Saturday, 31 Oct 2026 | 06:30 PM

Trending :

EXCLUSIVE

Big revelation in NEET paper leak case

Big revelation in NEET paper leak case

जयपुर21 मिनट पहलेलेखक: अवधेश आकोदिया

  • कॉपी लिंक

पुणे से केमेस्ट्री प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी की गिरफ्तारी हो चुकी है। CBI कुलकर्णी को ही लीक मामले का मास्टरमाइंड बता रही है।

NEET पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। सीबीआई की जांच में सामने आया है कि नीट-26 के लिए फाइनल हुए पेपर के दोनों सेट प्रिंट होने से पहले ही नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से लीक हो गए थे। एजेंसी के एक अधिकारी ने बताया कि जो पेपर 3 मई को परीक्षा में आया और जो रिजर्व में रखा गया था, दोनों के बायोलॉजी और केमिस्ट्री के सभी सवाल हूबहू क्वेश्चन बैंक (गेस पेपर) में थे।

फिजिक्स के भी कुछ सवाल लीक होने के सबूत मिले

असिस्टेंट प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी ने केमिस्ट्री और सीनियर टीचर मनीषा गुरुनाथ मांधरे ने बायोलॉजी के सवाल एनटीए से चोरी किए। दोनों पेपर बनाने वाली एक्सपर्ट टीम का हिस्सा थे। सीबीआई को इसी पैटर्न पर फिजिक्स के भी कुछ सवाल लीक होने के सबूत मिले हैं और एजेंसी ने संदिग्ध की पहचान कर ली है।

हर साल नीट के पेपर के दो सेट प्रिंट होते हैं

हर साल नीट के पेपर के दो सेट प्रिंट होते हैं। इनमें से कौन सा सेट परीक्षा में आएगा, यह आमतौर पर एनटीए के डीजी तय करते हैं। उनके अलावा किसी और को इसकी जानकारी नहीं होती। दूसरे पेपर को रिजर्व में रखा जाता है ताकि ऐन वक्त पर कोई गड़बड़ी होने की स्थिति में इसका इस्तेमाल किया जा सके।

सीबीआई की जांच में खुलासा

सीबीआई की जांच में यह भी सामने आया है कि जिस क्वेश्चन बैंक की कई राज्यों में खरीद-फरोख्त हुई, उसे पीवी कुलकर्णी और मनीषा गुरुनाथ मांधरे ने मिलकर तैयार किया था। इसमें बायोलॉजी के 180 और केमिस्ट्री के 90 सवाल एनटीए की ओर से प्रिंट करवाए गए पेपर के दोनों सेट से लिए गए थे। चूंकि इनमें से एक पेपर परीक्षा में आया, इसलिए बायोलॉजी के 90 और केमिस्ट्री के 45 सवाल हूबहू क्वेश्चन बैंक से मैच कर गए।

नीट पेपर पांच चरणों में फाइनल होता है

पीवी कुलकर्णी और मनीषा मांधरे एनटीए की ‘पेपर वेटिंग टीम’ में थे। इस टीम का काम सवालों की गहनता से जांच करना होता है। इसी वजह से कुलकर्णी के पास केमिस्ट्री और मनीषा के पास बायोलॉजी के सवालों का एक्सेस था। नीट पेपर पांच चरणों में फाइनल होता है।

पहले चरण में अलग-अलग विषयों के एक्सपर्ट इतने प्रश्न बनाते हैं कि पेपर के 5 सेट बन जाएं। दूसरा चरण मॉडरेशन का होता है। इसमें 5 सेट में से छांटकर 2 सेट बनाए जाते हैं। इसके लिए अलग एक्सपर्ट आते हैं। तीसरा चरण वेटिंग का होता है, जिसमें तीनों विषय के नए एक्सपर्ट प्रश्नों की गलतियां और अशुद्धियां ठीक करते हैं। चौथे चरण में तीनों विषयों के प्रश्नों को एक जगह कंपाइल किया जाता है और पांचवें चरण में पेपर की प्रिंटिंग होती है।

सवाल- बिना अंदरूनी मिलीभगत लीक असंभव है, असली मास्टरमाइंड कौन? बायोलॉजी व केमिस्ट्री के सवाल लीक करने वाले एक्सपट्‌र्स तो पकड़ में हैं, पर असली मास्टरमाइंड फरार है। एनटीए दफ्तर में एक्सपर्ट पेपर बनाते हैं, उसकी सुरक्षा इतनी सख्त होती है कि बिना किसी अंदरूनी मिलीभगत के प्रश्न बाहर आना असंभव है। सीसीटीवी के अलावा 10-12 अधिकारी हर एक्सपर्ट पर निगाह रखते हैं। कोई एक्सपर्ट लाइब्रेरी भी जाता है, तो एनटीए के अधिकारी उसके साथ होते हैं।

