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Rs 18.8 Trillion Outlay, Debt and Defence Get Major Share

Rs 18.8 Trillion Outlay, Debt and Defence Get Major Share

15 मिनट पहले

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पाकिस्तान सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 18 लाख करोड़ पाकिस्तानी रुपए से ज्यादा का बजट पेश किया है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने संसद में यह बजट प्रस्ताव रखा।

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की शर्तों को पूरा करने और देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए इस बजट में कड़े आर्थिक फैसले लिए गए हैं। दस्तावेजों के अनुसार, पाकिस्तान की सबसे बड़ी चुनौती अब भी कर्ज है। कुल 18.8 लाख करोड़ के बजट में से 8.05 लाख करोड़ पाकिस्तानी रुपए सिर्फ पुराने कर्ज और उसके ब्याज की किस्तें चुकाने में खर्च हो जाएंगे।

बजट में रक्षा खर्च को खास प्राथमिकता दी गई है। सरकार ने सेना और रक्षा से जुड़े खर्चों के लिए करीब 3 लाख करोड़ पाकिस्तानी रुपए आवंटित किए हैं। इसके अलावा रक्षा सेवाओं के प्रशासनिक खर्च के लिए 1.7 लाख करोड़ रुपए अलग से रखे गए हैं। पिछले साल के मुकाबले रक्षा बजट में 17.5 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है।

नए वित्त वर्ष में 4% (GDP) ग्रोथ का लक्ष्य रखा है, जबकि औसत महंगाई दर 8.2% रहने का अनुमान जताया गया है। सरकारी कर्मचारियों के वेतन और पेंशन में 7% की बढ़ोतरी की गई है, साथ ही न्यूनतम मजदूरी में 10% की वृद्धि का प्रस्ताव है। अमीर वर्ग पर लगने वाले 9% सरचार्ज को हटा दिया गया है।

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पाकिस्तान में हर 10 में से 3 लोग गरीब, शिक्षा पर खर्च घटकर GDP का 0.8% हुआ

पाकिस्तान में गरीबी लगातार बढ़ रही है, जबकि शिक्षा पर सरकारी खर्च में भारी गिरावट दर्ज की गई है। पाकिस्तान इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 के अनुसार, देश की गरीबी दर 2018-19 के 21.9% से बढ़कर 2024-25 में 28.9% हो गई है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि महंगाई, आय में असमानता और आर्थिक दबावों के कारण लाखों लोग फिर से गरीबी रेखा के नीचे पहुंच गए हैं। बढ़ती कीमतों ने लोगों की क्रय शक्ति को प्रभावित किया है, जिससे परिवारों के लिए रोजमर्रा का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है।

सर्वे के मुताबिक, ग्रामीण इलाकों के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों में भी गरीबी बढ़ी है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि गरीबी बढ़ने के साथ आय असमानता में भी वृद्धि हुई है।

वहीं, शिक्षा क्षेत्र को लेकर भी चिंता जताई गई है। वित्त वर्ष 2025 में शिक्षा पर सरकारी खर्च 23% घटकर 962 अरब रुपए रह गया। शिक्षा पर खर्च का ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट (GDP) में हिस्सा घटकर सिर्फ 0.8% रह गया।

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बजट में रक्षा खर्च को खास प्राथमिकता दी गई है। सरकार ने सेना और रक्षा से जुड़े खर्चों के लिए करीब 3 लाख करोड़ पाकिस्तानी रुपए आवंटित किए हैं। इसके अलावा रक्षा सेवाओं के प्रशासनिक खर्च के लिए 1.7 लाख करोड़ रुपए अलग से रखे गए हैं। पिछले साल के मुकाबले रक्षा बजट में 17.5 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है।

नए वित्त वर्ष में 4% (GDP) ग्रोथ का लक्ष्य रखा है, जबकि औसत महंगाई दर 8.2% रहने का अनुमान जताया गया है। सरकारी कर्मचारियों के वेतन और पेंशन में 7% की बढ़ोतरी की गई है, साथ ही न्यूनतम मजदूरी में 10% की वृद्धि का प्रस्ताव है। अमीर वर्ग पर लगने वाले 9% सरचार्ज को हटा दिया गया है।

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