Wednesday, 24 Jun 2026 | 02:40 PM

Trending :

Aanchal Khurana Statement on Ketan Agrawal Murder Case द कोरिया के टूरिज्म का ग्लोबल इंजन बने ‘बर्थडे कैफे’:जीरो निवेश और मुनाफे के इस फॉर्मूले से उमड़ रहे हैं विदेशी पर्यटक वैभव सूर्यवंशी के भाई आशीर्वाद ने फिर तूफानी पारी खेली:119 गेंद पर 168 रन बनाए, इसमें 19 चौके और 6 छक्के शामिल वैभव सूर्यवंशी के भाई आशीर्वाद ने फिर तूफानी पारी खेली:119 गेंद पर 168 रन बनाए, इसमें 19 चौके और 6 छक्के शामिल गर्मी में एसी-कपड़ों की रिकॉर्ड बिक्री; मानसून ने बढ़ाई चिंता:भू-राजनैतिक तनाव के बावजूद 2027 की धमाकेदार शुरुआत, एसी 18% व कपड़ों की बिक्री 14% बढ़ी रिपोर्ट- इजराइल ने जानबूझकर फिलिस्तीनी बच्चों को मारा:20 हजार से ज्यादा बच्चों की मौत; टारगेटेड किलिंग्स के पुख्ता सबूत मिले
EXCLUSIVE

Apple & Tesla Files Stolen, Says Company

Apple & Tesla Files Stolen, Says Company

नई दिल्ली6 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स का डेटा डार्क वेब पर लीक हो गया है। इस साइबर अटैक में हैकर्स ने डार्क वेब पर कंपनी की 2 लाख से ज्यादा सिक्रेंट फाइलें लीक कर दी हैं।

इनमें टाटा के दो सबसे बड़े क्लाइंट्स- एपल और टेस्ला के कंपोनेंट डिजाइन, स्पेसिफिकेशन पेपर्स और सीक्रेट डॉक्यूमेंट्स शामिल हैं।

हालांकि, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने साफ किया है कि इस घटना से उनके बिजनेस ऑपरेशन्स पर कोई असर नहीं पड़ा है और सभी काम सामान्य रूप से चल रहे हैं।

वर्ल्ड लीक्स गैंग ने ली जिम्मेदारी, 630 GB डेटा चोरी

साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर्स के मुताबिक, ‘वर्ल्ड लीक्स’ नाम के रैनसमवेयर ग्रुप ने टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के सिस्टम से चुराया गया डेटा डार्क वेब पर पोस्ट किया है।

इस ग्रुप ने पहले नाइकी के सिस्टम पर साइबर अटैक का दावा किया था। डार्क नेट पर पब्लिश की गई वेबसाइट के अनुसार, इस लीक में कुल 630 गीगाबाइट (GB) का डेटा शामिल है, जिसमें 2 लाख से ज्यादा फाइलें और फोल्डर्स हैं।

एपल और टेस्ला के ‘ट्रेड सीक्रेट्स’ लीक हुए

लीक हुए डेटाबेस में एपल के कई फोल्डर्स मिले हैं, जिनमें से कुछ का नाम “com.apple.factorydata” है और कुछ में मटेरियल स्पेसिफिकेशन की जानकारी है। इसके अलावा, एक 52 पेज का डॉक्यूमेंट भी मिला है, जिसमें आईफोन के सर्किट बोर्ड कंपोनेंट्स के क्वालिटी इंस्पेक्शन स्टैंडर्ड्स की डिटेल है।

वहीं टेस्ला के पुर्जों से जुड़ा एक फोल्डर “NV36 Chargeport Controller – North America” नाम से मिला है, जो टेस्ला की अपग्रेडेड मॉडल Y SUV का माना जा रहा है। टेस्ला का साल 2023 का एक और डॉक्यूमेंट मिला है जिस पर ‘ट्रेड सीक्रेट’ लिखा है, यह उसकी रीवैम्प्ड मॉडल 3 सिडान (प्रोजेक्ट हाइलैंड) का असेंबली डॉक्यूमेंट है।

