Saturday, 29 Aug 2026 | 12:24 PM

Trending :

कंगना रनोट-बाबा रामदेव की सुलह की इनसाइड स्टोरी:तोहफे-मिठाई लेकर घर पहुंचे प्रवक्ता, कॉल पर हुई बातचीत; बयानबाजी से बचने पर सहमति जताई अमेरिका का वेनेजुएला के 65 अरब बैरल तेल पर कब्जा:प्राइवेट कंपनी के साथ करार, ट्रम्प बोले- यह इतिहास की सबसे बड़ी ऑयल डील मर्दों की मर्दानगी नारी की रक्षा करने में है:रामायण एक्टर सुनील लहरी ने कृति के विवादित रक्षाबंधन एड के बहिष्कार का समर्थन किया, मर्दों की मर्दानगी नारी की रक्षा करने में है:रामायण एक्टर सुनील लहरी ने कृति के विवादित रक्षाबंधन एड के बहिष्कार का समर्थन किया, PM Modi Central Asia Visit मोदी 4 साल बाद सेंट्रल एशिया के दौरे पर रवाना:पहले उज्बेकिस्तान जाएंगे, फिर किर्गिस्तान में SCO समिट में हिस्सा लेंगे; जिनपिंग-पुतिन से मुलाकात संभव
EXCLUSIVE

Water Weight Vs Body Fat; Warning Signs – Health Risk

Water Weight Vs Body Fat; Warning Signs - Health Risk
  • Hindi News
  • Lifestyle
  • Water Weight Vs Body Fat; Warning Signs Health Risk | Sodium Hormones Stress

9 दिन पहलेलेखक: गौरव तिवारी

  • कॉपी लिंक

मनुष्य के शरीर में लगभग 60% हिस्सा पानी होता है। यह शरीर के हर फंक्शन में अहम भूमिका निभाता है। लेकिन क्या होगा अगर शरीर जरूरत से ज्यादा पानी स्टोर करने लगे?

इससे अचानक वजन बढ़ सकता है। शरीर फूला हुआ महसूस हो सकता है। इसे ‘वाटर वेट’ कहते हैं। आमतौर पर यह कुछ समय के लिए होता है। बॉडी में पानी, नमक और हॉर्मोन्स का बैलेंस बिगड़ने से ये कंडीशन पैदा होती है। इससे शरीर पानी जमा करने लगता है।

क्या इस अतिरिक्त पानी से शरीर को नुकसान हो सकता है? क्या ये किसी बीमारी का संकेत हो सकता है? शरीर का मोटापा फैट वेट है या वाटर वेट?

आज जरूरत की खबर में वाटर वेट से जुड़े इन्हीं कुछ सवालों पर बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-

  • वाटर वेट क्यों बढ़ता है?
  • इसे कैसे कम कर सकते हैं?
  • ये कब गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकता है?

एक्सपर्ट: डॉ. अंकित बंसल, कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन एंड इनफेक्शियस डिजीज, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट, दिल्ली

सवाल- वाटर वेट क्या है और यह बॉडी फैट से कैसे अलग है?

जवाब- वाटर वेट ऐसी कंडीशन है, जब शरीर अपने टिश्यूज में जरूरत से ज्यादा पानी रोककर रखना शुरू कर देता है।

  • बॉडी फैट के मामले में शरीर में फैट सेल्स बढ़ जाती हैं। इन अतिरिक्त सेल्स के कारण वजन बढ़ता है।
  • वाटर वेट के मामले में शरीर में जमा अतिरिक्त पानी से वजन बढ़ता है।
  • वाटर वेट आमतौर पर नमक ज्यादा खाने, हॉर्मोनल बदलाव होने, कम पानी पीने, स्ट्रेस या सिडेंटरी लाइफस्टाइल के कारण बढ़ता है।
  • इसमें शरीर भारी और सूजा हुआ लगता है।
  • वाटर वेट बहुत कम दिनों में तेजी से बढ़ता-घटता है, जबकि बॉडी फैट धीरे-धीरे बढ़ता और घटता है।
  • इसलिए अचानक बढ़ा वजन अक्सर वाटर वेट ही होता है।

सवाल- वाटर वेट क्यों बढ़ता है?

