Wednesday, 10 Jun 2026 | 08:54 PM

Trending :

EXCLUSIVE

लू लगने पर पैरासिटामोल क्यों हो जाती है बेअसर, हीट स्ट्रोक का शिकार होने पर क्या करें, यहां जानें सबकुछ

authorimg

Last Updated:

Heat Stroke Prevention Tips: हीट स्ट्रोक एक इमरजेंसी कंडीशन है, जिसमें शरीर का टेंपरेचर 40 डिग्री या इससे ज्यादा हो जाता है. डॉक्टर्स के अनुसार हीट स्ट्रोक होने पर शरीर को तुरंत ठंडा करना और मेडिकल मदद लेना जरूरी है, वरना व्यक्ति की जान जा सकती है. हीट स्ट्रोक में पैरासिटामोल दवा भी काम नहीं करती है, क्योंकि कोर टेंपरेचर बाहरी कारणों से बढ़ता है.

Zoom

गर्मी हीट स्ट्रोक से बचने के लिए धूप में बाहर न निकलें.

Can Paracetamol Help in Heat Stroke: देश के कई हिस्सों में इस वक्त गर्मी से बुरा हाल है. आसमान से आग बरस रही है और गर्म हवाएं लोगों का जीना मुश्किल कर रही हैं. कई जगहों पर भीषण हीटवेव यानी लू चल रही है. तेज धूप और अत्यधिक तापमान शरीर पर गंभीर असर डाल सकते हैं. कई लोग लू लगने पर बुखार समझकर पैरासिटामोल खा लेते हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स के मुताबिक हीट स्ट्रोक में यह दवा अक्सर असरदार नहीं होती. ऐसे में यह समझना बेहद जरूरी है कि लू लगने और सामान्य बुखार में क्या फर्क होता है और हीट स्ट्रोक की स्थिति में तुरंत क्या करना चाहिए.

लखनऊ के मेदांता हॉस्पिटल के इमरजेंसी डिपार्टमेंट के हेड डॉ. लोकेंद्र गुप्ता ने News18 को बताया जब गर्म हवाएं और धूप के कारण हमारे शरीर का कूलिंग सिस्टम फेल हो जाता है, तब इस कंडीशन को हीट स्ट्रोक कहा जाता है. हीट स्ट्रोक के कारण शरीर का कोर टेंपरेचर तेजी से बढ़कर 40°C या उससे ज्यादा हो जाता है और शरीर खुद को ठंडा रखने में असफल हो जाता है. समय पर इलाज न मिलने पर यह हीट स्ट्रोक जानलेवा साबित हो सकता है. हीट स्ट्रोक के दौरान शरीर में कई गंभीर लक्षण दिखाई दे सकते हैं. इनमें तेज बुखार, चक्कर आना, अत्यधिक कमजोरी, सिरदर्द, उल्टी, भ्रम की स्थिति, तेज धड़कन, ड्राई स्किन और बेहोशी शामिल हो सकते हैं. कई बार मरीज को पसीना आना भी बंद हो जाता है, जो गंभीर संकेत माना जाता है.

लू लगने पर पैरासिटामोल क्यों नहीं करती असर?

डॉक्टर के अनुसार पैरासिटामोल सामान्य बुखार में इसलिए काम करती है, क्योंकि वह शरीर के तापमान को कंट्रोल करने वाले ब्रेन के हिस्से पर असर डालती है. हीट स्ट्रोक में शरीर का तापमान संक्रमण की वजह से नहीं, बल्कि बाहरी गर्मी और शरीर की कूलिंग सिस्टम फेल होने की वजह से बढ़ता है. इसलिए पैरासिटामोल इस स्थिति में ज्यादा फायदा नहीं पहुंचाती है. हीट स्ट्रोक में पैरासिटामोल लेने से बचना चाहिए. अगर किसी व्यक्ति में हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखाई दें, तो उसे तुरंत ठंडी और छायादार जगह पर ले जाएं. शरीर का तापमान कम करने के लिए गीले कपड़े या ठंडे पानी की पट्टियां इस्तेमाल करें. पंखा या कूलर चलाएं और अगर व्यक्ति होश में है, तो उसे पानी या ORS पिलाने की कोशिश करें.

किन लोगों को ज्यादा खतरा और कैसे करें बचाव?

