Thursday, 08 Oct 2026 | 08:14 AM

Trending :

EXCLUSIVE

गौतम अडाणी पर अमेरिकी में दर्ज केस हट सकते हैं:ब्लूमबर्ग का दावा- ₹2500 करोड़ के धोखाधड़ी और रिश्वत केस वापस लेने की तैयारी

गौतम अडाणी पर अमेरिकी में दर्ज केस हट सकते हैं:ब्लूमबर्ग का दावा- ₹2500 करोड़ के धोखाधड़ी और रिश्वत केस वापस लेने की तैयारी

भारतीय अरबपति और अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी को अमेरिका से बड़ी राहत मिल सकती है। ब्लूमबर्ग ने दावा किया है कि मुताबिक, अमेरिकी न्याय विभाग उनके खिलाफ चल रहे 265 मिलियन डॉलर (करीब 2,500 करोड़ रुपए) के रिश्वतखोरी और धोखाधड़ी के आपराधिक आरोपों को वापस लेने की तैयारी कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, इस सप्ताह तक यह कानूनी मामला खत्म किया जा सकता है। अडाणी ग्रुप करीब डेढ़ साल से कानूनी उलझनों का सामना कर रहे हैं। 10 सवाल में समझे पूरा मामला और आगे क्या होगा 1. अमेरिका में गौतम अडाणी पर मुख्य खबर क्या है? जवाब: अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट (DoJ) गौतम अडाणी और उनके सहयोगियों के खिलाफ चल रहे करीब 2,500 करोड़ रुपए के आपराधिक भ्रष्टाचार मामले को वापस लेने जा रहा है। इसी हफ्ते इस आपराधिक केस को आधिकारिक तौर पर ड्रॉप किया जा सकता है। 2. यह पूरा मामला असल में था क्या? जवाब: नवंबर 2024 में न्यूयॉर्क के फेडरल प्रोसीक्यूटर्स ने गौतम अडाणी और उनके भतीजे सागर अडाणी समेत कई अधिकारियों पर आरोप लगाया था कि उन्होंने भारत में सोलर पावर प्रोजेक्ट के ठेके हासिल करने के लिए भारतीय सरकारी अधिकारियों को करीब 2,500 करोड़ रुपए की रिश्वत देने की साजिश रची थी। 3. क्या सिर्फ आपराधिक मामला ही खत्म हो रहा है? जवाब: नहीं, ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग (SEC) भी नवंबर 2024 में अडाणी और अन्य के खिलाफ दायर किए गए पैरेलल ‘सिविल फ्रॉड केस’ को सेटलमेंट के जरिए हल करने की दिशा में बढ़ रहा है। 4. इस मामले में और किन लोगों के नाम शामिल थे? जवाब: इसमें गौतम अडाणी के अलावा सागर अडाणी, अडाणी ग्रीन एनर्जी के पूर्व CEO विनीत जैन, और एज़्योर पावर ग्लोबल के पूर्व अधिकारी रंजीत गुप्ता और रूपेश अग्रवाल शामिल थे। साथ ही कनाडाई निवेशक CDPQ से जुड़े सिरिल कैबनेस का नाम भी इसमें था। 5. अडाणी पर फंड जुटाने को लेकर क्या आरोप थे? जवाब: प्रोसीक्यूटर्स का आरोप था कि अडाणी और उनके साथियों ने कथित रिश्वतखोरी की बात छिपाकर अंतरराष्ट्रीय निवेशकों और बैंकों से लोन और बॉन्ड के जरिए 3 अरब डॉलर (करीब ₹29,000 करोड़) से ज्यादा की फंडिंग जुटाई थी। 6. ‘न्यूमेरो उनो’ और ‘द बिग मैन’ जैसे कोड नेम क्या थे? जवाब: अमेरिकी कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में दावा किया गया था कि साजिश रचने वाले लोग आपस में बातचीत के दौरान गौतम अडाणी को ‘न्यूमेरो उनो’ (इतालवी भाषा में नंबर एक) और ‘द बिग मैन’ जैसे गुप्त कोड नामों से बुलाते थे। 