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CM Vijay Supporters Sacked; Chennai Police Deployed AIADMK headquarter

CM Vijay Supporters Sacked; Chennai Police Deployed AIADMK headquarter
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चेन्नई22 मिनट पहले

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तमिलनाडु की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी AIADMK की अंदरूनी फूट खुलकर सामने आ गई है। एक गुट पार्टी के महासचिव एडप्पादी के पलानीस्वामी का है, जबकि दूसरा बागी गुट षणमुगम और वेलुमणि में बंट गया है।

तमिलनाडु विधानसभा में विजय सरकार के फ्लोर टेस्ट में TVK की सीटों की संख्या बढ़कर 144 हो गई। बागी खेमे से जुड़े AIADMK के 25 विधायकों ने CM विजय के पक्ष में क्रॉस-वोट किया।

इसके बाद पलानीस्वामी ने षणमुगम और वेलुमणि को पार्टी में उनके पदों से हटा दिया। पलानीस्वामी ने दलबदल विरोधी कानून के तहत विधायकों को अयोग्य घोषित करने के लिए आवेदन किया है।

AIADMK के कार्यकर्ता आज सुबह से ही पलानीस्वामी के घर समर्थन देने के लिए जुटने लगे हैं। इस पूरे घटनाक्रम को देखते हुए चेन्नई में पार्टी हेडक्वॉर्टर के बाहर बड़ी तादाद में पुलिस तैनात कर दी गई।

इसे एहतियात के तौर पर देखा जा रहा है। दरअसल, 2022 में विरोधी गुटों के बीच हिंसक झड़प हो गई थी। तब पन्नीरसेल्व और पलानीस्वामी के समर्थकों ने दौरान पार्टी परिसर में तोड़फोड़ की थी।

विधायकों की अयोग्यता के लिए विधानसभा अध्यक्ष को आवेदन देंगे

AIADMK सूत्रों के अनुसार पलानीस्वामी अपने पार्टी विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के साथ एक बैठक करेंगे। इसमें भविष्य की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। AIADMK के एक सीनियर नेता के मुताबिक पार्टी के वकील आईएस इनबादुराई भी विधानसभा अध्यक्ष JCD प्रभाकर से मुलाकात कर सकते हैं, ताकि बागी विधायकों को अयोग्य घोषित करने की मांग करते हुए एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई जा सके।

दलबदल विरोधी कानून लागू होता है तो बागी विधायकों को विधायक पद से भी अयोग्य घोषित किया जा सकता है, जिसके चलते सभी 24 सीटों पर उपचुनाव कराना पड़ सकता है।

षणमुगम बोले- महासचिव सीधे व्हिप की नियुक्ति नहीं कर सकते

इधर, षणमुगम गुट ने विद्रोही समूह ने अपना रुख कड़ा कर लिया है और उनका तर्क है कि नव निर्वाचित विधायकों से व्हिप की नियुक्ति को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई थी। इसलिए नियुक्ति अवैध थी और व्हिप का पालन करने का कोई सवाल ही नहीं उठता।

षणमुगम ने कहा कि महासचिव सीधे तौर पर व्हिप नियुक्त नहीं कर सकते। विधायकों की बैठक में विधानसभा नेता, उप विधानसभा नेता और व्हिप का चुनाव होगा। यही कानून है। लेकिन ईपीएस का कहना है कि उन्होंने व्हिप नियुक्त किया है। वे व्हिप नियुक्त नहीं कर सकते। पलानीस्वामी ने एग्री कृष्णमूर्ति को व्हिप नियुक्त किया है, जिन्हें नए स्पीकर से भी मान्यता मिलनी चाहिए।

2022 में लीडरशिप को लेकर झगड़े थे पन्नीरसेल्वम और पलानीस्वामी गुट

AIADMK की अंदरूनी लड़ाई के दौरान चेन्नई में पार्टी मुख्यालय पर हिंसक झड़प, पत्थरबाजी, तोड़फोड़ और पुलिस कार्रवाई तक की नौबत आ गई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 11 जुलाई 2022 को पार्टी में सिंगल लीडरशिप हो या नहीं, इसे लेकर ही पूरा विवाद हुआ था।

EPS को पार्टी का मुख्य नेता बनाया जाए या OPS को बराबर भूमिका मिले। आखिरकार EPS गुट मजबूत होकर उभरा और OPS को पार्टी से बाहर कर दिया गया। हिंसा और तोड़फोड़ के बाद तमिलनाडु प्रशासन ने AIADMK मुख्यालय को सील कर दिया था। साथ ही पुलिस तैनात की थी।

EPS गुट ने आरोप लगाया कि OPS समर्थकों ने जयललिता के कमरे का ताला तोड़ा और कुछ दस्तावेज ले गए। इसे लेकर दोनों गुटों के समर्थकों ने पत्थरबाजी की, एक-दूसरे पर डंडों और लोहे की रॉड से हमला किया। वाहनों में तोड़फोड़ की। इन झड़पों में कई लोग घायल हुए थे।