कर्मचारियों के पासपोर्ट और ईमेल भी डार्क वेब पर

भारतीय साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर राजशेखर राजहरिया ने इन फाइलों का रिव्यू करने के बाद बताया कि इस डेटा डार्क वेब पर सिर्फ डिजाइन ही नहीं, बल्कि कई सालों के ईमेल, इवेंट लॉग्स और विदेशी नागरिकों सहित टाटा के कर्मचारियों के पासपोर्ट की कॉपियां भी मौजूद हैं। दूसरे रिसर्चर राकेश कृष्णन के अनुसार, यह डेटा डार्क वेब पर कम से कम 10 जून से ही अवेलेबल है।

टाटा को मिली रैनसम डिमांड, एपल कर रहा जांच

मामले से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि इस साइबर हमले के बाद टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स को फिरौती के लिए भी कॉल या मैसेज मिला है। एपल इस डेटा ब्रीच की जांच कर रहा है और इसका पूरा एनालिसिस किया जा रहा है।

हालांकि, इस फिरौती की मांग पर टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है, वहीं एपल और टेस्ला की तरफ से भी इस पर कोई बयान नहीं आया है। भारत सरकार की साइबर एजेंसी CERT-In ने भी अभी इस पर कोई कमेंट नहीं किया है।

टाटा के होसुर प्लांट की 33 फाइलें लीक हुईं

डेटा लीक में तमिलनाडु के होसुर में स्थित टाटा के मुख्य आईफोन असेंबली प्लांट से जुड़े सर्च टर्म की 33 फाइलें और फोल्डर्स मिले हैं। टाटा ने पिछले हफ्ते ही अपने आईफोन असेंबली ऑपरेशन्स से जुड़े कुछ कर्मचारियों को इस डेटा ब्रीच की जानकारी दे दी थी।

आपको बता दें कि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स भारत में एपल के कुल आईफोन प्रोडक्शन का करीब एक-तिहाई (33%) हिस्सा बनाती है, जबकि बाकी का हिस्सा फॉक्सकॉन तैयार करती है।

एपल की सप्लाई चेन के लिए नया सिरदर्द

भारत में एपल की सप्लाई चेन के लिए यह घटना एक और नया झटका मानी जा रही है। इससे पहले होसुर में आईफोन पार्ट्स बनाने वाले एक प्लांट के पास की कृषि भूमि के प्रदूषित होने के आरोपों को लेकर भी टाटा की जांच चल रही है।

भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का पावरहाउस बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के तहत, टाटा चीन से बाहर एपल का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण पार्टनर बनकर उभर रहा है। इससे पहले पिछले साल टाटा ग्रुप की ब्रिटिश कंपनी जगुआर लैंड रोवर (JLR) पर भी साइबर अटैक हुआ था, जिससे 6 हफ्ते तक प्रोडक्शन ठप रहा था।

क्या होता है डार्क वेब और रैनसमवेयर अटैक?

डार्क वेब: इंटरनेट का वह छिपा हुआ हिस्सा जो सामान्य गूगल या बिंग जैसे सर्च इंजनों पर दिखाई नहीं देता। इसे एक्सेस करने के लिए विशेष सॉफ्टवेयर (जैसे टॉर ब्राउजर) की जरूरत होती है। अक्सर इसका इस्तेमाल अवैध गतिविधियों और डेटा बेचने के लिए किया जाता है।

रैनसमवेयर: यह एक तरह का खतरनाक डिजिटल वायरस (मालवेयर) होता है, जो किसी कंपनी या व्यक्ति के कंप्यूटर सिस्टम को लॉक या हैक कर लेता है। इसके बाद हैकर्स डेटा को डिलीट या लीक करने की धमकी देकर मोटी फिरौती मांगते हैं।

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
पहला वनडे- श्रीलंका ने वेस्टइंडीज को 41 रन से हराया:मेंडिस और निसांका के अर्धशतक, चमीरा ने 4 विकेट झटके

June 4, 2026/
9:17 am

श्रीलंका ने वेस्टइंडीज को पहले वनडे में 41 रन से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना...

युवा कांग्रेस को 8 दिन में मिले 7 करोड़ रुपए:रोज 1 करोड़ से ज्यादा मेंबर बन रहे; कांग्रेस को पिछले साल मिला 25 करोड़ का चंदा

April 30, 2026/
10:12 am

राजस्थान में 8 दिन में युवा कांग्रेस के 9 करोड़ से ज्यादा मेंबर बन चुके हैं। इससे मेंबर फीस से...

