Wednesday, 24 Jun 2026 | 10:27 PM

Trending :

EXCLUSIVE

गठिया रोग में क्या खाएं और क्या नहीं? एक्सपर्ट ने बताए जरूरी खानपान और लाइफस्टाइल टिप्स

authorimg

अंबाला: बढ़ती उम्र के साथ जोड़ों में दर्द, सूजन और अकड़न की समस्या तेजी से बढ़ रही है. खासकर गठिया (आर्थराइटिस) के मरीजों में यह परेशानी आम होती जा रही है. दर्द से तुरंत राहत पाने के लिए कई लोग बिना डॉक्टर की सलाह के लंबे समय तक पेन किलर दवाइयों का सेवन करने लगते हैं. लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह आदत शरीर के लिए गंभीर नुकसान का कारण बन सकती है. लगातार पेन किलर लेने से किडनी पर बुरा असर पड़ सकता है और अन्य बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है.

गठिया रोग के कारण धीरे-धीरे जोड़ों की कार्यक्षमता कम होने लगती है और मरीज को चलने-फिरने, सीढ़ियां चढ़ने और रोजमर्रा के सामान्य काम करने में भी कठिनाई का सामना करना पड़ता है. ऐसे में लोग दर्द से राहत पाने के लिए दवाइयों का सहारा लेते हैं, लेकिन बिना चिकित्सकीय सलाह के इनका अधिक सेवन भविष्य में नई स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है.

पेन किलर दवाओं से नुकसान

इस बारे में लोकल 18 को अधिक जानकारी देते हुए अंबाला शहर नागरिक अस्पताल में कार्यरत होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. रजिता ने बताया कि जोड़ों में दर्द और सूजन की समस्या में पेन किलर दवाओं का अत्यधिक उपयोग खतरनाक साबित हो सकता है. उन्होंने कहा कि इन दवाइयों का लगातार सेवन किडनी पर दुष्प्रभाव डालता है और शरीर के अन्य अंगों को भी प्रभावित कर सकता है.

होम्योपैथिक में गठिया रोग का बेहतर इलाज

डॉ. रजिता ने बताया कि होम्योपैथिक पद्धति में गठिया रोग का बेहतर इलाज संभव है. मरीज के शरीर में होने वाले बदलावों और लक्षणों की जांच के बाद कुछ समय में इस बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को रोज सुबह बिस्तर से उठते समय शरीर में जकड़न महसूस होती है या चलने-फिरने में परेशानी आती है, तो उसे तुरंत जांच करवानी चाहिए. ब्लड टेस्ट के जरिए यूरिक एसिड और गठिया रोग की स्थिति का पता लगाया जा सकता है.

उन्होंने यह भी बताया कि लंबे समय तक खड़े रहने पर पैरों में सूजन और दर्द होना भी गठिया का संकेत हो सकता है. ऐसे लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है, क्योंकि समय रहते उपचार शुरू करने से बीमारी को बढ़ने से रोका जा सकता है.

गठिया के मरीज इन चीजों से बनाएं दूरी

खानपान को लेकर भी उन्होंने कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए. उन्होंने कहा कि गठिया रोग से पीड़ित मरीजों को चावल, राजमा, चने और कढ़ी जैसी चीजों का सेवन कम करना चाहिए. इसके अलावा दूध और अधिक प्रोटीन वाली चीजों का उपयोग भी सीमित मात्रा में करना चाहिए. वहीं, हरी सब्जियां और काली मिर्च का सेवन मरीजों के लिए लाभकारी माना गया है.

साथ ही गठिया रोग के मरीजों को अपनी जीवनशैली में बदलाव लाना बेहद जरूरी है. नियमित योग और हल्का व्यायाम शरीर को सक्रिय रखने में मदद करता है. साथ ही नॉनवेज के अत्यधिक सेवन से भी बचना चाहिए.