7. क्या कभी गौतम अडाणी अमेरिकी पुलिस की हिरासत में आए? जवाब: नहीं, हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने गौतम और सागर अडाणी के खिलाफ अरेस्ट वारंट हासिल कर लिए थे, लेकिन वे कभी अमेरिकी हिरासत में नहीं रहे। उस वक्त गौतम अडाणी के भारत में होने की बात कही गई थी। 8. यह मामला बंद होने से अडाणी ग्रुप को क्या फायदा होगा? जवाब: इससे ग्रुप के अंतरराष्ट्रीय कारोबार और विदेशी फंडिंग जुटाने की क्षमता में सुधार होगा। पिछले डेढ़ साल से इन आरोपों के कारण ग्रुप की साख पर जो सवाल उठ रहे थे, वे काफी हद तक खत्म हो जाएंगे। 9. क्या अडाणी ग्रुप ने कभी इन आरोपों को स्वीकार किया था? जवाब: शुरुआत से ही अडाणी ग्रुप ने इन आरोपों को आधारहीन बताया था। ग्रुप का स्टैंड हमेशा से रहा है कि उन्होंने सभी अंतरराष्ट्रीय कानूनों और पारदर्शिता के नियमों का पालन किया है। 10. आगे क्या होने की संभावना है? जवाब: माना जा रहा है कि डूजे (DoJ) द्वारा केस वापस लेने के बाद SEC के साथ सिविल सेटलमेंट भी जल्द पूरा हो जाएगा। इससे अडाणी ग्रुप के लिए अमेरिकी बाजारों में दोबारा सक्रिय होने का रास्ता साफ हो जाएगा। 16 की उम्र में स्कूल छोड़कर खड़ा किया अडाणी साम्राज्य गौतम अडाणी ने 1988 में गुजरात में महज 16 साल की उम्र में स्कूल छोड़ने के बाद कमोडिटी ट्रेडिंग के साथ अपने करियर की शुरुआत की थी। पिछले कुछ दशकों में उन्होंने अपने ग्रुप का विस्तार पोर्ट्स, एयरपोर्ट्स, माइनिंग, बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में किया। आज अडाणी ग्रुप भारत के सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर साम्राज्यों में से एक है। अमेरिकी केस खत्म होने की खबर ग्रुप के लिए वैश्विक स्तर पर बड़ी जीत मानी जा रही है। ————- पूरी खबर पढ़ें… देश में फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियों की लॉन्चिंग अटकी: ऑटो कंपनियां बोलीं- पहले फ्यूल मिले, तेल कंपनियों ने कहा- पहले गाड़ियां आएं सरकार देश में पेट्रोल पर निर्भरता कम करने के लिए फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियां तेजी से सड़क पर उतारना चाहती है, लेकिन यह प्लान अब ‘ पहले मुर्गी आई या अंडे’ वाली उलझन में फंस गया है। ऑटोमोबाइल कंपनियां बड़े पैमाने पर तब तक हाई-एथेनॉल ब्लेंड वाली गाड़ियां बनाने को तैयार नहीं हैं, जब तक बाजार में पर्याप्त मात्रा में फ्लैक्स फ्यूल उपलब्ध न हो। वहीं, तेल कंपनियां तब तक E85 और E100 जैसे फ्यूल के स्टोरेज और सप्लाई में निवेश करने से कतरा रही हैं, जब तक सड़कों पर इन्हें चलाने वाली गाड़ियां न आ जाएं। अब सरकार दोनों पक्षों से बात कर रही है। पूरी खबर पढ़ें…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
LSG vs KKR: Lucknow IPL 2026 Pitch Debate

