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अडाणी एंटरप्राइजेस ट्रंप प्रशासन को ₹2,300 करोड़ चुकाएगी:ईरान से गैस खरीदने के मामले में सेटलमेंट हुआ; अमेरिका में $10 बिलियन का निवेश करेंगे

अडाणी एंटरप्राइजेस ट्रंप प्रशासन को ₹2,300 करोड़ चुकाएगी:ईरान से गैस खरीदने के मामले में सेटलमेंट हुआ; अमेरिका में $10 बिलियन का निवेश करेंगे

भारतीय कारोबारी गौतम अडाणी की कंपनी अडाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने अमेरिकी प्रतिबंधों के उल्लंघन का मामला सुलझा लिया है। इसके लिए कंपनी अमेरिकी ट्रेजरी को सेटलमेंट राशि के रूप में 275 मिलियन डॉलर (करीब 2,300 करोड़ रुपए) का भुगतान करेगी। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने सोमवार को इस समझौते की आधिकारिक घोषणा की। यह मामला ईरान पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों के 32 संभावित नागरिक दायित्व उल्लंघनों से जुड़ा हुआ है। ट्रेजरी विभाग के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) ने एक बयान में बताया कि दोनों पक्षों के बीच इस बड़ी राशि के भुगतान को लेकर सहमति बन गई है। अडाणी एंटरप्राइजेज ने इस साल फरवरी में ही साफ कर दिया था कि वह अमेरिकी जांच में पूरा सहयोग कर रही है। दुबई के सप्लायर से खरीदा था ओमान-इराक के नाम पर ईरानी गैस OFAC के मुताबिक, पूरा मामला नवंबर 2023 से जून 2025 के बीच लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) के आयात से जुड़ा हुआ है। अडाणी एंटरप्राइजेज ने दुबई के एक ट्रेडर से LPG की खेप खरीदी थी। उस सप्लायर ने दावा किया था कि यह गैस ओमान और इराक से आ रही है। हालांकि, जांच में सामने आया कि यह एलपीजी वास्तव में ईरान से मंगवाई गई थी। ईरान के ऊर्जा व्यापार को सीमित करने वाले अमेरिकी नियमों (ITSR) के तहत इस पर प्रतिबंध लगा हुआ है। मुंद्रा पोर्ट पर आई थी खेप, नियमों की अनदेखी पड़ी भारी अमेरिकी एजेंसी का कहना है कि अडाणी एंटरप्राइजेज ने गुजरात के मुंद्रा पोर्ट के जरिए भारत में इस एलपीजी का आयात किया था। इसके भुगतान के लिए अमेरिकी वित्तीय संस्थानों के जरिए डॉलर में 32 ट्रांजैक्शन किए गए, जिनकी कुल कीमत लगभग 192 मिलियन डॉलर थी। OFAC ने कहा कि कंपनी को ऐसे कई संकेत मिले थे (रेड फ्लैग्स) जिनसे उन्हें सतर्क हो जाना चाहिए था कि यह एलपीजी ईरान से ही आ रही है। कंपनी ने खुद से इन संभावित उल्लंघनों की जानकारी नहीं दी थी, इसलिए उन्हें इस गंभीर मामले में किसी भी तरह की ढील नहीं दी गई। इस वजह से कंपनी पर शुरुआती सिविल पेनल्टी 384.2 मिलियन डॉलर की बन रही थी, लेकिन आपसी बातचीत और सहयोग के बाद फाइनल सेटलमेंट 275 मिलियन डॉलर पर तय हुआ। अडाणी के अन्य अमेरिकी मामलों में भी राहत के संकेत यह सेटलमेंट ऐसे समय में आया है जब गौतम अडाणी को अमेरिका में चल रहे कुछ अन्य कानूनी मामलों में भी बड़ी राहत मिलने के संकेत मिल रहे हैं। पिछले सप्ताह के कोर्ट रिकॉर्ड्स के मुताबिक, अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) ने भारतीय सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देने की कथित योजना से जुड़े एक सिविल मुकदमे को अलग से सेटल कर लिया है, हालांकि इसे अभी कोर्ट की मंजूरी मिलना बाकी है। इसके साथ ही, दो सूत्रों के हवाले से यह भी सामने आया है कि अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) अडाणी के खिलाफ चल रहे आपराधिक फ्रॉड के आरोपों को हटाने के बेहद करीब है। यह कदम तब उठाया जा रहा है जब गौतम अडाणी ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था में 10 बिलियन डॉलर के निवेश का वादा किया है। इसके अलावा कुछ ही दिन पहले अडाणी की एक अन्य कंपनी ने बिना दोष स्वीकार किए भ्रष्टाचार से जुड़े एक सिविल कोर्ट मामले को सुलझाने के लिए 18 मिलियन डॉलर के भुगतान पर सहमति जताई थी।

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