Sunday, 17 May 2026 | 10:43 AM

Trending :

EXCLUSIVE

Riteish Deshmukh Raja Shivaji: Salman, Abhishek Worked For Free

Riteish Deshmukh Raja Shivaji: Salman, Abhishek Worked For Free

51 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

रितेश देशमुख इन दिनों अपनी फिल्म ‘राजा शिवाजी’ को लेकर सुर्खियों में हैं। यह सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि छत्रपति शिवाजी महाराज की शौर्य गाथा है, जिसे रितेश ने बतौर एक्टर, राइटर, डायरेक्टर और प्रोड्यूसर पर्दे पर उतारा है। दैनिक भास्कर से बातचीत में रितेश ने फिल्म से जुड़े कई इमोशनल किस्से शेयर किए और एक पिता, एक बेटे व एक फिल्ममेकर के तौर पर अपनी भावनाएं सामने रखीं।

उन्होंने सबसे बड़ा खुलासा कास्ट की फीस को लेकर किया। रितेश ने बताया कि सलमान खान, अभिषेक बच्चन और विद्या बालन जैसे बड़े सितारों ने इस ऐतिहासिक फिल्म के लिए एक भी रुपया नहीं लिया। अभिषेक ने तो फीस की जगह रितेश की मां के हाथ का बना ‘ठेचा’ (महाराष्ट्रीयन डिश) मांगा।

रितेश ने अपने 10 साल के संघर्ष, पिता विलासराव देशमुख की दी गई सीख और खुद पर लगे कॉमेडी एक्टर का टैग तोड़ने पर भी खुलकर बात की।

राजा शिवाजी फिल्म के प्रोड्यूसर्स जियो स्टूडियो और मुंबई फिल्म कंपनी हैं।

राजा शिवाजी फिल्म के प्रोड्यूसर्स जियो स्टूडियो और मुंबई फिल्म कंपनी हैं।

सवाल: सलमान खान, अभिषेक बच्चन और विद्या बालन जैसे एक्टर्स ने फिल्म के लिए कोई फीस नहीं ली?

जवाब: हां, यह बिल्कुल सच है। हम एक मराठी फिल्म को बड़े स्तर पर बनाने की कोशिश कर रहे थे। जब मैंने अभिषेक बच्चन को कहानी सुनाई और बताया कि मैं इसे डायरेक्ट कर रहा हूं और यह छत्रपति शिवाजी महाराज पर है, तो उन्होंने कहा- “मुझे पैसे नहीं चाहिए, मुझे बस तुम्हारी मां के हाथ का बना ठेचा चाहिए।”

विद्या बालन, बोमन ईरानी, फरदीन खान किसी ने भी पैसे नहीं लिए। यहां तक कि जेनेलिया और मैंने भी एक्टिंग, डायरेक्शन या प्रोडक्शन की कोई फीस चार्ज नहीं की। सबने यह फिल्म महाराज छत्रपति शिवाजी के प्रति सम्मान और आस्था के चलते की है।

सवाल: सलमान खान का ‘जीवा महाले’ वाले कैमियो के लिए कैसे राजी किया?

जवाब: सलमान भाऊ ने तो खुद मुझसे कहा था कि- “तुम फिल्म बना रहे हो, तो मेरे लिए भी एक रोल लिखना। मेरे बिना तुम फिल्म नहीं बनाओगे।” उनका प्यार ही ऐसा है। मैंने सोचा कि अगर वो आ रहे हैं, तो उनके फैंस को स्क्रीन पर उन्हें देखकर मजा आना चाहिए।

जब मैंने उन्हें जीवा महाले के किरदार में स्क्रीन पर उतारा और अब लोगों के जो रिएक्शन आ रहे हैं, उनके फोटोज वायरल हो रहे हैं, उसे देखकर मुझे बतौर डायरेक्टर बहुत खुशी हो रही है। मुझे लगता है मैं उनकी पर्सनैलिटी के साथ न्याय कर पाया।

सवाल: ‘राजा शिवाजी’ आपके लिए सिर्फ फिल्म नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी है। इसे बनाने में 10 साल कैसे लगे?

