Saturday, 13 Jun 2026 | 08:23 PM

Trending :

EXCLUSIVE

क्यूबा के राष्ट्रपति के अनसुने किस्से:अमेरिका को चुनौती देने वाले डियाज ने कभी लंबे बालों के लिए बगावत की थी

क्यूबा के राष्ट्रपति के अनसुने किस्से:अमेरिका को चुनौती देने वाले डियाज ने कभी लंबे बालों के लिए बगावत की थी

रूढ़िवादी कम्युनिस्ट विचारधारा के सबसे मजबूत गढ़ क्यूबा में बदलाव की बयार लाना कभी आसान नहीं रहा। लेकिन इस देश की कमान एक ऐसे शख्स के हाथ में है, जिसने अपनी पूरी जिंदगी ही लीक से हटकर जीने में गुजार दी। यहां बात हो रही है क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कानेल की। युवावस्था में व्यवस्था की कमियों के खिलाफ लड़ने वाले डियाज-कानेल फिर सुर्खियों में हैं। उन्होंने अमेरिका को चेताते हुए कहा है कि यदि क्यूबा के खिलाफ कोई सैन्य कार्रवाई की गई, तो ‘खून-खराबा’ हो जाएगा। उनका व्यक्तित्व विरोधाभासों से भरा रहा है। कट्टरपंथियों का विरोध झेला, अमेरिका से बात शुरू की छात्र जीवन में मिगुएल ने स्कूल के कड़े कम्युनिस्ट अनुशासन के खिलाफ सिर्फ इसलिए बगावत कर दी थी, क्योंकि उन्हें लंबे बाल रखने का शौक था। आगे चलकर उन्होंने पार्टी के भीतर बैठे कट्टरपंथियों के भारी विरोध की परवाह न करते हुए अमेरिका के साथ सालों से बंद पड़े कूटनीतिक रिश्तों को दोबारा शुरू करवाया। कभी जनता के दर्द पर आंसू बहाने वाले डियाज-कानेल पर 2020 और 2021 के जन-आंदोलनों को कुचलने का आरोप है। तब 1400 गिरफ्तारियां हुईं। महिलाओं, बच्चों समेत 700 लोगों को 10-25 साल तक की कैद की सजा दी गई। मंदी के दौर में साइकिल से दफ्तर जाते थे 1990 के दशक में क्यूबा आर्थिक मंदी से जूझ रहा था, तब प्रांतीय पार्टी सचिव रहते हुए मिगुएल ने सरकारी गाड़ी छोड़ दी थी। वह रोजाना साइकिल से दफ्तर जाते थे। बिजली संकट गहराया, तो वह रात के अंधेरे में अस्पतालों का दौरा करते थे और टॉर्च की रोशनी में बेड पर लेटे मरीजों से अव्यवस्था के लिए हाथ जोड़कर माफी मांगते थे। कम्युनिस्ट नेताओं का जनता से मिलना या अपनी गलती मानना दुर्लभ माना जाता था। लाइव टेलीकास्ट क्यूबा में दशकों तक फिदेल कास्त्रो और राउल कास्त्रो का शासन रहा, जो घंटों लंबे और उबाऊ भाषणों के लिए जाने जाते थे। लेकिन डियाज-कानेल ने अप्रैल 2018 में राष्ट्रपति के रूप में सत्ता संभालते ही इसे बदल दिया। वह चंद मिनटों की ‘टू-द-पॉइंट’ बात करने के लिए मशहूर हैं। कैबिनेट की बैठकों का सीधा प्रसारण (लाइव टेलीकास्ट) शुरू किया, ताकि आम नागरिक देख सकें कि देश के लिए क्या फैसले लिए जा रहे हैं और कौन सा अधिकारी क्या जवाब दे रहा है। इसके अलावा, उन्होंने कम्युनिस्ट परंपराओं को तोड़ते हुए पहली बार अपनी प|ी लिस कुएस्ता को आधिकारिक तौर पर ‘फर्स्ट लेडी’ का दर्जा भी दिया।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
जीतेंद्र@84, कभी हीरोइन के स्टंट किए, फिर बने स्टार:रेखा को टाइमपास कहा, सरेआम फूट-फूटकर रोईं, महमूद ने हंसाने के लिए उतारी पेंट, जानिए किस्से

April 7, 2026/
4:30 am

हिंदी सिनेमा के जंपिंग जैक कहे जाने वाले जीतेंद्र आज 84 साल के हो गए हैं। कभी मुंबई की चॉल...

मुरैना जिला अस्पताल में फायरिंग का VIDEO:प्रसूता को ले जाने के लिए भिड़े 2 निजी अस्पतालों के एजेंट; केस दर्ज करने शिकायत का इंतजार

March 18, 2026/
10:36 am

मुरैना जिला अस्पताल के नवीन प्रसूति गृह के बाहर 15 मार्च की रात कैलारस से आई एक प्रसूता को अपने-अपने...

authorimg

May 22, 2026/
7:02 pm

नई दिल्ली: सेंट्रल अफ्रीका में फैले नए इबोला वायरस ने पूरी दुनिया को डरा दिया है. डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो...