होम्योपैथिक उपचार

उन्होंने बताया कि होम्योपैथिक उपचार में अर्निका, रस टॉक्स, लेडम पाल और ब्रायोनिया जैसी दवाइयां मरीज की स्थिति के अनुसार दी जाती हैं. उपचार के दौरान मरीज की पुरानी मेडिकल हिस्ट्री और शारीरिक-मानसिक स्थिति को ध्यान में रखा जाता है.

क्या है इलाज

विशेषज्ञों का मानना है कि गठिया के मरीजों को बिना सलाह लंबे समय तक पेन किलर लेने से बचना चाहिए. संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, वजन नियंत्रण और समय पर सही इलाज के जरिए इस बीमारी को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
पेट्रोल ₹18 और डीजल ₹35 महंगा हो सकता है:पश्चिम बंगाल सहित 5 राज्यों में चुनाव के बाद बढ़ सकते हैं दाम, तेल कंपनियां नुकसान में

April 14, 2026/
12:58 pm

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों की वजह से पेट्रोल ₹18 और डीजल ₹35 प्रति लीटर तक महंगा हो सकता है।...

एअर इंडिया अब हर दिन 100 फ्लाइट्स कम करेगी:वजह- फ्यूल की बढ़ती कीमतें और स्पेयर पार्ट्स की कमी; ऑस्ट्रेलिया, यूरोप और अमेरिका के रूट प्रभावित होंगे

May 1, 2026/
8:30 am

एअर इंडिया अपनी इंटरनेशनल और डोमेस्टिक उड़ानों में करीब 10% की कटौती करने जा रही है। टाटा ग्रुप की यह...

खरगोन में बड़वानी की छात्रा का शव मिला:पंखे से दुपट्टे का फंदा बनाया, कल ही घर से लौटी थी

March 16, 2026/
10:46 pm

खरगोन शहर के कुंदा नगर स्थित निर्भया हॉस्टल में सोमवार रात छात्रा का शव कमरे में फंदे पर लटका हुआ...

राजस्थान-छत्तीसगढ़ में तापमान 40°C के पार पहुंचेगा:आंध्र प्रदेश में अगले 5 दिन आंधी-तूफान अलर्ट; शिमला में 46 साल बाद सबसे ठंडी अप्रैल की रात

April 11, 2026/
5:30 am

भोपाल/लखनऊ/शिमला/देहरादून47 मिनट पहले कॉपी लिंक देशभर में गर्मी बढ़ने लगी है। शुक्रवार को राजस्थान के बाड़मेर में दिन का तापमान...

मैं प्राकृतिक रूप से कोरियाई होंठ कैसे प्राप्त कर सकता हूं: अंधेरे होंठों से मिनटों में बाहर, घर पर अपनाएं ये आसान कोरियाई होंठ देखभाल रूटीन

April 8, 2026/
1:46 pm

8 अप्रैल 2026 को 13:46 IST पर अद्यतन किया गया मैं प्राकृतिक रूप से कोरियाई होंठ कैसे पा सकता हूं:...

नेपाली पीएम बोले- हमने भी भारतीय जमीन पर कब्जा किया:सिर्फ भारत ने हमारे इलाके नहीं कब्जाए, लिपुलेख पर ब्रिटेन मध्यस्थ बने

May 31, 2026/
5:13 pm

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने भारत-नेपाल सीमा विवाद पर बड़ा बयान दिया। काठमांडू पोस्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा कि...

Rajasthan Royals' Vaibhav Sooryavanshi plays a shot during the Indian Premier League cricket match between Chennai Super Kings and Rajasthan Royals in Guwahati, India, Monday, March 30, 2026. (AP Photo/Anupam Nath)

March 31, 2026/
7:45 am

आखरी अपडेट:मार्च 31, 2026, 07:45 IST पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: भारत भर के राज्यों की नजर है। जो कोई भी...

