Monday, 25 May 2026 | 03:25 PM

Trending :

चीन बोला- भारत दलाई लामा उत्तराधिकारी मामले से दूर रहे:यह हमारा आंतरिक मासला, तिब्बत मुद्दे में बाहरी दखल मंजूर नहीं Strong performance from leading AI companies गायब होने के बाद वापस आया सलमान का इंस्टाग्राम अकाउंट:कुछ देर के लिए दिखा रहा था जीरो फॉलोअर्स; पोस्ट कर पैपराजी पर निकाला था गुस्सा बागी खेमे के 3 विधायकों के टीवीके में शामिल होने से अन्नाद्रमुक को भारी झटका | भारत समाचार रिपोर्ट- मुस्लिम देशों से बोले ट्रम्प- इजराइल को मान्यता दो:ईरान जंग खत्म करने के बाद अब्राहम समझौते का विस्तार करेंगे, पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़ी मूंग दाल कढ़ी रेसिपी: रोज की बेसन कढ़ी छोड़ें इस बार के स्वाद के लिए मूंग दाल कढ़ी, जानें घर पर बनाने की आसान विधि
EXCLUSIVE

15 हजार भारतीयों की छंटनी, नई जॉब नहीं:एच-1 बी पर गए थे, ट्रम्प के सख्त नियम से अब अमेरिका से डिपोर्ट का खतरा

15 हजार भारतीयों की छंटनी, नई जॉब नहीं:एच-1 बी पर गए थे, ट्रम्प के सख्त नियम से अब अमेरिका से डिपोर्ट का खतरा

अमेरिका में 15 हजार भारतीय टेक कर्मियों की नौकरी जाने के बाद उनके सामने संकट खड़ा हो गया है। अब उनपर डिपोर्टेशन का खतरा मंडरा रहा है। दरअसल, ये सभी एच-1बी वीजा पर अमेरिका गए थे, लेकिन छंटनी के बाद इनके पास नई नौकरी ढूंढने व वीजा स्टेटस बचाने के लिए सीमित समय बचा है। नियमों के तहत नौकरी जाने के बाद इन्हें 60 दिनों में नई नौकरी खोजनी होगी। इस दौरान नया एम्प्लॉयर या स्पॉन्सर नहीं मिला, तो अमेरिका छोड़ना पड़ेगा। बीते दिनों मेटा, अमेजन और ओरेकल जैसी बड़ी टेक कंपनियों में करीब 50 हजार लोगों की छंटनी और रिस्ट्रक्चरिंग हुई है। इनमें 15 हजार से ज्यादा भारतीय है। नौकरी जाने पर उसी सेक्टर जॉब जरूरी पहले नौकरी जाने पर टेक कर्मियों को जल्दी नया मौका मिलता था, पर अब इंटरव्यू लंबा खिंच रहा है। कंपनियां वीजा स्पॉन्सर करने से बच रही हैं और ट्रम्प की नई नीतियों के चलते उनके पास वीजा कोटा भी कम है। ट्रम्प प्रशासन की सख्त इमिग्रेशन नीति ने भी डर को बढ़ाया है। छोटी गलती, दस्तावेजों की कमी या वीजा नियमों में चूक भी खतरा बन रही है। अब नौकरी जाने पर उसी सेक्टर और उसी स्तर व सैलरी ब्रैकेट की नौकरी मिलनी चाहिए। यानी सॉफ्टवेयर इंजीनियर होटल में शेफ बनकर एच-1बी स्टेटस नहीं बचा सकता। अब कंपनी को भी ज्यादा दस्तावेज देने पड़ रहे हैं। उन्हें बताना पड़ रहा है कि इस पद के लिए अमेरिकी क्यों नहीं मिला। ग्रीन कार्ड आवेदन के लिए देश लौटना पड़ेगा ट्रम्प प्रशासन ने ग्रीन कार्ड प्रक्रिया सख्त कर दी है। आवेदक को अपने देश जाकर आवेदन करना होगा। अभी अमेरिका में रहते हुए ‘एडजस्टमेंट ऑफ स्टेटस’ से ग्रीन कार्ड ​मिलता था। एच-1बी जैसे अस्थायी वीजा पर काम कर रहे भारतीयों पर बड़ा असर पड़ेगा। 5 साल में 49.97 लाख ग्रीन कार्ड जारी। इनमें 29.32 लाख अमेरिका में रहते हुए व 20.63 लाख होम कंट्री में रहते हुए आवेदन करने वालों को मिले। 2014 से 2023 के बीच कुल 7.26 लाख भारतीयों को ग्रीन कार्ड मिला। 150 जॉब आवेदन भेजे, पर धीमी प्रक्रिया से संकट सिएटल में रहने वाले इंजीनियर विकास पाठक ने अब तक 150 से ज्यादा जॉब के लिए आवेदन किया है। उनका कहना है कि परेशानी रिजेक्शन नहीं, बल्कि कंपनियों की धीमी प्रक्रिया है। पूरी प्रक्रिया में कई महीने लगते हैं जबकि एच-1बी पर नौकरी गंवाने वाले कर्मियों के पास सिर्फ 60 दिन होते हैं। घबराहट ज्यादा, बच्चों की पढ़ाई छूटने का डर सताया सैन फ्रांसिस्को में रह रहे बिहार के बिजयंत सिंह कहते हैं कि लोग बाहर से शांत हैं, लेकिन अंदर घबराहट काफी ज्यादा है। उनके मुताबिक, बच्चों की पढ़ाई, घर के लोन और जीवनसाथी के वीजा जैसी चीजें संकट में आ गई हैं। कई परिवार अब बैकअप प्लान बना रहे हैं। ——————————————- ये खबर भी पढ़ें… अमेरिका में 10 हजार छात्र जांच के घेरे में, शेल कंपनियों और फर्जी नौकरी से वीसा पाने का खेल; रडार पर भारतीय छात्र अमेरिका में पढ़ाई के बाद नौकरी करने का सपना देखने वाले हजारों भारतीय छात्रों के लिए नई चिंता खड़ी हो गई है। अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंसी आईसीई (इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट) ने ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (ओपीटी) प्रोग्राम में बड़े पैमाने पर कथित फर्जीवाड़े की जांच शुरू की है। पूरी खबर पढ़ें…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
भिंड में पत्थर खदान में कर्मचारी की मौत:गोहद के डिरमन पाली स्थित अंजनी क्रेशर की खदान में मिला शव, पुलिस ने शुरू की जांच