जवाब:10 साल पहले हमने छत्रपति शिवाजी महाराज पर फिल्म बनाने का सोचा था। कई बार कोशिश की, लेकिन सितारे जैसे एक साथ नहीं आ पा रहे थे। 2016 से 2019 तक कोशिश की, फिर कोविड आ गया। आखिरकार 2023 में काम शुरू हुआ और अब 26 में यह रिलीज हुई है।

महाराज हमारे लिए पहले सुपरहीरो हैं, हमारा गौरव हैं। ऐसे में उनके रचे इतिहास को सही तरीके से पर्दे पर लाना एक बड़ी जिम्मेदारी थी, क्योंकि लोगों की आस्था उनसे जुड़ी है।

सवाल: ट्रेलर लॉन्च पर आप बहुत इमोशनल हो गए थे, जेनेलिया की आंखों में भी आंसू थे। उस वक्त क्या महसूस हो रहा था?

जवाब: जब आप किसी प्रोजेक्ट पर सालों काम करते हैं और देखते हैं कि संजय दत्त, अभिषेक बच्चन जैसे लोग बिना किसी स्वार्थ के आपकी मदद करने चले आते हैं, तो आप भावुक हो जाते हैं। मुझे लगा कि जिंदगी में मैंने जो भी रिश्ते कमाए हैं, आज वो सब महाराज जी के प्रति अपने कर्तव्य के रूप में मेरे साथ खड़े हैं। ये उसी का इमोशन था।

सवाल: तीन घंटे की फिल्म में महाराज के इतने बड़े जीवन को समेटना कितना मुश्किल था?

जवाब: उनका जीवन और कीर्ति इतनी विशाल है कि एक फिल्म में सब कुछ नहीं बांधा जा सकता। इसलिए हमने एक हिस्सा चुना। हमने सोचा कि यह दिखाएं कि उनका जन्म उसी वक्त और उसी हालात में क्यों हुआ? जैसे श्रीकृष्ण का जन्म उसी कारागृह में होना तय था, वैसे ही उस वक्त के अंधकार को मिटाने के लिए महाराज का जन्म हुआ।

यह कहानी जितनी उनकी है, उतनी ही उनके परिवार की भी है कि उनके माता-पिता और भाई किस दौर से गुजरे।

सवाल: ऐतिहासिक सच्चाई और सिनेमैटिक लिबर्टी के बीच बैलेंस कैसे बनाया?

जवाब: इतिहास में तारीखें और घटनाएं दर्ज होती हैं, लेकिन उनके बीच के धागे और इमोशंस नहीं। महाराज और उनके बड़े भाई शंभूराजे के बीच क्या बातें होती थीं, माता जीजाबाई के साथ उनका कैसा रिश्ता था… ये सब साहित्य में नहीं मिलता। ऐसे में हमें मान-मर्यादा को सामने रखकर वो रिश्ते गढ़ने पड़े, ताकि इतिहास से कोई छेड़छाड़ न हो और दर्शकों की भावनाओं को ठेस न पहुंचे।

सवाल: महाराज का किरदार निभाते वक्त आपके अंदर कैसा इमोशनल ट्रांसफॉर्मेशन चल रहा था?

जवाब: लिखते वक्त ही मुझे समझ आ गया था कि महाराज सिर्फ बैटलफील्ड में एग्रेसिव नहीं थे, बल्कि बहुत संवेदनशील भी थे। वो दूर की सोचते थे। गनीमी कावा (गोरिल्ला वारफेयर) सिर्फ हथियारों की लड़ाई नहीं, बल्कि माइंड गेम भी था। अगर आपको बड़ी छलांग लगानी है तो दो कदम पीछे लेने ही पड़ते हैं। मैंने पर्दे पर उनके उसी शांत और रणनीतिक विजन को जीने की कोशिश की है।

सवाल: फिल्म को लेकर अब तक का सबसे प्यारा फीडबैक किससे मिला?

जवाब: सबसे सुकून देने वाला फीडबैक छत्रपति संभाजी राजे के परिवार से मिला। उन्होंने फिल्म देखी और हमारी तारीफ की। जब उनके परिवार ने कहा कि उन्हें हमारा काम पसंद आया, तो मेरे सीने से एक बहुत बड़ा बोझ उतर गया। ऐसा लगा कि हमने अपनी जिम्मेदारी ठीक से निभा ली।

सवाल: ‘एक विलेन’ और ‘रेड 2’ जैसी फिल्मों से आपने खुद पर लगे ‘कॉमेडी एक्टर’ के टैग को कैसे तोड़ा?

