Friday, 05 Jun 2026 | 11:56 AM

Trending :

अन्नामलाई ने बीजेपी छोड़ी, पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन ने उनका इस्तीफा स्वीकार किया | भारत समाचार मूवी रिव्यू – ‘है जवानी तो इश्क होना है’:वरुण धवन की कॉमिक टाइमिंग संभालती फिल्म, कमजोर कहानी और लंबाई बनी बड़ी चुनौती मूवी रिव्यू – ‘है जवानी तो इश्क होना है’:वरुण धवन की कॉमिक टाइमिंग संभालती फिल्म, कमजोर कहानी और लंबाई बनी बड़ी चुनौती वरुण धवन ने पैर छूकर गोविंदा का लिया आशीर्वाद:गले भी लगे, डेविड धवन को भी संभालते दिखे; देखें वीडियो वरुण धवन ने पैर छूकर गोविंदा का लिया आशीर्वाद:गले भी लगे, डेविड धवन को भी संभालते दिखे; देखें वीडियो ‘ममता हमारी सर्वोच्च नेता हैं, सलाहकार नहीं’: रीताब्रता की योजना पर आंतरिक कलह ने टीएमसी विद्रोही खेमे को प्रभावित किया | भारत समाचार
EXCLUSIVE

मूवी रिव्यू – ‘बंदर’:बॉबी देओल की दमदार परफॉर्मेंस, लेकिन कमजोर स्क्रीनप्ले और अनबैलेंस्ड नजरिया फिल्म को पीछे खींचता है

मूवी रिव्यू – ‘बंदर’:बॉबी देओल की दमदार परफॉर्मेंस, लेकिन कमजोर स्क्रीनप्ले और अनबैलेंस्ड नजरिया फिल्म को पीछे खींचता है

अनुराग कश्यप की फिल्मों से हमेशा उम्मीद रहती है कि वे आसान सवाल नहीं पूछेंगी। फिल्म बंदर भी एक ऐसे विषय को उठाती है जिस पर बहस लंबे समय तक चल सकती है। एक ढलते हुए एक्टर और सिंगर पर लगा सीरियस आरोप, सोशल मीडिया की अदालत और जेल के भीतर की दुनिया। सुनने में यह सब बेहद दिलचस्प लगता है। लेकिन दिक्कत तब शुरू होती है जब फिल्म एक जटिल विषय को समझने के बजाय सिर्फ एक पक्ष की पीड़ा दिखाने में उलझ जाती है। नतीजा यह होता है कि फिल्म सोचने पर मजबूर कम और थकाने का काम ज्यादा करती है। फिल्म की कहानी कहानी समर मेहरा की है। कभी वह बड़ा सितारा था, लेकिन अब उसकी चमक फीकी पड़ चुकी है। एक शादी में लोग उसके साथ तस्वीर लेने के बजाय खुद की तस्वीरें लेने में ज्यादा दिलचस्पी दिखाते हैं। यही दृश्य उसके गिरते स्टारडम का सबसे सटीक परिचय बनता है। इसी बीच उस पर एक महिला गंभीर आरोप लगा देती है और उसकी जिंदगी पूरी तरह बदल जाती है। पुलिस हिरासत, अदालत, मीडिया ट्रायल और जेल के भीतर होने वाली अमानवीय घटनाओं के बीच समर खुद को निर्दोष साबित करने की कोशिश करता है।

समस्या यह है कि फिल्म का विषय जितना पेचीदा है, उसका प्रस्तुतिकरण उतना ही सीधा और सुविधाजनक लगता है। कहानी बार बार आपको बताती है कि समर के साथ कितना गलत हो रहा है, लेकिन दूसरे पक्ष को समझने की कोशिश लगभग नहीं करती। इसी वजह से फिल्म धीरे धीरे संतुलन खो देती है। फिल्म में एक्टिंग अगर बंदर देखने की कोई सबसे बड़ी वजह है तो वह बॉबी देओल हैं। हाल के वर्षों में खलनायक वाली छवि के बाद यहां वह पूरी तरह अलग रूप में नजर आते हैं। टूटा हुआ आत्मविश्वास, अपमान का दर्द और भीतर की बेचैनी उन्होंने बहुत प्रभावी ढंग से दिखाई है। कई दृश्यों में बॉबी बिना ज्यादा संवाद बोले भी असर छोड़ जाते हैं। यह उनकी हालिया सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुतियों में से एक कही जा सकती है।