February 22, 2026/
7:44 pm

भिंड जिले के गोहद थाना क्षेत्र में स्थित अंजनी क्रेशर की पत्थर खदान में कार्यरत एक कर्मचारी की संदिग्ध परिस्थितियों...

विमेंस टी-20 वर्ल्डकप के लिए पाकिस्तान टीम घोषित:फातिमा सना को कप्तान बनाया, 14 जून को भारत से पहला मैच

May 17, 2026/
8:39 am

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने अगले महीने होने वाले विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप के लिए 15 सदस्यीय टीम घोषित की...

बाइक निकालने पर विवाद, आधा दर्जन घायल VIDEO:इंदौर के छत्रीपुरा में दो पक्ष भिड़े; पत्थरबाजी भी की, थाने के बाहर किया हंगामा

April 27, 2026/
10:43 am

इंदौर के छत्रीपुरा क्षेत्र में बाइक निकालने की बात पर दो पक्षों में विवाद इतना बढ़ गया कि पत्थरबाजी तक...

विजय-रश्मिका का हैदराबाद में रिसेप्शन:ट्रेडिशनल लुक में दिखीं पुष्पा फिल्म की हीरोइन; कर्नाटक डिप्टी CM समेत कई सेलेब्स पहुंचे

March 4, 2026/
4:30 am

विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना का रिसेप्शन हैदराबाद के होटल ताज कृष्णा में हो रहा है। कपल ने 26 फरवरी...

हर नवजात की मौत का होगा ऑडिट:गर्भावस्था से प्रसव तक की पूरी जटिलताओं की फाइल तैयार करने के निर्देश जारी

February 21, 2026/
12:03 am

नवजात शिशुओं की मौत को लेकर अब स्वास्थ्य विभाग और सख्त हो गया है। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में...

ग्वालियर में 26 साल की युवती से दुष्कर्म:सहेली के भाई ने शादी के बाद युवती के पति को भेजे अश्लील फोटो-वीडियो, रिश्ता तुड़वाया

May 1, 2026/
12:05 am

ग्वालियर में 26 साल की युवती से रेप का मामला सामने आया है। सहेली के भाई ने शादी का झांसा...