Switzerland Vs Bosnia and Herzegovina Live Score, FIFA World Cup 2026 Match Today Updates. (FIFA)

June 19, 2026/
12:06 am

आखरी अपडेट:19 जून, 2026, 00:06 IST राज्य भर में, टीएमसी शासन के तहत दुर्गा पूजा को परिभाषित करने वाले ‘धर्मनिरपेक्ष’...

पाकिस्तान के लाहौर में 9 जगहों के नाम बदले गए:लाहौर का इस्लामपुरा अब कृष्णनगर, बाबरी चौक फिर से जैन मंदिर चौक

May 17, 2026/
1:19 pm

पाकिस्तान के पंजाब सूबे में कहावत है ‘जिन्ने लाहौर नहीं वेख्या, ओ जमिया ही नहीं’ (जिसने लाहौर नहीं देखा, उसका...

authorimg

April 6, 2026/
8:50 am

Udta Punjab real Story: 60 की उम्र में अपने चार-चार जवान बेटों को पल-पल मरते देखने और उनकी लाशों को...

सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने चाकू से रेता अपना गला, देखें VIDEO:मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों ने खून से लथपथ शव देखा

March 19, 2026/
8:20 am

धार शहर के आनंद चौपाटी क्षेत्र में खून से लथपथ शव मिला। मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों ने पुलिस को...

IPL 2026 KKR vs MI Today

May 20, 2026/
4:30 am

कोलकाता2 घंटे पहले कॉपी लिंक IPL 2026 का 65वां मैच आज कोलकाता नाइट राइडर्स और मुंबई इंडियंस के बीच खेला...

Trump Assassination Attempt Arrested at White House Dinner

April 28, 2026/
5:56 pm

वॉशिंगटन डीसी9 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिका में व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर में फायरिंग करने वाले हमलावर 31 वर्षीय कोल...

राजनीति

Apple & Tesla Files Stolen, Says Company

Apple & Tesla Files Stolen, Says Company

नई दिल्ली6 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स का डेटा डार्क वेब पर लीक हो गया है। इस साइबर अटैक में हैकर्स ने डार्क वेब पर कंपनी की 2 लाख से ज्यादा सिक्रेंट फाइलें लीक कर दी हैं।

इनमें टाटा के दो सबसे बड़े क्लाइंट्स- एपल और टेस्ला के कंपोनेंट डिजाइन, स्पेसिफिकेशन पेपर्स और सीक्रेट डॉक्यूमेंट्स शामिल हैं।

हालांकि, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने साफ किया है कि इस घटना से उनके बिजनेस ऑपरेशन्स पर कोई असर नहीं पड़ा है और सभी काम सामान्य रूप से चल रहे हैं।

वर्ल्ड लीक्स गैंग ने ली जिम्मेदारी, 630 GB डेटा चोरी

साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर्स के मुताबिक, ‘वर्ल्ड लीक्स’ नाम के रैनसमवेयर ग्रुप ने टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के सिस्टम से चुराया गया डेटा डार्क वेब पर पोस्ट किया है।

इस ग्रुप ने पहले नाइकी के सिस्टम पर साइबर अटैक का दावा किया था। डार्क नेट पर पब्लिश की गई वेबसाइट के अनुसार, इस लीक में कुल 630 गीगाबाइट (GB) का डेटा शामिल है, जिसमें 2 लाख से ज्यादा फाइलें और फोल्डर्स हैं।

एपल और टेस्ला के ‘ट्रेड सीक्रेट्स’ लीक हुए

लीक हुए डेटाबेस में एपल के कई फोल्डर्स मिले हैं, जिनमें से कुछ का नाम “com.apple.factorydata” है और कुछ में मटेरियल स्पेसिफिकेशन की जानकारी है। इसके अलावा, एक 52 पेज का डॉक्यूमेंट भी मिला है, जिसमें आईफोन के सर्किट बोर्ड कंपोनेंट्स के क्वालिटी इंस्पेक्शन स्टैंडर्ड्स की डिटेल है।

