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- Agni 4 Ballistic Missile Test & Anil Menon Spacewalk Record | 8 August
37 मिनट पहले
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आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं-
इंटरनेशनल (INTERNATIONAL)
1. अनिल मेनन और जेसिका मीर ने स्पेस वॉक की
- 7 अगस्त को भारतीय मूल के एस्ट्रोनॉट अनिल मेनन ने अपनी पहली स्पेस वॉक पूरी की।
- वहीं जेसिका मीर ने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) के बाहर स्पेस वॉक की।
- इस दौरान उन्होंने स्टेशन के पावर चैनल के लिए मॉडिफिकेशन किट को असेंबल किया, जिससे भविष्य में सोलर एरे लगाने का रास्ता साफ हो गया है।
- ये स्पेस वॉक गुरुवार सुबह 8:33 बजे EDT (भारतीय समयानुसार शाम 6:03 बजे) शुरू हुई और शुक्रवार को दोपहर 3:00 बजे EDT (भारतीय समयानुसार रात 12:30 बजे) खत्म हुई।
- ये स्पेस स्टेशन के लिए 281वीं, जेसिका मीर के लिए छठी और अनिल मेनन के लिए पहली स्पेस वॉक थी।
- मेनन और मीर ने क्वेस्ट एयरलॉक से बाहर निकलकर छह घंटे 27 मिनट तक ऑर्बिटल लेबोरेटरी के बाहरी हिस्से में स्ट्रक्चरल अपग्रेड का काम किया।
- उनका मकसद स्टेशन के स्टारबोर्ड 6 ट्रस सेगमेंट पर लगे 3B पावर चैनल पर माउंटिंग हार्डवेयर इंस्टॉल करना था।
- नासा ने बताया कि यह काम भविष्य में रोल-आउट सोलर एरे (IROSA) लगाने में मदद करेगा। इससे ऑर्बिटल लेबोरेटरी को अतिरिक्त बिजली मिलेगी, जो महत्वपूर्ण सिस्टम को सपोर्ट करने और स्पेस स्टेशन को सुरक्षित रूप से डी-ऑर्बिट करने में मददगार होगी।

स्पेस स्टेशन पर कुल 8 नए सोलर पैनल लगाए जाने हैं, जिनमें से 6 लग चुके हैं।
2. बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-4 की सफल टेस्टिंग हुई
- 6 अगस्त को ओडिशा के चांदीपुर के इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-4 की सफल टेस्टिंग हुई।
- रक्षा मंत्रालय ने कहा कि इस मिसाइल के सभी ऑपरेशनल और टेक्निकल पैरामीटर्स को चेक किया गया, जो पूरी तरह सफल रहे।
- इसमें एडवांस्ड एवियोनिक्स और डिजिटल कंट्रोल सिस्टम हैं, जिनकी मदद से यह हाई एक्युरेसी के साथ 4000 KM की रेंज तक निशाना लगा सकती है।
- यह भारत में बनी एक मीडियम-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल (MRBM) है। इसे स्ट्रैटेजिक फोर्सेस कमांड की निगरानी में टेस्ट किया गया।
- DRDO के मुताबिक, अग्नि-4 में कई स्वदेशी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है।
- इनमें कंपोजिट रॉकेट मोटर, डिजिटल कंट्रोल सिस्टम और हाई-परफॉर्मेंस ऑनबोर्ड कंप्यूटर शामिल हैं।
- इन टेक्नोलॉजी की मदद से मिसाइल की सटीकता और ऑपरेशन रेंज पहले से बेहतर हुई है।
- अग्नि-4 भारत के मिसाइल में अग्नि-2 और अग्नि-3 के बीच की क्षमता के अंतर को पूरा करती है।
- DRDO ने 2007 में अग्नि-4 मिसाइल प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया था।
- 2011 में DRDO की हैदराबाद में एडवांस्ड सिस्टम्स लेबोरेटरी की बनाई गई अग्नि-II प्राइम को आधिकारिक तौर पर अग्नि-4 नाम दिया गया।
- इस दौरान मिसाइल करीब 850km की ऊंचाई तक पहुंची और लगभग 4,000km की दूरी तय कर हिंद महासागर में अपने तय लक्ष्य पर सफलतापूर्वक पहुंची।