राजनीति

15 हजार भारतीयों की छंटनी, नई जॉब नहीं:एच-1 बी पर गए थे, ट्रम्प के सख्त नियम से अब अमेरिका से डिपोर्ट का खतरा

15 हजार भारतीयों की छंटनी, नई जॉब नहीं:एच-1 बी पर गए थे, ट्रम्प के सख्त नियम से अब अमेरिका से डिपोर्ट का खतरा

अमेरिका में 15 हजार भारतीय टेक कर्मियों की नौकरी जाने के बाद उनके सामने संकट खड़ा हो गया है। अब उनपर डिपोर्टेशन का खतरा मंडरा रहा है। दरअसल, ये सभी एच-1बी वीजा पर अमेरिका गए थे, लेकिन छंटनी के बाद इनके पास नई नौकरी ढूंढने व वीजा स्टेटस बचाने के लिए सीमित समय बचा है। नियमों के तहत नौकरी जाने के बाद इन्हें 60 दिनों में नई नौकरी खोजनी होगी। इस दौरान नया एम्प्लॉयर या स्पॉन्सर नहीं मिला, तो अमेरिका छोड़ना पड़ेगा। बीते दिनों मेटा, अमेजन और ओरेकल जैसी बड़ी टेक कंपनियों में करीब 50 हजार लोगों की छंटनी और रिस्ट्रक्चरिंग हुई है। इनमें 15 हजार से ज्यादा भारतीय है। नौकरी जाने पर उसी सेक्टर जॉब जरूरी पहले नौकरी जाने पर टेक कर्मियों को जल्दी नया मौका मिलता था, पर अब इंटरव्यू लंबा खिंच रहा है। कंपनियां वीजा स्पॉन्सर करने से बच रही हैं और ट्रम्प की नई नीतियों के चलते उनके पास वीजा कोटा भी कम है। ट्रम्प प्रशासन की सख्त इमिग्रेशन नीति ने भी डर को बढ़ाया है। छोटी गलती, दस्तावेजों की कमी या वीजा नियमों में चूक भी खतरा बन रही है। अब नौकरी जाने पर उसी सेक्टर और उसी स्तर व सैलरी ब्रैकेट की नौकरी मिलनी चाहिए। यानी सॉफ्टवेयर इंजीनियर होटल में शेफ बनकर एच-1बी स्टेटस नहीं बचा सकता। अब कंपनी को भी ज्यादा दस्तावेज देने पड़ रहे हैं। उन्हें बताना पड़ रहा है कि इस पद के लिए अमेरिकी क्यों नहीं मिला। ग्रीन कार्ड आवेदन के लिए देश लौटना पड़ेगा ट्रम्प प्रशासन ने ग्रीन कार्ड प्रक्रिया सख्त कर दी है। आवेदक को अपने देश जाकर आवेदन करना होगा। अभी अमेरिका में रहते हुए ‘एडजस्टमेंट ऑफ स्टेटस’ से ग्रीन कार्ड ​मिलता था। एच-1बी जैसे अस्थायी वीजा पर काम कर रहे भारतीयों पर बड़ा असर पड़ेगा। 5 साल में 49.97 लाख ग्रीन कार्ड जारी। इनमें 29.32 लाख अमेरिका में रहते हुए व 20.63 लाख होम कंट्री में रहते हुए आवेदन करने वालों को मिले। 2014 से 2023 के बीच कुल 7.26 लाख भारतीयों को ग्रीन कार्ड मिला। 150 जॉब आवेदन भेजे, पर धीमी प्रक्रिया से संकट सिएटल में रहने वाले इंजीनियर विकास पाठक ने अब तक 150 से ज्यादा जॉब के लिए आवेदन किया है। उनका कहना है कि परेशानी रिजेक्शन नहीं, बल्कि कंपनियों की धीमी प्रक्रिया है। पूरी प्रक्रिया में कई महीने लगते हैं जबकि एच-1बी पर नौकरी गंवाने वाले कर्मियों के पास सिर्फ 60 दिन होते हैं। घबराहट ज्यादा, बच्चों की पढ़ाई छूटने का डर सताया सैन फ्रांसिस्को में रह रहे बिहार के बिजयंत सिंह कहते हैं कि लोग बाहर से शांत हैं, लेकिन अंदर घबराहट काफी ज्यादा है। उनके मुताबिक, बच्चों की पढ़ाई, घर के लोन और जीवनसाथी के वीजा जैसी चीजें संकट में आ गई हैं। कई परिवार अब बैकअप प्लान बना रहे हैं। ——————————————- ये खबर भी पढ़ें… अमेरिका में 10 हजार छात्र जांच के घेरे में, शेल कंपनियों और फर्जी नौकरी से वीसा पाने का खेल; रडार पर भारतीय छात्र अमेरिका में पढ़ाई के बाद नौकरी करने का सपना देखने वाले हजारों भारतीय छात्रों के लिए नई चिंता खड़ी हो गई है। अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंसी आईसीई (इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट) ने ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (ओपीटी) प्रोग्राम में बड़े पैमाने पर कथित फर्जीवाड़े की जांच शुरू की है। पूरी खबर पढ़ें…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

जॉब - शिक्षा

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.