पढ़ें…

जिन्हें कपड़े उतारकर घुमाया, वो मणिपुरी लड़कियां कहां गईं: 3 साल से सुनवाई जारी, विक्टिम बोलीं- जिंदा हूं, पर दुनिया मुझे भूल गई

जिन लड़कियों का वीडियो वायरल हुआ था, उनके बारे में गवाह बताती हैं, ‘वे अभी मणिपुर में ही रहती हैं। उस खौफ की वजह से आज भी घर से बाहर नहीं निकलती हैं। किसी से बात नहीं करतीं हैं। परिवारवालों और करीबियों से थोड़ी बात कर लेतीं हैं। डर इतना है कि आज भी कई दिन तक खाना नहीं खाती हैं। इस बात से भी डरती हैं कि वो वीडियो फिर से सोशल मीडिया पर कभी सामने न आ जाए।’ पढ़ें पूरी खबर…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
authorimg

February 15, 2026/
6:18 pm

Last Updated:February 15, 2026, 18:18 IST Epstein Files Row: कुख्यात अपराधी जेफरी एपस्टीन के काले कारनामों की एक नई परत...

तस्वीर का विवरण

April 26, 2026/
10:50 pm

सामग्री: 500 ग्राम टिंडा, 1 कप काले चने, 1 प्याज, 2 टमाटर, 2 हरी मिर्च, 1 अदरक-लहसुन पेस्ट, 2 अदरक...

विमेंस टी-20 वर्ल्डकप में आज डबल हेडर:न्यूजीलैंड-श्रीलंका और इंग्लैंड-आयरलैंड आमने-सामने; डिफेंडिंग चैंपियन पहली जीत की तलाश में

June 16, 2026/
4:30 am

विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में मंगलवार को साउथम्पटन के रोज बाउल ग्राउंड पर डबल हेडर मुकाबले खेले जाएंगे। पहले मैच...

ध्रुव राठी बोले- मोदी जहां भी जाएं, उन्हें शर्मिंदा करें:भड़कीं एक्ट्रेस गुल पनाग; बोलीं- विदेशी धरती पर प्रधानमंत्री पद का मजाक उड़ाना गलत

May 22, 2026/
5:30 pm

बॉलीवुड एक्ट्रेस गुल पनाग ने सोशल मीडिया पर यूट्यूबर ध्रुव राठी के एक पोस्ट की आलोचना की है। ध्रुव राठी...

मंगलवार को महाकाल के भस्म आरती दर्शन:ज्योतिर्लिंग का रजत चंद्र त्रिशूल त्रिपुण्ड  ड्रायफ्रूट से राजा स्वरूप शृंगार

April 21, 2026/
7:56 am

उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में मंगलवार तड़के 4 बजे विश्व प्रसिद्ध भस्म आरती के लिए मंदिर के कपाट खोले...

कनाडा में खालिस्तानी झंडे फहराने पर बैन:संसद में बिल पास, धार्मिक स्थल के पास लोगों को डराना अपराध

March 27, 2026/
6:45 pm

कनाडा की संसद के निचले सदन में खालिस्तानी गतिविधियों पर सख्ती से जुड़ा बड़ा बिल पास किया है। ‘कॉम्बैटिंग हेट...

राजनीति

Manipur Insurgency: Army Prepares Final Assault, Targets 2029

Manipur Insurgency: Army Prepares Final Assault, Targets 2029
  • Hindi News
  • National
  • Manipur Insurgency: Army Prepares Final Assault, Targets 2029 | Centres Big Plan

इंफाल10 मिनट पहलेलेखक: डी. कुमार

  • कॉपी लिंक

मणिपुर में मई 2023 में मैतेई और कुकी-जो समुदायों के बीच जातीय हिंसा शुरू हुई थी।

मणिपुर में मैतेई-कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा भड़के तीन साल हो चुके हैं, लेकिन 37 लाख की आबादी वाले इस छोटे से राज्य में आज भी दोनों समुदायों में डर का माहौल है। डर इसलिए, क्योंकि दोनों ही समुदायों के हथियारबंद ‘वॉलेंटियर’ कभी भी गोलीबारी शुरू कर देते हैं।

राज्य में इस वक्त 50 से ज्यादा उग्रवादी समूह सक्रिय हैं। इनमें से आधे सरकार के साथ बातचीत में शामिल हैं, फिर भी हिंसा की ताजा घटनाओं में इन्हीं की संलिप्तता सामने आई है। राज्य में तैनात एक शीर्ष सैन्य अधिकारी ने भास्कर को बताया कि देश से नक्सलवाद खत्म करने के बाद केंद्र सरकार का पूरा फोकस अब पूर्वोत्तर के उग्रवाद पर है। इसमें भी मणिपुर सबसे ऊपर है।

उग्रवाद के खात्मे का लक्ष्य 2029 तय किया गया है। इसकी शुरुआत अमरनाथ यात्रा के बाद हो सकती है।

मासूम मौतें: आखिर 25 दिन बाद परिवार ने किया दोनों बच्चों का अंतिम संस्कार

7 अप्रैल को ट्रोंगलाओबी में जिन 2 मासूम बच्चों की संदिग्ध उग्रवादियों के बम धमाके में मौत हुई थी, उनका अंतिम संस्कार शनिवार को लामथाबुंग ग्राउंड में कर दिया गया। बच्चों के शव तब से ही मुर्दाघर में रखे थे। परिवार का कहना था कि जब तक बच्चों को न्याय नहीं मिलता, अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।