जवाब- प्रकृति और हमारे शरीर, दोनों के काम करने का साइंस एक जैसा है। दोनों बैलेंस के लिए काम करते हैं। शरीर को जब लगता है कि बैलेंस बनाने के लिए ज्यादा पानी की जरूरत है तो वह ज्यादा पानी जमा कर लेता है।

आपने शायद महसूस किया होगा कि जब आप ज्यादा नमक खाते हैं तो ज्यादा प्यास लगती है। इसकी वजह ये है कि शरीर नमक में मौजूद सोडियम को बैलेंस करने के लिए ज्यादा पानी जमा करता है।

वाटर वेट बढ़ने के सभी कारण ग्राफिक में देखिए-

सवाल- अगर वाटर वेट बढ़ने की एक वजह वाटर रिटेंशन है तो सवाल ये है कि शरीर में वाटर रिटेंशन क्यों होता है?

जवाब- शरीर के संतुलित कामकाज के लिए बॉडी फ्लूइड का बैलेंस रहना जरूरी है।

  • शरीर तय करता है कि कितने सोडियम, पोटेशियम या किसी अन्य मिनरल के अनुपात में शरीर में कितना पानी रखना जरूरी है।
  • ज्यादा नमक खाने पर सोडियम का स्तर बढ़ जाता है, जिसे संतुलित करने के लिए शरीर पानी जमा करता है।
  • नींद पूरी नहीं होने पर ऐसे हॉर्मोन प्रभावित होते हैं, जो पानी और नमक के संतुलन को कंट्रोल करते हैं, जिससे पानी जमा होने लगता है।
  • वहीं ज्यादा स्ट्रेस में कॉर्टिसोल हॉर्मोन बढ़ता है, जो शरीर को इमरजेंसी का संकेत देता है। इस डर से शरीर पानी और नमक जमा करने लगता है।
  • इसके अलावा अगर कोई शख्स अक्सर जरूरत से कम पानी पीता है तो शरीर को डिहाइड्रेशन का डर सताने लगता है। इस डर से शरीर पानी जमा करने लगता है।
  • सिडेंटरी लाइफस्टाइल फॉलो करने से सर्कुलेशन धीमा पड़ता है, जिससे शरीर में पानी जमा होने लगता है।

सवाल- अगर अचानक किसी का वजन बढ़े तो क्या इसके पीछे वाटर वेट कारण हो सकता है?

जवाब- हां, अगर किसी का वजन अचानक बढ़ जाए, तो इसके पीछे वाटर वेट एक बड़ी वजह हो सकता है।

  • बॉडी फैट धीरे-धीरे बढ़ता है, लेकिन वाटर वेट एक-दो दिन में भी 1-3 किलो तक बढ़ सकता है।
  • ज्यादा नमक खाने, अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड खाने, कम पानी पीने, हॉर्मोनल बदलाव या नींद की कमी से शरीर पानी जमा करने लगता है।
  • इसके कारण शरीर भारी, फूला हुआ महसूस होता है।
  • वाटर वेट जितनी तेजी से बढ़ता है, उतनी ही तेजी घट भी सकता है।
  • अगर शरीर में नमक-पानी का बैलेंस बन जाए और पर्याप्त नींद ली जाए तो ये अपने आप कम हो जाता है।

सवाल- ये कैसे पता चलेगा है कि हमारा वजन फैट वेट है या वाटर वेट?

जवाब- यह पहचानना बहुत मुश्किल काम नहीं है कि बढ़ा हुआ वजन फैट वेट है या वाटर वेट।

वाटर वेट में वजन अचानक बढ़ता या घटता है। इसमें पेट, चेहरे, हाथों या पैरों में सूजन दिखती है। कई बार तो स्किन दबाने पर हल्का गड्ढा भी बन जाता है, जो कुछ सेकंड में भर जाता है।

जबकि फैट वेट धीरे-धीरे बढ़ता है और इसमें सूजन नहीं होती है। अगर पर्याप्त पानी पीने, नमक कम करने या फिजिकल एक्टिविटी बढ़ाने से वजन कुछ दिनों में घट जाए, तो यह वाटर वेट हो सकता है।

सवाल- डॉक्टरों का कहना है कि पानी कम पीने से भी वाटर वेट बढ़ता है? ऐसा क्यों होता है?

