Friday, 09 Oct 2026 | 05:11 AM

Trending :

EXCLUSIVE

अल-सल्वाडोर के तानाशाह का ‘ठोक दो’ मॉडल:हत्या दर 104 से घटकर 1.9 पर आई; अब 12 साल के बच्चों को भी उम्रकैद

अल-सल्वाडोर के तानाशाह का ‘ठोक दो’ मॉडल:हत्या दर 104 से घटकर 1.9 पर आई; अब 12 साल के बच्चों को भी उम्रकैद

कभी दुनिया की ‘मर्डर कैपिटल’ कहे जाने वाले लैटिन अमेरिकी देश अल सल्वाडोर की सड़कों पर आज बच्चे रात को बेखौफ फुटबॉल खेलते हैं। यह बदलाव मुमकिन हुआ 44 वर्षीय राष्ट्रपति नाएब बुकेले के कारण, जिन्हें उनके प्रशंसक ‘मसीहा’ और विरोधी ‘क्रूर तानाशाह’ कहते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भी उनकी तारीफ करते रहे हैं और वाइट हाउस में बुला भी चुके हैं। बुकेले ने अपनी 92% लोकप्रियता के दम पर देश को अमेरिका से भी अधिक सुरक्षित बनाया है, लेकिन कीमत लोकतंत्र चुका रहा है। 64 लाख आबादी के साथ अल साल्वाडोर दुनिया का वह देश है, जहां 1.9% लोग (हर 50 में से 1 शख्स) जेलों में कैद हैं। लोकतंत्र को ताक पर रखने वाला दुनिया का अनोखा प्रयोग बुकेले ने खुद को एक्स पर ‘दुनिया का सबसे कूल तानाशाह’ घोषित किया था। उनके ‘ठोक दो’ मॉडल का नतीजा यह है कि देश में 2015 में हत्या दर 104 थी, जो 2026 में घटकर महज 1.9 (प्रति एक लाख) रह गई है। विशेषज्ञों का सवाल है कि क्या बिना निष्पक्ष जांच और मानवाधिकारों के मिली यह ‘शांति’ लंबे समय तक टिक पाएगी? फिलहाल, बुकेले की उल्टी टोपी और सख्त लहजा लैटिन अमेरिका की राजनीति का सबसे शक्तिशाली ‘ब्रांड’ बन चुका है। सुरक्षा की चमक के पीछे सिसकते परिवार 25 मार्च 2022 को शुक्रवार की सुबह अल-सल्वाडोर की सड़कों पर लाशें बिछी थीं। सिर्फ एक दिन में 62 लोगों की हत्या। 1980 के गृहयुद्ध के बाद सबसे खूनी दिन। यह एमएस-13 गैंग की करतूत थी। गैंग राष्ट्रपति बुकेले के सर्फ सिटी टूरिज्म प्रोजेक्ट को रोकना चाहता था। तीन दिन में 87 लोगों को मार दिया गया। तब राष्ट्रपति बुकेले ने आपातकाल लगाया। संवैधानिक अधिकार खत्म कर दिए। अगले दो हफ्ते में 10,000 से ज्यादा गिरफ्तारियां हुईं। अब बुकेले ने ऐसे कानून को मंजूरी दी है, जिसमें 12 साल तक के बच्चों को भी आजीवन कैद की सजा का प्रावधान है। मानवाधिकार समूहों का कहना है कि हजारों निर्दोष युवा सिर्फ शक के आधार पर जेल की कालकोठरियों में ठूंसे गए हैं, जहां न खिड़की है, न परिवार से मिलने की इजाजत। 30 की क्षमता वाली सेल में 100 कैदी हैं। लेकिन बुकेले इसकी परवाह नहीं करते हैं। बिटकॉइन प्रयोग बुकेले ने 2021 में बिटकॉइन को कानूनी मुद्रा बनाया। ऐसा करने वाला अल-सल्वाडोर दुनिया का पहला देश बना, लेकिन 2025 में आर्थिक अस्थिरता और लोगों के विरोध के चलते इसे वापस लेना पड़ा। ‘बिटकॉइन सिटी’ का सपना अब भी अधूरा है। विश्लेषकों का कहना है, ‘बुकेले ने दिखाया है कि अगर आप जनता को सुरक्षा का अहसास करा दें, तो वे अपने मौलिक अधिकार और प्रेस की आजादी तक कुर्बान करने को तैयार हो जाते हैं।’

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
तस्वीर का विवरण

May 14, 2026/
4:36 pm

पकौड़ों के लिए: 1 कप बेसन, 1 इलेक्ट्रोनिक कटा प्याज, 1 हरी मिर्च, थोड़ा हरा धनिया, नमक का स्वाद, तेल...

तलाक की चर्चा पर मौनी रॉय ने तोड़ी चुप्पी:बोलीं- हमें प्राइवेसी दें, गलत खबरें न फैलाएं; सोशल मीडिया पर पति को अनफॉलो किया

May 13, 2026/
2:30 pm

एक्ट्रेस मौनी रॉय और उनके पति सूरज नांबियार के तलाक की खबरों के बीच अब मोनी ने चुप्पी तोड़ी है।...

कोटक बैंक पर ₹160 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप:पंचकूला नगर निगम की FD में गड़बड़ी, बैंक ने पुलिस में खुद शिकायत दर्ज की

March 25, 2026/
4:01 pm

हरियाणा की पंचकूला नगर निगम के करोड़ों रुपए के फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) को लेकर कोटक महिंद्रा बैंक विवादों में है।...

