Saturday, 26 Sep 2026 | 08:34 AM

Trending :

EXCLUSIVE

गठिया रोग में क्या खाएं और क्या नहीं? एक्सपर्ट ने बताए जरूरी खानपान और लाइफस्टाइल टिप्स

authorimg

अंबाला: बढ़ती उम्र के साथ जोड़ों में दर्द, सूजन और अकड़न की समस्या तेजी से बढ़ रही है. खासकर गठिया (आर्थराइटिस) के मरीजों में यह परेशानी आम होती जा रही है. दर्द से तुरंत राहत पाने के लिए कई लोग बिना डॉक्टर की सलाह के लंबे समय तक पेन किलर दवाइयों का सेवन करने लगते हैं. लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह आदत शरीर के लिए गंभीर नुकसान का कारण बन सकती है. लगातार पेन किलर लेने से किडनी पर बुरा असर पड़ सकता है और अन्य बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है.

गठिया रोग के कारण धीरे-धीरे जोड़ों की कार्यक्षमता कम होने लगती है और मरीज को चलने-फिरने, सीढ़ियां चढ़ने और रोजमर्रा के सामान्य काम करने में भी कठिनाई का सामना करना पड़ता है. ऐसे में लोग दर्द से राहत पाने के लिए दवाइयों का सहारा लेते हैं, लेकिन बिना चिकित्सकीय सलाह के इनका अधिक सेवन भविष्य में नई स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है.

पेन किलर दवाओं से नुकसान

इस बारे में लोकल 18 को अधिक जानकारी देते हुए अंबाला शहर नागरिक अस्पताल में कार्यरत होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. रजिता ने बताया कि जोड़ों में दर्द और सूजन की समस्या में पेन किलर दवाओं का अत्यधिक उपयोग खतरनाक साबित हो सकता है. उन्होंने कहा कि इन दवाइयों का लगातार सेवन किडनी पर दुष्प्रभाव डालता है और शरीर के अन्य अंगों को भी प्रभावित कर सकता है.

होम्योपैथिक में गठिया रोग का बेहतर इलाज

डॉ. रजिता ने बताया कि होम्योपैथिक पद्धति में गठिया रोग का बेहतर इलाज संभव है. मरीज के शरीर में होने वाले बदलावों और लक्षणों की जांच के बाद कुछ समय में इस बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को रोज सुबह बिस्तर से उठते समय शरीर में जकड़न महसूस होती है या चलने-फिरने में परेशानी आती है, तो उसे तुरंत जांच करवानी चाहिए. ब्लड टेस्ट के जरिए यूरिक एसिड और गठिया रोग की स्थिति का पता लगाया जा सकता है.

उन्होंने यह भी बताया कि लंबे समय तक खड़े रहने पर पैरों में सूजन और दर्द होना भी गठिया का संकेत हो सकता है. ऐसे लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है, क्योंकि समय रहते उपचार शुरू करने से बीमारी को बढ़ने से रोका जा सकता है.

गठिया के मरीज इन चीजों से बनाएं दूरी

खानपान को लेकर भी उन्होंने कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए. उन्होंने कहा कि गठिया रोग से पीड़ित मरीजों को चावल, राजमा, चने और कढ़ी जैसी चीजों का सेवन कम करना चाहिए. इसके अलावा दूध और अधिक प्रोटीन वाली चीजों का उपयोग भी सीमित मात्रा में करना चाहिए. वहीं, हरी सब्जियां और काली मिर्च का सेवन मरीजों के लिए लाभकारी माना गया है.

साथ ही गठिया रोग के मरीजों को अपनी जीवनशैली में बदलाव लाना बेहद जरूरी है. नियमित योग और हल्का व्यायाम शरीर को सक्रिय रखने में मदद करता है. साथ ही नॉनवेज के अत्यधिक सेवन से भी बचना चाहिए.

होम्योपैथिक उपचार

उन्होंने बताया कि होम्योपैथिक उपचार में अर्निका, रस टॉक्स, लेडम पाल और ब्रायोनिया जैसी दवाइयां मरीज की स्थिति के अनुसार दी जाती हैं. उपचार के दौरान मरीज की पुरानी मेडिकल हिस्ट्री और शारीरिक-मानसिक स्थिति को ध्यान में रखा जाता है.

क्या है इलाज

विशेषज्ञों का मानना है कि गठिया के मरीजों को बिना सलाह लंबे समय तक पेन किलर लेने से बचना चाहिए. संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, वजन नियंत्रण और समय पर सही इलाज के जरिए इस बीमारी को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
RSS Chief Mohan Bhagwat London Visit

September 3, 2026/
10:07 pm

लंदनकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक 100 से ज्यादा ब्रिटिश हिंदू संगठनों ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत...

Himachal Chief Minister Sukhvinder Sukhu Get sick | AIIMS Delhi

February 21, 2026/
4:03 pm

हिमाचल सीएम सुखविंदर सुक्खू इलाज को एम्स दिल्ली पहुंचे। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू आज दिल्ली में बीमार...

Mumbai Indians vs Royal Challengers Bengaluru Live Score IPL 2026 Match Today

April 13, 2026/
12:32 am

आखरी अपडेट:13 अप्रैल, 2026, 00:32 IST इस दौड़ को राज्य की राजनीति के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण के रूप में...