जवाब- यह बात एकदम सही है। दरअसल, हमारा शरीर साइंटिफिक तरीके से काम करता है।

जब इंसान सभ्यता के रास्ते पर नहीं चला था, तो जंगलों और गुफाओं में छिपकर रहता था। तब हर दिन के खाने के लिए रोज शिकार करना होता था। उस समय शरीर को कई दिन बिना खाना-पानी के रहना होता था। उस दौरान शरीर ने सीखा कि जो चीजें शरीर के लिए वाइटल (जिंदा रहने के लिए बेहद जरूरी) हैं, अगर वो कम मात्रा में मिल रही हैं तो उसे बचाकर रखना जरूरी है।

इसलिए जब शरीर को पर्याप्त पानी नहीं मिलता, तो उसे डिहाइड्रेशन का खतरा महसूस होता है। डिहाइड्रेशन का मतलब है शरीर में पानी की कमी। इस स्थिति में शरीर खुद को सुरक्षित रखने के लिए पानी को जमा करके रखने लगता है।

सवाल- नमक, हॉर्मोन और स्ट्रेस वाटर वेट को कैसे बढ़ाते हैं?

जवाब- नमक, हॉर्मोन और स्ट्रेस तीनों का वाटर वेट से सीधा कनेक्शन है।

नमक

  • ज्यादा नमक खाने से शरीर में सोडियम बढ़ता है।
  • फ्लूइड बैलेंस बनाने के लिए शरीर पानी जमा करता है।

हॉर्मोन

  • एल्डोस्टेरॉन (सोडियम को संतुलित करने वाला हॉर्मोन) और एंटी-डाइयूरेटिक हॉर्मोन्स शरीर को पानी जमा करने का संकेत देते हैं।
  • पीरियड्स, प्रेग्नेंसी, थायरॉइड या हॉर्मोनल बदलाव में वाटर वेट बढ़ सकता है।

स्ट्रेस

  • स्ट्रेस बढ़ने पर कॉर्टिसोल हॉर्मोन रिलीज होता है।
  • ये हॉर्मोन ब्रेन को संकट का मैसेज देता है। इससे शरीर पानी जमा करता है।

सवाल- अगर वाटर वेट बढ़ा हुआ हो तो उसे कम करने के लिए क्या करें?

जवाब- अगर वाटर वेट बढ़ गया है तो घबराने की जरूरत नहीं है। सबसे पहले पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। नमक और प्रोसेस्ड फूड का सेवन कम करें, क्योंकि इनमें सोडियम की मात्रा ज्यादा होती है। इसके कारण शरीर में पानी जमा होने लगता है।

सभी उपाय ग्राफिक में देखिए-

सवाल- वाटर वेट बढ़ने से रोकना है तो हमारी लाइफस्टाइल कैसी होनी चाहिए?

जवाब- इसके लिए लाइफस्टाइल संतुलित होना जरूरी है। रोज पर्याप्त पानी पिएं, ताकि शरीर को पानी जमा करने की जरूरत न पड़े।

  • खाने में नमक और प्रोसेस्ड फूड सीमित रखें, क्योंकि ज्यादा सोडियम से शरीर में पानी जमा होता है।
  • रोजाना हल्की एक्सरसाइज, वॉक या योग करें। इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और अतिरिक्त पानी बाहर निकलता है।
  • सिडेंटरी लाइफस्टाइल से बचें। पर्याप्त नींद लें, क्योंकि नींद की कमी से हॉर्मोन असंतुलन होता है।
  • शराब न पिएं और बहुत ज्यादा कॉफी से बचें। फल, सब्जियां और फाइबर रिच डाइट लें।
  • स्ट्रेस मैनेज करें, क्योंकि तनाव भी वाटर रिटेंशन बढ़ा सकता है।

सवाल- वाटर वेट के किन लक्षणों में डॉक्टर से कंसल्ट करना जरूरी है?

जवाब- अगर लंबे समय तक हाथ, पैर, टखने या चेहरे पर सूजन बनी रहे। ये सूजन आराम करने या पर्याप्त पानी पीने से कम न हो, तो सावधान होने की जरूरत है। ऐसे सभी लक्षण ग्राफिक में देखिए-

सवाल- क्या बार-बार वाटर वेट बढ़ना किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है?

