Monday, 08 Jun 2026 | 08:34 PM

Trending :

EXCLUSIVE

इंडिगो का FY-30 तक सालाना 20 करोड़ पैसेंजर्स का टारगेट:550 से ज्यादा एयरक्राफ्ट का प्लान, इंटरनेशनल कैपेसिटी 40% करने का लक्ष्य

इंडिगो का FY-30 तक सालाना 20 करोड़ पैसेंजर्स का टारगेट:550 से ज्यादा एयरक्राफ्ट का प्लान, इंटरनेशनल कैपेसिटी 40% करने का लक्ष्य

भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने वित्त वर्ष 2029-30 (FY30) के लिए अपना मेगा प्लान पेश किया है। कंपनी का लक्ष्य सालाना करीब 200 मिलियन (20 करोड़) यात्रियों को सफर कराना और भारत को एक बड़ा ग्लोबल एविएशन ट्रांजिट हब बनाना है। यह ब्लूप्रिंट 8 जून को एयरलाइन के ‘एनालिस्ट डे’ पर पेश किया गया। 5 फैक्टर्स: इंडिगो के लॉन्ग-टर्म प्लान की मुख्य बातें इंटरनेशनल मार्केट पर फोकस इंडिगो की नई रणनीति का सबसे बड़ा हिस्सा विदेशी बाजार हैं। कंपनी इंटरनेशनल कैपेसिटी शेयर को मौजूदा 30% से बढ़ाकर 40% करने जा रही है। इसके लिए एयरबस A321XLR और एयरबस A350 वाइडबॉडी विमानों को बेड़े में शामिल किया जा रहा है। चालू वित्त वर्ष में बेड़े में 9 नए A321XLR विमान शामिल होंगे। इससे एयरलाइन को लंबी दूरी के नए रूट्स जैसे एथेंस, इस्तांबुल, बाली और सियोल के लिए उड़ानें शुरू करने में मदद मिलेगी। भारत बनेगा ग्लोबल ट्रांजिट हब इंडिगो भारत को एक ऐसे ग्लोबल ट्रांजिट हब के रूप में देख रही है, जो यूरोप, साउथ-ईस्ट एशिया, मिडिल ईस्ट और अफ्रीका को आपस में जोड़ेगा। कंपनी का मानना है कि भारत की भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाकर उन पैसेंजर्स को आकर्षित किया जा सकता है, जो अभी खाड़ी देशों और साउथ-ईस्ट एशिया के हब से होकर गुजरते हैं। प्रीमियम पैसेंजर्स के लिए ‘स्ट्रेच बिजनेस-क्लास’ कंपनी अपनी ‘प्रीमियम रणनीति’ पर भी तेजी से काम कर रही है। नए एयरबस A321XLR विमानों के बेड़े में स्पेशल बिजनेस-क्लास केबिन तैयार किए जाएंगे। इसमें यात्रियों को कंप्लीमेंट्री मील और बेहतर ऑनबोर्ड सर्विसेज दी जाएंगी। इसके साथ ही फ्यूल एफिशिएंसी बढ़ाने और ऑपरेटिंग खर्च को कम करने के लिए पुराने एयरबस A320 CEOs, A321 NEOs, बोइंग 737 और बोइंग 787 जैसे डैम्प-लीज्ड (दूरी पर लिए गए) विमानों को धीरे-धीरे बाहर किया जाएगा। मांग सुस्त होने से कैपेसिटी में कम बढ़ोतरी करेंगे लॉन्ग-टर्म के मजबूत लक्ष्यों के बावजूद, इंडिगो शॉर्ट-टर्म में सावधानी बरत रही है। मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) संकट के कारण हवाई यात्रा की मांग थोड़ी सुस्त पड़ी है। इसे देखते हुए कंपनी चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में अपनी कैपेसिटी में केवल 3-4% की ही बढ़ोतरी करेगी। बाजार में अनिश्चितता को देखते हुए मैनेजमेंट ने मापा-तौला रुख अपनाने की बात कही है। 