अग्नि-4 का पहला टेस्ट 2010 में हुआ था, लेकिन वह सफल नहीं रहा था।
स्पोर्ट्स (SPORTS)
3. आर प्रज्ञानंद ने ‘सेंट लुइस रैपिड और ब्लिट्ज’ खिताब जीता
- 6 अगस्त को इंडियन चेस ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानानंदा ने अमेरिका में सेंट लुइस रैपिड और ब्लिट्ज खिताब जीता।
- रैपिड राउंड के बाद प्रज्ञानानंदा पॉइंट्स टेबल में टॉप पर रहे। उन्होंने उज्बेकिस्तान के जावोखिर सिंदारोव को हराया।
- प्रज्ञानानंदा 50 हजार डॉलर यानी करीब 48 लाख रुपए की प्राइज मनी दी जाएगी।
- इससे पहले जून 2026 में प्रज्ञानानंदा नॉर्वे चेस का खिताब भी जीता था।
- ये टूर्नामेंट अमेरिका के सेंट लुइस शहर में 31 जुलाई से 7 अगस्त तक बीच आयोजित हुआ।
- प्रज्ञानानंदा इस खिताब को जीतने वाले सबसे कम उम्र के भारतीयों में से एक बन गए हैं।
- प्रज्ञानंद अब विश्व शतरंज चैम्पियनशिप के लिए प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं।
- प्रज्ञानानंदा का अब अगला ग्रैंड चेस टूर टूर्नामेंट सिंकफील्ड कप 10 अगस्त से शुरू होगा।
- प्रज्ञानंद 2016 में 10 साल की उम्र में सबसे कम उम्र के इंटरनेशनल मास्टर (IAM) बने।
- प्रज्ञानंद 2018 में, 12 साल की उम्र में में दुनिया के दूसरे सबसे कम उम्र के ग्रैंडमास्टर बने।
- 2019 में प्रज्ञानंद ने वर्ल्ड यूथ अंडर-18 चैंपियनशिप जीती।
- प्रज्ञानंद ने 2022 में 44वें चेस ओलंपियाड में भारत का प्रतिनिधित्व किया और कांस्य जीता।
- 2022 टूर्नामेंट के दौरान प्रज्ञानंद ने रैपिड फॉर्मेट में वर्ल्ड चैंपियन मैग्नस कार्लसन को भी हराया था।
- प्रज्ञानंद को 2022 में भारत का दूसरा सबसे बड़ा खेल सम्मान अर्जुन अवार्ड दिया गया।
- प्रज्ञानंद ने FIDE सर्किट 2025 जीता और कैंडिडेट्स टूर्नामेंट 2026 के लिए क्वालीफाई किया, इस रूट से क्वालीफाई करने वाले पहले भारतीय बने।

प्रज्ञानंद 2025 में भारत के टॉप रेटेड चेस प्लेयर बने थे।
मिसलीनियस Miscellaneous
4.अमेरिका ने बर्थराइट सिटीजनशिप और बर्थ टूरिज्म नियम को सख्त किया
- 6 अगस्त को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बर्थराइट सिटीजनशिप और बर्थ टूरिज्म से जुड़े दो आदेशों पर साइन किये।
- इस आदेश के बाद उन विदेशी पर्यटकों पर वीजा प्रतिबंध बढ़ाए जाएंगे, जो अमेरिका में आकर बच्चे को जन्म देना चाहते हैं।
- अमेरिकी कॉन्स्युलर अधिकारी अब उन सभी वीजा को खारिज या रद्द कर सकते हैं, जिन्हें लेकर यह शक होगा कि वे अमेरिका केवल बच्चा पैदा करने आ रहे हैं।
- दरअसल टूरिस्ट वीजा (B-1/B-2) पर अमेरिका जाने वाले टूरिस्ट यदि घूमने जा रहे हैं और उसका असली मकसद बच्चे को जन्म देना है, तो इसे ‘वीजा फ्रॉड’ माना जाएगा।
- ऐसे लोगों की US में आजीवन एंट्री बैन की जा सकती है। अमेरिका के संविधान के 14वें संशोधन के अनुसार, सामान्यतः अमेरिका की धरती पर जन्म लेने वाला व्यक्ति अमेरिकी नागरिक माना जाता है, चाहे उसके माता-पिता की नागरिकता या आव्रजन स्थिति कुछ भी हो।
- जून 2026 में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प के पहले वाले आदेश को असंवैधानिक बताते हुए खारिज कर दिया था और जन्मजात नागरिकता के संवैधानिक संरक्षण को बरकरार रखा था।

5. बायो-एनर्जी योजना ‘गोबरधन’ को केंद्र की मंजूरी
- 6 अगस्त को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय सर्कुलर बायो-एनर्जी योजना ‘गोबरधन’ (GOBARdhan) को मंजूरी दी।
- इस योजना के लिए केंद्र सरकार ने 23,731 करोड़ रुपए मंजूर किये हैं।
- ये देश में बड़ी मात्रा में मौजूद कृषि अवशेषों, पशुओं के गोबर, प्रेस मड, नगरपालिका के जैविक कचरे और अन्य बायोमास संसाधनों को स्वच्छ ईंधन, जैविक खाद को बायो एनर्जी में बदल देगा।
- ये स्कीम 2026-27 से 2035-36 तक लागू की जाएगी। इस योजना का मकसद घरेलू कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) के प्रोडक्शन को लगभग दस गुना बढ़ाना है।
- इसमें बड़े पैमाने पर निजी निवेश जुटाना और पूरे देश में एक मजबूत सर्कुलर बायो-इकोनॉमी बनाना है।
- ये स्कीम 2026-27 से 2035-36 तक लागू की जाएगी।
- इस योजना से घरेलू कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) के प्रोडक्शन को लगभग दस गुना बढ़ाया जा सकेगा।
- इसका उद्देश्य बड़े पैमाने पर प्राइवेट इंवेस्टमेंट जुटाना और पूरे देश में एक मजबूत सर्कुलर बायो-इकोनॉमी बनाना है।
- इस प्रोजेक्ट से MSMEs, सहकारी समितियों और उद्यमियों को विशेष प्रोत्साहन मिलेगा।
आज का इतिहास
- 1908 में राइट बंधुओं ने फ्रांस के ले मैंस में पहली बार सार्वजनिक रूप से विमान उड़ाकर दिखाया।
- 1936 में कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना हुई। यह देश का पहला राष्ट्रीय उद्यान था।
- 1942 में महात्मा गांधी ने अंग्रेजों के खिलाफ ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ शुरू किया और ‘करो या मरो’ का नारा दिया।
- 1990 मेंमंडल आयोग की रिपोर्ट के कार्यान्वयन के विरोध में बिहार में हिंसक प्रदर्शन हुए।
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