Sunday, 20 Sep 2026 | 04:24 AM

Trending :

EXCLUSIVE

वर्ल्ड अपडेट्स:नेपाल में 1500 से ज्यादा अधिकारी हटाए गए, बालेन सरकार का दावा 'राजनीतिक नियुक्तियां' रद्द कीं

वर्ल्ड अपडेट्स:नेपाल में 1500 से ज्यादा अधिकारी हटाए गए, बालेन सरकार का दावा 'राजनीतिक नियुक्तियां' रद्द कीं

नेपाल की नई सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए 1500 से ज्यादा सरकारी नियुक्तियों को रद्द कर दिया है। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने शनिवार को अध्यादेश जारी कर 26 मार्च से पहले की सभी नियुक्तियों को समाप्त करने का आदेश दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस फैसले के तहत 1594 पदों पर बैठे अधिकारियों को हटाया गया है। सरकार ने इन्हें ‘राजनीतिक नियुक्तियां’ बताते हुए खत्म किया है। इस कदम से नेपाल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी, त्रिभुवन यूनिवर्सिटी, बीपी कोइराला इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ साइंसेज और नेपाल एयरलाइंस जैसे प्रमुख संस्थानों में शीर्ष पद खाली हो गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे शिक्षा, स्वास्थ्य और सार्वजनिक सेवाओं पर असर पड़ सकता है, क्योंकि कई जगहों पर निर्णय लेने वाले अधिकारी नहीं बचे हैं। सरकार का कहना है कि यह कदम पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए जरूरी था। हालांकि, नई नियुक्तियों को लेकर अभी कोई स्पष्ट योजना सामने नहीं आई है। यह फैसला हाल ही में सत्ता परिवर्तन के बाद लिया गया है, जब मार्च में हुए चुनाव में नई सरकार बनी थी। विपक्ष और कुछ विशेषज्ञ इसे लेकर सवाल उठा रहे हैं और इसे प्रशासनिक व्यवस्था के लिए जोखिम बता रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… कराची 46°C गर्मी में बेहाल: पानी-बिजली संकट से लोग परेशान, टैंकर माफिया हावी पाकिस्तान के कराची शहर में भीषण गर्मी और बुनियादी सुविधाओं की कमी ने हालात गंभीर बना दिए हैं। रविवार को तापमान 40.9°C दर्ज किया गया, लेकिन नमी के कारण यह 46°C जैसा महसूस हुआ। इस भीषण गर्मी के बीच शहर में पानी और बिजली का संकट गहरा गया है। कराची वाटर एंड सीवरेज कॉर्पोरेशन के मुताबिक, शहर को रोजाना 650 मिलियन गैलन पानी की जरूरत है, जबकि फिलहाल सिर्फ 610 मिलियन गैलन ही मिल रहा है। यानी करीब 40 मिलियन गैलन की कमी है। लांधी, बल्दिया टाउन और ओरंगी टाउन जैसे इलाकों में पानी की स्थिति बेहद खराब है और लोग मजबूरी में महंगे दाम पर टैंकर से पानी खरीद रहे हैं। वहीं, भीषण गर्मी के बावजूद लोडशेडिंग जारी है, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। कई इलाकों में बिजली कटौती के कारण घरों में रहना मुश्किल हो गया है। इस संकट के खिलाफ लोगों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन भी किया। एमक्यूएम-पाकिस्तान के नेताओं ने इसे सरकार की नाकामी बताते हुए कड़ी आलोचना की है। विशेषज्ञों का मानना है कि खराब प्रशासन और कमजोर इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण यह स्थिति पैदा हुई है। अगर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो कराची में हालात और बिगड़ सकते हैं। चीन का अमेरिका को जवाब: रिफाइनरियों से कहा- ईरान तेल पर US प्रतिबंधों को नजरअंदाज करें चीन ने अमेरिकी प्रतिबंधों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए अपनी घरेलू कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे ईरान के तेल व्यापार से जुड़े रिफाइनरियों पर लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंधों का पालन न करें। यह कदम ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी ट्रेजरी ने चीन की निजी ‘टीपॉट’ रिफाइनरियों के साथ लेन-देन पर बैंकों को चेतावनी दी थी। अमेरिका का आरोप है कि इन रिफाइनरियों के जरिए ईरान को आर्थिक मदद मिलती है, जिससे उसके सैन्य और हथियार कार्यक्रमों को समर्थन मिलता है। चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि बिना संयुक्त राष्ट्र की मंजूरी के लगाए गए प्रतिबंध अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ हैं और यह देश की संप्रभुता व विकास हितों में दखल है। हालांकि, चीन ने आधिकारिक तौर पर ईरान से तेल खरीदने से इनकार किया है और 2023 के बाद से आयात के आंकड़ों में इसका जिक्र नहीं है, लेकिन अमेरिका का दावा है कि निजी कंपनियां यह व्यापार कर रही हैं। ईरान को लेकर बढ़ते तनाव का असर वैश्विक तेल बाजार पर भी पड़ा है। कच्चे तेल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने और खाड़ी क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों के कारण सप्लाई पर असर पड़ा है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
authorimg

