Sunday, 23 Aug 2026 | 06:07 PM

Trending :

जापान में 5.9 तीव्रता का भूकंप, 37 लोग घायल:ट्रेन सेवाओं पर असर; सुनामी का खतरा नहीं 'अंग्रेजों के सम्मान में लिखा गया जन गण मन':मुकेश खन्ना बोले- ये राष्ट्रगान नहीं हो सकता; इसमें अंग्रेजों को भाग्य विधाता बताया गया पहली भारतीय महिला मिमिक्री आर्टिस्ट आशा सिंह जयसवाल का निधन:मीना कुमारी की नकल से फेम मिला, बीआर चोपड़ा की महाभारत में द्रोणाचार्य की पत्नी बनी थीं पाकिस्तान में 12-12 घंटे बिजली कटौती:लोग सड़कों पर उतरे, रास्ता जाम किया; लगातार कटौती से पानी सप्लाई ठप 'ये रिश्ता क्या कहलाता है' एक्टर मोहसिन ने सगाई की:मंगेतर तमन्ना के साथ तस्वीरें शेयर की; बोले- पहली नजर में लगा हमसफर मिल गई पाकिस्तान में 12-12 घंटे बिजली कटौती:लोग सड़कों पर उतरे, रास्ता रोका; लगातार कटौती से पानी सप्लाई ठप
EXCLUSIVE

Crude Oil Prices Jump Amid Middle East Crisis; Petrol, Diesel Rates Rise in India

Crude Oil Prices Jump Amid Middle East Crisis; Petrol, Diesel Rates Rise in India
  • Hindi News
  • Business
  • Crude Oil Prices Jump Amid Middle East Crisis; Petrol, Diesel Rates Rise In India

नई दिल्ली2 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी की गई है। दिल्ली पेट्रोल 87 पैसे महंगा होकर ₹99.51 प्रति लीटर पहुंच गया है। डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ है। इसके दाम ₹92.49 पर पहुंच गए हैं।

10 दिन में तीसरी बार बढ़ीं कीमतें

यह 10 दिन में ईंधन की कीमतों में तीसरी बढ़ोतरी है। इससे पहले इसी हफ्ते पेट्रोल और डीजल के दामों में एवरेज 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। वहीं, उसके कुछ दिन पहले भी कीमतों में 3 रुपए प्रति लीटर का इजाफा किया गया था।

यहाँ आपके द्वारा दिए गए डेटा के आधार पर पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों, पुरानी कीमतों और अंतर (बढ़ोतरी) को दर्शाने वाली टेबल दी गई है:

पेट्रोल की कीमतों में बदलाव

शहर नए दाम पुरानी कीमतें अंतर (बढ़ोतरी)
दिल्ली 99.51 98.64 +0.87
कोलकाता 110.64 109.70 +0.94
मुंबई 108.49 107.59 +0.90
चेन्नई 105.31 104.49 +0.82

डीजल की कीमतों में बदलाव

शहर नए दाम पुरानी कीमतें अंतर (बढ़ोतरी)
दिल्ली 92.49 91.58 +0.91
कोलकाता 97.02 96.07 +0.95
मुंबई 95.02 94.08 +0.94
चेन्नई 96.98 96.11 +0.87

अन्य चीजों के दाम भी बढ़ सकते हैं…

मालभाड़ा बढ़ेगा: ट्रक और टेम्पो का किराया बढ़ जाएगा, जिससे दूसरे राज्यों से आने वाली सब्जियां, फल और राशन महंगे हो जाएंगे।

खेती की लागत: ट्रैक्टर और पंपिंग सेट चलाने के लिए किसानों को ज्यादा खर्च करना होगा, जिससे अनाज की लागत बढ़ेगी।

बस-ऑटो का किराया: सार्वजनिक परिवहन और स्कूल बसों के किराए में भी इजाफा देखने को मिल सकता है।

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में क्यों हुई बढ़ोतरी?

इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव है। ईरान और अमेरिका की जंग शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर थे जो अब बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं।

क्रूड की कीमतें बढ़ने से तेल कंपनियां दबाव में थीं। इसलिए कंपनियों ने घाटे की भरपाई के लिए यह कदम उठाया है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में लंबे समय तक तेजी बनी रहती है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें और भी बढ़ाई जा सकती हैं।

बेस प्राइस से चार गुना तक बढ़ जाती है कीमत

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर के मुकाबले रुपए की स्थिति के आधार पर देश में ईंधन के दाम तय किए जाते हैं। सरकारी तेल कंपनियां ‘डेली प्राइस रिवीजन’ यानी डायनेमिक प्राइसिंग सिस्टम के तहत हर दिन सुबह 6 बजे नए रेट अपडेट करती हैं। उपभोक्ता तक पहुंचने से पहले तेल की कीमतों में कई तरह के टैक्स और खर्च जुड़ते हैं, जिसे हम आसान भाषा में समझ सकते हैं:

1. कच्चे तेल की कीमत (बेस प्राइस): भारत अपनी जरूरत का करीब 90% क्रूड विदेशों से आयात करता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार से खरीदे गए बैरल के हिसाब से प्रति लीटर तेल की कीमत तय होती है।

2. रिफाइनिंग और कंपनियों का चार्ज: कच्चे तेल को देश की रिफाइनरियों में साफ करके पेट्रोल-डीजल बनाया जाता है। इसमें रिफाइनिंग लागत और कंपनियों का मार्जिन शामिल होता है।

3. केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी: रिफाइनरी से निकलने के बाद केंद्र सरकार इस पर एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) और रोड सेस लगाती है। यह देशभर में सभी राज्यों के लिए समान होती है।

4. डीलर कमीशन: तेल कंपनियां जिस रेट पर पेट्रोल पंप मालिकों (डीलर्स) को ईंधन बेचती हैं, उसमें डीलर्स का अपना निश्चित कमीशन जोड़ा जाता है, जो पेट्रोल और डीजल के लिए अलग-अलग होता है।

5. राज्य सरकार का वैट (VAT): सबसे आखिर में राज्य सरकारें अपने हिसाब से वैट या लोकल सेल्स टैक्स लगाती हैं। चूंकि हर राज्य की वैट दरें अलग होती हैं, इसीलिए दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे अलग-अलग शहरों में ईंधन की कीमतें भी अलग-अलग हो जाती

2024 से दाम नहीं बदले थे, चुनाव से पहले कटौती हुई थी

देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें मार्च 2024 से स्थिर बनी हुई थीं। लोकसभा चुनाव 2024 से ठीक पहले सरकार ने कीमतों में ₹2 प्रति लीटर की कटौती कर जनता को राहत दी थी। हालांकि, तकनीकी रूप से भारत में ईंधन की कीमतें विनियमित हैं और कंपनियां अंतरराष्ट्रीय क्रूड की 15 दिनों की औसत कीमत के आधार पर हर दिन रेट बदल सकती हैं, लेकिन राजनीतिक संवेदनशीलता के कारण इन्हें लंबे समय तक नहीं बदला गया।

तेल कंपनियों को हर महीने 30 हजार करोड़ का घाटा हो रहा था

सरकार के मुताबिक, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सरकारी कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण घाटे में चल रही थीं ।

पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा के अनुसार कंपनियों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की बिक्री पर हर महीने करीब ₹30,000 करोड़ का नुकसान हो रहा है ।

पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 10-10 रुपए घटाई थी

इससे पहले सरकार ने पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर रखने के लिए स्पेशल एक्साइज ड्यूटी में 10-10 रुपए की कटौती की थी। पेट्रोल पर ड्यूटी ₹13 रुपए प्रति लीटर से घटाकर ₹3 रुपए, जबकि डीजल पर ₹10 से शून्य कर दी गई थी। केंद्र सरकार की ओर से एक लीटर पेट्रोल पर कुल 21.90 रुपए एक्साइज ड्यूटी वसूली जाती थी।

स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्टूटी घटने के बाद यह 11.90 रुपए रह गई थी। इसी तरह, एक लीटर डीजल पर कुल सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी 17.8 रुपए से घटकर 7.8 रुपए पर आ गई थी।

सरकार का ये फैसला पेट्रोल-डीजल की कीमतों को स्थिर रखने के लिए था। इस निर्णय की वजह से पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़े थे। पूरी खबर पढ़ें…

पीएम मोदी ने कहा था- ईंधन का इस्तेमाल कम करें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को तेलंगाना में एक कार्यक्रम के दौरान पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक हालात को देखते हुए पेट्रोलियम उत्पादों के सावधानीपूर्वक उपयोग का सुझाव दिया था।

पीएम ने कहा था कि आज समय की मांग है कि पेट्रोल, गैस और डीजल का उपयोग बहुत संयम से किया जाए। हमें आयातित पेट्रो उत्पादों का उपयोग केवल जरूरत के अनुसार ही करना चाहिए। इससे न केवल विदेशी मुद्रा बचेगी, बल्कि युद्ध के प्रतिकूल प्रभाव भी कम होंगे।

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
सेशेल्स में मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया:पीएम संसद को संबोधित करेंगे, भारतीय समुदाय से भी मिलेंगे; 3 दिन के दौरे पर हैं

June 28, 2026/
12:36 pm

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित करेंगे। इसके साथ ही वे दुनिया के पहले ऐसे भारतीय...