इंद्रजीत सुकुमारन सीमित समय में भी प्रभाव छोड़ते हैं। जेल के भीतर उनका किरदार फिल्म में थोड़ी ऊर्जा लेकर आता है। सपना पब्बी और अन्य कलाकार अपने हिस्से का काम ठीक से करते हैं, लेकिन पटकथा उन्हें ज्यादा गहराई नहीं देती। फिल्म में निर्देशन और तकनीकी पक्ष अनुराग कश्यप का निर्देशन कई जगह प्रभावशाली है। जेल वाले दृश्य बेचैन करते हैं और व्यवस्था की क्रूरता को महसूस भी कराते हैं। कैमरा काम वास्तविक लगता है और कई दृश्य डॉक्यूमेंट्री जैसी सच्चाई का एहसास कराते हैं।
लेकिन यहीं फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी भी सामने आती है। निर्देशक सवाल तो बड़े उठाते हैं, मगर उनके जवाब बहुत आसान और एकतरफा रखते हैं। पटकथा में संतुलन की कमी साफ दिखाई देती है। दूसरा हिस्सा जरूरत से ज्यादा लंबा महसूस होता है। कई दृश्य एक ही बात को बार बार दोहराते हैं। संपादन और कसावट पर थोड़ा और काम किया जाता तो फिल्म ज्यादा असरदार बन सकती थी। कुछ जगह फिल्म दर्शकों को खुद फैसला लेने का मौका देने के बजाय अपना निष्कर्ष थोपती हुई नजर आती है। यही कारण है कि भावनात्मक जुड़ाव बनने के बजाय दूरी पैदा होने लगती है। फिल्म में म्यूजिक फिल्म का म्यूजिक औसत है। कुछ गीत कहानी के मूड को सपोर्ट करते हैं, लेकिन ऐसा कुछ नहीं है जो फिल्म खत्म होने के बाद याद रह जाए। पृष्ठभूमि संगीत कई जगह प्रभाव पैदा करता है, लेकिन कई बार जरूरत से ज्यादा भारी भी महसूस होता है। फिल्म फाइनल वर्डिक्ट बंदर एक दमदार विषय पर बनी फिल्म है, लेकिन दमदार विषय हमेशा दमदार फिल्म नहीं बनाता। बॉबी देओल का शानदार अभिनय, कुछ प्रभावी दृश्य और अनुराग कश्यप का साहसी विषय चुनना इसकी खूबियां हैं। लेकिन कमजोर पटकथा, असंतुलित नजरिया और जरूरत से ज्यादा खिंची हुई कहानी इसके प्रभाव को कम कर देते हैं। यह फिल्म आपको बेचैन जरूर करती है, लेकिन उतना नहीं सोचने पर मजबूर करती जितना इसे करना चाहिए था। अगर आप बॉबी देओल के प्रशंसक हैं तो उनकी परफॉर्मेंस देखने के लिए फिल्म देख सकते हैं, लेकिन एक गहरी और संतुलित कहानी की उम्मीद लेकर जाएंगे तो शायद निराश लौटें।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
authorimg

May 18, 2026/
6:20 pm

Cut Fruits Storage: गर्मियों में ज्यादातर लोग तरबूज, खरबूजा, पपीता या अनानास जैसे फलों को काटकर फ्रिज में रख देते...

YRF ने नेटफ्लिक्स का ₹215 करोड़ का ऑफर ठुकराया:थिएटर में रिलीज होगी आलिया-शरवरी की फिल्म ‘अल्फा’

February 24, 2026/
3:12 pm

YRF की स्पाई यूनिवर्स फिल्म “अल्फा” की प्रोडक्शन कंपनी यशराज फिल्म्स ने नेटफ्लिक्स का ₹215 करोड़ का स्ट्रीमिंग ऑफर रिजेक्ट...

