Wednesday, 05 Aug 2026 | 04:04 PM

Trending :

EXCLUSIVE

बास्केटबॉल दिग्गज कोबे ब्रायंट की सफलता का सीक्रेट:आंख खुलते ही फोन देखने की बजाय 15 मिनट शांत बैठें; मेमोरी बढ़ेगी, तनाव दूर होगा

बास्केटबॉल दिग्गज कोबे ब्रायंट की सफलता का सीक्रेट:आंख खुलते ही फोन देखने की बजाय 15 मिनट शांत बैठें; मेमोरी बढ़ेगी, तनाव दूर होगा

भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अक्सर खुद के लिए समय नहीं निकाल पाते। ऐसे में दिवंगत बास्केटबॉल खिलाड़ी कोबे ब्रायंट की दिनचर्या की एक आसान आदत हमारे लिए बेहद काम की हो सकती है। अपनी आक्रामक खेल शैली और जीतने की जिद के लिए मशहूर कोबे का अभ्यास सुबह 4 बजे ही शुरू हो जाता था। लेकिन इस कड़े रूटीन के बीच उनका एक खास नियम था, जिसने उन्हें मानसिक रूप से अभेद्य बनाया था। अमेरिका के कोबे हर सुबह उठने के बाद कम से कम 15 मिनट एक जगह बिल्कुल शांत बैठकर ध्यान लगाते थे। उनके लिए यह मौन शारीरिक कसरत जितना ही महत्वपूर्ण था। कोबे मानते थे कि सुबह की 15 मिनट की यह शांति उनके पूरे दिन की नींव तय करती है। यह उन्हें दिनभर मानसिक रूप से स्थिर रखती। इसके बिना उन्हें लगता था कि वे बस काम और तनाव के पीछे भाग रहे हैं। इस मौन के अभ्यास से वे अपने दिन को खुद नियंत्रित कर पाते थे। रात को बड़े मैचों से पहले भी वे इसी तरह शांत बैठकर चुनौतियों की कल्पना करते और मानसिक रूप से खुद को तैयार करते थे। मनोविज्ञान में इस अभ्यास को ‘टाइप 2 फन’ कहा जाता है। शुरुआत में 15-20 मिनट बिना मोबाइल या किसी बाहरी रुकावट के चुपचाप बैठना उबाऊ और बेचैन करने वाला लग सकता है। लेकिन आदत बनने पर यह गहरी संतुष्टि देता है। जब इंसान बिल्कुल शांत बैठता है, तो दिमाग में वो बातें और भावनाएं आने लगती हैं, जिन्हें वह दिनभर की भागदौड़ में नजरअंदाज कर देता है- जैसे शरीर का कोई पुराना दर्द, या अटका हुआ काम। खाली बैठकर हम विचारों से भागने के बजाय उनका सामना करना सीखते हैं। कोबे भी मानते थे कि डर या घबराहट को दबाने से वे बढ़ती हैं, जबकि शांत बैठकर उन्हें स्वीकार करने से नकारात्मक प्रभाव खत्म हो जाता है। ड्यूक यूनिवर्सिटी के अध्ययन के अनुसार, दिन में कुछ देर की गहरी शांति दिमाग के ‘हिप्पोकैम्पस’ हिस्से में नई कोशिकाओं को जन्म देने में मदद करती है, जो याददाश्त और सीखने की क्षमता से जुड़ा है। इयरफोन लगाकर टहलने और एक जगह स्थिर बैठकर शांति का अनुभव करने में बड़ा अंतर है। स्थिरता में हमारा दिमाग खुद को रिपेयर करके री-स्टोर मोड में चला जाता है, जबकि चलते या कुछ सुनते समय वह प्रतिक्रियाओं में उलझा रहता है। नोवाक जोकोविच जैसे टेनिस दिग्गज भी मुश्किल पलों में तुरंत फैसले लेने और तनाव के बीच शांत रहने के लिए ध्यान का सहारा लेते हैं। बिना शोर के बैठने पर आप खुद के भीतर गहराई से झांक पाते हैं। इसलिए, आंख खुलते ही फोन चेक करने या काम पर भागने के बजाय 15 मिनट की शांति के साथ दिन की शुरुआत करें। यह छोटा-सा बदलाव जीवन को नई ऊर्जा, बेहतर फोकस और गजब का नियंत्रण दे सकता है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
म्यांमार सीमा से आए उग्रवादियों ने मणिपुर में घर जलाए:सुबह 4 बजे हमला, लोग जान बचाकर जंगलों में भागे, महिला समेत दो लापता

May 7, 2026/
5:20 pm

मणिपुर के कमजोंग जिले में भारत-म्यांमार सीमा के पास गुरुवार सुबह हथियारबंद उग्रवादियों ने कई गांवों पर हमला किया। कई...

Deepika Padukone Flaunts Baby Bump in Latest Ad Shoot

July 7, 2026/
6:49 pm

20 मिनट पहले कॉपी लिंक एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण का एक नया विज्ञापन सोशल मीडिया पर चर्चा में है। दीपिका ने...

अभिषेक शर्मा टी-20 वर्ल्डकप जीत के बाद वैष्णों देवी पहुंचे:फोटोज शेयर कीं, फाइनल में खेली थी 52 रन का पारी

March 14, 2026/
1:46 pm

भारतीय क्रिकेट टीम के युवा ओपनर अभिषेक शर्मा टी-20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद माता के दरबार में हाजिरी लगाने...

भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव पर भड़कीं मलाइका अरोड़ा:फोटो के लिए कुत्ते को बेरहमी से घसीटा गया, एक्ट्रेस बोलीं- ये बेवकूफ आदमी है कौन, वाहियात

July 24, 2026/
10:02 am

एक्ट्रेस मलाइका अरोड़ा हाल ही में भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव पर भड़क गई हैं। इतना ही नहीं एक्ट्रेस उन्हें...

जावेद जाफरी की पत्नी से 16 करोड़ की ठगी:केस में BMC अधिकारी सस्पेंड, क्राइम ब्रांच जांच में जुटी

June 8, 2026/
4:20 pm

बॉलीवुड अभिनेता जावेद जाफरी के परिवार से जुड़ा वित्तीय धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। उनकी पत्नी हबीबा जाफरी ने...

तस्वीर का विवरण

May 20, 2026/
6:31 pm

सामग्री: 2 कप ठंडा दही, 4 बड़े मोयनी गुलाब, 2 बड़े मोयनी चीनी, 1/2 कप ठंडा दूध, 6 बर्फ के...

Ranveer Singh Pralay Film Shooting August

May 29, 2026/
2:58 pm

25 मिनट पहले कॉपी लिंक अभिनेता रणवीर सिंह और फरहान अख्तर के बीच चल रहे विवाद का असर उनकी आने...

राजनीति

बास्केटबॉल दिग्गज कोबे ब्रायंट की सफलता का सीक्रेट:आंख खुलते ही फोन देखने की बजाय 15 मिनट शांत बैठें; मेमोरी बढ़ेगी, तनाव दूर होगा

बास्केटबॉल दिग्गज कोबे ब्रायंट की सफलता का सीक्रेट:आंख खुलते ही फोन देखने की बजाय 15 मिनट शांत बैठें; मेमोरी बढ़ेगी, तनाव दूर होगा

भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अक्सर खुद के लिए समय नहीं निकाल पाते। ऐसे में दिवंगत बास्केटबॉल खिलाड़ी कोबे ब्रायंट की दिनचर्या की एक आसान आदत हमारे लिए बेहद काम की हो सकती है। अपनी आक्रामक खेल शैली और जीतने की जिद के लिए मशहूर कोबे का अभ्यास सुबह 4 बजे ही शुरू हो जाता था। लेकिन इस कड़े रूटीन के बीच उनका एक खास नियम था, जिसने उन्हें मानसिक रूप से अभेद्य बनाया था। अमेरिका के कोबे हर सुबह उठने के बाद कम से कम 15 मिनट एक जगह बिल्कुल शांत बैठकर ध्यान लगाते थे। उनके लिए यह मौन शारीरिक कसरत जितना ही महत्वपूर्ण था। कोबे मानते थे कि सुबह की 15 मिनट की यह शांति उनके पूरे दिन की नींव तय करती है। यह उन्हें दिनभर मानसिक रूप से स्थिर रखती। इसके बिना उन्हें लगता था कि वे बस काम और तनाव के पीछे भाग रहे हैं। इस मौन के अभ्यास से वे अपने दिन को खुद नियंत्रित कर पाते थे। रात को बड़े मैचों से पहले भी वे इसी तरह शांत बैठकर चुनौतियों की कल्पना करते और मानसिक रूप से खुद को तैयार करते थे। मनोविज्ञान में इस अभ्यास को ‘टाइप 2 फन’ कहा जाता है। शुरुआत में 15-20 मिनट बिना मोबाइल या किसी बाहरी रुकावट के चुपचाप बैठना उबाऊ और बेचैन करने वाला लग सकता है। लेकिन आदत बनने पर यह गहरी संतुष्टि देता है। जब इंसान बिल्कुल शांत बैठता है, तो दिमाग में वो बातें और भावनाएं आने लगती हैं, जिन्हें वह दिनभर की भागदौड़ में नजरअंदाज कर देता है- जैसे शरीर का कोई पुराना दर्द, या अटका हुआ काम। खाली बैठकर हम विचारों से भागने के बजाय उनका सामना करना सीखते हैं। कोबे भी मानते थे कि डर या घबराहट को दबाने से वे बढ़ती हैं, जबकि शांत बैठकर उन्हें स्वीकार करने से नकारात्मक प्रभाव खत्म हो जाता है। ड्यूक यूनिवर्सिटी के अध्ययन के अनुसार, दिन में कुछ देर की गहरी शांति दिमाग के ‘हिप्पोकैम्पस’ हिस्से में नई कोशिकाओं को जन्म देने में मदद करती है, जो याददाश्त और सीखने की क्षमता से जुड़ा है। इयरफोन लगाकर टहलने और एक जगह स्थिर बैठकर शांति का अनुभव करने में बड़ा अंतर है। स्थिरता में हमारा दिमाग खुद को रिपेयर करके री-स्टोर मोड में चला जाता है, जबकि चलते या कुछ सुनते समय वह प्रतिक्रियाओं में उलझा रहता है। नोवाक जोकोविच जैसे टेनिस दिग्गज भी मुश्किल पलों में तुरंत फैसले लेने और तनाव के बीच शांत रहने के लिए ध्यान का सहारा लेते हैं। बिना शोर के बैठने पर आप खुद के भीतर गहराई से झांक पाते हैं। इसलिए, आंख खुलते ही फोन चेक करने या काम पर भागने के बजाय 15 मिनट की शांति के साथ दिन की शुरुआत करें। यह छोटा-सा बदलाव जीवन को नई ऊर्जा, बेहतर फोकस और गजब का नियंत्रण दे सकता है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.