एक्सपर्ट की मानें तो छोटे बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और पहले से बीमार लोग हीट स्ट्रोक के ज्यादा शिकार हो सकते हैं. जो लोग लंबे समय तक धूप में काम करते हैं, जैसे मजदूर, डिलीवरी वर्कर्स या ट्रैफिक पुलिस, उनमें भी इसका खतरा अधिक रहता है. हीट स्ट्रोक से बचने के लिए दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच तेज धूप में निकलने से बचना चाहिए. शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए पर्याप्त पानी, नारियल पानी, छाछ और ORS का सेवन करें. हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनें और बाहर निकलते समय सिर को ढककर रखें. ज्यादा कैफीन और शराब से बचना भी जरूरी माना जाता है, क्योंकि इससे डिहाइड्रेशन बढ़ सकता है.

कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?

अगर किसी व्यक्ति का शरीर बहुत ज्यादा गर्म हो, वह बार-बार उल्टी कर रहा हो, बेहोश हो जाए या भ्रम की स्थिति में हो, तो तुरंत डॉक्टर या इमरजेंसी सेवा से संपर्क करना चाहिए. हीट स्ट्रोक को नजरअंदाज करना खतरनाक साबित हो सकता है. सही समय पर इलाज मिलने से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है. गंभीर स्थिति में तुरंत मेडिकल सहायता लेना जरूरी होता है, क्योंकि हीट स्ट्रोक इमरजेंसी स्थिति मानी जाती है.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

About the Author

authorimg

अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
कर्नाटक उपचुनाव: किन दो विधानसभा सीटों पर हो रहा है विधानसभा? मतदान जारी, जानिए

April 9, 2026/
10:14 am

विधानसभा चुनाव 2026: कर्नाटक की दो जिलों की सीट बागलकोट और दावणगेरे दक्षिण पर के लिए ग्रुप पर सुबह से...

महंगाई, किल्लत पर कांग्रेस का प्रदर्शन:पन्ना के अजयगढ़ चौराहे पर धरना; केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी

March 30, 2026/
3:02 pm

पन्ना में बढ़ती महंगाई, गैस सिलेंडर के दामों में वृद्धि और बिजली-ईंधन की किल्लत के विरोध में कांग्रेस ने प्रदर्शन...

Follow LSG vs KKR live.

April 26, 2026/
10:53 pm

आखरी अपडेट:26 अप्रैल, 2026, 22:53 IST एनसीएससी ने टिप्पणियों को “न केवल आपत्तिजनक बल्कि एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा...

केरल राजनीति: जब बिना विधायक बने दो बार सीएम बने एके एंटनी: केरल की राजनीति का सबसे अनोखा अध्याय

May 6, 2026/
10:12 pm

भारतीय राजनीति में कई असामान्य घटनाएं सामने आई हैं, लेकिन एक ही नेता का दो बार बिना नेता का मुख्यमंत्री...

Tiffany trump reached jaisalmer

May 31, 2026/
11:57 am

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की छोटी बेटी टिफनी ट्रम्प पति माइकल बोलोस के साथ रविवार सुबह करीब 10:51 बजे विशेष...

ईरान जंग- 9 एशियाई देशों में तेल संकट:बांग्लादेश में यूनिवर्सिटीज बंद, थाइलैंड में लिफ्ट इस्तेमाल पर रोक; पाकिस्तान में मंत्रियों की सैलरी-विदेश यात्रा रोकी

March 10, 2026/
5:07 pm

अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच 11 दिनों से जारी जंग का असर अब एशिया के कई देशों में दिखाई देने...

भूत बंगला का 'तू ही दिसदा' सॉन्ग टीजर रिलीज:अक्षय-वामिका की रोमांटिक केमिस्ट्री दिखी; अरिजीत सिंह की आवाज में फिल्म का दूसरा ट्रैक

March 23, 2026/
2:21 pm

अक्षय कुमार और प्रियदर्शन की फिल्म ‘भूत बंगला’ के नए लव ट्रैक ‘तू ही दिसदा’ का टीजर रिलीज कर दिया...

राजनीति

लू लगने पर पैरासिटामोल क्यों हो जाती है बेअसर, हीट स्ट्रोक का शिकार होने पर क्या करें, यहां जानें सबकुछ

authorimg

Last Updated:

Heat Stroke Prevention Tips: हीट स्ट्रोक एक इमरजेंसी कंडीशन है, जिसमें शरीर का टेंपरेचर 40 डिग्री या इससे ज्यादा हो जाता है. डॉक्टर्स के अनुसार हीट स्ट्रोक होने पर शरीर को तुरंत ठंडा करना और मेडिकल मदद लेना जरूरी है, वरना व्यक्ति की जान जा सकती है. हीट स्ट्रोक में पैरासिटामोल दवा भी काम नहीं करती है, क्योंकि कोर टेंपरेचर बाहरी कारणों से बढ़ता है.

Zoom

गर्मी हीट स्ट्रोक से बचने के लिए धूप में बाहर न निकलें.