एग्जिट पोल 2026: केसी वेणुगोपाल या शशि थरूर, केरल की जनता किसे बनाना चाहती है सीएम, एग्जिट पोल के आंकड़े कर देंगे हैरान

April 30, 2026/
4:12 pm

केरल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए डिजिटल पोल साफ तस्वीरें पेश कर रहे हैं कि कांग्रेस नीत यू फोकस (यूडीएफ)...

फीफा वर्ल्ड-कप का दिलचस्प आंकड़ा:हैरी केन-हालेंड के बिना 30% मैच भी नहीं जीत पा रहीं उनकी टीमें; मेसी-रोनाल्डो की टीमें उनके बिना भी मजबूत

July 5, 2026/
3:46 pm

2026 फीफा पुरुष वर्ल्ड कप में सुपरस्टार खिलाड़ी शानदार फॉर्म में हैं। अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी 4 मैचों में 7...

शमी बोले- क्रिकेट से बोर हुआ तो ही रिटायरमेंट लूंगा:अभी खेल का पूरा मजा ले रहा हूं; लखनऊ से IPL खेलेंगे

March 31, 2026/
4:30 pm

भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने कहा कि वह अभी रिटायरमेंट के बारे में नहीं सोच रहे हैं। वे तभी...

authorimg

March 26, 2026/
7:11 pm

Moringa in Periods: आमतौर पर महिलाओं और लड़कियों को पीरियड्स मुसीबत जैसे महसूस होते हैं. इसकी एक वजह सिर्फ खून...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

अल-सल्वाडोर के तानाशाह का ‘ठोक दो’ मॉडल:हत्या दर 104 से घटकर 1.9 पर आई; अब 12 साल के बच्चों को भी उम्रकैद

अल-सल्वाडोर के तानाशाह का ‘ठोक दो’ मॉडल:हत्या दर 104 से घटकर 1.9 पर आई; अब 12 साल के बच्चों को भी उम्रकैद

कभी दुनिया की ‘मर्डर कैपिटल’ कहे जाने वाले लैटिन अमेरिकी देश अल सल्वाडोर की सड़कों पर आज बच्चे रात को बेखौफ फुटबॉल खेलते हैं। यह बदलाव मुमकिन हुआ 44 वर्षीय राष्ट्रपति नाएब बुकेले के कारण, जिन्हें उनके प्रशंसक ‘मसीहा’ और विरोधी ‘क्रूर तानाशाह’ कहते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भी उनकी तारीफ करते रहे हैं और वाइट हाउस में बुला भी चुके हैं। बुकेले ने अपनी 92% लोकप्रियता के दम पर देश को अमेरिका से भी अधिक सुरक्षित बनाया है, लेकिन कीमत लोकतंत्र चुका रहा है। 64 लाख आबादी के साथ अल साल्वाडोर दुनिया का वह देश है, जहां 1.9% लोग (हर 50 में से 1 शख्स) जेलों में कैद हैं। लोकतंत्र को ताक पर रखने वाला दुनिया का अनोखा प्रयोग बुकेले ने खुद को एक्स पर ‘दुनिया का सबसे कूल तानाशाह’ घोषित किया था। उनके ‘ठोक दो’ मॉडल का नतीजा यह है कि देश में 2015 में हत्या दर 104 थी, जो 2026 में घटकर महज 1.9 (प्रति एक लाख) रह गई है। विशेषज्ञों का सवाल है कि क्या बिना निष्पक्ष जांच और मानवाधिकारों के मिली यह ‘शांति’ लंबे समय तक टिक पाएगी? फिलहाल, बुकेले की उल्टी टोपी और सख्त लहजा लैटिन अमेरिका की राजनीति का सबसे शक्तिशाली ‘ब्रांड’ बन चुका है। सुरक्षा की चमक के पीछे सिसकते परिवार 25 मार्च 2022 को शुक्रवार की सुबह अल-सल्वाडोर की सड़कों पर लाशें बिछी थीं। सिर्फ एक दिन में 62 लोगों की हत्या। 1980 के गृहयुद्ध के बाद सबसे खूनी दिन। यह एमएस-13 गैंग की करतूत थी। गैंग राष्ट्रपति बुकेले के सर्फ सिटी टूरिज्म प्रोजेक्ट को रोकना चाहता था। तीन दिन में 87 लोगों को मार दिया गया। तब राष्ट्रपति बुकेले ने आपातकाल लगाया। संवैधानिक अधिकार खत्म कर दिए। अगले दो हफ्ते में 10,000 से ज्यादा गिरफ्तारियां हुईं। अब बुकेले ने ऐसे कानून को मंजूरी दी है, जिसमें 12 साल तक के बच्चों को भी आजीवन कैद की सजा का प्रावधान है। मानवाधिकार समूहों का कहना है कि हजारों निर्दोष युवा सिर्फ शक के आधार पर जेल की कालकोठरियों में ठूंसे गए हैं, जहां न खिड़की है, न परिवार से मिलने की इजाजत। 30 की क्षमता वाली सेल में 100 कैदी हैं। लेकिन बुकेले इसकी परवाह नहीं करते हैं। बिटकॉइन प्रयोग बुकेले ने 2021 में बिटकॉइन को कानूनी मुद्रा बनाया। ऐसा करने वाला अल-सल्वाडोर दुनिया का पहला देश बना, लेकिन 2025 में आर्थिक अस्थिरता और लोगों के विरोध के चलते इसे वापस लेना पड़ा। ‘बिटकॉइन सिटी’ का सपना अब भी अधूरा है। विश्लेषकों का कहना है, ‘बुकेले ने दिखाया है कि अगर आप जनता को सुरक्षा का अहसास करा दें, तो वे अपने मौलिक अधिकार और प्रेस की आजादी तक कुर्बान करने को तैयार हो जाते हैं।’

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.