राजनीति

गठिया रोग में क्या खाएं और क्या नहीं? एक्सपर्ट ने बताए जरूरी खानपान और लाइफस्टाइल टिप्स

authorimg

अंबाला: बढ़ती उम्र के साथ जोड़ों में दर्द, सूजन और अकड़न की समस्या तेजी से बढ़ रही है. खासकर गठिया (आर्थराइटिस) के मरीजों में यह परेशानी आम होती जा रही है. दर्द से तुरंत राहत पाने के लिए कई लोग बिना डॉक्टर की सलाह के लंबे समय तक पेन किलर दवाइयों का सेवन करने लगते हैं. लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह आदत शरीर के लिए गंभीर नुकसान का कारण बन सकती है. लगातार पेन किलर लेने से किडनी पर बुरा असर पड़ सकता है और अन्य बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है.

गठिया रोग के कारण धीरे-धीरे जोड़ों की कार्यक्षमता कम होने लगती है और मरीज को चलने-फिरने, सीढ़ियां चढ़ने और रोजमर्रा के सामान्य काम करने में भी कठिनाई का सामना करना पड़ता है. ऐसे में लोग दर्द से राहत पाने के लिए दवाइयों का सहारा लेते हैं, लेकिन बिना चिकित्सकीय सलाह के इनका अधिक सेवन भविष्य में नई स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है.

पेन किलर दवाओं से नुकसान

इस बारे में लोकल 18 को अधिक जानकारी देते हुए अंबाला शहर नागरिक अस्पताल में कार्यरत होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. रजिता ने बताया कि जोड़ों में दर्द और सूजन की समस्या में पेन किलर दवाओं का अत्यधिक उपयोग खतरनाक साबित हो सकता है. उन्होंने कहा कि इन दवाइयों का लगातार सेवन किडनी पर दुष्प्रभाव डालता है और शरीर के अन्य अंगों को भी प्रभावित कर सकता है.

होम्योपैथिक में गठिया रोग का बेहतर इलाज

डॉ. रजिता ने बताया कि होम्योपैथिक पद्धति में गठिया रोग का बेहतर इलाज संभव है. मरीज के शरीर में होने वाले बदलावों और लक्षणों की जांच के बाद कुछ समय में इस बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को रोज सुबह बिस्तर से उठते समय शरीर में जकड़न महसूस होती है या चलने-फिरने में परेशानी आती है, तो उसे तुरंत जांच करवानी चाहिए. ब्लड टेस्ट के जरिए यूरिक एसिड और गठिया रोग की स्थिति का पता लगाया जा सकता है.

उन्होंने यह भी बताया कि लंबे समय तक खड़े रहने पर पैरों में सूजन और दर्द होना भी गठिया का संकेत हो सकता है. ऐसे लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है, क्योंकि समय रहते उपचार शुरू करने से बीमारी को बढ़ने से रोका जा सकता है.

गठिया के मरीज इन चीजों से बनाएं दूरी

खानपान को लेकर भी उन्होंने कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए. उन्होंने कहा कि गठिया रोग से पीड़ित मरीजों को चावल, राजमा, चने और कढ़ी जैसी चीजों का सेवन कम करना चाहिए. इसके अलावा दूध और अधिक प्रोटीन वाली चीजों का उपयोग भी सीमित मात्रा में करना चाहिए. वहीं, हरी सब्जियां और काली मिर्च का सेवन मरीजों के लिए लाभकारी माना गया है.

साथ ही गठिया रोग के मरीजों को अपनी जीवनशैली में बदलाव लाना बेहद जरूरी है. नियमित योग और हल्का व्यायाम शरीर को सक्रिय रखने में मदद करता है. साथ ही नॉनवेज के अत्यधिक सेवन से भी बचना चाहिए.

होम्योपैथिक उपचार

उन्होंने बताया कि होम्योपैथिक उपचार में अर्निका, रस टॉक्स, लेडम पाल और ब्रायोनिया जैसी दवाइयां मरीज की स्थिति के अनुसार दी जाती हैं. उपचार के दौरान मरीज की पुरानी मेडिकल हिस्ट्री और शारीरिक-मानसिक स्थिति को ध्यान में रखा जाता है.

क्या है इलाज

विशेषज्ञों का मानना है कि गठिया के मरीजों को बिना सलाह लंबे समय तक पेन किलर लेने से बचना चाहिए. संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, वजन नियंत्रण और समय पर सही इलाज के जरिए इस बीमारी को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.