जवाब: कॉमेडी जॉनर ने मुझे इंडस्ट्री में टिके रहने में बहुत मदद की। एक वक्त था जब मेरी कॉमेडी फिल्में लगातार हिट हो रही थीं। लेकिन सिनेमा वक्त के साथ बदलता है। अगर आप एक ही फ्रेम में अटके रहेंगे, तो आउटडेटेड हो जाएंगे। खुद को अपग्रेड करना जरूरी था, इसलिए मैंने सीरियस और निगेटिव रोल्स किए। दर्शकों ने ही मुझे उस टैग से बाहर निकाला है।

सवाल: आप हिंदी सिनेमा में भी हिट हैं, फिर मराठी सिनेमा को इतना आगे ले जाने का विजन कहां से आया?

जवाब: यह मेरे पिताजी (स्वर्गीय विलासराव देशमुख) की वजह से है। उन्होंने मुझसे कहा था- “तू हिंदी फिल्मों में काम कर रहा है, लेकिन अपनी मराठी फिल्मों के लिए क्या करेगा?” तब मैंने मुंबई फिल्म कंपनी बनाई। आज तक हमने 7 फिल्में बनाई हैं और सभी मराठी हैं। जिस मिट्टी में आप जन्मे हैं, उसे कुछ वापस देना आपका फर्ज बनता है। पिताजी आज ऊपर से यही दुआ दे रहे होंगे कि तूने अच्छा किया।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
मंडला में अगले दो दिन चलेगी लू:तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस पहुंचा, सड़कों पर दिन में आवाजाही कम

April 16, 2026/
4:28 pm

मंडला जिले में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। बुधवार को अधिकतम तापमान...

सीहोर में अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज:दिन में गर्मी, रात में बारिश; जानिए पिछले हफ्ते किस तरह बदलता रहा टेम्प्रेचर

April 6, 2026/
10:07 am

सीहोर जिले में अप्रैल माह के पहले सप्ताह में मौसम का मिजाज लगातार बदला हुआ है। दिन में जहां तेज...

हैदराबाद में महिला ने अपने दो बच्चों की हत्या की:खुद भी सुसाइड किया; पति के दोबारा शादी करने से नाराज थी

April 1, 2026/
9:32 am

हैदराबाद में महिला ने दो बेटों की हत्या के बाद सुसाइड कर लिया। तीनों के शव फांसी के फंदे पर...

तस्वीर का विवरण

April 29, 2026/
10:01 am

अनारदाने, धनिया और पुदीने की चटनी तैयार करने के लिए सूखा अनारदाना सबसे जरूरी है। इसके साथ एल्युमीनियम पुदीने की...

भारत में घूमने के लिए सबसे अच्छी जगहें जहां पहाड़ समुद्र से मिलते हैं गोवा कर्नाटक अंडमान आंध्र प्रदेश छुट्टियों के लिए कम बजट में समुद्र तट स्थान

March 11, 2026/
8:59 pm

बीच और पहाड़ एक साथ | छवि: फ्रीइक/एआई किसी को पर्वत में घूमना पसंद होता है तो किसी को समुद्र...

Riteish Deshmukh Raja Shivaji: Salman, Abhishek Worked For Free

Riteish Deshmukh Raja Shivaji: Salman, Abhishek Worked For Free

51 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

रितेश देशमुख इन दिनों अपनी फिल्म ‘राजा शिवाजी’ को लेकर सुर्खियों में हैं। यह सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि छत्रपति शिवाजी महाराज की शौर्य गाथा है, जिसे रितेश ने बतौर एक्टर, राइटर, डायरेक्टर और प्रोड्यूसर पर्दे पर उतारा है। दैनिक भास्कर से बातचीत में रितेश ने फिल्म से जुड़े कई इमोशनल किस्से शेयर किए और एक पिता, एक बेटे व एक फिल्ममेकर के तौर पर अपनी भावनाएं सामने रखीं।

उन्होंने सबसे बड़ा खुलासा कास्ट की फीस को लेकर किया। रितेश ने बताया कि सलमान खान, अभिषेक बच्चन और विद्या बालन जैसे बड़े सितारों ने इस ऐतिहासिक फिल्म के लिए एक भी रुपया नहीं लिया। अभिषेक ने तो फीस की जगह रितेश की मां के हाथ का बना ‘ठेचा’ (महाराष्ट्रीयन डिश) मांगा।

रितेश ने अपने 10 साल के संघर्ष, पिता विलासराव देशमुख की दी गई सीख और खुद पर लगे कॉमेडी एक्टर का टैग तोड़ने पर भी खुलकर बात की।

राजा शिवाजी फिल्म के प्रोड्यूसर्स जियो स्टूडियो और मुंबई फिल्म कंपनी हैं।

राजा शिवाजी फिल्म के प्रोड्यूसर्स जियो स्टूडियो और मुंबई फिल्म कंपनी हैं।

सवाल: सलमान खान, अभिषेक बच्चन और विद्या बालन जैसे एक्टर्स ने फिल्म के लिए कोई फीस नहीं ली?