जवाब- हां, ये किडनी, लिवर या हार्ट से जुड़ी समस्या की ओर इशारा हो सकता है। थायरॉइड हॉर्मोन का असंतुलन भी वजह हो सकती है। वाटर वेट बढ़ने के साथ सांस फूल रही है, पेशाब कम आ रहा है, लगातार थकान है या चेहरे-पैरों में सूजन भी है तो डॉक्टर से कंसल्ट करना जरूरी है।

……………… ये खबर भी पढ़िए जरूरत की खबर- केला बढ़ाता है गुड बैक्टीरिया:पोटेशियम का बेस्ट सोर्स, रोज एक केला खाएं, न्यूट्रिशनिस्ट से जानें किसे नहीं खाना चाहिए

केला फाइबर, पोटेशियम, विटामिन B6 और C से भरपूर होता है। इसमें एंटीऑक्सिडेंट्स होते हैं। अगर किसी का ब्लड प्रेशर हाई रहता है, तो केले में मौजूद पोटेशियम इसे बैलेंस करने में मदद करता है। इससे हार्ट रिलेटेड बीमारियों का रिस्क कम होता है। आगे पढ़िए…

खबरें और भी हैं…

  • जरूरत की खबर- क्या बालों में ऑयलिंग से बढ़ता डैंड्रफ: क्या है सही तरीका, हेयर प्रोटेक्शन के 12 टिप्स, बता रहे हैं डर्मेटोलॉजिस्ट

    क्या है सही तरीका, हेयर प्रोटेक्शन के 12 टिप्स, बता रहे हैं डर्मेटोलॉजिस्ट|लाइफस्टाइल,Lifestyle - Dainik Bhaskar1:59
    • कॉपी लिंक

    शेयर

  • जरूरत की खबर- गेहूं से ज्यादा हेल्दी ज्वार-रागी: ग्लूटेन फ्री है, जानें न्यूट्रिशनल वैल्यू, हेल्थ बेनिफिट्स, किन्हें नहीं खाना चाहिए

    ग्लूटेन फ्री है, जानें न्यूट्रिशनल वैल्यू, हेल्थ बेनिफिट्स, किन्हें नहीं खाना चाहिए|लाइफस्टाइल,Lifestyle - Dainik Bhaskar1:33
    • कॉपी लिंक

    शेयर

  • जरूरत की खबर- सेहत का खजाना कुलथी दाल: प्रोटीन का बेस्ट सोर्स, कब्ज में फायदेमंद, जानें इसकी न्यूट्रिशनल वैल्यू, हेल्थ बेनिफिट्स

    प्रोटीन का बेस्ट सोर्स, कब्ज में फायदेमंद, जानें इसकी न्यूट्रिशनल वैल्यू, हेल्थ बेनिफिट्स|लाइफस्टाइल,Lifestyle - Dainik Bhaskar1:39
    • कॉपी लिंक

    शेयर

  • जरूरत की खबर- पेट भरा, फिर भी खाने का ख्याल: क्या आप भी हैं फूड नॉइज के शिकार, ओवरईटिंग से बचना है तो ये 11 काम जरूर करें

    • कॉपी लिंक

    शेयर

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
GT vs KKR Live Score, IPL 2026, Playing 11 Today Match Updates: Follow live action here.(Creimas Photo)

April 17, 2026/
6:13 pm

आखरी अपडेट:17 अप्रैल, 2026, 18:13 IST कांग्रेस ने ऐतिहासिक रूप से इन दावों को पुनर्चक्रित ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ के रूप में...

इंटरकास्ट मैरिज, शिमला में हनीमून, फिर आस्ट्रेलिया गई पत्नी:4 साल से इंतजार में ₹34 लाख के कर्ज में डूबा कुरुक्षेत्र का युवक; तनाव में पिता की मौत

July 5, 2026/
5:00 am

इंटरकास्ट मैरिज के बाद पत्नी के साथ विदेश में नई जिंदगी बसाने का सपना देखने वाले हरियाणा के कुरुक्षेत्र के...

