Saturday, 19 Sep 2026 | 11:55 PM

Trending :

EXCLUSIVE

उत्तराखंड के शूटर जसपाल राणा का निधन:जर्मनी से लौटते वक्त फ्लाइट में तबियत बिगड़ी; कल वाराणसी में होगा अंतिम संस्कार

उत्तराखंड के शूटर जसपाल राणा का निधन:जर्मनी से लौटते वक्त फ्लाइट में तबियत बिगड़ी; कल वाराणसी में होगा अंतिम संस्कार

पद्मश्री से सम्मानित उत्तराखंड के दिग्गज शूटर जसपाल राणा का शुक्रवार सुबह निधन हो गया। 49 वर्षीय राणा पिछले 11 दिनों से दिल्ली के मैक्स साकेत अस्पताल में भर्ती थे। जर्मनी से लौटते समय फ्लाइट में उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। जसपाल राणा के पार्थिव शरीर को दिल्ली से बाय रोड देहरादून में उनके आवास में लाया जा रहा है। कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स में 23 पदक जीतने वाले राणा को भारतीय शूटिंग की सबसे बड़ी हस्तियों में गिना जाता है। उन्हें महज 18 साल की उम्र में अर्जुन पुरस्कार मिला था, जबकि बाद में पद्मश्री और द्रोणाचार्य पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। पेरिस ओलिंपिक में दो कांस्य पदक जीतने वाली मनु भाकर समेत कई अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजों को तैयार करने वाले राणा के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शोक जताया है। उनका पार्थिव शरीर आज शाम करीब 7 बजे तक देहरादून स्थित उनके आवास लाया जाएगा। शनिवार को उनका अंतिम संस्कार वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर किया जाएगा। तस्वीरें देखिए- पिता ITBP में रहे, बचपन में राणा को थमाई पिस्टल जसपाल राणा का जन्म 28 जून 1976 को उत्तरकाशी में हुआ था। हालांकि मूल रूप से वह टिहरी के रहने वाले थे। उनके पिता नारायण सिंह राणा इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस, यानी ITBP में तैनात थे। बाद में वे उत्तराखंड के पहले खेल मंत्री भी बने। शूटिंग के प्रति उनका विशेष लगाव था और उन्होंने ही बेटे को महज 10 साल की उम्र में पिस्टल पकड़ा दी थी। परिवार में खेल का माहौल इतना मजबूत था कि उनकी बहन सुषमा सिंह और भाई सुभाष राणा भी राष्ट्रीय स्तर के निशानेबाज बने। कम उम्र से ही जसपाल का अधिकांश समय शूटिंग रेंज में बीतने लगा और यहीं से उस सफर की शुरुआत हुई जिसने उन्हें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ निशानेबाजों की कतार में खड़ा कर दिया। 12 साल की उम्र में पहला मेडल, 18 साल में अर्जुन पुरस्कार 1988 में अहमदाबाद में आयोजित राष्ट्रीय शूटिंग चैंपियनशिप में 12 साल के जसपाल राणा ने सिल्वर मेडल जीतकर देश का ध्यान अपनी ओर खींचा। इसके बाद उन्होंने लगातार राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन किया और भारतीय शूटिंग का नया चेहरा बनकर उभरे। उनकी प्रतिभा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि महज 18 साल की उम्र में उन्हें अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उस दौर में इतनी कम उम्र में यह उपलब्धि हासिल करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि मानी गई। राणा के घर से पल-पल के अपडेट्स जानने के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
Sanjay Singh Targets Kangana Ranaut in Parliament

July 31, 2026/
9:06 am

7 मिनट पहले कॉपी लिंक संसद में गुरुवार को आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भाजपा सांसद...

पीएम मोदी ने न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री के साथ बैठक की:ऑकलैंड में 40,000 लोगों को संबोधित करेंगे; 40 बाद भारतीय प्रधानमंत्री का न्यूजीलैंड दौरा

July 11, 2026/
4:50 am

पीएम मोदी अपने छह दिवसीय दौरे के अंतिम चरण में न्यूजीलैंड पहुंच गए हैं। उन्होंने शनिवार को ऑकलैंड में न्यूजीलैंड...

Kunal Shah WhatsApp Global Head

June 23, 2026/
7:18 am

नई दिल्ली46 मिनट पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर सोने-चांदी से जुड़ी रही। सोमवार को एक किलो चांदी 5,828...

अमेरिकन वॉरशिप जॉर्ज वॉशिंगटन की अरब सागर में एंट्री:250 दिन से तैनात अब्राहम लिंकन की जगह ली, ईरान के करीब अमेरिकी नौसेना की मौजूदगी बढ़ी

August 20, 2026/
8:08 pm

अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर शिप USS जॉर्ज वॉशिंगटन ने पश्चिम एशिया में ऑपरेशन शुरू कर दिया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM)...

