Sunday, 12 Jul 2026 | 07:01 PM

Trending :

EXCLUSIVE

Raw Material Cost Pressure on Companies; Packaging Material Up 56%

Raw Material Cost Pressure on Companies; Packaging Material Up 56%
  • Hindi News
  • Business
  • Raw Material Cost Pressure On Companies; Packaging Material Up 56% | India

नई दिल्ली26 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

आने वाले दिनों में रोजमर्रा के इस्तेमाल वाले जरूरी कंज्यूमर प्रोडक्ट्स महंगे हो सकते हैं। सिस्टेमैटिक्स रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक, कच्चे माल की बढ़ती कीमतों के कारण कंपनियां लगातार महंगाई के दबाव में हैं, जिससे वे अपने प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ा सकती हैं।

पिछले दो महीनों में 3 से 7% तक बढ़ चुके हैं दाम

रिपोर्ट में बताया गया है कि अलग-अलग कैटेगरी की कंपनियों ने पिछले एक से दो महीनों में ही अपने प्रोडक्ट्स की कीमतों में औसतन 3% से 7% तक की बढ़ोतरी कर दी है। इसकी मुख्य वजह यह है कि कंपनियों की रॉ मटीरियल बास्केट की लागत में औसतन करीब 10% बढ़ी है।

रिटेल महंगाई बढ़कर 3.48% पर पहुंची

अप्रैल की रिटेल महंगाई बढ़कर 3.48% पर पहुंच गई है। इससे पहले मार्च में यह 3.40% थी। महंगाई बढ़ने की सबसे बड़ी वजह खाने-पीने की चीजों के दामों का बढ़ना है। फूड इन्फ्लेशन अप्रैल में बढ़कर 4.20% पर पहुंच गई। मार्च में यह आंकड़ा 3.87% था।

कंपनियां कीमत बढ़ाने के साथ घटा सकती हैं वजन

इनपुट कॉस्ट में हुई इस बढ़ोतरी की भरपाई करने के लिए कंपनियां कीमते बढ़ाने के साथ-साथ ‘ग्रामेज कट’ यानी पैकेट का वजन घटाने का तरीका भी अपना सकती हैं।

पाम ऑयल, क्रूड और पैकेजिंग कॉस्ट बढ़ी

रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ खास कैटेगरीज में लागत बहुत तेजी से बढ़ी है:

  • पैकेजिंग मटीरियल (HDPE): शैम्पू की बोतलें, डिटर्जेंट कंटेनर और फ्लेक्सिबल पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक (HDPE) की कीमतें 56% तक बढ़ गई हैं।
  • क्रूड और पाम ऑयल: पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 32% तक उछल गई हैं। वहीं पाम ऑयल के दाम में भी 11% की तेजी आई है।

कंपनियों के मुनाफे और मार्जिन पर असर दिखेगा

कच्चे माल की इस महंगाई का असर मार्च तिमाही (Q4FY26) में ही दिखने लगा था, जब बड़ी कंपनियों का ग्रॉस मार्जिन घटा था। सालाना आधार पर ये 0.50% घटा है।

इस मौजूदा महंगाई का सबसे बड़ा असर वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही (H1FY27) में दिखाई देगा। मौजूदा लागत बढ़ोतरी की भरपाई के लिए कंपनियों ने अपने सामान के दाम तो बढ़ा रही हैं, जिससे वे घाटे से बच जाएं। लेकिन महंगाई इतनी ज्यादा है कि साल 2026-27 में कंपनियों का कुल मुनाफा प्रतिशत (मार्जिन) कम रहने की आशंका बनी हुई है।

कमाई बढ़ेगी पर खपत घटने की आशंका

रिपोर्ट में यह चेतावनी भी दी गई है कि बढ़ती रिटेल महंगाई के कारण आने वाले महीनों में कंजम्पशन वॉल्यूम (सामान की कुल खपत या बिक्री) पर बुरा असर पड़ सकता है।

नॉलेज पार्ट:

ग्रामेज कट या ‘श्रिंकफ्लेशन’: जब कंपनियां अपने किसी प्रोडक्ट की कीमत को बिना बदले, उसके अंदर मिलने वाले सामान का वजन कम कर देती हैं, तो इसे इकोनॉमिक्स की भाषा में ‘श्रिंकफ्लेशन’ या ग्रामेज कट कहते हैं. कंपनियां ऐसा इसलिए करती हैं ताकि ग्राहक को सीधे तौर पर दाम बढ़ा हुआ न लगे और कंपनी का प्रॉफिट मार्जिन भी बच जाए।

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
531 प्रेजेंटेशन में सुनाए गए 870 चुटकुलों पर आधारित रिपोर्ट:वैज्ञानिकों के 66% जोक्स फ्लॉप, सिर्फ 9% पर खुलकर हंसी: स्टडी

March 24, 2026/
4:07 pm

वैज्ञानिकों के रिसर्च पेपर जितने गंभीर होते हैं, कॉन्फ्रेंस टॉक्स में उनके जोक्स (चुटकुले) उतने ही कम असरदार निकल रहे...

धार में जर्जर स्कूल भवन की छत गिरी:सोनगढ़ गांव में 5 बच्चे घायल, 2 साल से जर्जर स्थिति में है ब्लिडिंग

March 19, 2026/
10:37 pm

धार जिले के राजगढ़ क्षेत्र के ग्राम सोनगढ़ स्थित शासकीय स्कूल प्रांगण में गुरुवार को अफरा-तफरी मच गई, जब बच्चों...

CBSE 12th results 2026 soon on results.cbse.nic.in, DigiLocker. (File/Representative Image)

May 7, 2026/
12:41 pm

आखरी अपडेट:07 मई, 2026, 12:41 IST कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को यह उपाधि कितने समय तक मिलती रहेगी, यह बहस...

गुरुग्राम में सोसाइटी की दीवार गिरी:7 मजदूरों की मौत, 3 गंभीर रूप से घायल; कुछ लोगों के दबे होने की आशंका

March 9, 2026/
10:03 pm

गुरुग्राम में सोमवार रात ग्लोबल सिग्नेचर सोसाइटी में निर्माणाधीन प्रोजेक्ट की दीवार गिर गई। इस हादसे में 7 मजदूरों की...

किसी ने पिता तो किसी ने पति खोया:अनुकंपा नियुक्ति के लिए भटक रहे 31 परिवार, अफसरों का तर्क- 'वैकेंसी नहीं है, 5 लाख ले लो

April 21, 2026/
5:06 am

मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम (MPIDC) में अनुकंपा नियुक्ति की आस लगाए 31 परिवारों का भविष्य पिछले 5 से 10...

Movie Review_ Cocktail 2, the story of changing equation of love, friendship and relations, shahid, kriti and rashmika stole the show

June 19, 2026/
10:54 am

कास्ट- शाहिद कपूर, कृति सेनन, रश्मिका मंदाना डायरेक्टर- होमी अदजानिया ड्यूरेशन- 2 घंटे 30 मिनट रेटिंग- 3.5/5 14 साल पहले...

न्यूजीलैंड ने 27 साल बाद इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज जीती:160 रन से हराया; स्टोक्स के आखिरी मैच में इंग्लैंड 212 रन पर सिमटा

June 29, 2026/
9:15 pm

बेन स्टोक्स अपने आखिरी इंटरनेशनल मैच को जीत के साथ यादगार बनाना चाहते थे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। ट्रेंट...