वहीं टेस्ला के पुर्जों से जुड़ा एक फोल्डर “NV36 Chargeport Controller – North America” नाम से मिला है, जो टेस्ला की अपग्रेडेड मॉडल Y SUV का माना जा रहा है। टेस्ला का साल 2023 का एक और डॉक्यूमेंट मिला है जिस पर ‘ट्रेड सीक्रेट’ लिखा है, यह उसकी रीवैम्प्ड मॉडल 3 सिडान (प्रोजेक्ट हाइलैंड) का असेंबली डॉक्यूमेंट है।

कर्मचारियों के पासपोर्ट और ईमेल भी डार्क वेब पर

भारतीय साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर राजशेखर राजहरिया ने इन फाइलों का रिव्यू करने के बाद बताया कि इस डेटा डार्क वेब पर सिर्फ डिजाइन ही नहीं, बल्कि कई सालों के ईमेल, इवेंट लॉग्स और विदेशी नागरिकों सहित टाटा के कर्मचारियों के पासपोर्ट की कॉपियां भी मौजूद हैं। दूसरे रिसर्चर राकेश कृष्णन के अनुसार, यह डेटा डार्क वेब पर कम से कम 10 जून से ही अवेलेबल है।

टाटा को मिली रैनसम डिमांड, एपल कर रहा जांच

मामले से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि इस साइबर हमले के बाद टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स को फिरौती के लिए भी कॉल या मैसेज मिला है। एपल इस डेटा ब्रीच की जांच कर रहा है और इसका पूरा एनालिसिस किया जा रहा है।

हालांकि, इस फिरौती की मांग पर टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है, वहीं एपल और टेस्ला की तरफ से भी इस पर कोई बयान नहीं आया है। भारत सरकार की साइबर एजेंसी CERT-In ने भी अभी इस पर कोई कमेंट नहीं किया है।

टाटा के होसुर प्लांट की 33 फाइलें लीक हुईं

डेटा लीक में तमिलनाडु के होसुर में स्थित टाटा के मुख्य आईफोन असेंबली प्लांट से जुड़े सर्च टर्म की 33 फाइलें और फोल्डर्स मिले हैं। टाटा ने पिछले हफ्ते ही अपने आईफोन असेंबली ऑपरेशन्स से जुड़े कुछ कर्मचारियों को इस डेटा ब्रीच की जानकारी दे दी थी।

आपको बता दें कि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स भारत में एपल के कुल आईफोन प्रोडक्शन का करीब एक-तिहाई (33%) हिस्सा बनाती है, जबकि बाकी का हिस्सा फॉक्सकॉन तैयार करती है।

एपल की सप्लाई चेन के लिए नया सिरदर्द

भारत में एपल की सप्लाई चेन के लिए यह घटना एक और नया झटका मानी जा रही है। इससे पहले होसुर में आईफोन पार्ट्स बनाने वाले एक प्लांट के पास की कृषि भूमि के प्रदूषित होने के आरोपों को लेकर भी टाटा की जांच चल रही है।

भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का पावरहाउस बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के तहत, टाटा चीन से बाहर एपल का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण पार्टनर बनकर उभर रहा है। इससे पहले पिछले साल टाटा ग्रुप की ब्रिटिश कंपनी जगुआर लैंड रोवर (JLR) पर भी साइबर अटैक हुआ था, जिससे 6 हफ्ते तक प्रोडक्शन ठप रहा था।

क्या होता है डार्क वेब और रैनसमवेयर अटैक?

डार्क वेब: इंटरनेट का वह छिपा हुआ हिस्सा जो सामान्य गूगल या बिंग जैसे सर्च इंजनों पर दिखाई नहीं देता। इसे एक्सेस करने के लिए विशेष सॉफ्टवेयर (जैसे टॉर ब्राउजर) की जरूरत होती है। अक्सर इसका इस्तेमाल अवैध गतिविधियों और डेटा बेचने के लिए किया जाता है।

रैनसमवेयर: यह एक तरह का खतरनाक डिजिटल वायरस (मालवेयर) होता है, जो किसी कंपनी या व्यक्ति के कंप्यूटर सिस्टम को लॉक या हैक कर लेता है। इसके बाद हैकर्स डेटा को डिलीट या लीक करने की धमकी देकर मोटी फिरौती मांगते हैं।

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.