मरने से पहले वीडियो बनाकर पत्नी-ससुराल पर आरोप:भोपाल से पार्टनर समेत तीन गिरफ्तार; एक साल पहले हुई थी शादी

April 25, 2026/
9:05 pm

शिवपुरी में आत्महत्या करने वाले 28 वर्षीय युवक ने मरने से पहले एक वीडियो बनाकर अपनी आपबीती रिकॉर्ड की थी।...

बंगाल से असम तक: इन 5 राज्यों में क्या पलटेगी सत्ता? ओपीनियन पोल के आंकड़ों वाले आंकड़े आए सामने

March 15, 2026/
11:45 pm

पांच राज्यों में होने वाले चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है. पश्चिम बंगाल में दो चरणों में चुनाव...

US President Donald Trump said negotiations with Iran are progressing behind closed doors and insisted that only a small circle inside his administration knows the true status of the talks. (Reuters)

May 1, 2026/
5:16 pm

आखरी अपडेट:01 मई, 2026, 17:16 IST पश्चिम बंगाल के लिए एग्जिट पोल के अनिश्चित चुनावी अनुमानों के बीच पार्टी आंतरिक...

राजनीति

क्यूबा के राष्ट्रपति के अनसुने किस्से:अमेरिका को चुनौती देने वाले डियाज ने कभी लंबे बालों के लिए बगावत की थी

क्यूबा के राष्ट्रपति के अनसुने किस्से:अमेरिका को चुनौती देने वाले डियाज ने कभी लंबे बालों के लिए बगावत की थी

रूढ़िवादी कम्युनिस्ट विचारधारा के सबसे मजबूत गढ़ क्यूबा में बदलाव की बयार लाना कभी आसान नहीं रहा। लेकिन इस देश की कमान एक ऐसे शख्स के हाथ में है, जिसने अपनी पूरी जिंदगी ही लीक से हटकर जीने में गुजार दी। यहां बात हो रही है क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कानेल की। युवावस्था में व्यवस्था की कमियों के खिलाफ लड़ने वाले डियाज-कानेल फिर सुर्खियों में हैं। उन्होंने अमेरिका को चेताते हुए कहा है कि यदि क्यूबा के खिलाफ कोई सैन्य कार्रवाई की गई, तो ‘खून-खराबा’ हो जाएगा। उनका व्यक्तित्व विरोधाभासों से भरा रहा है। कट्टरपंथियों का विरोध झेला, अमेरिका से बात शुरू की छात्र जीवन में मिगुएल ने स्कूल के कड़े कम्युनिस्ट अनुशासन के खिलाफ सिर्फ इसलिए बगावत कर दी थी, क्योंकि उन्हें लंबे बाल रखने का शौक था। आगे चलकर उन्होंने पार्टी के भीतर बैठे कट्टरपंथियों के भारी विरोध की परवाह न करते हुए अमेरिका के साथ सालों से बंद पड़े कूटनीतिक रिश्तों को दोबारा शुरू करवाया। कभी जनता के दर्द पर आंसू बहाने वाले डियाज-कानेल पर 2020 और 2021 के जन-आंदोलनों को कुचलने का आरोप है। तब 1400 गिरफ्तारियां हुईं। महिलाओं, बच्चों समेत 700 लोगों को 10-25 साल तक की कैद की सजा दी गई। मंदी के दौर में साइकिल से दफ्तर जाते थे 1990 के दशक में क्यूबा आर्थिक मंदी से जूझ रहा था, तब प्रांतीय पार्टी सचिव रहते हुए मिगुएल ने सरकारी गाड़ी छोड़ दी थी। वह रोजाना साइकिल से दफ्तर जाते थे। बिजली संकट गहराया, तो वह रात के अंधेरे में अस्पतालों का दौरा करते थे और टॉर्च की रोशनी में बेड पर लेटे मरीजों से अव्यवस्था के लिए हाथ जोड़कर माफी मांगते थे। कम्युनिस्ट नेताओं का जनता से मिलना या अपनी गलती मानना दुर्लभ माना जाता था। लाइव टेलीकास्ट क्यूबा में दशकों तक फिदेल कास्त्रो और राउल कास्त्रो का शासन रहा, जो घंटों लंबे और उबाऊ भाषणों के लिए जाने जाते थे। लेकिन डियाज-कानेल ने अप्रैल 2018 में राष्ट्रपति के रूप में सत्ता संभालते ही इसे बदल दिया। वह चंद मिनटों की ‘टू-द-पॉइंट’ बात करने के लिए मशहूर हैं। कैबिनेट की बैठकों का सीधा प्रसारण (लाइव टेलीकास्ट) शुरू किया, ताकि आम नागरिक देख सकें कि देश के लिए क्या फैसले लिए जा रहे हैं और कौन सा अधिकारी क्या जवाब दे रहा है। इसके अलावा, उन्होंने कम्युनिस्ट परंपराओं को तोड़ते हुए पहली बार अपनी प|ी लिस कुएस्ता को आधिकारिक तौर पर ‘फर्स्ट लेडी’ का दर्जा भी दिया।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.