2,536.9 करोड़ रुपए का शुद्ध घाटा जियोपॉलिटिकल तनाव (भू-राजनीतिक संकट) के कारण इंडिगो को मिडिल ईस्ट और यूरोप की करीब 160 डेली फ्लाइट्स को री-रूट करके डोमेस्टिक ऑपरेशंस में लगाना पड़ा था। हालांकि, कंपनी ने दो-तिहाई कैपेसिटी बहाल कर ली है और जून के अंत तक यह पूरी तरह ठीक हो जाएगी। इस तिमाही में विमानन क्षेत्र की चुनौतियां साफ दिखीं। रुपए में तेज गिरावट के कारण कंपनी को 4,823 करोड़ रुपए का फॉरेन एक्सचेंज लॉस हुआ, जिससे Q4FY26 में 2,536.9 करोड़ रुपए का नेट लॉस (शुद्ध घाटा) दर्ज किया गया। एटीएफ (हवाई ईंधन) की ऊंची कीमतों और उड़ानों में रुकावट का असर भी कमाई पर पड़ा। फॉरेक्स हेजिंग प्रोग्राम को $3 बिलियन किया करेंसी की अस्थिरता (रुपए के उतार-चढ़ाव) के जोखिम को कम करने के लिए इंडिगो ने अपने फॉरेन एक्सचेंज हेजिंग प्रोग्राम को 1 बिलियन डॉलर से बढ़ाकर 3 बिलियन डॉलर कर दिया है। हालांकि, शॉर्ट-टर्म की दिक्कतों के बावजूद कंपनी ने नए विमानों की डिलीवरी को टालने से साफ इनकार किया है। कंपनी अब धीरे-धीरे विमानों को खुद खरीदने और फाइनेंस लीजिंग मॉडल पर शिफ्ट हो रही है। क्या होती है फॉरेक्स हेजिंग और लीजिंग? फॉरेक्स हेजिंग: यह कंपनियों के लिए विदेशी मुद्रा में होने वाले नुकसान से बचने का एक बीमा जैसा है। डॉलर के मुकाबले रुपया गिरने पर जो नुकसान होता है, उसे कम करने के लिए पहले से ही एक फिक्स रेट पर एग्रीमेंट किया जाता है। डैम्प-लीज: जब कोई एयरलाइन किसी दूसरी कंपनी से हवाई जहाज किराए पर लेती है, जिसमें विमान के साथ क्रू (चालक दल) या मेंटेनेंस में से कुछ चीजें ही शामिल होती हैं और बाकी खर्च खुद उठाना पड़ता है। अवेलेबल सीट किलोमीटर (ASK): यह एयरलाइन की पैसेंजर ले जाने की क्षमता को नापने का पैमाना है। जितनी सीटें उपलब्ध हैं, उन्हें कुल तय की गई दूरी (किलोमीटर) से गुणा करके इसकी गणना होती है। ये खबर भी पढ़ें… सेंसेक्स 719 अंक गिरकर 73,524 पर बंद: निफ्टी भी 244 अंक फिसलकर 23,123 पर आया, मेटल और रियल्टी शेयरों में बिकवाली मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव की वजह से आज यानी सोमवार, 8 जून को सेंसेक्स 719 अंक (0.97%) की गिरावट के साथ 73,524 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 244 अंकों (1.04%) की गिरावट रही, ये 23,123 पर बंद हुआ। आज के कारोबार में आईटी, मेटल और रियल्टी शेयरों में ज्यादा बिकवाली रही। पूरी खबर पढ़ें…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
नीतीश से मिले तेजस्वी के बागी विधायक:इस्तीफे के बाद भी CM को मिलेगी Z+ सिक्योरिटी; 14 अप्रैल के बाद बन सकती है नई सरकार

April 2, 2026/
9:14 am

बिहार की सियासत में जल्द ही बड़ा उलटफेर होने वाला है। सूत्रों के अनुसार, सीएम नीतीश 10 अप्रैल को राज्यसभा...

साई से लौटकर गांव में सीख रही कुश्ती:12 राष्ट्रीय पदक जीती माधुरी; ओलंपिक में भारत के लिए लाना चाहती हैं मेडल

April 26, 2026/
5:57 pm

खंडवा जिले के बोरगांवखुर्द की युवा पहलवान माधुरी पटेल देवास में आयोजित कुश्ती महोत्सव में हिस्सा लेने आई हैं। 21...