जवाब: हां, यह बिल्कुल सच है। हम एक मराठी फिल्म को बड़े स्तर पर बनाने की कोशिश कर रहे थे। जब मैंने अभिषेक बच्चन को कहानी सुनाई और बताया कि मैं इसे डायरेक्ट कर रहा हूं और यह छत्रपति शिवाजी महाराज पर है, तो उन्होंने कहा- “मुझे पैसे नहीं चाहिए, मुझे बस तुम्हारी मां के हाथ का बना ठेचा चाहिए।”

विद्या बालन, बोमन ईरानी, फरदीन खान किसी ने भी पैसे नहीं लिए। यहां तक कि जेनेलिया और मैंने भी एक्टिंग, डायरेक्शन या प्रोडक्शन की कोई फीस चार्ज नहीं की। सबने यह फिल्म महाराज छत्रपति शिवाजी के प्रति सम्मान और आस्था के चलते की है।

सवाल: सलमान खान का ‘जीवा महाले’ वाले कैमियो के लिए कैसे राजी किया?

जवाब: सलमान भाऊ ने तो खुद मुझसे कहा था कि- “तुम फिल्म बना रहे हो, तो मेरे लिए भी एक रोल लिखना। मेरे बिना तुम फिल्म नहीं बनाओगे।” उनका प्यार ही ऐसा है। मैंने सोचा कि अगर वो आ रहे हैं, तो उनके फैंस को स्क्रीन पर उन्हें देखकर मजा आना चाहिए।

जब मैंने उन्हें जीवा महाले के किरदार में स्क्रीन पर उतारा और अब लोगों के जो रिएक्शन आ रहे हैं, उनके फोटोज वायरल हो रहे हैं, उसे देखकर मुझे बतौर डायरेक्टर बहुत खुशी हो रही है। मुझे लगता है मैं उनकी पर्सनैलिटी के साथ न्याय कर पाया।

सवाल: ‘राजा शिवाजी’ आपके लिए सिर्फ फिल्म नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी है। इसे बनाने में 10 साल कैसे लगे?

जवाब:10 साल पहले हमने छत्रपति शिवाजी महाराज पर फिल्म बनाने का सोचा था। कई बार कोशिश की, लेकिन सितारे जैसे एक साथ नहीं आ पा रहे थे। 2016 से 2019 तक कोशिश की, फिर कोविड आ गया। आखिरकार 2023 में काम शुरू हुआ और अब 26 में यह रिलीज हुई है।

महाराज हमारे लिए पहले सुपरहीरो हैं, हमारा गौरव हैं। ऐसे में उनके रचे इतिहास को सही तरीके से पर्दे पर लाना एक बड़ी जिम्मेदारी थी, क्योंकि लोगों की आस्था उनसे जुड़ी है।

सवाल: ट्रेलर लॉन्च पर आप बहुत इमोशनल हो गए थे, जेनेलिया की आंखों में भी आंसू थे। उस वक्त क्या महसूस हो रहा था?

जवाब: जब आप किसी प्रोजेक्ट पर सालों काम करते हैं और देखते हैं कि संजय दत्त, अभिषेक बच्चन जैसे लोग बिना किसी स्वार्थ के आपकी मदद करने चले आते हैं, तो आप भावुक हो जाते हैं। मुझे लगा कि जिंदगी में मैंने जो भी रिश्ते कमाए हैं, आज वो सब महाराज जी के प्रति अपने कर्तव्य के रूप में मेरे साथ खड़े हैं। ये उसी का इमोशन था।

सवाल: तीन घंटे की फिल्म में महाराज के इतने बड़े जीवन को समेटना कितना मुश्किल था?