February 9, 2026/
5:58 pm

Last Updated:February 09, 2026, 17:58 IST बेंगलुरु के HAL इलाके में एक गर्भवती बिल्ली की किडनैपिंग का चौंकाने वाला मामला...

बलूचिस्तान के क्वेटा में रेलवे ट्रैक के पास आत्मघाती हमला:23 लोगों की मौत, 53 घायल, जाफर एक्सप्रेस के कई डिब्बे पटरी से उतरे

May 24, 2026/
11:42 am

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के क्वेटा शहर में रविवार को चमन फाटक के पास रेलवे ट्रैक के नजदीक आत्मघाती हमला...

विजय सरकार पर ग्रहण, सिर्फ 116 विधायकों का समर्थन, कांग्रेस ने बिश्नोई को दिया कोलकाता, कल वीसीके का फैसला

May 8, 2026/
11:38 pm

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर अंतिम लॉन्च...

धुरंधर एक्टर रणवीर को विक्की कौशल ने किया रिप्लेस:साउथ सुपरस्टार धनुष के ड्रीम प्रोजेक्ट में नई एंट्री, एस शंकर करेंगे फिल्म का निर्देशन

March 14, 2026/
4:35 pm

साउथ सिनेमा के दिग्गज निर्देशक एस. शंकर के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘वेलपरी’ को लेकर नया अपडेट सामने आया है। रिपोर्ट्स के...

सुष्मिता मुखर्जी बोलीं- मजबूरी में आत्मा बेची, बुरा लगता है:सी-ग्रेड फिल्में करने पर अफसोस जताकर कहा- तब कर्ज लेने वाले घर आकर गालियां देते थे

August 6, 2026/
4:02 pm

कोलकाता में जन्मीं एक्ट्रेस सुष्मिता मुखर्जी ने अपने करियर के उस दौर को याद किया है, जब उन्हें मजबूरी में...

India vs Women Live Score: Follow updates from the 1st ODI here. (PTI Photo)

February 24, 2026/
9:21 am

आखरी अपडेट:24 फरवरी, 2026, 09:21 IST विपक्षी नेता प्रियंका चतुर्वेदी और इल्तिजा मुफ्ती ने राजगोपालाचारी के साथ एडविन लुटियंस की...

कंट्री काउंटर्स; दुनिया के सारे देश घूमने का ट्रेंड:भीड़ से ऊबे लोग अनछुए डेस्टिनेशन का रुख कर रहे, एक्सपर्ट- यह प्रतिष्ठा का प्रतीक

June 6, 2026/
5:30 pm

प्रशांत महासागर का छोटा सा द्वीपीय देश ‘तुवालु’… हवाई व ऑस्ट्रेलिया के बीच बसा यह देश दुनिया के उन गिने-चुने...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

वर्ल्ड अपडेट्स:नेपाल में 1500 से ज्यादा अधिकारी हटाए गए, बालेन सरकार का दावा 'राजनीतिक नियुक्तियां' रद्द कीं

वर्ल्ड अपडेट्स:नेपाल में 1500 से ज्यादा अधिकारी हटाए गए, बालेन सरकार का दावा 'राजनीतिक नियुक्तियां' रद्द कीं