इछावर में मामूली विवाद में चाकूबाजी, दो गंभीर घायल:आरोपी थाने तक पीछा करते पकड़ा गया

April 20, 2026/
8:47 pm

सीहोर जिले के इछावर थाना क्षेत्र में सोमवार को मामूली विवाद को लेकर हुई चाकूबाजी में दो लोग गंभीर रूप...

तस्वीर का विवरण

May 23, 2026/
7:31 pm

एलोवेरा जेल के फायदे: त्वचा को ठंडक देता है। चेहरे को अंतिम संस्कार किया जाता है। पिंपल और जलन को...

राजनीति

गठिया रोग में क्या खाएं और क्या नहीं? एक्सपर्ट ने बताए जरूरी खानपान और लाइफस्टाइल टिप्स

authorimg

अंबाला: बढ़ती उम्र के साथ जोड़ों में दर्द, सूजन और अकड़न की समस्या तेजी से बढ़ रही है. खासकर गठिया (आर्थराइटिस) के मरीजों में यह परेशानी आम होती जा रही है. दर्द से तुरंत राहत पाने के लिए कई लोग बिना डॉक्टर की सलाह के लंबे समय तक पेन किलर दवाइयों का सेवन करने लगते हैं. लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह आदत शरीर के लिए गंभीर नुकसान का कारण बन सकती है. लगातार पेन किलर लेने से किडनी पर बुरा असर पड़ सकता है और अन्य बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है.

गठिया रोग के कारण धीरे-धीरे जोड़ों की कार्यक्षमता कम होने लगती है और मरीज को चलने-फिरने, सीढ़ियां चढ़ने और रोजमर्रा के सामान्य काम करने में भी कठिनाई का सामना करना पड़ता है. ऐसे में लोग दर्द से राहत पाने के लिए दवाइयों का सहारा लेते हैं, लेकिन बिना चिकित्सकीय सलाह के इनका अधिक सेवन भविष्य में नई स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है.

पेन किलर दवाओं से नुकसान

इस बारे में लोकल 18 को अधिक जानकारी देते हुए अंबाला शहर नागरिक अस्पताल में कार्यरत होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. रजिता ने बताया कि जोड़ों में दर्द और सूजन की समस्या में पेन किलर दवाओं का अत्यधिक उपयोग खतरनाक साबित हो सकता है. उन्होंने कहा कि इन दवाइयों का लगातार सेवन किडनी पर दुष्प्रभाव डालता है और शरीर के अन्य अंगों को भी प्रभावित कर सकता है.

होम्योपैथिक में गठिया रोग का बेहतर इलाज

डॉ. रजिता ने बताया कि होम्योपैथिक पद्धति में गठिया रोग का बेहतर इलाज संभव है. मरीज के शरीर में होने वाले बदलावों और लक्षणों की जांच के बाद कुछ समय में इस बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को रोज सुबह बिस्तर से उठते समय शरीर में जकड़न महसूस होती है या चलने-फिरने में परेशानी आती है, तो उसे तुरंत जांच करवानी चाहिए. ब्लड टेस्ट के जरिए यूरिक एसिड और गठिया रोग की स्थिति का पता लगाया जा सकता है.

उन्होंने यह भी बताया कि लंबे समय तक खड़े रहने पर पैरों में सूजन और दर्द होना भी गठिया का संकेत हो सकता है. ऐसे लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है, क्योंकि समय रहते उपचार शुरू करने से बीमारी को बढ़ने से रोका जा सकता है.

गठिया के मरीज इन चीजों से बनाएं दूरी

खानपान को लेकर भी उन्होंने कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए. उन्होंने कहा कि गठिया रोग से पीड़ित मरीजों को चावल, राजमा, चने और कढ़ी जैसी चीजों का सेवन कम करना चाहिए. इसके अलावा दूध और अधिक प्रोटीन वाली चीजों का उपयोग भी सीमित मात्रा में करना चाहिए. वहीं, हरी सब्जियां और काली मिर्च का सेवन मरीजों के लिए लाभकारी माना गया है.

साथ ही गठिया रोग के मरीजों को अपनी जीवनशैली में बदलाव लाना बेहद जरूरी है. नियमित योग और हल्का व्यायाम शरीर को सक्रिय रखने में मदद करता है. साथ ही नॉनवेज के अत्यधिक सेवन से भी बचना चाहिए.

होम्योपैथिक उपचार

उन्होंने बताया कि होम्योपैथिक उपचार में अर्निका, रस टॉक्स, लेडम पाल और ब्रायोनिया जैसी दवाइयां मरीज की स्थिति के अनुसार दी जाती हैं. उपचार के दौरान मरीज की पुरानी मेडिकल हिस्ट्री और शारीरिक-मानसिक स्थिति को ध्यान में रखा जाता है.

क्या है इलाज

विशेषज्ञों का मानना है कि गठिया के मरीजों को बिना सलाह लंबे समय तक पेन किलर लेने से बचना चाहिए. संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, वजन नियंत्रण और समय पर सही इलाज के जरिए इस बीमारी को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.