Friday, 30 Oct 2026 | 06:32 PM

Trending :

EXCLUSIVE

500 रु. में नौकरी की, ताने सहे,आज हैं फैशन आइकन:मेट गाला से माइकल जैक्सन तक; मनीष मल्होत्रा के संघर्ष की कहानी

500 रु. में नौकरी की, ताने सहे,आज हैं फैशन आइकन:मेट गाला से माइकल जैक्सन तक; मनीष मल्होत्रा के संघर्ष की कहानी

फैशन डिजाइनर मनीष मल्होत्रा किसी परिचय के मोहताज नहीं। लेकिन इस मुकाम पर पहुंचने के लिए उन्हें कई चुनौतियां पार करनी पड़ी हैं। अभी मनीष “मेट गाला’ में प्रदर्शित अपने विशेष परिधानों को लेकर चर्चा में हैं। जानते हैं उनकी संघर्ष से सफलता की कहानी…. मुंबई के एक मध्यमवर्गीय पंजाबी परिवार में 5 दिसंबर 1966 को जन्मे मनीष अपने स्कूली दिनों में मां के साथ न सिर्फ साड़ी खरीदने जाते, बल्कि साड़ियों को लेकर उन्हें फैशन टिप्स भी देने लगे थे। यहीं से फैशन और कॉस्ट्यूम डिजाइन के प्रति उनका लगाव बढ़ने लगा। बचपन से ही वे फिल्मों के बेहद शौकीन थे। वे लगभग हर ​फिल्म देखने जाते, लेकिन कलाकारों के अभिनय से ज्यादा मनीष का ध्यान उनके पहनावे पर होता था। कलाकारों के परिधान देख कर वे फैशन की बारीकियां समझने लगे। संघर्ष – डिजाइनिंग की डिग्री नहीं ले पाए, सेट पर लोग कपड़े सिलने वाला बोलते 1980 के दशक में फैशन डिजाइनिंग को पुरुषों का पेशा नहीं माना जाता था। लोग उनका मजाक उड़ाते थे। मनीष कभी डिजाइनिंग की औपचारिक पढ़ाई भी नहीं कर पाए, क्योंकि तब देश में पुरुषों के लिए फैशन डिजाइनिंग कोर्स नहीं होते थे। और विदेश जाकर कोर्स करने के पैसे उनके पास नहीं ​थे। कॅरिअर की शुरुआत में उन्होंने मुम्बई के “इक्विनॉक्स’ बुटीक में महज 500 रुपए महीने की नौकरी की। यहां उन्हें ग्राहकों को कपड़े दिखाने और उन्हें तह करने का काम मिला। खाली समय में मनीष छिप कर डिजाइन स्केच बनाते थे। बॉलीवुड के शुरुआती वर्षों में प्रोड्यूसर उनके डिजाइन को अधिक ग्लैमरस बता कर रिजेक्ट कर देते। सेट पर उनसे कहा जाता कि तुम कपड़े सिलने वाले हो, उन्हें दो और चलते बनो। शुरुआत – “रंगीला’ से बने बॉलीवुड के बड़े चेहरे, जैक्सन की जैकेट डिजाइन की मल्होत्रा ने 1990 में फिल्म “स्वर्ग’ में जूही चावला के लिए कॉस्ट्यूम ​​डिजाइन कर बॉलीवुड में ​डेब्यू किया। मनीष बताते हैं कि “गुमराह’ के लिए उन्हें पहली बार यश जौहर ने 10 हजार रुपए दिए। 1995 में “रंगीला’ में उर्मिला मातोंडकर के आउटफिट ​डिजाइन ने उन्हें रातोंरात बॉलीवुड का बड़ा चेहरा बना दिया। 1996 में माइकल जैक्सन भारत आए थे तो मनीष ने उनकी जैकेट डिजाइन की थी। सफलता – खुद के नाम को ही लग्जरी ब्रांड बनाया, श्रमिकों के कल्याण से भी जुड़े मनीष ने 2005 में अपने नाम से ही डिजाइनर कपड़ों का लग्जरी ब्रांड लॉन्च किया। वे स्किन केयर और ज्वेलरी में भी अपने कलेक्शन लॉन्च कर चुके हैं। आईफा, फिल्मफेयर समेत कई अवॉर्ड उन्हें मिल चुके हैं। वे चिकनकारी की ​महिला श्रमिकों के ​कल्याण की एक सामाजिक संस्था से भी जुड़े हैं। उनकी नेटवर्थ करीब 2500 करोड़ रुपए बताई जाती है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
authorimg

April 8, 2026/
3:28 pm

होमताजा खबरदेश इस योगासन ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड, ABR में हुआ दर्ज, कौन सा है आसन? Last Updated:April 08, 2026,...

कंप्रेशर टंकी फटने से पंचर दुकानदार की मौके पर मौत:सतना में हवा भरते समय धमाका, अधिक दबाव से हादसे की आशंका

May 1, 2026/
5:11 pm

सतना जिले के चित्रकूट थाना क्षेत्र के राजौला में शुक्रवार दोपहर एक हादसा हुआ। बाइक में हवा भरते समय कंप्रेशर...

