Tuesday, 02 Jun 2026 | 06:29 PM

Trending :

EXCLUSIVE

China is also gaining an edge over America in the pharmaceutical industry.

China is also gaining an edge over America in the pharmaceutical industry.
  • Hindi News
  • Business
  • China Is Also Gaining An Edge Over America In The Pharmaceutical Industry.

द न्यूयॉर्क टाइम्सकुछ ही क्षण पहले

  • कॉपी लिंक

शिकागो में कैंसर विशेषज्ञों‎ की सालाना कॉन्फ्रेंस।‎- फाइल फोटो

नई दवाओं के विकास में चीन तेजी से उभरती ‎‎ताकत बनता दिख रहा है। दशकों तक कैंसर ‎‎विशेषज्ञों की सालाना कॉन्फ्रेंस में दवाइयों के ‎‎ट्रायल्स मुख्य रूप से अमेरिका और यूरोप के ‎‎अस्पताल चलाते थे, लेकिन पिछले सप्ताह‎ शिकागो में आयोजित अमेरिकन सोसायटी ऑफ ‎‎क्लीनिकल ऑन्कोलॉजी (एएससीओ) की‎ वार्षिक बैठक ने संकेत दिया कि वैश्विक ‎‎बायोटेक्नोलॉजी परिदृश्य बदल रहा है।‎

कभी अपेक्षाकृत छोटी मानी जाने वाली चीन‎ की बायोटेक इंडस्ट्री कुछ ही वर्षों में नई दवाओं ‎के शोध, विकास और क्लीनिकल परीक्षण का‎ बड़ा केंद्र बन गई है। 1989 से एएससीओ ‎सम्मेलन में भाग ले रहे जॉन्स हॉपकिन्स‎ यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. ओटिस ब्रॉली के ‎अनुसार, चीन की बायोटेक इंडस्ट्री अब ‎वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज ‎करा चुकी है। हालांकि इस प्रगति ने अमेरिकी‎ अधिकारियों, दवा कंपनियों और चिकित्सा ‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎विशेषज्ञों की चिंताएं भी बढ़ा दी हैं। उनकी ‎आशंका नई दवाओं के विकास पर नियंत्रण ‎और बायोटेक क्षेत्र में अमेरिका की लंबे समय से‎ बनी बढ़त के कमजोर पड़ने से भी जुड़ी है।‎

अमेरिकी बायोटेक स्टार्टअप्स का कहना है ‎कि उन्हें पेटेंट, रिसर्च पब्लिकेशन और‎ क्लीनिकल ट्रायल्स के क्षेत्र में चीनी कंपनियों से‎ कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। ‎इसके साथ ही यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या‎ चीन में विकसित दवाएं अमेरिकी मरीजों पर भी‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎ उतनी ही प्रभावी साबित होंगी, जितनी चीनी ‎नागरिकों पर होती हैं। दरअसल, लंग कैंसर के‎ एशियाई मरीज लंबे समय तक जीवित रहते हैं‎ और अन्य नस्ल के लोगों की तुलना में उन्हें‎ इलाज से ज्यादा फायदा होता है। सम्मेलन में सबसे अधिक चर्चा चीनी कंपनी अकेसो ‎बायोफार्मा की कैंसर-रोधी दवा इवोनेसिमैब को‎ लेकर रही। कंपनी इस दवा का अमेरिकी मरीजों‎ पर भी परीक्षण कर रही है।‎

कई बड़ी दवा कंपनियों के चीन से सौदे‎

पिछले कुछ वर्षों से दुनिया की बड़ी फार्मास्युटिकल्स ‎कंपनियां चीन की दवाइयां और कच्चे माल का बड़े पैमाने‎ पर आयात कर रही हैं। इस साल अब तक ऐसे लगभग‎ आधे सौदे चीनी कंपनियों से हुए हैं। ये 2020 से बहुत‎ अधिक हैं। कॉन्फ्रेंस में इवोनेसिमैब सहित कैंसर की अन्य‎ दवाइयों के सौदे फाइजर, मर्क और ब्रिस्टल मायर्स स्क्विब‎ जैसी बड़ी कंपनियों ने किए हैं।‎‎

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
टीवीके नेता अधव अर्जुन ने स्कूल्सके को सार ढांचे पर कहा- स्टालिन ने अपनी बहन कनिमोजी करुणानिधि को किनारे कर दिया

April 6, 2026/
8:37 am

तमिलगा वेत्र्री कजगम (टीवीके) के चुनाव अभियान के प्रमुख अधव अर्जुन ने रविवार को तमिल के मुख्यमंत्री एम.के. स्टाल पर...

SC- प्राइवेट स्कूल EWS-कोटे में एडमिशन नहीं रोक सकते:स्टूडेंट को एडमिशन देने से इनकार करने की अपील को खारिज किया

April 29, 2026/
8:34 pm

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अपने एक फैसले में कहा कि प्राइवेट (नॉन एडेड) स्कूल कमजोर और वंचित वर्ग के...

The MP Board 10th and 12th results declared at mpbse.nic.in.

April 15, 2026/
11:18 am

आखरी अपडेट:15 अप्रैल, 2026, 11:18 IST News18 के साथ एक साक्षात्कार में, महुआ मोइत्रा ने पश्चिम बंगाल में चुनावी मूड,...

मंदसौर की महिलाओं ने 5 लाख से बनाया आत्मनिर्भरता मॉडल:लोन से शुरू किया लेमन, कच्ची केरी, आंवला जूस का बिजनेस, नोएडा, सूरत, बड़ौदा तक सप्लाई

April 14, 2026/
3:59 pm

मंदसौर जिले के ग्राम पिपलिया कराडिया की महिलाओं ने ग्रामीण आजीविका मिशन की पहल से आत्मनिर्भरता की एक मिसाल पेश...

