पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के क्वेटा शहर में रविवार को चमन फाटक के पास रेलवे ट्रैक के नजदीक आत्मघाती हमला किया गया, जिसकी चपेट में जाफर एक्सप्रेस आ गई। अधिकारियों के अनुसार, हादसे में कम से कम 23 लोगों की मौत हो गई, जबकि 53 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, धमाके के समय ट्रेन क्वेटा कैंट की ओर जा रही थी। विस्फोट इतना जोरदार था कि ट्रेन के कई डिब्बे पटरी से उतर गए और इलाके में अफरा-तफरी मच गई। धमाके के बाद रेलवे ट्रैक के पास आग लग गई। फायर ब्रिगेड, पुलिस, रेस्क्यू टीम और सुरक्षा बल तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव अभियान शुरू किया गया। पुलिस ने बताया कि विस्फोट के असर से आसपास की इमारतों की खिड़कियों के शीशे भी टूट गए। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके को घेर लिया है और धमाके की वजह का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली बलूचिस्तान सरकार के गृह मामलों के विशेष सहायक बाबर यूसुफजई ने कहा कि घटना की जांच की जा रही है और सभी सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। उन्होंने लोगों से घटनास्थल के आसपास भीड़ न लगाने की अपील की। फिलहाल किसी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां इसे आतंकवादी हमला मानकर जांच कर रही हैं। ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स में पाकिस्तान दूसरे नंबर पर ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2025 के मुताबिक, बुर्किना फासो के बाद पाकिस्तान दुनिया का दूसरा सबसे आतंक प्रभावित देश बन चुका है, जबकि 2024 में यह चौथे स्थान पर था। TTP के हमलों में 90% की वृद्धि हुई है। बलूच आर्मी (BLA) के हमलों में 60% बढ़ोतरी हुई है। इस्लामिक स्टेट- खुरासान (IS-K) ने अब पाकिस्तानी शहरों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान सबसे ज्यादा आतंक प्रभावित इलाके हैं। देश भर की कुल आतंकी घटनाओं में से 90% इसी इलाके में हुईं। रिपोर्ट में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान को लगातार दूसरे साल पाकिस्तान का सबसे खतरनाक आतंकवादी संगठन बताया गया। 2024 में इस ग्रुप ने 482 हमले किए, जिसकी वजह से 558 मौतें हुई थीं, जो 2023 के मुकाबले 91% ज्यादा हैं।













