एक्सपट्‌र्स में एनटीए की साख खराब, सीनियर पेपर ही नहीं बनाना चाहते जांच में आया कि पीवी कुलकर्णी और मनीषा मांधरे कई साल से पेपर सेटर टीम में थे। कुलकर्णी असिस्टेंट प्रोफेसर था, जबकि मंधारे सीनियर टीचर। ज्यादातर एक्सपट्‌र्स की प्रोफाइल ऐसी ही है, क्योंकि सीनियर प्रोफेसर एनटीए के साथ काम करने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। भास्कर को कुछ एक्सपट्‌र्स ने बताया कि कई साल से नीट किसी न किसी विवाद में है। पता नहीं कब, बिना किसी गड़बड़ी में लिप्त हुए भी गाज गिर जाए।

—–

ये खबरें भी पढ़िए…

1- NEET पेपरलीक के मास्टरमाइंड लग्जरी लाइफ के शौकीन, परिवार बोला-वे प्रॉपर्टी खरीदते हैं, पेपर नहीं

NEET-2026 का लीक पेपर राजस्थान में मास्टरमाइंड भाइयों मांगीलाल और दिनेश ने ही बांटा था। आरोपियों ने एग्जाम से 7 दिन पहले 26 अप्रैल को गुरुग्राम से 30 लाख रुपए एडवांस देकर पेपर खरीदा था। पूरी खबर पढ़िए…

2- NEET पेपर लीक- ‘गेस पेपर’ बनाकर 10 राज्यों में बेचा, 120+ सवाल हूबहू मिले

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET-2026) के रद्द होने के पीछे की असली कहानी सामने आ गई है। भास्कर को सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड नासिक की प्रिंटिंग प्रेस से जुड़ा है। पूरी खबर पढ़िए…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
धामनोद में युवक पर चाकू हमला:बीच-बचाव करने पर वार, परिवार का आरोप- पुलिस ने आरोपियों को बनाया फरियादी

April 28, 2026/
8:06 pm

धार जिले के धामनोद थाना क्षेत्र के ग्राम सेमल्दा में 19 अप्रैल की रात एक युवक पर चाकू से जानलेवा...

authorimg

April 28, 2026/
4:12 pm

Last Updated:April 28, 2026, 16:12 IST मुंबई में हाल ही में तरबूज-बिरयानी खाने से एक पर‍िवार के 4 सदस्‍यों की...

सेंसेक्स 400 अंक चढ़कर 77,200 पर:निफ्टी में भी 100 अंक की तेजी; IT और ऑयल एंड गैस शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी

June 22, 2026/
9:21 am

शेयर बाजार में इस हफ्ते के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार को तेजी है। सेंसेक्स 400 अंक चढ़कर 77,200 के...

500 रु. में नौकरी की, ताने सहे, आज फैशन आइकन:मनीष मल्होत्रा के संघर्ष की कहानी, रंगीला से बने बॉलीवुड के बड़े चेहरे

May 11, 2026/
3:50 pm

फैशन डिजाइनर मनीष मल्होत्रा किसी परिचय के मोहताज नहीं। लेकिन इस मुकाम पर पहुंचने के लिए उन्हें कई चुनौतियां पार...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

Big revelation in NEET paper leak case

Big revelation in NEET paper leak case

जयपुर21 मिनट पहलेलेखक: अवधेश आकोदिया

  • कॉपी लिंक

पुणे से केमेस्ट्री प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी की गिरफ्तारी हो चुकी है। CBI कुलकर्णी को ही लीक मामले का मास्टरमाइंड बता रही है।

NEET पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। सीबीआई की जांच में सामने आया है कि नीट-26 के लिए फाइनल हुए पेपर के दोनों सेट प्रिंट होने से पहले ही नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से लीक हो गए थे। एजेंसी के एक अधिकारी ने बताया कि जो पेपर 3 मई को परीक्षा में आया और जो रिजर्व में रखा गया था, दोनों के बायोलॉजी और केमिस्ट्री के सभी सवाल हूबहू क्वेश्चन बैंक (गेस पेपर) में थे।

फिजिक्स के भी कुछ सवाल लीक होने के सबूत मिले

असिस्टेंट प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी ने केमिस्ट्री और सीनियर टीचर मनीषा गुरुनाथ मांधरे ने बायोलॉजी के सवाल एनटीए से चोरी किए। दोनों पेपर बनाने वाली एक्सपर्ट टीम का हिस्सा थे। सीबीआई को इसी पैटर्न पर फिजिक्स के भी कुछ सवाल लीक होने के सबूत मिले हैं और एजेंसी ने संदिग्ध की पहचान कर ली है।