जवाब: उनका जीवन और कीर्ति इतनी विशाल है कि एक फिल्म में सब कुछ नहीं बांधा जा सकता। इसलिए हमने एक हिस्सा चुना। हमने सोचा कि यह दिखाएं कि उनका जन्म उसी वक्त और उसी हालात में क्यों हुआ? जैसे श्रीकृष्ण का जन्म उसी कारागृह में होना तय था, वैसे ही उस वक्त के अंधकार को मिटाने के लिए महाराज का जन्म हुआ।

यह कहानी जितनी उनकी है, उतनी ही उनके परिवार की भी है कि उनके माता-पिता और भाई किस दौर से गुजरे।

सवाल: ऐतिहासिक सच्चाई और सिनेमैटिक लिबर्टी के बीच बैलेंस कैसे बनाया?

जवाब: इतिहास में तारीखें और घटनाएं दर्ज होती हैं, लेकिन उनके बीच के धागे और इमोशंस नहीं। महाराज और उनके बड़े भाई शंभूराजे के बीच क्या बातें होती थीं, माता जीजाबाई के साथ उनका कैसा रिश्ता था… ये सब साहित्य में नहीं मिलता। ऐसे में हमें मान-मर्यादा को सामने रखकर वो रिश्ते गढ़ने पड़े, ताकि इतिहास से कोई छेड़छाड़ न हो और दर्शकों की भावनाओं को ठेस न पहुंचे।

सवाल: महाराज का किरदार निभाते वक्त आपके अंदर कैसा इमोशनल ट्रांसफॉर्मेशन चल रहा था?

जवाब: लिखते वक्त ही मुझे समझ आ गया था कि महाराज सिर्फ बैटलफील्ड में एग्रेसिव नहीं थे, बल्कि बहुत संवेदनशील भी थे। वो दूर की सोचते थे। गनीमी कावा (गोरिल्ला वारफेयर) सिर्फ हथियारों की लड़ाई नहीं, बल्कि माइंड गेम भी था। अगर आपको बड़ी छलांग लगानी है तो दो कदम पीछे लेने ही पड़ते हैं। मैंने पर्दे पर उनके उसी शांत और रणनीतिक विजन को जीने की कोशिश की है।

सवाल: फिल्म को लेकर अब तक का सबसे प्यारा फीडबैक किससे मिला?

जवाब: सबसे सुकून देने वाला फीडबैक छत्रपति संभाजी राजे के परिवार से मिला। उन्होंने फिल्म देखी और हमारी तारीफ की। जब उनके परिवार ने कहा कि उन्हें हमारा काम पसंद आया, तो मेरे सीने से एक बहुत बड़ा बोझ उतर गया। ऐसा लगा कि हमने अपनी जिम्मेदारी ठीक से निभा ली।

सवाल: ‘एक विलेन’ और ‘रेड 2’ जैसी फिल्मों से आपने खुद पर लगे ‘कॉमेडी एक्टर’ के टैग को कैसे तोड़ा?

जवाब: कॉमेडी जॉनर ने मुझे इंडस्ट्री में टिके रहने में बहुत मदद की। एक वक्त था जब मेरी कॉमेडी फिल्में लगातार हिट हो रही थीं। लेकिन सिनेमा वक्त के साथ बदलता है। अगर आप एक ही फ्रेम में अटके रहेंगे, तो आउटडेटेड हो जाएंगे। खुद को अपग्रेड करना जरूरी था, इसलिए मैंने सीरियस और निगेटिव रोल्स किए। दर्शकों ने ही मुझे उस टैग से बाहर निकाला है।

सवाल: आप हिंदी सिनेमा में भी हिट हैं, फिर मराठी सिनेमा को इतना आगे ले जाने का विजन कहां से आया?

जवाब: यह मेरे पिताजी (स्वर्गीय विलासराव देशमुख) की वजह से है। उन्होंने मुझसे कहा था- “तू हिंदी फिल्मों में काम कर रहा है, लेकिन अपनी मराठी फिल्मों के लिए क्या करेगा?” तब मैंने मुंबई फिल्म कंपनी बनाई। आज तक हमने 7 फिल्में बनाई हैं और सभी मराठी हैं। जिस मिट्टी में आप जन्मे हैं, उसे कुछ वापस देना आपका फर्ज बनता है। पिताजी आज ऊपर से यही दुआ दे रहे होंगे कि तूने अच्छा किया।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

जॉब - शिक्षा

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.