श्रेयस रनचेज में शतक लगाने वाले चौथे कप्तान:टी-20 में 7 हजार रन भी पूरे, शमी को छठी बार पहली गेंद पर विकेट; मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स

May 24, 2026/
4:30 am

पंजाब किंग्स ने IPL 2026 के 68वें मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स को 7 विकेट से हरा दिया। मैच में...

इंदौर की बेटी ने जीता पैराताइक्वांडो में चौथा नेशनल गोल्ड:सपना शर्मा ने दिव्यांगता को बनाया ताकत; चार बार की नेशनल चैंपियन बनीं

March 31, 2026/
2:10 am

मध्य प्रदेश की पैरा ताइक्वांडो खिलाड़ी सपना शर्मा (35) ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया...

धुरंधर 2 ने दुनियाभर में ₹500 करोड़ कमाए:तीसरे दिन ₹113 करोड़ का कलेक्शन किया, जवान-बाहुबली 2 और दंगल को पीछे छोड़ा

March 22, 2026/
10:00 am

रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर 2 ने रिलीज के तीसरे दिन यानी शनिवार को भारत में 113 करोड़ रुपए की...

Akshay's style in Golmaal 5 is like 'Bala'

June 4, 2026/
4:45 pm

अमित कर्ण. मंबई36 मिनट पहले कॉपी लिंक इस बार फिल्म में अक्षय की एंट्री सबसे बड़ा आकर्षण होगी, वहीं कहानी...

लखनऊ में LSG का RR से मुकाबला कल:मार्करम बोले- घर में दम दिखाना होगा, जुरैल ने कहा- सचिन ने मेरी विकेट कीपिंग देखी

April 21, 2026/
7:16 pm

इकाना में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) और राजस्थान रॉयल्स (RR) के बीच मंगलवार को IPL मैच खेला जाएगा। मुकाबले से...

Palakkad reported a voter turnout of 79.22% this assembly elections.

May 4, 2026/
4:41 pm

आखरी अपडेट:04 मई, 2026, 16:41 IST स्थानीय मुसलमानों ने पहचान की राजनीति पर नौकरियों और सुरक्षा को प्राथमिकता दी –...

राजनीति

मूवी रिव्यू – ‘बंदर’:बॉबी देओल की दमदार परफॉर्मेंस, लेकिन कमजोर स्क्रीनप्ले और अनबैलेंस्ड नजरिया फिल्म को पीछे खींचता है

मूवी रिव्यू – ‘बंदर’:बॉबी देओल की दमदार परफॉर्मेंस, लेकिन कमजोर स्क्रीनप्ले और अनबैलेंस्ड नजरिया फिल्म को पीछे खींचता है

अनुराग कश्यप की फिल्मों से हमेशा उम्मीद रहती है कि वे आसान सवाल नहीं पूछेंगी। फिल्म बंदर भी एक ऐसे विषय को उठाती है जिस पर बहस लंबे समय तक चल सकती है। एक ढलते हुए एक्टर और सिंगर पर लगा सीरियस आरोप, सोशल मीडिया की अदालत और जेल के भीतर की दुनिया। सुनने में यह सब बेहद दिलचस्प लगता है। लेकिन दिक्कत तब शुरू होती है जब फिल्म एक जटिल विषय को समझने के बजाय सिर्फ एक पक्ष की पीड़ा दिखाने में उलझ जाती है। नतीजा यह होता है कि फिल्म सोचने पर मजबूर कम और थकाने का काम ज्यादा करती है। फिल्म की कहानी कहानी समर मेहरा की है। कभी वह बड़ा सितारा था, लेकिन अब उसकी चमक फीकी पड़ चुकी है। एक शादी में लोग उसके साथ तस्वीर लेने के बजाय खुद की तस्वीरें लेने में ज्यादा दिलचस्पी दिखाते हैं। यही दृश्य उसके गिरते स्टारडम का सबसे सटीक परिचय बनता है। इसी बीच उस पर एक महिला गंभीर आरोप लगा देती है और उसकी जिंदगी पूरी तरह बदल जाती है। पुलिस हिरासत, अदालत, मीडिया ट्रायल और जेल के भीतर होने वाली अमानवीय घटनाओं के बीच समर खुद को निर्दोष साबित करने की कोशिश करता है।