Can Paracetamol Help in Heat Stroke: देश के कई हिस्सों में इस वक्त गर्मी से बुरा हाल है. आसमान से आग बरस रही है और गर्म हवाएं लोगों का जीना मुश्किल कर रही हैं. कई जगहों पर भीषण हीटवेव यानी लू चल रही है. तेज धूप और अत्यधिक तापमान शरीर पर गंभीर असर डाल सकते हैं. कई लोग लू लगने पर बुखार समझकर पैरासिटामोल खा लेते हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स के मुताबिक हीट स्ट्रोक में यह दवा अक्सर असरदार नहीं होती. ऐसे में यह समझना बेहद जरूरी है कि लू लगने और सामान्य बुखार में क्या फर्क होता है और हीट स्ट्रोक की स्थिति में तुरंत क्या करना चाहिए.

लखनऊ के मेदांता हॉस्पिटल के इमरजेंसी डिपार्टमेंट के हेड डॉ. लोकेंद्र गुप्ता ने News18 को बताया जब गर्म हवाएं और धूप के कारण हमारे शरीर का कूलिंग सिस्टम फेल हो जाता है, तब इस कंडीशन को हीट स्ट्रोक कहा जाता है. हीट स्ट्रोक के कारण शरीर का कोर टेंपरेचर तेजी से बढ़कर 40°C या उससे ज्यादा हो जाता है और शरीर खुद को ठंडा रखने में असफल हो जाता है. समय पर इलाज न मिलने पर यह हीट स्ट्रोक जानलेवा साबित हो सकता है. हीट स्ट्रोक के दौरान शरीर में कई गंभीर लक्षण दिखाई दे सकते हैं. इनमें तेज बुखार, चक्कर आना, अत्यधिक कमजोरी, सिरदर्द, उल्टी, भ्रम की स्थिति, तेज धड़कन, ड्राई स्किन और बेहोशी शामिल हो सकते हैं. कई बार मरीज को पसीना आना भी बंद हो जाता है, जो गंभीर संकेत माना जाता है.

लू लगने पर पैरासिटामोल क्यों नहीं करती असर?

डॉक्टर के अनुसार पैरासिटामोल सामान्य बुखार में इसलिए काम करती है, क्योंकि वह शरीर के तापमान को कंट्रोल करने वाले ब्रेन के हिस्से पर असर डालती है. हीट स्ट्रोक में शरीर का तापमान संक्रमण की वजह से नहीं, बल्कि बाहरी गर्मी और शरीर की कूलिंग सिस्टम फेल होने की वजह से बढ़ता है. इसलिए पैरासिटामोल इस स्थिति में ज्यादा फायदा नहीं पहुंचाती है. हीट स्ट्रोक में पैरासिटामोल लेने से बचना चाहिए. अगर किसी व्यक्ति में हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखाई दें, तो उसे तुरंत ठंडी और छायादार जगह पर ले जाएं. शरीर का तापमान कम करने के लिए गीले कपड़े या ठंडे पानी की पट्टियां इस्तेमाल करें. पंखा या कूलर चलाएं और अगर व्यक्ति होश में है, तो उसे पानी या ORS पिलाने की कोशिश करें.

किन लोगों को ज्यादा खतरा और कैसे करें बचाव?

एक्सपर्ट की मानें तो छोटे बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और पहले से बीमार लोग हीट स्ट्रोक के ज्यादा शिकार हो सकते हैं. जो लोग लंबे समय तक धूप में काम करते हैं, जैसे मजदूर, डिलीवरी वर्कर्स या ट्रैफिक पुलिस, उनमें भी इसका खतरा अधिक रहता है. हीट स्ट्रोक से बचने के लिए दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच तेज धूप में निकलने से बचना चाहिए. शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए पर्याप्त पानी, नारियल पानी, छाछ और ORS का सेवन करें. हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनें और बाहर निकलते समय सिर को ढककर रखें. ज्यादा कैफीन और शराब से बचना भी जरूरी माना जाता है, क्योंकि इससे डिहाइड्रेशन बढ़ सकता है.

कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?

अगर किसी व्यक्ति का शरीर बहुत ज्यादा गर्म हो, वह बार-बार उल्टी कर रहा हो, बेहोश हो जाए या भ्रम की स्थिति में हो, तो तुरंत डॉक्टर या इमरजेंसी सेवा से संपर्क करना चाहिए. हीट स्ट्रोक को नजरअंदाज करना खतरनाक साबित हो सकता है. सही समय पर इलाज मिलने से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है. गंभीर स्थिति में तुरंत मेडिकल सहायता लेना जरूरी होता है, क्योंकि हीट स्ट्रोक इमरजेंसी स्थिति मानी जाती है.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

About the Author

authorimg

अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.