हर साल नीट के पेपर के दो सेट प्रिंट होते हैं

हर साल नीट के पेपर के दो सेट प्रिंट होते हैं। इनमें से कौन सा सेट परीक्षा में आएगा, यह आमतौर पर एनटीए के डीजी तय करते हैं। उनके अलावा किसी और को इसकी जानकारी नहीं होती। दूसरे पेपर को रिजर्व में रखा जाता है ताकि ऐन वक्त पर कोई गड़बड़ी होने की स्थिति में इसका इस्तेमाल किया जा सके।

सीबीआई की जांच में खुलासा

सीबीआई की जांच में यह भी सामने आया है कि जिस क्वेश्चन बैंक की कई राज्यों में खरीद-फरोख्त हुई, उसे पीवी कुलकर्णी और मनीषा गुरुनाथ मांधरे ने मिलकर तैयार किया था। इसमें बायोलॉजी के 180 और केमिस्ट्री के 90 सवाल एनटीए की ओर से प्रिंट करवाए गए पेपर के दोनों सेट से लिए गए थे। चूंकि इनमें से एक पेपर परीक्षा में आया, इसलिए बायोलॉजी के 90 और केमिस्ट्री के 45 सवाल हूबहू क्वेश्चन बैंक से मैच कर गए।

नीट पेपर पांच चरणों में फाइनल होता है

पीवी कुलकर्णी और मनीषा मांधरे एनटीए की ‘पेपर वेटिंग टीम’ में थे। इस टीम का काम सवालों की गहनता से जांच करना होता है। इसी वजह से कुलकर्णी के पास केमिस्ट्री और मनीषा के पास बायोलॉजी के सवालों का एक्सेस था। नीट पेपर पांच चरणों में फाइनल होता है।

पहले चरण में अलग-अलग विषयों के एक्सपर्ट इतने प्रश्न बनाते हैं कि पेपर के 5 सेट बन जाएं। दूसरा चरण मॉडरेशन का होता है। इसमें 5 सेट में से छांटकर 2 सेट बनाए जाते हैं। इसके लिए अलग एक्सपर्ट आते हैं। तीसरा चरण वेटिंग का होता है, जिसमें तीनों विषय के नए एक्सपर्ट प्रश्नों की गलतियां और अशुद्धियां ठीक करते हैं। चौथे चरण में तीनों विषयों के प्रश्नों को एक जगह कंपाइल किया जाता है और पांचवें चरण में पेपर की प्रिंटिंग होती है।

सवाल- बिना अंदरूनी मिलीभगत लीक असंभव है, असली मास्टरमाइंड कौन? बायोलॉजी व केमिस्ट्री के सवाल लीक करने वाले एक्सपट्‌र्स तो पकड़ में हैं, पर असली मास्टरमाइंड फरार है। एनटीए दफ्तर में एक्सपर्ट पेपर बनाते हैं, उसकी सुरक्षा इतनी सख्त होती है कि बिना किसी अंदरूनी मिलीभगत के प्रश्न बाहर आना असंभव है। सीसीटीवी के अलावा 10-12 अधिकारी हर एक्सपर्ट पर निगाह रखते हैं। कोई एक्सपर्ट लाइब्रेरी भी जाता है, तो एनटीए के अधिकारी उसके साथ होते हैं।

एक्सपट्‌र्स में एनटीए की साख खराब, सीनियर पेपर ही नहीं बनाना चाहते जांच में आया कि पीवी कुलकर्णी और मनीषा मांधरे कई साल से पेपर सेटर टीम में थे। कुलकर्णी असिस्टेंट प्रोफेसर था, जबकि मंधारे सीनियर टीचर। ज्यादातर एक्सपट्‌र्स की प्रोफाइल ऐसी ही है, क्योंकि सीनियर प्रोफेसर एनटीए के साथ काम करने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। भास्कर को कुछ एक्सपट्‌र्स ने बताया कि कई साल से नीट किसी न किसी विवाद में है। पता नहीं कब, बिना किसी गड़बड़ी में लिप्त हुए भी गाज गिर जाए।

—–

ये खबरें भी पढ़िए…

1- NEET पेपरलीक के मास्टरमाइंड लग्जरी लाइफ के शौकीन, परिवार बोला-वे प्रॉपर्टी खरीदते हैं, पेपर नहीं

NEET-2026 का लीक पेपर राजस्थान में मास्टरमाइंड भाइयों मांगीलाल और दिनेश ने ही बांटा था। आरोपियों ने एग्जाम से 7 दिन पहले 26 अप्रैल को गुरुग्राम से 30 लाख रुपए एडवांस देकर पेपर खरीदा था। पूरी खबर पढ़िए…

2- NEET पेपर लीक- ‘गेस पेपर’ बनाकर 10 राज्यों में बेचा, 120+ सवाल हूबहू मिले

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET-2026) के रद्द होने के पीछे की असली कहानी सामने आ गई है। भास्कर को सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड नासिक की प्रिंटिंग प्रेस से जुड़ा है। पूरी खबर पढ़िए…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.