समस्या यह है कि फिल्म का विषय जितना पेचीदा है, उसका प्रस्तुतिकरण उतना ही सीधा और सुविधाजनक लगता है। कहानी बार बार आपको बताती है कि समर के साथ कितना गलत हो रहा है, लेकिन दूसरे पक्ष को समझने की कोशिश लगभग नहीं करती। इसी वजह से फिल्म धीरे धीरे संतुलन खो देती है। फिल्म में एक्टिंग अगर बंदर देखने की कोई सबसे बड़ी वजह है तो वह बॉबी देओल हैं। हाल के वर्षों में खलनायक वाली छवि के बाद यहां वह पूरी तरह अलग रूप में नजर आते हैं। टूटा हुआ आत्मविश्वास, अपमान का दर्द और भीतर की बेचैनी उन्होंने बहुत प्रभावी ढंग से दिखाई है। कई दृश्यों में बॉबी बिना ज्यादा संवाद बोले भी असर छोड़ जाते हैं। यह उनकी हालिया सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुतियों में से एक कही जा सकती है।

इंद्रजीत सुकुमारन सीमित समय में भी प्रभाव छोड़ते हैं। जेल के भीतर उनका किरदार फिल्म में थोड़ी ऊर्जा लेकर आता है। सपना पब्बी और अन्य कलाकार अपने हिस्से का काम ठीक से करते हैं, लेकिन पटकथा उन्हें ज्यादा गहराई नहीं देती। फिल्म में निर्देशन और तकनीकी पक्ष अनुराग कश्यप का निर्देशन कई जगह प्रभावशाली है। जेल वाले दृश्य बेचैन करते हैं और व्यवस्था की क्रूरता को महसूस भी कराते हैं। कैमरा काम वास्तविक लगता है और कई दृश्य डॉक्यूमेंट्री जैसी सच्चाई का एहसास कराते हैं।
लेकिन यहीं फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी भी सामने आती है। निर्देशक सवाल तो बड़े उठाते हैं, मगर उनके जवाब बहुत आसान और एकतरफा रखते हैं। पटकथा में संतुलन की कमी साफ दिखाई देती है। दूसरा हिस्सा जरूरत से ज्यादा लंबा महसूस होता है। कई दृश्य एक ही बात को बार बार दोहराते हैं। संपादन और कसावट पर थोड़ा और काम किया जाता तो फिल्म ज्यादा असरदार बन सकती थी। कुछ जगह फिल्म दर्शकों को खुद फैसला लेने का मौका देने के बजाय अपना निष्कर्ष थोपती हुई नजर आती है। यही कारण है कि भावनात्मक जुड़ाव बनने के बजाय दूरी पैदा होने लगती है। फिल्म में म्यूजिक फिल्म का म्यूजिक औसत है। कुछ गीत कहानी के मूड को सपोर्ट करते हैं, लेकिन ऐसा कुछ नहीं है जो फिल्म खत्म होने के बाद याद रह जाए। पृष्ठभूमि संगीत कई जगह प्रभाव पैदा करता है, लेकिन कई बार जरूरत से ज्यादा भारी भी महसूस होता है। फिल्म फाइनल वर्डिक्ट बंदर एक दमदार विषय पर बनी फिल्म है, लेकिन दमदार विषय हमेशा दमदार फिल्म नहीं बनाता। बॉबी देओल का शानदार अभिनय, कुछ प्रभावी दृश्य और अनुराग कश्यप का साहसी विषय चुनना इसकी खूबियां हैं। लेकिन कमजोर पटकथा, असंतुलित नजरिया और जरूरत से ज्यादा खिंची हुई कहानी इसके प्रभाव को कम कर देते हैं। यह फिल्म आपको बेचैन जरूर करती है, लेकिन उतना नहीं सोचने पर मजबूर करती जितना इसे करना चाहिए था। अगर आप बॉबी देओल के प्रशंसक हैं तो उनकी परफॉर्मेंस देखने के लिए फिल्म देख सकते हैं, लेकिन एक गहरी और संतुलित कहानी की उम्मीद लेकर जाएंगे तो शायद निराश लौटें।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.