बीजेपी से 1000 करोड़ के कथित घोटालेबाज पर हुमायूँ कबीर की पहली प्रतिक्रिया, ममता बनर्जी ने लगाया ये आरोप

April 9, 2026/
8:53 pm

कांग्रेस से अलग अपनी पार्टी बनाने वाले हुमायूँ कबीर का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर आज गुरुवार (9 अप्रैल...

जीवाजी विश्वविद्यालय में आवारा कुत्तों को खाना खिलाने पर प्रतिबंध:नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई, सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन

February 26, 2026/
3:36 pm

ग्वालियर के जीवाजी विश्वविद्यालय ने परिसर में आवारा कुत्तों को खाना खिलाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने...

पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक की:11 बच्चों समेत 13 की मौत, 14 महिलाएं घायल; तालिबान ने एयरस्पेस उल्लंघन का आरोप लगाया

June 10, 2026/
10:48 am

पाकिस्तान ने मंगलवार रात अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक की। तालिबान के मुताबिक, इन हमलों में 13 लोगों की मौत हुई है।...

‘पापा, शो देखने आओगे? गालियां हैं’:समय रैना ने पिता को रात के 4 बजे किया मैसेज, जवाब सुनकर दर्शक हंस पड़े

April 11, 2026/
3:32 pm

कॉमेडियन समय रैना ने हाल ही में बताया कि उनके शो ‘स्टिल अलाइव’ में गालियां होने के कारण वह पिता...

भारत पर फिर से टैरिफ लगाने की तैयारी में अमेरिका:16 बिजनेस पार्टनर्स के खिलाफ जांच शुरू, अनुचित व्यापार के सबूत मिले तो भारी टैक्स लगेगा

March 12, 2026/
1:51 pm

अमेरिका के डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन ने भारत और चीन समेत अपने 16 प्रमुख ट्रेडिंग पार्टनर्स के खिलाफ ‘सेक्शन 301’ के...

राजनीति

Crude Oil Prices Jump Amid Middle East Crisis; Petrol, Diesel Rates Rise in India

Crude Oil Prices Jump Amid Middle East Crisis; Petrol, Diesel Rates Rise in India
  • Hindi News
  • Business
  • Crude Oil Prices Jump Amid Middle East Crisis; Petrol, Diesel Rates Rise In India

नई दिल्ली2 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी की गई है। दिल्ली पेट्रोल 87 पैसे महंगा होकर ₹99.51 प्रति लीटर पहुंच गया है। डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ है। इसके दाम ₹92.49 पर पहुंच गए हैं।

10 दिन में तीसरी बार बढ़ीं कीमतें

यह 10 दिन में ईंधन की कीमतों में तीसरी बढ़ोतरी है। इससे पहले इसी हफ्ते पेट्रोल और डीजल के दामों में एवरेज 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। वहीं, उसके कुछ दिन पहले भी कीमतों में 3 रुपए प्रति लीटर का इजाफा किया गया था।

यहाँ आपके द्वारा दिए गए डेटा के आधार पर पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों, पुरानी कीमतों और अंतर (बढ़ोतरी) को दर्शाने वाली टेबल दी गई है:

पेट्रोल की कीमतों में बदलाव

शहर नए दाम पुरानी कीमतें अंतर (बढ़ोतरी)
दिल्ली 99.51 98.64 +0.87
कोलकाता 110.64 109.70 +0.94
मुंबई 108.49 107.59 +0.90
चेन्नई 105.31 104.49 +0.82

डीजल की कीमतों में बदलाव

शहर नए दाम पुरानी कीमतें अंतर (बढ़ोतरी)
दिल्ली 92.49 91.58 +0.91
कोलकाता 97.02 96.07 +0.95
मुंबई 95.02 94.08 +0.94
चेन्नई 96.98 96.11 +0.87

अन्य चीजों के दाम भी बढ़ सकते हैं…

मालभाड़ा बढ़ेगा: ट्रक और टेम्पो का किराया बढ़ जाएगा, जिससे दूसरे राज्यों से आने वाली सब्जियां, फल और राशन महंगे हो जाएंगे।

खेती की लागत: ट्रैक्टर और पंपिंग सेट चलाने के लिए किसानों को ज्यादा खर्च करना होगा, जिससे अनाज की लागत बढ़ेगी।

बस-ऑटो का किराया: सार्वजनिक परिवहन और स्कूल बसों के किराए में भी इजाफा देखने को मिल सकता है।

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में क्यों हुई बढ़ोतरी?

इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव है। ईरान और अमेरिका की जंग शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर थे जो अब बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं।

क्रूड की कीमतें बढ़ने से तेल कंपनियां दबाव में थीं। इसलिए कंपनियों ने घाटे की भरपाई के लिए यह कदम उठाया है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में लंबे समय तक तेजी बनी रहती है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें और भी बढ़ाई जा सकती हैं।

बेस प्राइस से चार गुना तक बढ़ जाती है कीमत

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर के मुकाबले रुपए की स्थिति के आधार पर देश में ईंधन के दाम तय किए जाते हैं। सरकारी तेल कंपनियां ‘डेली प्राइस रिवीजन’ यानी डायनेमिक प्राइसिंग सिस्टम के तहत हर दिन सुबह 6 बजे नए रेट अपडेट करती हैं। उपभोक्ता तक पहुंचने से पहले तेल की कीमतों में कई तरह के टैक्स और खर्च जुड़ते हैं, जिसे हम आसान भाषा में समझ सकते हैं:

1. कच्चे तेल की कीमत (बेस प्राइस): भारत अपनी जरूरत का करीब 90% क्रूड विदेशों से आयात करता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार से खरीदे गए बैरल के हिसाब से प्रति लीटर तेल की कीमत तय होती है।

2. रिफाइनिंग और कंपनियों का चार्ज: कच्चे तेल को देश की रिफाइनरियों में साफ करके पेट्रोल-डीजल बनाया जाता है। इसमें रिफाइनिंग लागत और कंपनियों का मार्जिन शामिल होता है।

3. केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी: रिफाइनरी से निकलने के बाद केंद्र सरकार इस पर एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) और रोड सेस लगाती है। यह देशभर में सभी राज्यों के लिए समान होती है।

4. डीलर कमीशन: तेल कंपनियां जिस रेट पर पेट्रोल पंप मालिकों (डीलर्स) को ईंधन बेचती हैं, उसमें डीलर्स का अपना निश्चित कमीशन जोड़ा जाता है, जो पेट्रोल और डीजल के लिए अलग-अलग होता है।

5. राज्य सरकार का वैट (VAT): सबसे आखिर में राज्य सरकारें अपने हिसाब से वैट या लोकल सेल्स टैक्स लगाती हैं। चूंकि हर राज्य की वैट दरें अलग होती हैं, इसीलिए दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे अलग-अलग शहरों में ईंधन की कीमतें भी अलग-अलग हो जाती

2024 से दाम नहीं बदले थे, चुनाव से पहले कटौती हुई थी

देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें मार्च 2024 से स्थिर बनी हुई थीं। लोकसभा चुनाव 2024 से ठीक पहले सरकार ने कीमतों में ₹2 प्रति लीटर की कटौती कर जनता को राहत दी थी। हालांकि, तकनीकी रूप से भारत में ईंधन की कीमतें विनियमित हैं और कंपनियां अंतरराष्ट्रीय क्रूड की 15 दिनों की औसत कीमत के आधार पर हर दिन रेट बदल सकती हैं, लेकिन राजनीतिक संवेदनशीलता के कारण इन्हें लंबे समय तक नहीं बदला गया।

तेल कंपनियों को हर महीने 30 हजार करोड़ का घाटा हो रहा था

सरकार के मुताबिक, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सरकारी कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण घाटे में चल रही थीं ।

पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा के अनुसार कंपनियों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की बिक्री पर हर महीने करीब ₹30,000 करोड़ का नुकसान हो रहा है ।

पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 10-10 रुपए घटाई थी

इससे पहले सरकार ने पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर रखने के लिए स्पेशल एक्साइज ड्यूटी में 10-10 रुपए की कटौती की थी। पेट्रोल पर ड्यूटी ₹13 रुपए प्रति लीटर से घटाकर ₹3 रुपए, जबकि डीजल पर ₹10 से शून्य कर दी गई थी। केंद्र सरकार की ओर से एक लीटर पेट्रोल पर कुल 21.90 रुपए एक्साइज ड्यूटी वसूली जाती थी।

स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्टूटी घटने के बाद यह 11.90 रुपए रह गई थी। इसी तरह, एक लीटर डीजल पर कुल सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी 17.8 रुपए से घटकर 7.8 रुपए पर आ गई थी।

सरकार का ये फैसला पेट्रोल-डीजल की कीमतों को स्थिर रखने के लिए था। इस निर्णय की वजह से पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़े थे। पूरी खबर पढ़ें…

पीएम मोदी ने कहा था- ईंधन का इस्तेमाल कम करें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को तेलंगाना में एक कार्यक्रम के दौरान पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक हालात को देखते हुए पेट्रोलियम उत्पादों के सावधानीपूर्वक उपयोग का सुझाव दिया था।

पीएम ने कहा था कि आज समय की मांग है कि पेट्रोल, गैस और डीजल का उपयोग बहुत संयम से किया जाए। हमें आयातित पेट्रो उत्पादों का उपयोग केवल जरूरत के अनुसार ही करना चाहिए। इससे न केवल विदेशी मुद्रा बचेगी, बल्कि युद्ध के प्रतिकूल प्रभाव भी कम होंगे।

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.