नेपाल की नई सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए 1500 से ज्यादा सरकारी नियुक्तियों को रद्द कर दिया है। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने शनिवार को अध्यादेश जारी कर 26 मार्च से पहले की सभी नियुक्तियों को समाप्त करने का आदेश दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस फैसले के तहत 1594 पदों पर बैठे अधिकारियों को हटाया गया है। सरकार ने इन्हें ‘राजनीतिक नियुक्तियां’ बताते हुए खत्म किया है। इस कदम से नेपाल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी, त्रिभुवन यूनिवर्सिटी, बीपी कोइराला इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ साइंसेज और नेपाल एयरलाइंस जैसे प्रमुख संस्थानों में शीर्ष पद खाली हो गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे शिक्षा, स्वास्थ्य और सार्वजनिक सेवाओं पर असर पड़ सकता है, क्योंकि कई जगहों पर निर्णय लेने वाले अधिकारी नहीं बचे हैं। सरकार का कहना है कि यह कदम पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए जरूरी था। हालांकि, नई नियुक्तियों को लेकर अभी कोई स्पष्ट योजना सामने नहीं आई है। यह फैसला हाल ही में सत्ता परिवर्तन के बाद लिया गया है, जब मार्च में हुए चुनाव में नई सरकार बनी थी। विपक्ष और कुछ विशेषज्ञ इसे लेकर सवाल उठा रहे हैं और इसे प्रशासनिक व्यवस्था के लिए जोखिम बता रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… कराची 46°C गर्मी में बेहाल: पानी-बिजली संकट से लोग परेशान, टैंकर माफिया हावी पाकिस्तान के कराची शहर में भीषण गर्मी और बुनियादी सुविधाओं की कमी ने हालात गंभीर बना दिए हैं। रविवार को तापमान 40.9°C दर्ज किया गया, लेकिन नमी के कारण यह 46°C जैसा महसूस हुआ। इस भीषण गर्मी के बीच शहर में पानी और बिजली का संकट गहरा गया है। कराची वाटर एंड सीवरेज कॉर्पोरेशन के मुताबिक, शहर को रोजाना 650 मिलियन गैलन पानी की जरूरत है, जबकि फिलहाल सिर्फ 610 मिलियन गैलन ही मिल रहा है। यानी करीब 40 मिलियन गैलन की कमी है। लांधी, बल्दिया टाउन और ओरंगी टाउन जैसे इलाकों में पानी की स्थिति बेहद खराब है और लोग मजबूरी में महंगे दाम पर टैंकर से पानी खरीद रहे हैं। वहीं, भीषण गर्मी के बावजूद लोडशेडिंग जारी है, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। कई इलाकों में बिजली कटौती के कारण घरों में रहना मुश्किल हो गया है। इस संकट के खिलाफ लोगों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन भी किया। एमक्यूएम-पाकिस्तान के नेताओं ने इसे सरकार की नाकामी बताते हुए कड़ी आलोचना की है। विशेषज्ञों का मानना है कि खराब प्रशासन और कमजोर इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण यह स्थिति पैदा हुई है। अगर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो कराची में हालात और बिगड़ सकते हैं। चीन का अमेरिका को जवाब: रिफाइनरियों से कहा- ईरान तेल पर US प्रतिबंधों को नजरअंदाज करें चीन ने अमेरिकी प्रतिबंधों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए अपनी घरेलू कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे ईरान के तेल व्यापार से जुड़े रिफाइनरियों पर लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंधों का पालन न करें। यह कदम ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी ट्रेजरी ने चीन की निजी ‘टीपॉट’ रिफाइनरियों के साथ लेन-देन पर बैंकों को चेतावनी दी थी। अमेरिका का आरोप है कि इन रिफाइनरियों के जरिए ईरान को आर्थिक मदद मिलती है, जिससे उसके सैन्य और हथियार कार्यक्रमों को समर्थन मिलता है। चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि बिना संयुक्त राष्ट्र की मंजूरी के लगाए गए प्रतिबंध अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ हैं और यह देश की संप्रभुता व विकास हितों में दखल है। हालांकि, चीन ने आधिकारिक तौर पर ईरान से तेल खरीदने से इनकार किया है और 2023 के बाद से आयात के आंकड़ों में इसका जिक्र नहीं है, लेकिन अमेरिका का दावा है कि निजी कंपनियां यह व्यापार कर रही हैं। ईरान को लेकर बढ़ते तनाव का असर वैश्विक तेल बाजार पर भी पड़ा है। कच्चे तेल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने और खाड़ी क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों के कारण सप्लाई पर असर पड़ा है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.