चार साल बाद अमेरिकी रैपर की वापसी:घूमती पृथ्वी के स्टेज पर हुआ कान्ये का कॉन्सर्ट, अगले महीने दिल्ली में करेंगे परफॉर्म

April 5, 2026/
1:21 pm

अमेरिकी रैपर और हिप-हॉप के दिग्गज कलाकार कान्ये वेस्ट ने हाल ही में लॉस एंजिलिस के सोफी स्टेडियम में घूमती...

Asha Bhosle Ashes Immersed in Ganga Kashi

April 20, 2026/
6:09 pm

आशा भोसले की अस्थियां लेकर बेटे आंनद और पोती जनाई सोमवार को काशी पहुंचे। यहां अस्सी घाट पर गंगा में...

मेगास्टार...उलगानायगन को भी नहीं मिली कमाल जैसी जीत, अब 'थलापति' ने कर दिया एनटीआर का धमाल

May 4, 2026/
6:58 pm

तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए टीवीके बहुमत के आंकड़े की ओर से विकास के बाद पार्टी के संस्थापक विजय...

खो रहा कागज पर लिखने का हुनर:एक्सपर्ट का मत- तेज रफ्तार जिंदगी में ठहराव-अपनापन लाता है हाथों से लिखना

February 15, 2026/
11:43 am

आज की डिजिटल दुनिया में, जहां हमारे इनबॉक्स ई-मेल से भरे पड़े हैं और एआई तेजी से संदेश लिख रहा...

ग्वालियर में केंद्रीय मंत्री सिंधिया की समीक्षा बैठक:नहीं पहुंचे सांसद भरत सिंह कुशवाहा; सड़कों की हालत पर अधिकारियों को लगाई फटकार

April 7, 2026/
12:05 am

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ग्वालियर में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की। इस दौरान सांसद भरत सिंह कुशवाहा की...

अमेरिका ने 100 चीनी कंपनियां को 'मिलिट्री लिस्ट' में डाला:दावा- ये कंपनियां चीनी सेना की मदद कर रहीं, कंपनियों पर प्रतिबंधों का खतरा बढ़ा

June 9, 2026/
12:04 pm

अमेरिका ने अलीबाबा ग्रुप, बायडू और BYD जैसी दिग्गज चीनी टेक और ऑटोमोबाइल कंपनियों को ‘चीनी मिलिट्री कंपनियों’ की लिस्ट...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

Water Weight Vs Body Fat; Warning Signs – Health Risk

Water Weight Vs Body Fat; Warning Signs - Health Risk
  • Hindi News
  • Lifestyle
  • Water Weight Vs Body Fat; Warning Signs Health Risk | Sodium Hormones Stress

9 दिन पहलेलेखक: गौरव तिवारी

  • कॉपी लिंक

मनुष्य के शरीर में लगभग 60% हिस्सा पानी होता है। यह शरीर के हर फंक्शन में अहम भूमिका निभाता है। लेकिन क्या होगा अगर शरीर जरूरत से ज्यादा पानी स्टोर करने लगे?

इससे अचानक वजन बढ़ सकता है। शरीर फूला हुआ महसूस हो सकता है। इसे ‘वाटर वेट’ कहते हैं। आमतौर पर यह कुछ समय के लिए होता है। बॉडी में पानी, नमक और हॉर्मोन्स का बैलेंस बिगड़ने से ये कंडीशन पैदा होती है। इससे शरीर पानी जमा करने लगता है।

क्या इस अतिरिक्त पानी से शरीर को नुकसान हो सकता है? क्या ये किसी बीमारी का संकेत हो सकता है? शरीर का मोटापा फैट वेट है या वाटर वेट?

आज जरूरत की खबर में वाटर वेट से जुड़े इन्हीं कुछ सवालों पर बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-

  • वाटर वेट क्यों बढ़ता है?
  • इसे कैसे कम कर सकते हैं?
  • ये कब गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकता है?

एक्सपर्ट: डॉ. अंकित बंसल, कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन एंड इनफेक्शियस डिजीज, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट, दिल्ली

सवाल- वाटर वेट क्या है और यह बॉडी फैट से कैसे अलग है?