April 26, 2026/
10:57 am

10:15 AM26 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक टीमों की संभावित प्लेइंग-12 लखनऊ सुपर जायंट्स : मिचेल मार्श, आयुष बडोनी, ऋषभ पंत...

होली के लिए बाजार में पिचकारियों की नई वैरायटी:सीहोर में त्रिशूल, हथौड़ा, इलेक्ट्रॉनिक गन और नागिन की बढ़ी मांग

February 22, 2026/
8:41 am

सीहोर में होली का त्योहार नजदीक आते ही बाजार पिचकारी और रंग-गुलाल की दुकानों से सज गए हैं। ये दुकानें...

AAP leader Raghav Chadha (Credits: X)

April 24, 2026/
4:28 pm

आखरी अपडेट:24 अप्रैल, 2026, 16:24 IST राघव चड्ढा, स्वाति मालीवाल, संदीप पाठक और हरभजन सिंह सहित AAP के 10 राज्यसभा...

एक्टर अजित कुमार की मां का निधन:सीएम विजय और तृषा कृष्णन ने घर पहुंचकर दी श्रद्धांजलि

May 31, 2026/
11:55 am

चेन्नई (तमिलनाडु) में एक्टर अजित कुमार की मां मोहिनी मणि का शनिवार को निधन हो गया। वह 85 साल की...

जबलपुर में शराबी ने कार से 4 लोगों को कुचला:3 की हालत गंभीर, सिर-चेहरे और सीने पर चोट; पुलिस ने 1KM दौड़ाकर पकड़ा

March 15, 2026/
11:18 pm

जबलपुर में रविवार रात एक तेज रफ्तार कार ने सड़क किनारे चल रहे राहगीरों को टक्कर मार दी। हादसे में...

Bengal & TN Election Voting: Violence, BJP MLA Attack

April 24, 2026/
4:59 am

कोलकाता/चेन्नई1 घंटे पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए गुरुवार को रिकॉर्ड वोटिंग हुई। बंगाल की...

हिंदू संगठनों ने युवक की पिटाई कर पुलिस को सौंपा:युवती के साथ मिला था, मोबाइल में आपत्तिजनक फोटो-वीडियो मिलने का आरोप

March 22, 2026/
10:00 am

इंदौर के आजाद नगर में हिंदू संगठनों ने शनिवार रात हंगामा कर दिया। यहां एक युवती के साथ शिप्रा के...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

गौतम अडाणी पर अमेरिकी में दर्ज केस हट सकते हैं:ब्लूमबर्ग का दावा- ₹2500 करोड़ के धोखाधड़ी और रिश्वत केस वापस लेने की तैयारी

गौतम अडाणी पर अमेरिकी में दर्ज केस हट सकते हैं:ब्लूमबर्ग का दावा- ₹2500 करोड़ के धोखाधड़ी और रिश्वत केस वापस लेने की तैयारी

