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चार ड्रॉप-आउट्स ने बनाई कर्सर की पैरेंट कंपनी एनीस्फीयर:11 साल में ट्रूल ने बिना सैलरी कंपनी शुरू की; 25 में स्पेसएक्स से बड़ी डील

चार ड्रॉप-आउट्स ने बनाई कर्सर की पैरेंट कंपनी एनीस्फीयर:11 साल में ट्रूल ने बिना सैलरी कंपनी शुरू की; 25 में स्पेसएक्स से बड़ी डील

माइकल ट्रूल को सुर्खियों से दूर रहकर कोडिंग पसंद है। सैलरी में दिलचस्पी नहीं रही। लेकिन महज 25 साल की उम्र में उनकी कंपनी कर्सर डेवलपर टूल्स सेगमेंट की सबसे बड़ी डील के केंद्र में है। स्पेसएक्स ने इसे 60 अरब डॉलर (~5.6 लाख करोड़) में खरीदने का ऐलान किया है। न्यूयॉर्क में जन्मे ट्रूल ने 11 साल की उम्र में कोडिंग शुरू की, होरेस मैन स्कूल के बाद एमआईटी पहुंचे और 18 साल की उम्र में गूगल में लैंग्वेज मॉडल्स पर इंटर्न रहे। 2022 में डिग्री छोड़कर एमआईटी के तीन साथियों- अमन सांगर, सुलेह आसिफ और आर्विड लुनेमार्क के साथ एनीस्फीयर बनाई, जो कर्सर की पैरेंट कंपनी है। शुरुआत में कंपनी कई आइडिया पर हाथ आजमाती रही, आखिरकार एआई बेस्ड कोडिंग टूल्स पर दांव सही साबित हुआ। 2023 में लॉन्च हुआ कर्सर डेवलपर्स को कोड लिखने, एडिट और डिबग करने में मदद करता है। 2025 के आखिर तक फोर्ब्स ने इसका वैल्युएशन करीब 2.8 लाख करोड़ आंका था। ओपनएआई-एंथ्रोपिक जैसे दिग्गजों के साथ यह ‘एआई कोडिंग’ सेगमेंट का अहम खिलाड़ी बन गया। कामयाबी के बावजूद ट्रूल कम बोलने और पब्लिक से दूर रहने वाले शख्स माने जाते हैं। शुरुआती सालों में सैलरी तक नहीं ली, छोटी-चुनिंदा टीम के लिए सख्त हायरिंग नीति और हमेशा एक ‘जेनरेशनल कंपनी’ बनाने का लक्ष्य रखा। बहरहाल, मंगलवार को हुई डील के बाद एनीस्फीयर स्पेसएक्स की पूर्ण सहायक कंपनी बन जाएगी। डील तीसरी तिमाही तक पूरी हो सकती है। टेकक्रंच के मुताबिक, इससे पहले स्पेसएक्स के पास 60 अरब डॉलर में कर्सर खरीदने या 10 अरब डॉलर देकर पार्टनरशिप जारी रखने का विकल्प था। आईपीओ के कुछ दिन बाद हुई यह डील एक्सएआई को मजबूत करने की कोशिश मानी जा रही है।
बिजनेस इनसाइडर के मुताबिक, कर्सर ने थर्ड-पार्टी पर निर्भरता घटाने के लिए खुद की ‘कंपोजर’ मॉडल सीरीज बनाई थी, लेकिन इन्हें चलाने के लिए भारी कंप्यूटिंग पावर चाहिए। यही वजह है कि स्पेसएक्स का ‘कोलोसस’ इंफ्रास्ट्रक्चर इस डील की अहम वजह बना। ट्रूल के लिए यह टीनएज कोडर से अरबपति फाउंडर बनने तक का सफर है, और स्पेसएक्स के लिए एआई दिग्गजों से फासला घटाने की कोशिश। ट्रूल ने 18 की उम्र से ही शुरू कर दिया था एआई पर काम
2022 – एमआईटी छोड़ा, तीन साथियों के साथ खुद की कंपनी एनीस्फीयर बनाई।
2023 – कर्सर लॉन्च किया, 1 साल में ही आय 10 करोड़ डॉलर पार।
2025 – वैल्यूएशन 30 अरब डॉलर, आय 1 अरब डॉलर के पार।
2026 – 25 साल की उम्र में स्पेसएक्स के साथ 60 अरब डॉलर की बड़ी डील की।