भास्कर ने दो दिन पहले इस मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।

बच्चों की दादी ने बताया कि सरकार ने हमें पैसा, नौकरी देने की बात की, लेकिन हमने मना कर दिया। हमें बच्चों के लिए न्याय चाहिए।

एक्शन प्लान के 3 स्टेप…

  • राज्य सरकार के सूत्रों की मानें तो नक्सलवाद में सुरक्षा बलों का जो फोर्स लगा था, उसे मणिपुर शिफ्ट करने की तैयारी है। सैन्य अधिकारी ने यह भी बताया कि सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन समझौता होने के बाद भी मणिपुर के कई उग्रवादी समूहों के कैडरों के पास हथियार हैं।
  • पहले सभी समूहों के साथ राजनीतिक वार्ता होगी, जहां जरूरी होगा, वहां आक्रामक कार्रवाई की जाएगी। यानी मिशन में बातचीत और एक्शन दोनों होंगे। अभी सेना, केंद्रीय बल और राज्य पुलिस की कई यूनिटें कार्रवाई के नाम पर सिर्फ इनके बंकर नष्ट कर रहीं, हथियार पकड़ रहीं और उग्रवादियों को पीछे धकेल रही हैं, लेकिन इससे उग्रवाद खत्म होना मुश्किल है। इसीलिए केंद्र सरकार नए बड़े मिशन की तैयारी कर रही है।
  • इतना फोर्स मणिपुर, असम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड के उग्रवाद प्रभावित इलाकों में तैनात करने की योजना है। अगले लोकसभा चुनाव से पहले इस टारगेट को हासिल करना है। मणिपुर के अधिकारियों ने उन नई माइन प्रोटेक्टर गाड़ियों की पहली खेप मिलने की पुष्टि की है, जिनका इस्तेमाल संवेदनशील इलाकों में किया जाता है।
  • म​णिपुर सरकार में शामिल एक विधायक ने बताया कि राज्य में 34 जनजातियां हैं। इनमें आपसी मतभेद बहुत हैं। उग्रवादियों की संख्या इसीलिए ज्यादा है। अधिकतर कैंडर बाहर घूम रहे हैं और इनको हथियार लोगों से मिल जाते है।

तीन साल में क्या बदला: 60 हजार लोगों के हालात जस के तस, सिर्फ सीएम नए

  • 3 मई 2023 के बाद से ही राज्य दो हिस्सों में बंटा: मैतेई लोग इंफाल वैली से ऊपर कुकी बहुल पहाड़ी इलाकों में नहीं जा पाते हैं और न ही कुकी इंफाल वैली आते हैं। एन बिरेन सिंह की जगह युमनम खेमचंद सिंह नए मुख्यमंत्री बन चुके हैं, लेकिन आज भी दोनों समुदायों के करीब 60 हजार विस्थापित लोग अपने घरों में नहीं लौट पाए हैं। इनमें से ज्यादातर 174 राहत शिविरों में रहते हैं, जबकि कुछ किराए के मकानों में शिफ्ट हो चुके हैं। 30 इन्हीं शिविरों में दम तोड़ चुके हैं। इन्हें राज्य सरकार रोज 100 रुपए गुजारा भत्ता दे रही है। इस बीच तांकखुल नागा बहुल इलाके में बीते फरवरी महीने से नागा और कुकी की बीच शुरू हुई नई हिंसा ने प्रदेश को एक तरह से ठप कर दिया है।
  • तीन तरह से अलग-अलग जांचें हो रहीं: मणिपुर हिंसा में अब तक 250 से ज्यादा मौतें हुई हैं। इससे जुड़े 11 मामलों की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआई कर रही है। इसमें यौन उत्पीड़न का भी जघन्य मामला है। इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस बलवीर सिंह चौहान का पैनल जातीय हिंसा के कारणों की जांच कर रहा है, जिसकी रिपोर्ट 20 मई को सुप्रीम कोर्ट में दाखिल होनी है। वहीं, एनआईए 2023 में मोरेह में एक पुलिस अधिकारी की हत्या समेत ट्रोंगलाओबी गांव में हुई दो बच्चों की मौत की अलग जांच कर रही है। बता दें कि 3 मई 2023 के बाद से हिंसा के 14 हजार से अधिक मामले दर्ज हुए। इनमें 151 हत्या, 27 बलात्कार, 330 लूट और 1213 डकैती के हैं।

————————

ये खबर भी पढ़ें…

जिन्हें कपड़े उतारकर घुमाया, वो मणिपुरी लड़कियां कहां गईं: 3 साल से सुनवाई जारी, विक्टिम बोलीं- जिंदा हूं, पर दुनिया मुझे भूल गई

जिन लड़कियों का वीडियो वायरल हुआ था, उनके बारे में गवाह बताती हैं, ‘वे अभी मणिपुर में ही रहती हैं। उस खौफ की वजह से आज भी घर से बाहर नहीं निकलती हैं। किसी से बात नहीं करतीं हैं। परिवारवालों और करीबियों से थोड़ी बात कर लेतीं हैं। डर इतना है कि आज भी कई दिन तक खाना नहीं खाती हैं। इस बात से भी डरती हैं कि वो वीडियो फिर से सोशल मीडिया पर कभी सामने न आ जाए।’ पढ़ें पूरी खबर…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.