असम विधानसभा चुनाव में अकेले दम पर आजमोआ गठबंधन में जेएमएम की 19 सीटों पर बढ़त रहेगी

March 23, 2026/
9:18 am

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित असम विधानसभा चुनाव को लेकर ऑटोमोबाइल हलचल तेज...

Jalebi Welcome & FCRA License Statement

April 19, 2026/
11:10 pm

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपनी आठ दिवसीय ऑस्ट्रेलिया यात्रा पूरी कर रविवार देर रात खजुराहो पहुंचे।...

राजनीति

इंडिगो का FY-30 तक सालाना 20 करोड़ पैसेंजर्स का टारगेट:550 से ज्यादा एयरक्राफ्ट का प्लान, इंटरनेशनल कैपेसिटी 40% करने का लक्ष्य

इंडिगो का FY-30 तक सालाना 20 करोड़ पैसेंजर्स का टारगेट:550 से ज्यादा एयरक्राफ्ट का प्लान, इंटरनेशनल कैपेसिटी 40% करने का लक्ष्य

भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने वित्त वर्ष 2029-30 (FY30) के लिए अपना मेगा प्लान पेश किया है। कंपनी का लक्ष्य सालाना करीब 200 मिलियन (20 करोड़) यात्रियों को सफर कराना और भारत को एक बड़ा ग्लोबल एविएशन ट्रांजिट हब बनाना है। यह ब्लूप्रिंट 8 जून को एयरलाइन के ‘एनालिस्ट डे’ पर पेश किया गया। 5 फैक्टर्स: इंडिगो के लॉन्ग-टर्म प्लान की मुख्य बातें इंटरनेशनल मार्केट पर फोकस इंडिगो की नई रणनीति का सबसे बड़ा हिस्सा विदेशी बाजार हैं। कंपनी इंटरनेशनल कैपेसिटी शेयर को मौजूदा 30% से बढ़ाकर 40% करने जा रही है। इसके लिए एयरबस A321XLR और एयरबस A350 वाइडबॉडी विमानों को बेड़े में शामिल किया जा रहा है। चालू वित्त वर्ष में बेड़े में 9 नए A321XLR विमान शामिल होंगे। इससे एयरलाइन को लंबी दूरी के नए रूट्स जैसे एथेंस, इस्तांबुल, बाली और सियोल के लिए उड़ानें शुरू करने में मदद मिलेगी। भारत बनेगा ग्लोबल ट्रांजिट हब इंडिगो भारत को एक ऐसे ग्लोबल ट्रांजिट हब के रूप में देख रही है, जो यूरोप, साउथ-ईस्ट एशिया, मिडिल ईस्ट और अफ्रीका को आपस में जोड़ेगा। कंपनी का मानना है कि भारत की भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाकर उन पैसेंजर्स को आकर्षित किया जा सकता है, जो अभी खाड़ी देशों और साउथ-ईस्ट एशिया के हब से होकर गुजरते हैं। प्रीमियम पैसेंजर्स के लिए ‘स्ट्रेच बिजनेस-क्लास’ कंपनी अपनी ‘प्रीमियम रणनीति’ पर भी तेजी से काम कर रही है। नए एयरबस A321XLR विमानों के बेड़े में स्पेशल बिजनेस-क्लास केबिन तैयार किए जाएंगे। इसमें यात्रियों को कंप्लीमेंट्री मील और बेहतर ऑनबोर्ड सर्विसेज दी जाएंगी। इसके साथ ही फ्यूल एफिशिएंसी बढ़ाने और ऑपरेटिंग खर्च को कम करने के लिए पुराने एयरबस A320 CEOs, A321 NEOs, बोइंग 737 और बोइंग 787 जैसे डैम्प-लीज्ड (दूरी पर लिए गए) विमानों को धीरे-धीरे बाहर किया जाएगा। मांग सुस्त होने से कैपेसिटी में कम बढ़ोतरी करेंगे लॉन्ग-टर्म के मजबूत लक्ष्यों के बावजूद, इंडिगो शॉर्ट-टर्म में सावधानी बरत रही है। मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) संकट के कारण हवाई यात्रा की मांग थोड़ी सुस्त पड़ी है। इसे देखते हुए कंपनी चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में अपनी कैपेसिटी में केवल 3-4% की ही बढ़ोतरी करेगी। बाजार में अनिश्चितता को देखते हुए मैनेजमेंट ने मापा-तौला रुख अपनाने की बात कही है। 