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चेन्नई22 मिनट पहले

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तमिलनाडु की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी AIADMK की अंदरूनी फूट खुलकर सामने आ गई है। एक गुट पार्टी के महासचिव एडप्पादी के पलानीस्वामी का है, जबकि दूसरा बागी गुट षणमुगम और वेलुमणि में बंट गया है।

तमिलनाडु विधानसभा में विजय सरकार के फ्लोर टेस्ट में TVK की सीटों की संख्या बढ़कर 144 हो गई। बागी खेमे से जुड़े AIADMK के 25 विधायकों ने CM विजय के पक्ष में क्रॉस-वोट किया।

इसके बाद पलानीस्वामी ने षणमुगम और वेलुमणि को पार्टी में उनके पदों से हटा दिया। पलानीस्वामी ने दलबदल विरोधी कानून के तहत विधायकों को अयोग्य घोषित करने के लिए आवेदन किया है।

AIADMK के कार्यकर्ता आज सुबह से ही पलानीस्वामी के घर समर्थन देने के लिए जुटने लगे हैं। इस पूरे घटनाक्रम को देखते हुए चेन्नई में पार्टी हेडक्वॉर्टर के बाहर बड़ी तादाद में पुलिस तैनात कर दी गई।

इसे एहतियात के तौर पर देखा जा रहा है। दरअसल, 2022 में विरोधी गुटों के बीच हिंसक झड़प हो गई थी। तब पन्नीरसेल्व और पलानीस्वामी के समर्थकों ने दौरान पार्टी परिसर में तोड़फोड़ की थी।

विधायकों की अयोग्यता के लिए विधानसभा अध्यक्ष को आवेदन देंगे

AIADMK सूत्रों के अनुसार पलानीस्वामी अपने पार्टी विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के साथ एक बैठक करेंगे। इसमें भविष्य की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। AIADMK के एक सीनियर नेता के मुताबिक पार्टी के वकील आईएस इनबादुराई भी विधानसभा अध्यक्ष JCD प्रभाकर से मुलाकात कर सकते हैं, ताकि बागी विधायकों को अयोग्य घोषित करने की मांग करते हुए एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई जा सके।

दलबदल विरोधी कानून लागू होता है तो बागी विधायकों को विधायक पद से भी अयोग्य घोषित किया जा सकता है, जिसके चलते सभी 24 सीटों पर उपचुनाव कराना पड़ सकता है।

षणमुगम बोले- महासचिव सीधे व्हिप की नियुक्ति नहीं कर सकते

इधर, षणमुगम गुट ने विद्रोही समूह ने अपना रुख कड़ा कर लिया है और उनका तर्क है कि नव निर्वाचित विधायकों से व्हिप की नियुक्ति को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई थी। इसलिए नियुक्ति अवैध थी और व्हिप का पालन करने का कोई सवाल ही नहीं उठता।

षणमुगम ने कहा कि महासचिव सीधे तौर पर व्हिप नियुक्त नहीं कर सकते। विधायकों की बैठक में विधानसभा नेता, उप विधानसभा नेता और व्हिप का चुनाव होगा। यही कानून है। लेकिन ईपीएस का कहना है कि उन्होंने व्हिप नियुक्त किया है। वे व्हिप नियुक्त नहीं कर सकते। पलानीस्वामी ने एग्री कृष्णमूर्ति को व्हिप नियुक्त किया है, जिन्हें नए स्पीकर से भी मान्यता मिलनी चाहिए।

2022 में लीडरशिप को लेकर झगड़े थे पन्नीरसेल्वम और पलानीस्वामी गुट

AIADMK की अंदरूनी लड़ाई के दौरान चेन्नई में पार्टी मुख्यालय पर हिंसक झड़प, पत्थरबाजी, तोड़फोड़ और पुलिस कार्रवाई तक की नौबत आ गई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 11 जुलाई 2022 को पार्टी में सिंगल लीडरशिप हो या नहीं, इसे लेकर ही पूरा विवाद हुआ था।

EPS को पार्टी का मुख्य नेता बनाया जाए या OPS को बराबर भूमिका मिले। आखिरकार EPS गुट मजबूत होकर उभरा और OPS को पार्टी से बाहर कर दिया गया। हिंसा और तोड़फोड़ के बाद तमिलनाडु प्रशासन ने AIADMK मुख्यालय को सील कर दिया था। साथ ही पुलिस तैनात की थी।

EPS गुट ने आरोप लगाया कि OPS समर्थकों ने जयललिता के कमरे का ताला तोड़ा और कुछ दस्तावेज ले गए। इसे लेकर दोनों गुटों के समर्थकों ने पत्थरबाजी की, एक-दूसरे पर डंडों और लोहे की रॉड से हमला किया। वाहनों में तोड़फोड़ की। इन झड़पों में कई लोग घायल हुए थे।

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