गलतियों पर खुद को न कोसें, तनाव हंसी में उड़ाएं:मनोवैज्ञानिक का दावा- खुद की गलतियों पर हंसना लोगों को आपसे मानवीय रूप से जोड़ता है; इससे आत्मविश्वास मजबूत होगा

March 14, 2026/
2:43 pm

अक्सर सार्वजनिक जगहों पर छोटी गलतियों पर भी हम शर्मिंदा हो जाते हैं। चाहे कांच के दरवाजे से टकराना हो...

सतना में 3 पुलिसकर्मी सस्पेंड:बोरवेल पर बैन का झूठा डर दिखाकर मैनेजर से वसूले 5 हजार रुपए; आईजी के निर्देश पर कार्रवाई

March 24, 2026/
11:13 am

सतना जिले के धारकुंडी थाना क्षेत्र के जमुआनी गांव में रविवार-सोमवार की दरमियानी रात बोरवेल खनन पर प्रतिबंध का झूठा...

authorimg

April 27, 2026/
3:20 pm

होमताजा खबरDelhi एम्स दिल्ली की कमान अब डॉक्टर निखिल टंडन के हाथ, कौन हैं, क्या करते हैं? जानें Last Updated:April...

राजनीति

China is also gaining an edge over America in the pharmaceutical industry.

China is also gaining an edge over America in the pharmaceutical industry.
  • Hindi News
  • Business
  • China Is Also Gaining An Edge Over America In The Pharmaceutical Industry.

द न्यूयॉर्क टाइम्सकुछ ही क्षण पहले

  • कॉपी लिंक

शिकागो में कैंसर विशेषज्ञों‎ की सालाना कॉन्फ्रेंस।‎- फाइल फोटो

नई दवाओं के विकास में चीन तेजी से उभरती ‎‎ताकत बनता दिख रहा है। दशकों तक कैंसर ‎‎विशेषज्ञों की सालाना कॉन्फ्रेंस में दवाइयों के ‎‎ट्रायल्स मुख्य रूप से अमेरिका और यूरोप के ‎‎अस्पताल चलाते थे, लेकिन पिछले सप्ताह‎ शिकागो में आयोजित अमेरिकन सोसायटी ऑफ ‎‎क्लीनिकल ऑन्कोलॉजी (एएससीओ) की‎ वार्षिक बैठक ने संकेत दिया कि वैश्विक ‎‎बायोटेक्नोलॉजी परिदृश्य बदल रहा है।‎

कभी अपेक्षाकृत छोटी मानी जाने वाली चीन‎ की बायोटेक इंडस्ट्री कुछ ही वर्षों में नई दवाओं ‎के शोध, विकास और क्लीनिकल परीक्षण का‎ बड़ा केंद्र बन गई है। 1989 से एएससीओ ‎सम्मेलन में भाग ले रहे जॉन्स हॉपकिन्स‎ यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. ओटिस ब्रॉली के ‎अनुसार, चीन की बायोटेक इंडस्ट्री अब ‎वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज ‎करा चुकी है। हालांकि इस प्रगति ने अमेरिकी‎ अधिकारियों, दवा कंपनियों और चिकित्सा ‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎विशेषज्ञों की चिंताएं भी बढ़ा दी हैं। उनकी ‎आशंका नई दवाओं के विकास पर नियंत्रण ‎और बायोटेक क्षेत्र में अमेरिका की लंबे समय से‎ बनी बढ़त के कमजोर पड़ने से भी जुड़ी है।‎

अमेरिकी बायोटेक स्टार्टअप्स का कहना है ‎कि उन्हें पेटेंट, रिसर्च पब्लिकेशन और‎ क्लीनिकल ट्रायल्स के क्षेत्र में चीनी कंपनियों से‎ कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। ‎इसके साथ ही यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या‎ चीन में विकसित दवाएं अमेरिकी मरीजों पर भी‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎ उतनी ही प्रभावी साबित होंगी, जितनी चीनी ‎नागरिकों पर होती हैं। दरअसल, लंग कैंसर के‎ एशियाई मरीज लंबे समय तक जीवित रहते हैं‎ और अन्य नस्ल के लोगों की तुलना में उन्हें‎ इलाज से ज्यादा फायदा होता है। सम्मेलन में सबसे अधिक चर्चा चीनी कंपनी अकेसो ‎बायोफार्मा की कैंसर-रोधी दवा इवोनेसिमैब को‎ लेकर रही। कंपनी इस दवा का अमेरिकी मरीजों‎ पर भी परीक्षण कर रही है।‎

कई बड़ी दवा कंपनियों के चीन से सौदे‎

पिछले कुछ वर्षों से दुनिया की बड़ी फार्मास्युटिकल्स ‎कंपनियां चीन की दवाइयां और कच्चे माल का बड़े पैमाने‎ पर आयात कर रही हैं। इस साल अब तक ऐसे लगभग‎ आधे सौदे चीनी कंपनियों से हुए हैं। ये 2020 से बहुत‎ अधिक हैं। कॉन्फ्रेंस में इवोनेसिमैब सहित कैंसर की अन्य‎ दवाइयों के सौदे फाइजर, मर्क और ब्रिस्टल मायर्स स्क्विब‎ जैसी बड़ी कंपनियों ने किए हैं।‎‎

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

जॉब - शिक्षा

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.