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माइकल ट्रूल को सुर्खियों से दूर रहकर कोडिंग पसंद है। सैलरी में दिलचस्पी नहीं रही। लेकिन महज 25 साल की उम्र में उनकी कंपनी कर्सर डेवलपर टूल्स सेगमेंट की सबसे बड़ी डील के केंद्र में है। स्पेसएक्स ने इसे 60 अरब डॉलर (~5.6 लाख करोड़) में खरीदने का ऐलान किया है। न्यूयॉर्क में जन्मे ट्रूल ने 11 साल की उम्र में कोडिंग शुरू की, होरेस मैन स्कूल के बाद एमआईटी पहुंचे और 18 साल की उम्र में गूगल में लैंग्वेज मॉडल्स पर इंटर्न रहे। 2022 में डिग्री छोड़कर एमआईटी के तीन साथियों- अमन सांगर, सुलेह आसिफ और आर्विड लुनेमार्क के साथ एनीस्फीयर बनाई, जो कर्सर की पैरेंट कंपनी है। शुरुआत में कंपनी कई आइडिया पर हाथ आजमाती रही, आखिरकार एआई बेस्ड कोडिंग टूल्स पर दांव सही साबित हुआ। 2023 में लॉन्च हुआ कर्सर डेवलपर्स को कोड लिखने, एडिट और डिबग करने में मदद करता है। 2025 के आखिर तक फोर्ब्स ने इसका वैल्युएशन करीब 2.8 लाख करोड़ आंका था। ओपनएआई-एंथ्रोपिक जैसे दिग्गजों के साथ यह ‘एआई कोडिंग’ सेगमेंट का अहम खिलाड़ी बन गया। कामयाबी के बावजूद ट्रूल कम बोलने और पब्लिक से दूर रहने वाले शख्स माने जाते हैं। शुरुआती सालों में सैलरी तक नहीं ली, छोटी-चुनिंदा टीम के लिए सख्त हायरिंग नीति और हमेशा एक ‘जेनरेशनल कंपनी’ बनाने का लक्ष्य रखा। बहरहाल, मंगलवार को हुई डील के बाद एनीस्फीयर स्पेसएक्स की पूर्ण सहायक कंपनी बन जाएगी। डील तीसरी तिमाही तक पूरी हो सकती है। टेकक्रंच के मुताबिक, इससे पहले स्पेसएक्स के पास 60 अरब डॉलर में कर्सर खरीदने या 10 अरब डॉलर देकर पार्टनरशिप जारी रखने का विकल्प था। आईपीओ के कुछ दिन बाद हुई यह डील एक्सएआई को मजबूत करने की कोशिश मानी जा रही है।
बिजनेस इनसाइडर के मुताबिक, कर्सर ने थर्ड-पार्टी पर निर्भरता घटाने के लिए खुद की ‘कंपोजर’ मॉडल सीरीज बनाई थी, लेकिन इन्हें चलाने के लिए भारी कंप्यूटिंग पावर चाहिए। यही वजह है कि स्पेसएक्स का ‘कोलोसस’ इंफ्रास्ट्रक्चर इस डील की अहम वजह बना। ट्रूल के लिए यह टीनएज कोडर से अरबपति फाउंडर बनने तक का सफर है, और स्पेसएक्स के लिए एआई दिग्गजों से फासला घटाने की कोशिश। ट्रूल ने 18 की उम्र से ही शुरू कर दिया था एआई पर काम
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