इंस्टेंट होम सर्विस’ ने पकड़ी रफ्तार:बर्तन मांजने, पोंछा लगाने, खाना पकाने की सर्विस अब नई रेस; 20 लाख बुकिंग, यूजर 1 करोड़ पार

April 28, 2026/
4:31 pm

स्मार्टफोन पर एक टैप और 10 मिनट में घर पर हेल्पर- यह बस एक आइडिया नहीं रह गया, बल्कि लाखों...

तस्वीर का विवरण

April 22, 2026/
8:36 pm

आवश्यक सामग्री: 1 कप दही, 8-10 पुदीने की सब्जियां, 2-3 लहसुन की कलियां, 1 हरी मिर्च, ½ छोटा चम्मच, साथ...

कांतारा मिमिकरी विवाद:कर्नाटक हाईकोर्ट ने रणवीर सिंह का माफीनामा कबूल किया, 4 हफ्तों के अंदर चामुंडेश्वरी मंदिर जाकर माफी मांगनी होगी

April 27, 2026/
4:32 pm

फिल्म कांतारा में दिखाए गए देवता को भूत कहने पर कानूनी पचड़े में फंसे रणवीर सिंह को कर्नाटक हाईकोर्ट से...

South Korea Wins 2-1 vs Czech Republic

June 12, 2026/
10:54 am

मैक्सिको18 मिनट पहले कॉपी लिंक जीत सेलिब्रेट करते साउथ कोरिया के खिलाड़ी। साउथ कोरिया ने फुटबॉल वर्ल्ड कप में जीत...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

उत्तराखंड के शूटर जसपाल राणा का निधन:जर्मनी से लौटते वक्त फ्लाइट में तबियत बिगड़ी; कल वाराणसी में होगा अंतिम संस्कार

उत्तराखंड के शूटर जसपाल राणा का निधन:जर्मनी से लौटते वक्त फ्लाइट में तबियत बिगड़ी; कल वाराणसी में होगा अंतिम संस्कार

पद्मश्री से सम्मानित उत्तराखंड के दिग्गज शूटर जसपाल राणा का शुक्रवार सुबह निधन हो गया। 49 वर्षीय राणा पिछले 11 दिनों से दिल्ली के मैक्स साकेत अस्पताल में भर्ती थे। जर्मनी से लौटते समय फ्लाइट में उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। जसपाल राणा के पार्थिव शरीर को दिल्ली से बाय रोड देहरादून में उनके आवास में लाया जा रहा है। कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स में 23 पदक जीतने वाले राणा को भारतीय शूटिंग की सबसे बड़ी हस्तियों में गिना जाता है। उन्हें महज 18 साल की उम्र में अर्जुन पुरस्कार मिला था, जबकि बाद में पद्मश्री और द्रोणाचार्य पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। पेरिस ओलिंपिक में दो कांस्य पदक जीतने वाली मनु भाकर समेत कई अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजों को तैयार करने वाले राणा के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शोक जताया है। उनका पार्थिव शरीर आज शाम करीब 7 बजे तक देहरादून स्थित उनके आवास लाया जाएगा। शनिवार को उनका अंतिम संस्कार वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर किया जाएगा। तस्वीरें देखिए- पिता ITBP में रहे, बचपन में राणा को थमाई पिस्टल जसपाल राणा का जन्म 28 जून 1976 को उत्तरकाशी में हुआ था। हालांकि मूल रूप से वह टिहरी के रहने वाले थे। उनके पिता नारायण सिंह राणा इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस, यानी ITBP में तैनात थे। बाद में वे उत्तराखंड के पहले खेल मंत्री भी बने। शूटिंग के प्रति उनका विशेष लगाव था और उन्होंने ही बेटे को महज 10 साल की उम्र में पिस्टल पकड़ा दी थी। परिवार में खेल का माहौल इतना मजबूत था कि उनकी बहन सुषमा सिंह और भाई सुभाष राणा भी राष्ट्रीय स्तर के निशानेबाज बने। कम उम्र से ही जसपाल का अधिकांश समय शूटिंग रेंज में बीतने लगा और यहीं से उस सफर की शुरुआत हुई जिसने उन्हें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ निशानेबाजों की कतार में खड़ा कर दिया। 12 साल की उम्र में पहला मेडल, 18 साल में अर्जुन पुरस्कार 1988 में अहमदाबाद में आयोजित राष्ट्रीय शूटिंग चैंपियनशिप में 12 साल के जसपाल राणा ने सिल्वर मेडल जीतकर देश का ध्यान अपनी ओर खींचा। इसके बाद उन्होंने लगातार राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन किया और भारतीय शूटिंग का नया चेहरा बनकर उभरे। उनकी प्रतिभा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि महज 18 साल की उम्र में उन्हें अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उस दौर में इतनी कम उम्र में यह उपलब्धि हासिल करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि मानी गई। राणा के घर से पल-पल के अपडेट्स जानने के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.