जवाब- वाटर वेट ऐसी कंडीशन है, जब शरीर अपने टिश्यूज में जरूरत से ज्यादा पानी रोककर रखना शुरू कर देता है।

  • बॉडी फैट के मामले में शरीर में फैट सेल्स बढ़ जाती हैं। इन अतिरिक्त सेल्स के कारण वजन बढ़ता है।
  • वाटर वेट के मामले में शरीर में जमा अतिरिक्त पानी से वजन बढ़ता है।
  • वाटर वेट आमतौर पर नमक ज्यादा खाने, हॉर्मोनल बदलाव होने, कम पानी पीने, स्ट्रेस या सिडेंटरी लाइफस्टाइल के कारण बढ़ता है।
  • इसमें शरीर भारी और सूजा हुआ लगता है।
  • वाटर वेट बहुत कम दिनों में तेजी से बढ़ता-घटता है, जबकि बॉडी फैट धीरे-धीरे बढ़ता और घटता है।
  • इसलिए अचानक बढ़ा वजन अक्सर वाटर वेट ही होता है।

सवाल- वाटर वेट क्यों बढ़ता है?

जवाब- प्रकृति और हमारे शरीर, दोनों के काम करने का साइंस एक जैसा है। दोनों बैलेंस के लिए काम करते हैं। शरीर को जब लगता है कि बैलेंस बनाने के लिए ज्यादा पानी की जरूरत है तो वह ज्यादा पानी जमा कर लेता है।

आपने शायद महसूस किया होगा कि जब आप ज्यादा नमक खाते हैं तो ज्यादा प्यास लगती है। इसकी वजह ये है कि शरीर नमक में मौजूद सोडियम को बैलेंस करने के लिए ज्यादा पानी जमा करता है।

वाटर वेट बढ़ने के सभी कारण ग्राफिक में देखिए-

सवाल- अगर वाटर वेट बढ़ने की एक वजह वाटर रिटेंशन है तो सवाल ये है कि शरीर में वाटर रिटेंशन क्यों होता है?

जवाब- शरीर के संतुलित कामकाज के लिए बॉडी फ्लूइड का बैलेंस रहना जरूरी है।

  • शरीर तय करता है कि कितने सोडियम, पोटेशियम या किसी अन्य मिनरल के अनुपात में शरीर में कितना पानी रखना जरूरी है।
  • ज्यादा नमक खाने पर सोडियम का स्तर बढ़ जाता है, जिसे संतुलित करने के लिए शरीर पानी जमा करता है।
  • नींद पूरी नहीं होने पर ऐसे हॉर्मोन प्रभावित होते हैं, जो पानी और नमक के संतुलन को कंट्रोल करते हैं, जिससे पानी जमा होने लगता है।
  • वहीं ज्यादा स्ट्रेस में कॉर्टिसोल हॉर्मोन बढ़ता है, जो शरीर को इमरजेंसी का संकेत देता है। इस डर से शरीर पानी और नमक जमा करने लगता है।
  • इसके अलावा अगर कोई शख्स अक्सर जरूरत से कम पानी पीता है तो शरीर को डिहाइड्रेशन का डर सताने लगता है। इस डर से शरीर पानी जमा करने लगता है।
  • सिडेंटरी लाइफस्टाइल फॉलो करने से सर्कुलेशन धीमा पड़ता है, जिससे शरीर में पानी जमा होने लगता है।

सवाल- अगर अचानक किसी का वजन बढ़े तो क्या इसके पीछे वाटर वेट कारण हो सकता है?

जवाब- हां, अगर किसी का वजन अचानक बढ़ जाए, तो इसके पीछे वाटर वेट एक बड़ी वजह हो सकता है।

  • बॉडी फैट धीरे-धीरे बढ़ता है, लेकिन वाटर वेट एक-दो दिन में भी 1-3 किलो तक बढ़ सकता है।
  • ज्यादा नमक खाने, अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड खाने, कम पानी पीने, हॉर्मोनल बदलाव या नींद की कमी से शरीर पानी जमा करने लगता है।
  • इसके कारण शरीर भारी, फूला हुआ महसूस होता है।
  • वाटर वेट जितनी तेजी से बढ़ता है, उतनी ही तेजी घट भी सकता है।
  • अगर शरीर में नमक-पानी का बैलेंस बन जाए और पर्याप्त नींद ली जाए तो ये अपने आप कम हो जाता है।

सवाल- ये कैसे पता चलेगा है कि हमारा वजन फैट वेट है या वाटर वेट?