2,536.9 करोड़ रुपए का शुद्ध घाटा जियोपॉलिटिकल तनाव (भू-राजनीतिक संकट) के कारण इंडिगो को मिडिल ईस्ट और यूरोप की करीब 160 डेली फ्लाइट्स को री-रूट करके डोमेस्टिक ऑपरेशंस में लगाना पड़ा था। हालांकि, कंपनी ने दो-तिहाई कैपेसिटी बहाल कर ली है और जून के अंत तक यह पूरी तरह ठीक हो जाएगी। इस तिमाही में विमानन क्षेत्र की चुनौतियां साफ दिखीं। रुपए में तेज गिरावट के कारण कंपनी को 4,823 करोड़ रुपए का फॉरेन एक्सचेंज लॉस हुआ, जिससे Q4FY26 में 2,536.9 करोड़ रुपए का नेट लॉस (शुद्ध घाटा) दर्ज किया गया। एटीएफ (हवाई ईंधन) की ऊंची कीमतों और उड़ानों में रुकावट का असर भी कमाई पर पड़ा। फॉरेक्स हेजिंग प्रोग्राम को $3 बिलियन किया करेंसी की अस्थिरता (रुपए के उतार-चढ़ाव) के जोखिम को कम करने के लिए इंडिगो ने अपने फॉरेन एक्सचेंज हेजिंग प्रोग्राम को 1 बिलियन डॉलर से बढ़ाकर 3 बिलियन डॉलर कर दिया है। हालांकि, शॉर्ट-टर्म की दिक्कतों के बावजूद कंपनी ने नए विमानों की डिलीवरी को टालने से साफ इनकार किया है। कंपनी अब धीरे-धीरे विमानों को खुद खरीदने और फाइनेंस लीजिंग मॉडल पर शिफ्ट हो रही है। क्या होती है फॉरेक्स हेजिंग और लीजिंग? फॉरेक्स हेजिंग: यह कंपनियों के लिए विदेशी मुद्रा में होने वाले नुकसान से बचने का एक बीमा जैसा है। डॉलर के मुकाबले रुपया गिरने पर जो नुकसान होता है, उसे कम करने के लिए पहले से ही एक फिक्स रेट पर एग्रीमेंट किया जाता है। डैम्प-लीज: जब कोई एयरलाइन किसी दूसरी कंपनी से हवाई जहाज किराए पर लेती है, जिसमें विमान के साथ क्रू (चालक दल) या मेंटेनेंस में से कुछ चीजें ही शामिल होती हैं और बाकी खर्च खुद उठाना पड़ता है। अवेलेबल सीट किलोमीटर (ASK): यह एयरलाइन की पैसेंजर ले जाने की क्षमता को नापने का पैमाना है। जितनी सीटें उपलब्ध हैं, उन्हें कुल तय की गई दूरी (किलोमीटर) से गुणा करके इसकी गणना होती है। ये खबर भी पढ़ें… सेंसेक्स 719 अंक गिरकर 73,524 पर बंद: निफ्टी भी 244 अंक फिसलकर 23,123 पर आया, मेटल और रियल्टी शेयरों में बिकवाली मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव की वजह से आज यानी सोमवार, 8 जून को सेंसेक्स 719 अंक (0.97%) की गिरावट के साथ 73,524 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 244 अंकों (1.04%) की गिरावट रही, ये 23,123 पर बंद हुआ। आज के कारोबार में आईटी, मेटल और रियल्टी शेयरों में ज्यादा बिकवाली रही। पूरी खबर पढ़ें…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.