भारतीय अरबपति और अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी को अमेरिका से बड़ी राहत मिल सकती है। ब्लूमबर्ग ने दावा किया है कि मुताबिक, अमेरिकी न्याय विभाग उनके खिलाफ चल रहे 265 मिलियन डॉलर (करीब 2,500 करोड़ रुपए) के रिश्वतखोरी और धोखाधड़ी के आपराधिक आरोपों को वापस लेने की तैयारी कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, इस सप्ताह तक यह कानूनी मामला खत्म किया जा सकता है। अडाणी ग्रुप करीब डेढ़ साल से कानूनी उलझनों का सामना कर रहे हैं। 10 सवाल में समझे पूरा मामला और आगे क्या होगा 1. अमेरिका में गौतम अडाणी पर मुख्य खबर क्या है? जवाब: अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट (DoJ) गौतम अडाणी और उनके सहयोगियों के खिलाफ चल रहे करीब 2,500 करोड़ रुपए के आपराधिक भ्रष्टाचार मामले को वापस लेने जा रहा है। इसी हफ्ते इस आपराधिक केस को आधिकारिक तौर पर ड्रॉप किया जा सकता है। 2. यह पूरा मामला असल में था क्या? जवाब: नवंबर 2024 में न्यूयॉर्क के फेडरल प्रोसीक्यूटर्स ने गौतम अडाणी और उनके भतीजे सागर अडाणी समेत कई अधिकारियों पर आरोप लगाया था कि उन्होंने भारत में सोलर पावर प्रोजेक्ट के ठेके हासिल करने के लिए भारतीय सरकारी अधिकारियों को करीब 2,500 करोड़ रुपए की रिश्वत देने की साजिश रची थी। 3. क्या सिर्फ आपराधिक मामला ही खत्म हो रहा है? जवाब: नहीं, ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग (SEC) भी नवंबर 2024 में अडाणी और अन्य के खिलाफ दायर किए गए पैरेलल ‘सिविल फ्रॉड केस’ को सेटलमेंट के जरिए हल करने की दिशा में बढ़ रहा है। 4. इस मामले में और किन लोगों के नाम शामिल थे? जवाब: इसमें गौतम अडाणी के अलावा सागर अडाणी, अडाणी ग्रीन एनर्जी के पूर्व CEO विनीत जैन, और एज़्योर पावर ग्लोबल के पूर्व अधिकारी रंजीत गुप्ता और रूपेश अग्रवाल शामिल थे। साथ ही कनाडाई निवेशक CDPQ से जुड़े सिरिल कैबनेस का नाम भी इसमें था। 5. अडाणी पर फंड जुटाने को लेकर क्या आरोप थे? जवाब: प्रोसीक्यूटर्स का आरोप था कि अडाणी और उनके साथियों ने कथित रिश्वतखोरी की बात छिपाकर अंतरराष्ट्रीय निवेशकों और बैंकों से लोन और बॉन्ड के जरिए 3 अरब डॉलर (करीब ₹29,000 करोड़) से ज्यादा की फंडिंग जुटाई थी। 6. ‘न्यूमेरो उनो’ और ‘द बिग मैन’ जैसे कोड नेम क्या थे? जवाब: अमेरिकी कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में दावा किया गया था कि साजिश रचने वाले लोग आपस में बातचीत के दौरान गौतम अडाणी को ‘न्यूमेरो उनो’ (इतालवी भाषा में नंबर एक) और ‘द बिग मैन’ जैसे गुप्त कोड नामों से बुलाते थे। 7. क्या कभी गौतम अडाणी अमेरिकी पुलिस की हिरासत में आए? जवाब: नहीं, हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने गौतम और सागर अडाणी के खिलाफ अरेस्ट वारंट हासिल कर लिए थे, लेकिन वे कभी अमेरिकी हिरासत में नहीं रहे। उस वक्त गौतम अडाणी के भारत में होने की बात कही गई थी। 8. यह मामला बंद होने से अडाणी ग्रुप को क्या फायदा होगा? जवाब: इससे ग्रुप के अंतरराष्ट्रीय कारोबार और विदेशी फंडिंग जुटाने की क्षमता में सुधार होगा। पिछले डेढ़ साल से इन आरोपों के कारण ग्रुप की साख पर जो सवाल उठ रहे थे, वे काफी हद तक खत्म हो जाएंगे। 9. क्या अडाणी ग्रुप ने कभी इन आरोपों को स्वीकार किया था? जवाब: शुरुआत से ही अडाणी ग्रुप ने इन आरोपों को आधारहीन बताया था। ग्रुप का स्टैंड हमेशा से रहा है कि उन्होंने सभी अंतरराष्ट्रीय कानूनों और पारदर्शिता के नियमों का पालन किया है। 10. आगे क्या होने की संभावना है? जवाब: माना जा रहा है कि डूजे (DoJ) द्वारा केस वापस लेने के बाद SEC के साथ सिविल सेटलमेंट भी जल्द पूरा हो जाएगा। इससे अडाणी ग्रुप के लिए अमेरिकी बाजारों में दोबारा सक्रिय होने का रास्ता साफ हो जाएगा। 16 की उम्र में स्कूल छोड़कर खड़ा किया अडाणी साम्राज्य गौतम अडाणी ने 1988 में गुजरात में महज 16 साल की उम्र में स्कूल छोड़ने के बाद कमोडिटी ट्रेडिंग के साथ अपने करियर की शुरुआत की थी। पिछले कुछ दशकों में उन्होंने अपने ग्रुप का विस्तार पोर्ट्स, एयरपोर्ट्स, माइनिंग, बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में किया। आज अडाणी ग्रुप भारत के सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर साम्राज्यों में से एक है। अमेरिकी केस खत्म होने की खबर ग्रुप के लिए वैश्विक स्तर पर बड़ी जीत मानी जा रही है। ————- पूरी खबर पढ़ें… देश में फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियों की लॉन्चिंग अटकी: ऑटो कंपनियां बोलीं- पहले फ्यूल मिले, तेल कंपनियों ने कहा- पहले गाड़ियां आएं सरकार देश में पेट्रोल पर निर्भरता कम करने के लिए फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियां तेजी से सड़क पर उतारना चाहती है, लेकिन यह प्लान अब ‘ पहले मुर्गी आई या अंडे’ वाली उलझन में फंस गया है। ऑटोमोबाइल कंपनियां बड़े पैमाने पर तब तक हाई-एथेनॉल ब्लेंड वाली गाड़ियां बनाने को तैयार नहीं हैं, जब तक बाजार में पर्याप्त मात्रा में फ्लैक्स फ्यूल उपलब्ध न हो। वहीं, तेल कंपनियां तब तक E85 और E100 जैसे फ्यूल के स्टोरेज और सप्लाई में निवेश करने से कतरा रही हैं, जब तक सड़कों पर इन्हें चलाने वाली गाड़ियां न आ जाएं। अब सरकार दोनों पक्षों से बात कर रही है। पूरी खबर पढ़ें…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.