राजनीति

Raw Material Cost Pressure on Companies; Packaging Material Up 56%

Raw Material Cost Pressure on Companies; Packaging Material Up 56%
  • Hindi News
  • Business
  • Raw Material Cost Pressure On Companies; Packaging Material Up 56% | India

नई दिल्ली26 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

आने वाले दिनों में रोजमर्रा के इस्तेमाल वाले जरूरी कंज्यूमर प्रोडक्ट्स महंगे हो सकते हैं। सिस्टेमैटिक्स रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक, कच्चे माल की बढ़ती कीमतों के कारण कंपनियां लगातार महंगाई के दबाव में हैं, जिससे वे अपने प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ा सकती हैं।

पिछले दो महीनों में 3 से 7% तक बढ़ चुके हैं दाम

रिपोर्ट में बताया गया है कि अलग-अलग कैटेगरी की कंपनियों ने पिछले एक से दो महीनों में ही अपने प्रोडक्ट्स की कीमतों में औसतन 3% से 7% तक की बढ़ोतरी कर दी है। इसकी मुख्य वजह यह है कि कंपनियों की रॉ मटीरियल बास्केट की लागत में औसतन करीब 10% बढ़ी है।

रिटेल महंगाई बढ़कर 3.48% पर पहुंची

अप्रैल की रिटेल महंगाई बढ़कर 3.48% पर पहुंच गई है। इससे पहले मार्च में यह 3.40% थी। महंगाई बढ़ने की सबसे बड़ी वजह खाने-पीने की चीजों के दामों का बढ़ना है। फूड इन्फ्लेशन अप्रैल में बढ़कर 4.20% पर पहुंच गई। मार्च में यह आंकड़ा 3.87% था।

कंपनियां कीमत बढ़ाने के साथ घटा सकती हैं वजन

इनपुट कॉस्ट में हुई इस बढ़ोतरी की भरपाई करने के लिए कंपनियां कीमते बढ़ाने के साथ-साथ ‘ग्रामेज कट’ यानी पैकेट का वजन घटाने का तरीका भी अपना सकती हैं।

पाम ऑयल, क्रूड और पैकेजिंग कॉस्ट बढ़ी

रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ खास कैटेगरीज में लागत बहुत तेजी से बढ़ी है:

  • पैकेजिंग मटीरियल (HDPE): शैम्पू की बोतलें, डिटर्जेंट कंटेनर और फ्लेक्सिबल पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक (HDPE) की कीमतें 56% तक बढ़ गई हैं।
  • क्रूड और पाम ऑयल: पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 32% तक उछल गई हैं। वहीं पाम ऑयल के दाम में भी 11% की तेजी आई है।

कंपनियों के मुनाफे और मार्जिन पर असर दिखेगा

कच्चे माल की इस महंगाई का असर मार्च तिमाही (Q4FY26) में ही दिखने लगा था, जब बड़ी कंपनियों का ग्रॉस मार्जिन घटा था। सालाना आधार पर ये 0.50% घटा है।

इस मौजूदा महंगाई का सबसे बड़ा असर वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही (H1FY27) में दिखाई देगा। मौजूदा लागत बढ़ोतरी की भरपाई के लिए कंपनियों ने अपने सामान के दाम तो बढ़ा रही हैं, जिससे वे घाटे से बच जाएं। लेकिन महंगाई इतनी ज्यादा है कि साल 2026-27 में कंपनियों का कुल मुनाफा प्रतिशत (मार्जिन) कम रहने की आशंका बनी हुई है।

कमाई बढ़ेगी पर खपत घटने की आशंका

रिपोर्ट में यह चेतावनी भी दी गई है कि बढ़ती रिटेल महंगाई के कारण आने वाले महीनों में कंजम्पशन वॉल्यूम (सामान की कुल खपत या बिक्री) पर बुरा असर पड़ सकता है।

नॉलेज पार्ट:

ग्रामेज कट या ‘श्रिंकफ्लेशन’: जब कंपनियां अपने किसी प्रोडक्ट की कीमत को बिना बदले, उसके अंदर मिलने वाले सामान का वजन कम कर देती हैं, तो इसे इकोनॉमिक्स की भाषा में ‘श्रिंकफ्लेशन’ या ग्रामेज कट कहते हैं. कंपनियां ऐसा इसलिए करती हैं ताकि ग्राहक को सीधे तौर पर दाम बढ़ा हुआ न लगे और कंपनी का प्रॉफिट मार्जिन भी बच जाए।

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.