जवाब- यह पहचानना बहुत मुश्किल काम नहीं है कि बढ़ा हुआ वजन फैट वेट है या वाटर वेट।

वाटर वेट में वजन अचानक बढ़ता या घटता है। इसमें पेट, चेहरे, हाथों या पैरों में सूजन दिखती है। कई बार तो स्किन दबाने पर हल्का गड्ढा भी बन जाता है, जो कुछ सेकंड में भर जाता है।

जबकि फैट वेट धीरे-धीरे बढ़ता है और इसमें सूजन नहीं होती है। अगर पर्याप्त पानी पीने, नमक कम करने या फिजिकल एक्टिविटी बढ़ाने से वजन कुछ दिनों में घट जाए, तो यह वाटर वेट हो सकता है।

सवाल- डॉक्टरों का कहना है कि पानी कम पीने से भी वाटर वेट बढ़ता है? ऐसा क्यों होता है?

जवाब- यह बात एकदम सही है। दरअसल, हमारा शरीर साइंटिफिक तरीके से काम करता है।

जब इंसान सभ्यता के रास्ते पर नहीं चला था, तो जंगलों और गुफाओं में छिपकर रहता था। तब हर दिन के खाने के लिए रोज शिकार करना होता था। उस समय शरीर को कई दिन बिना खाना-पानी के रहना होता था। उस दौरान शरीर ने सीखा कि जो चीजें शरीर के लिए वाइटल (जिंदा रहने के लिए बेहद जरूरी) हैं, अगर वो कम मात्रा में मिल रही हैं तो उसे बचाकर रखना जरूरी है।

इसलिए जब शरीर को पर्याप्त पानी नहीं मिलता, तो उसे डिहाइड्रेशन का खतरा महसूस होता है। डिहाइड्रेशन का मतलब है शरीर में पानी की कमी। इस स्थिति में शरीर खुद को सुरक्षित रखने के लिए पानी को जमा करके रखने लगता है।

सवाल- नमक, हॉर्मोन और स्ट्रेस वाटर वेट को कैसे बढ़ाते हैं?

जवाब- नमक, हॉर्मोन और स्ट्रेस तीनों का वाटर वेट से सीधा कनेक्शन है।

नमक

  • ज्यादा नमक खाने से शरीर में सोडियम बढ़ता है।
  • फ्लूइड बैलेंस बनाने के लिए शरीर पानी जमा करता है।

हॉर्मोन

  • एल्डोस्टेरॉन (सोडियम को संतुलित करने वाला हॉर्मोन) और एंटी-डाइयूरेटिक हॉर्मोन्स शरीर को पानी जमा करने का संकेत देते हैं।
  • पीरियड्स, प्रेग्नेंसी, थायरॉइड या हॉर्मोनल बदलाव में वाटर वेट बढ़ सकता है।

स्ट्रेस

  • स्ट्रेस बढ़ने पर कॉर्टिसोल हॉर्मोन रिलीज होता है।
  • ये हॉर्मोन ब्रेन को संकट का मैसेज देता है। इससे शरीर पानी जमा करता है।

सवाल- अगर वाटर वेट बढ़ा हुआ हो तो उसे कम करने के लिए क्या करें?

जवाब- अगर वाटर वेट बढ़ गया है तो घबराने की जरूरत नहीं है। सबसे पहले पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। नमक और प्रोसेस्ड फूड का सेवन कम करें, क्योंकि इनमें सोडियम की मात्रा ज्यादा होती है। इसके कारण शरीर में पानी जमा होने लगता है।

सभी उपाय ग्राफिक में देखिए-

सवाल- वाटर वेट बढ़ने से रोकना है तो हमारी लाइफस्टाइल कैसी होनी चाहिए?