वॉटरमेलन शिकंजी रेसिपी: इस समर शिकंजी को बनाएं वॉटरमेलन शिकंजी, स्वाद और सेहत दोनों का प्रभाव संयोजन

March 23, 2026/
6:07 pm

तरबूज शिकंजी रेसिपी: गर्मी का मौसम आते ही शरीर को ठंडक देने वाले फूलों की डिजाइन में काफी बढ़ोतरी हो...

Kidney Gang UP | Kanpur Hospitals Dr. Rohit Dr. Ahuja CCTV

April 9, 2026/
5:17 am

कानपुर में 50 लोगों की किडनी ट्रांसप्लांट की गई। आहूजा हॉस्पिटल से शुरू हुआ किडनी ट्रांसप्लांट का खेल यूपी के...

राजनीति

500 रु. में नौकरी की, ताने सहे,आज हैं फैशन आइकन:मेट गाला से माइकल जैक्सन तक; मनीष मल्होत्रा के संघर्ष की कहानी

500 रु. में नौकरी की, ताने सहे,आज हैं फैशन आइकन:मेट गाला से माइकल जैक्सन तक; मनीष मल्होत्रा के संघर्ष की कहानी

फैशन डिजाइनर मनीष मल्होत्रा किसी परिचय के मोहताज नहीं। लेकिन इस मुकाम पर पहुंचने के लिए उन्हें कई चुनौतियां पार करनी पड़ी हैं। अभी मनीष “मेट गाला’ में प्रदर्शित अपने विशेष परिधानों को लेकर चर्चा में हैं। जानते हैं उनकी संघर्ष से सफलता की कहानी…. मुंबई के एक मध्यमवर्गीय पंजाबी परिवार में 5 दिसंबर 1966 को जन्मे मनीष अपने स्कूली दिनों में मां के साथ न सिर्फ साड़ी खरीदने जाते, बल्कि साड़ियों को लेकर उन्हें फैशन टिप्स भी देने लगे थे। यहीं से फैशन और कॉस्ट्यूम डिजाइन के प्रति उनका लगाव बढ़ने लगा। बचपन से ही वे फिल्मों के बेहद शौकीन थे। वे लगभग हर ​फिल्म देखने जाते, लेकिन कलाकारों के अभिनय से ज्यादा मनीष का ध्यान उनके पहनावे पर होता था। कलाकारों के परिधान देख कर वे फैशन की बारीकियां समझने लगे। संघर्ष – डिजाइनिंग की डिग्री नहीं ले पाए, सेट पर लोग कपड़े सिलने वाला बोलते 1980 के दशक में फैशन डिजाइनिंग को पुरुषों का पेशा नहीं माना जाता था। लोग उनका मजाक उड़ाते थे। मनीष कभी डिजाइनिंग की औपचारिक पढ़ाई भी नहीं कर पाए, क्योंकि तब देश में पुरुषों के लिए फैशन डिजाइनिंग कोर्स नहीं होते थे। और विदेश जाकर कोर्स करने के पैसे उनके पास नहीं ​थे। कॅरिअर की शुरुआत में उन्होंने मुम्बई के “इक्विनॉक्स’ बुटीक में महज 500 रुपए महीने की नौकरी की। यहां उन्हें ग्राहकों को कपड़े दिखाने और उन्हें तह करने का काम मिला। खाली समय में मनीष छिप कर डिजाइन स्केच बनाते थे। बॉलीवुड के शुरुआती वर्षों में प्रोड्यूसर उनके डिजाइन को अधिक ग्लैमरस बता कर रिजेक्ट कर देते। सेट पर उनसे कहा जाता कि तुम कपड़े सिलने वाले हो, उन्हें दो और चलते बनो। शुरुआत – “रंगीला’ से बने बॉलीवुड के बड़े चेहरे, जैक्सन की जैकेट डिजाइन की मल्होत्रा ने 1990 में फिल्म “स्वर्ग’ में जूही चावला के लिए कॉस्ट्यूम ​​डिजाइन कर बॉलीवुड में ​डेब्यू किया। मनीष बताते हैं कि “गुमराह’ के लिए उन्हें पहली बार यश जौहर ने 10 हजार रुपए दिए। 1995 में “रंगीला’ में उर्मिला मातोंडकर के आउटफिट ​डिजाइन ने उन्हें रातोंरात बॉलीवुड का बड़ा चेहरा बना दिया। 1996 में माइकल जैक्सन भारत आए थे तो मनीष ने उनकी जैकेट डिजाइन की थी। सफलता – खुद के नाम को ही लग्जरी ब्रांड बनाया, श्रमिकों के कल्याण से भी जुड़े मनीष ने 2005 में अपने नाम से ही डिजाइनर कपड़ों का लग्जरी ब्रांड लॉन्च किया। वे स्किन केयर और ज्वेलरी में भी अपने कलेक्शन लॉन्च कर चुके हैं। आईफा, फिल्मफेयर समेत कई अवॉर्ड उन्हें मिल चुके हैं। वे चिकनकारी की ​महिला श्रमिकों के ​कल्याण की एक सामाजिक संस्था से भी जुड़े हैं। उनकी नेटवर्थ करीब 2500 करोड़ रुपए बताई जाती है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.