जवाब- इसके लिए लाइफस्टाइल संतुलित होना जरूरी है। रोज पर्याप्त पानी पिएं, ताकि शरीर को पानी जमा करने की जरूरत न पड़े।

  • खाने में नमक और प्रोसेस्ड फूड सीमित रखें, क्योंकि ज्यादा सोडियम से शरीर में पानी जमा होता है।
  • रोजाना हल्की एक्सरसाइज, वॉक या योग करें। इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और अतिरिक्त पानी बाहर निकलता है।
  • सिडेंटरी लाइफस्टाइल से बचें। पर्याप्त नींद लें, क्योंकि नींद की कमी से हॉर्मोन असंतुलन होता है।
  • शराब न पिएं और बहुत ज्यादा कॉफी से बचें। फल, सब्जियां और फाइबर रिच डाइट लें।
  • स्ट्रेस मैनेज करें, क्योंकि तनाव भी वाटर रिटेंशन बढ़ा सकता है।

सवाल- वाटर वेट के किन लक्षणों में डॉक्टर से कंसल्ट करना जरूरी है?

जवाब- अगर लंबे समय तक हाथ, पैर, टखने या चेहरे पर सूजन बनी रहे। ये सूजन आराम करने या पर्याप्त पानी पीने से कम न हो, तो सावधान होने की जरूरत है। ऐसे सभी लक्षण ग्राफिक में देखिए-

सवाल- क्या बार-बार वाटर वेट बढ़ना किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है?

जवाब- हां, ये किडनी, लिवर या हार्ट से जुड़ी समस्या की ओर इशारा हो सकता है। थायरॉइड हॉर्मोन का असंतुलन भी वजह हो सकती है। वाटर वेट बढ़ने के साथ सांस फूल रही है, पेशाब कम आ रहा है, लगातार थकान है या चेहरे-पैरों में सूजन भी है तो डॉक्टर से कंसल्ट करना जरूरी है।

……………… ये खबर भी पढ़िए जरूरत की खबर- केला बढ़ाता है गुड बैक्टीरिया:पोटेशियम का बेस्ट सोर्स, रोज एक केला खाएं, न्यूट्रिशनिस्ट से जानें किसे नहीं खाना चाहिए

केला फाइबर, पोटेशियम, विटामिन B6 और C से भरपूर होता है। इसमें एंटीऑक्सिडेंट्स होते हैं। अगर किसी का ब्लड प्रेशर हाई रहता है, तो केले में मौजूद पोटेशियम इसे बैलेंस करने में मदद करता है। इससे हार्ट रिलेटेड बीमारियों का रिस्क कम होता है। आगे पढ़िए…

खबरें और भी हैं…

  • जरूरत की खबर- क्या बालों में ऑयलिंग से बढ़ता डैंड्रफ: क्या है सही तरीका, हेयर प्रोटेक्शन के 12 टिप्स, बता रहे हैं डर्मेटोलॉजिस्ट

    क्या है सही तरीका, हेयर प्रोटेक्शन के 12 टिप्स, बता रहे हैं डर्मेटोलॉजिस्ट|लाइफस्टाइल,Lifestyle - Dainik Bhaskar1:59
    • कॉपी लिंक

    शेयर

  • जरूरत की खबर- गेहूं से ज्यादा हेल्दी ज्वार-रागी: ग्लूटेन फ्री है, जानें न्यूट्रिशनल वैल्यू, हेल्थ बेनिफिट्स, किन्हें नहीं खाना चाहिए

    ग्लूटेन फ्री है, जानें न्यूट्रिशनल वैल्यू, हेल्थ बेनिफिट्स, किन्हें नहीं खाना चाहिए|लाइफस्टाइल,Lifestyle - Dainik Bhaskar1:33
    • कॉपी लिंक

    शेयर

  • जरूरत की खबर- सेहत का खजाना कुलथी दाल: प्रोटीन का बेस्ट सोर्स, कब्ज में फायदेमंद, जानें इसकी न्यूट्रिशनल वैल्यू, हेल्थ बेनिफिट्स

    प्रोटीन का बेस्ट सोर्स, कब्ज में फायदेमंद, जानें इसकी न्यूट्रिशनल वैल्यू, हेल्थ बेनिफिट्स|लाइफस्टाइल,Lifestyle - Dainik Bhaskar1:39
    • कॉपी लिंक

    शेयर

  • जरूरत की खबर- पेट भरा, फिर भी खाने का ख्याल: क्या आप भी हैं फूड नॉइज के शिकार, ओवरईटिंग से बचना है तो ये 11 काम जरूर करें

    • कॉपी लिंक

    शेयर

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.